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लुधियाना: साहनेवाल एयरपोर्ट पर बनेगा पायलट ट्रेनिंग सेंटर, सीएम मान और केजरीवाल ने किया हलवारा एयरपोर्ट का दौरा

लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का दौरा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री मान ने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी घोषणा की कि साहनेवाल हवाई अड्डे को पायलट ट्रेनिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

पायलट ट्रेनिंग सेंटर: सीएम मान ने कहा कि अमृतसर और पटियाला में पहले से ही एविएशन सेंटर चल रहे हैं जहाँ से युवा ट्रेनिंग लेकर सफल पायलट बन रहे हैं, अब इसी कड़ी में साहनेवाल एयरपोर्ट को भी ट्रेनिंग के लिए विकसित किया जाएगा।

हवाई अड्डे का नामकरण: हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने के लिए पंजाब विधानसभा से प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है, जिसकी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

विस्तार और सुविधाएँ: हलवारा एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। भविष्य में टर्मिनल और एप्रन के विस्तार के लिए सरकार के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।

समय में बदलाव की मांग: मिलिट्री एयरपोर्ट होने के कारण वर्तमान में शाम 5 बजे तक का कट-ऑफ समय है, लेकिन सरकार दोपहर की उड़ानों का समय शाम तक बढ़ाने के लिए भारतीय वायु सेना से बातचीत कर रही है।

दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल ने आगामी 2027 के चुनावों पर विश्वास जताते हुए कहा कि पंजाब में ‘प्रो-इंकंबेंसी’ की लहर है और उनकी पार्टी पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारी जीत दर्ज करेगी।

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पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ की आज की 10 बड़ी खबरों में आपका स्वागत है। आज राज्य में मेडिकल हड़ताल के कारण दवाओं की किल्लत, भीषण गर्मी के चलते स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान और भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई मुख्य आकर्षण रहे।

मेडिकल स्टोरों की देशव्यापी हड़ताल: पंजाब और चंडीगढ़ में आज 25,000 से अधिक मेडिकल स्टोर रात 12 बजे तक के लिए बंद रहे। यह हड़ताल पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर ऑनलाइन दवा कंपनियों के विरोध में की गई है, जो नियमों का उल्लंघन कर स्थानीय व्यापार को नुकसान पहुँचा रही हैं। अमृतसर और लुधियाना में बाज़ार पूरी तरह बंद रहे, जबकि चंडीगढ़ के PGI में इलाज कराने आए कश्मीर के एक परिवार को भी दवा के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ा।

पावरकॉम के पूर्व CMD की गिरफ्तारी: लुधियाना में विजिलेंस ब्यूरो ने PSPCL के पूर्व CMD केडी चौधरी को करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने नियमों की अनदेखी कर एक निजी कॉलोनी ‘बसंत सिटी’ में सरकारी फंड के 10 करोड़ रुपये खर्च कर 66 केवी का सब-स्टेशन लगवाया, जिसका खर्च असल में बिल्डर को उठाना था।

भीषण गर्मी और स्कूलों में छुट्टियां: पंजाब और चंडीगढ़ में सीवियर हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ फरीदकोट में पारा 47.3 डिग्री तक पहुँच गया है। इसके चलते चंडीगढ़ के स्कूलों में 23 मई से 30 जून 2026 तक (कुल 39 दिन) गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है। पंजाब में भी इसी हफ्ते छुट्टियों का ऐलान होने की संभावना है।

प्रशासक ने किया सिटी बस में सफर: चंडीगढ़ में आज ‘नो व्हीकल डे’ मनाया गया, जिसके तहत प्रशासक गुलाब चंद कटारिया खुद सिटी बस से ऑफिस पहुँचे और चंडीगढ़ के डीसी पैदल ही दफ्तर गए। कर्मचारियों की सुविधा के लिए 17 स्पेशल बसें लगाई गई थीं, ताकि तेल की बचत और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।

हरभजन सिंह की सुरक्षा पर कोर्ट सख्त: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा अचानक वापस लेने पर पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है और निर्देश दिया कि 27 मई तक जवाब दाखिल न होने पर ADGP (सुरक्षा) को खुद पेश होना होगा।

मोहाली में साढ़े 4 साल की बच्ची का अपहरण: मोहाली में दिनदहाड़े बाइक और कार सवार युवकों ने एक बच्ची को अगवा कर लिया। इस दौरान उसे बचाने की कोशिश में उसके दादा-दादी कार के आगे लटक गए, जिससे उन्हें फ्रैक्चर और अन्य चोटें आई हैं। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है और इसे पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।

पंजाबी सिंगर की हत्या का खुलासा: पंजाबी सिंगर इंदर कौर की हत्या के मामले में पता चला है कि उनके NRI प्रेमी सुक्खी बराड़ ने ही उनकी हत्या की। दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी, लेकिन आरोपी ने यह छुपाया था कि वह पहले से शादीशुदा है। शादी के झूठे वादे और इस सच के सामने आने के कारण ही हत्या की वारदात हुई।

केजरीवाल का 2027 चुनाव पर दावा: ‘आप’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल दो दिन के पंजाब दौरे पर लुधियाना पहुँचे। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में सरकार के खिलाफ कोई ‘एंटी-इनकंबेंसी’ नहीं है और मुफ्त बिजली व 10 लाख के बीमा जैसे कामों के कारण 2027 में भी आम आदमी पार्टी की ही सरकार बनेगी।

कनाडा में फिरौती मांगने वाला पंजाबी गिरफ्तार: कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 22 वर्षीय पंजाबी युवक गुरसेवक सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर कारोबारियों से फिरौती मांगने, आगजनी और गोलीबारी करने के 12 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे जनता की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

गलतफहमी में निर्दोष इलेक्ट्रीशियन की पिटाई: जालंधर में एसी ठीक करने आए एक युवक मनदीप कुमार को लोगों ने बाइक चोर समझकर बुरी तरह पीट दिया। लोगों ने दावा किया कि उसका चेहरा सीसीटीवी फुटेज से मिलता है, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि युवक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह पूरी तरह निर्दोष था।

हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर हो : भगवंत सिंह मान

हलवारा /सत्ता संदेश

– उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ हलवारा हवाई अड्डे पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

– हलवारा हवाई अड्डे के विकास पर पंजाब सरकार ने 54 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए: भगवंत सिंह मान

– नियमित उड़ानें शुरू होने से जनता को सुविधा के साथ-साथ पंजाब में निवेश भी बढ़ेगा: भगवंत सिंह मान

– सरकार साहनेवाल हवाई अड्डे को प्रशिक्षण अकादमी के रूप में उपयोग करने की योजना बना रही है: भगवंत सिंह मानहलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत पंजाब के लिए आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और तरक्की के नए युग की शुरुआत है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया कि पंजाब सरकार के दृढ़ प्रयासों और वित्तीय प्रतिबद्धता के कारण पूरा हुआ यह लंबे समय से लटकता प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगा। उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ एयरपोर्ट टर्मिनल का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से बातचीत की और कहा कि इस हवाई अड्डे की शुरुआत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रांत में विश्व स्तरीय सुविधाएं लाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पंजाब सरकार द्वारा हवाई अड्डे के विकास पर लगभग 54.67 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हलवारा से नियमित उड़ानें शुरू होने से न केवल पंजाब के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रांत में औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। स्वतंत्रता सेनानियों और महान संतों की विरासत का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अथक प्रयासों के कारण मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखे जाने के बाद अब हलवारा एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वे इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।

हवाई अड्डे के दौरे के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के प्रयासों के कारण यह हवाई अड्डा अब शुरू हो गया है। इस कदम के पीछे एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रांत के लोगों को सुरक्षित, किफायती और आरामदायक हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके।”

उन्होंने आगे कहा, “यह हवाई अड्डा इस क्षेत्र के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के उद्यमियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को पंजाब आने-जाने में मदद करेगा, जिससे व्यापार, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”

पहले आने वाली मुश्किलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर के लिए सीधी उड़ानें न होने के कारण लोगों, खासकर उद्योगपतियों को सड़क मार्ग से देश की राजधानी जाने के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इससे न केवल बेकार की परेशानी होती थी, बल्कि समय, पैसे और ऊर्जा का भी बड़ा नुकसान होता था।”

उन्होंने आगे कहा, “इस हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और दुनिया भर के प्रमुख उद्यमी पंजाब में बड़ा निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे।”

हवाई अड्डे के आर्थिक प्रभाव पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हवाई अड्डा पंजाब में औद्योगीकरण को तेज करने में सहायक के रूप में काम करेगा और प्रांत को सबसे पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा।”

कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही हलवारा हवाई अड्डे से और उड़ानें शुरू की जाएंगी। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत करेगी और प्रांत की तरक्की तथा यहां के लोगों की खुशहाली में अहम भूमिका निभाएगी।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग को भारत सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की छोटी उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी अद्वितीय कुर्बानी ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया।”

उन्होंने कहा, “शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी शहीद करतार सिंह सराभा को अपना रोल मॉडल मानते थे। हलवारा हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उस महान शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जो इस क्षेत्र से संबंधित थे और जो पहले विमानन की पढ़ाई करने के लिए बर्कले विश्वविद्यालय गए और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के लिए वापस लौटे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब महान गुरुओं, संतों, पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है और इस मिट्टी के हर कण में उनकी महान विरासत समाई हुई है। पंजाब विधान सभा ने 22 मार्च, 2023 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन हलवारा, लुधियाना में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था।”

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके बहुमूल्य योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। गदर पार्टी के नेता के रूप में उन्होंने देश-विदेश में भारत की आजादी के लिए अथक प्रयास किए।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पहले, पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया था। हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना हमारे शहीदों के प्रति एक और नम्र श्रद्धांजलि होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “शहीदों की शानदार विरासत को संरक्षित करने के लिए हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम महान शहीदों और शख्सियतों के नाम पर रखना हमारी सरकार की अहम पहल रही है। आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भी श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखा गया है।”

विमानन प्रशिक्षण संस्थान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा युवा पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए साहनेवाल हवाई अड्डे की इमारत का उपयोग करने के संबंध में भी ठोस प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को पहले से ही किफायती दरों पर विमानन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंजाब सरकार द्वारा जनहित में हलवारा हवाई अड्डे से उड़ान के समय को बदलने का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।”

पंजाब और इसके लोगों की भलाई के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रांत के हितों की रक्षा और इसकी निरंतर तरक्की और खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”

प्रधानमंत्री ने भारत-इटली संबंधों पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ एक संयुक्त संपादकीय लेख लिखा

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बताया कि उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री सुश्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मिलकर एक संयुक्त लेख लिखा है, जिसमें इस पक्ष का विस्तार से वर्णन किया गया है कि भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंध एक निर्णायक चरण पर पहुंच गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच का संबंध एक विशेष रणनीतिक साझेदारी है। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि यह मजबूत संबंध नवाचार, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य के लिए एक समान दृष्टिकोण से प्रेरित है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट में लिखा:

मैंने प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ मिलकर एक संपादकीय लेख लिखा है जिसमें जानकारी दी गई है कि भारत-इटली संबंध एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। हमारी साझेदारी नवाचार, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य के लिए एक समान दृष्टिकोण से प्रेरित एक विशेष रणनीतिक साझेदारी है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ मिलकर भारत-स्वीडन संबंधों पर एक संयुक्त लेख लिखा

सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी नवाचार और स्थिरता से निर्देशित सहयोग के एक नए युग को आकार दे रही है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बताया कि उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री श्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ मिलकर एक संयुक्त लेख लिखा है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत और स्वीडन द्विपक्षीय सहयोग के एक नए युग को कैसे आकार दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरित परिवर्तन से लेकर मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं तक फैली भारत-स्वीडन साझेदारी नवाचार, स्थिरता और दोनों देशों के लोगों के लिए साझा समृद्धि द्वारा दृढ़ता से निर्देशित है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया:

प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ एक लेख में, बताया गया है कि भारत और स्वीडन किस प्रकार सहयोग के एक नए युग को आकार दे रहे हैं। हरित परिवर्तन से लेकर आपूर्ति श्रृंखलाओं तक भारत-स्वीडन साझेदारी नवाचार, स्थिरता और दोनों देशों के लोगों के लिए साझा समृद्धि द्वारा निर्देशित है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2024 बैच के अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

दिल्ली / सत्ता संदेश

करुणा और तर्कसंगतता का मिश्रण करें; भावुक हुए बिना संवेदनशील बनें: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया

वर्तमान में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिव के रूप में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2024 बैच के अधिकारियों के एक समूह ने आज (20 मई, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं, विशेषकर आईएएस अधिकारियों ने हमारे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जब देश विकास के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, तो अधिकारियों से अपेक्षाएं भी अधिक हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि युवा अधिकारियों को विविध क्षेत्रों में काम करने का अनूठा अवसर मिलेगा। कई अवसरों पर वे विशिष्ट क्षेत्रों में विशेषज्ञों की टीमों का नेतृत्व करेंगे। इसलिए, उनके सीखने का दायरा और गति बहुत व्यापक तथा त्‍वरित होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विभिन्न क्षेत्रों और परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की उनकी क्षमता असाधारण होनी चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि अधिकारियों की निष्पक्षता उनकी न्यायसंगतता का सूचक होगी। उनकी संवेदनशीलता समावेशिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का मापदंड होगी। उनकी विश्वसनीयता उनकी पारदर्शिता और निरंतर निष्पादन पर आधारित होगी। उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक आचरण से निर्धारित उनकी सत्यनिष्ठा उन्हें जनहित में निर्णायक कार्रवाई करने का नैतिक साहस प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को करुणा और तर्कसंगतता का मिश्रण करना होगा। उन्हें भावुक हुए बिना संवेदनशील होना होगा। उन्हें नियमों का पालन करना होगा, लेकिन व्यापक उद्देश्यों को भूलना नहीं होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि नैतिकता और सुशासन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि अधिकारियों को ईमानदार और नैतिक होना चाहिए। साथ ही, उन्हें परिणाम भी देने होंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि निर्णय लेने से बचना नैतिकता नहीं है बल्कि, जनहित और स्थापित व्यवस्था के अनुरूप सही निर्णय लेना ही नैतिकता का सच्चा सार है। जिस प्रकार न्याय मिलने में देरी को न्याय से वंचित करना माना जाता है, उसी प्रकार प्रशासनिक निर्णय लेने में देरी भी लोगों को उनके वैध हितों से वंचित करने के समान है।

राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र का उद्देश्य जनता की आकांक्षाओं को साकार करना है। ये आकांक्षाएं उनके चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से व्यक्त की जाती हैं। इसलिए, अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे जनता के हित में इन प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्राथमिकता दें।

राष्ट्रपति ने कहा कि बहती धारा के साथ बहते रहने में कोई मेहनत नहीं लगती। ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने और हमारे समाज को प्रगति के शिखर तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को अक्सर विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उन्हें सलाह दी कि वे भारत की जनता, विशेषकर समाज के वंचित वर्गों को, अपने विचारों और कार्यों के केंद्र में रखें, चाहे वे क्षेत्र में हों या कार्यालय में। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे विकसित और समावेशी भारत के निर्माण में अमूल्य योगदान देंगे।

बहुपक्षीय अभ्यास प्रगति-2026 का उमरोई, मेघालय में शुभारंभ हुआ

मेघालय / सत्ता संदेश

मेघालय के उमरोई सैन्य स्टेशन में आज बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास प्रगति-2026 का शुभारंभ हुआ। इस सैन्य अभ्यास में भूटानकंबोडियाइंडोनेशियालाओसमलेशियामालदीवम्यांमारनेपालफिलीपींससेशेल्सश्रीलंका और वियतनाम सहित 12 मित्र देशों ने भागीदारी कर रहे हैं। भारतीय सेना ने इन सैन्य टुकड़ियों के आगमन पर उनका गर्मजोशी और पारंपरिक रूप से स्वागत किया और यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य सत्कार को दर्शाता है।

प्रगति (पीआरएजीएटीआई) , जिसका अर्थ हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी है, समानता, मित्रता और आपसी सम्मान की भावना से आयोजित की जा रही है। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को पेशेवर आदान-प्रदान करने, एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और घनिष्ठ सैन्य संबंध बनाने के लिए एक साझा मंच प्रदान करता है।

उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में भारतीय सेना के अपर महानिदेशक (इन्फैंट्री) मेजर जनरल सुनील शेओरान ने सभी टुकड़ियों का स्वागत किया और समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सामूहिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खुलेपन, आपसी सम्मान और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की तत्परता के साथ भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही इस बात पर भी बल दिया कि प्रत्येक राष्ट्र की क्षमता और दृष्टिकोण अभ्यास के सामूहिक उद्देश्यों को हासिल करने में सार्थक योगदान देंगे।

इस अभ्यास के उद्देश्यों में संयुक्त अभियानों में भाग लेने वाले देशों के बीच निर्बाध समन्वय स्थापित करना और सहयोग के सामान्य क्षेत्रों की पहचान करना; विशेषज्ञता साझा करना एवं व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से विकसित सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों के आदान-प्रदान के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित करना; संयुक्त प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से रक्षा संबंधों और सौहार्द को मजबूत करने के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय परिवेश में खुफिया जानकारी के प्रबंधन और साझाकरण के लिए सामान्य अवधारणाओं को विकसित करना शामिल है।

दो सप्ताह तक संचालित होने वाले इस अभ्यास में अर्ध-पहाड़ी और जंगली इलाकों में आतंकवाद-विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संयुक्त योजना अभ्यास, सामरिक स्तर के अभ्यास और समन्वित अभियान शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य भाग लेने वाले सैनिकों की अनुकूलन क्षमता, सहनशक्ति और सामरिक दक्षता में सुधार करना है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संचालन के दौरान शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और समन्वय पर विशेष बल दिया जाएगा।

इस अभ्यास के अंतर्गत, भारतीय प्रौद्योगिकी और रक्षा कंपनियां आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत स्वदेशी उपकरणों और नवाचारों का प्रदर्शन करेंगी, जो ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगा और रक्षा उत्पादन, नवाचार और आत्मनिर्भरता में भारत की बढ़ती क्षमताओं को उजागर करेगा।

अभ्यास प्रगति-2026 से सैन्य सहयोग को और मजबूत करने, पेशेवर संबंधों को परिपुष्ट करने और क्षेत्रीय भागीदारों के बीच सामान्य सुरक्षा चुनौतियों के लिए एक साझा दृष्टिकोण में योगदान देने की उम्मीद है।

भारत एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) के शासी निकाय के 68वें सत्र की मेजबानी नई दिल्‍ली में करेगा


नई दिल्‍ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 21 मई को एपीओ की 68वीं शासी निकाय बैठक के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे

एपीओ की 68वीं शासी निकाय की बैठक के दौरान उत्पादकता के पैरोकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा

एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) के शासी निकाय का 68वां सत्र नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 20 से 22 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत की अध्‍यक्षता में हो रहा है। इस सत्र में 20 एपीओ सदस्य देशों के 60 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग लेंगे।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 21 मई 2026 को होने वाले उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहेंगे। एपीओ के निदेशक, सलाहकार, एपीओ सदस्य देशों के राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि और आमंत्रित अतिथियों के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और भूटान की सरकारों के पर्यवेक्षकों के साथ-साथ ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि भी इसमें भाग लेंगे।

तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में एपीओ विजन 2030 फ्रेमवर्क, 2027-28 की द्विवर्षीय अवधि के लिए एपीओ के प्रारंभिक बजट और एपीओ महासचिव चुनाव प्रक्रियाओं की समीक्षा पर उच्च स्तरीय चर्चाएं होंगी।

कार्यक्रम के प्रमुख एजेंडे में 68वीं शासी निकाय बैठक (जीबीएम) का औपचारिक उद्घाटन और शुभारंभ; 2026-27 के लिए एपीओ अध्यक्ष और उपाध्यक्षों का चुनाव; एपीओ वार्षिक और वित्तीय रिपोर्ट पर विचार-विमर्श तथा उसे अपनाना; बजट प्रस्तावों एवं संस्थागत सुधारों पर विचार-विमर्श; एपीओ विजन 2030 के अंतर्गत प्रगति तथा सचिवालय के प्रदर्शन की समीक्षा; प्रमुख नीतिगत और प्रक्रियात्मक सिफारिशों का अनुमोदन शामिल है।

उद्घाटन सत्र के दौरान, एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार कार्यक्रम के अंतर्गत उत्पादकता पैरोकारों और उत्पादकता तकनीकी विशेषज्ञों के लिए एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार की श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

इन पुरस्कारों का उद्देश्य राष्ट्रीय उत्पादकता संगठनों (एनपीओ) की भूमिका को मजबूत करना है ताकि वे प्रभावशाली पहलों को आगे बढ़ाने वाली उत्कृष्ट उत्पादकता वाली कंपनियों को बढ़ावा दे सकें और उन्हें मान्यता दे सकें, साथ ही एपीओ सदस्य अर्थव्यवस्थाओं में ठोस सुधारों की ओर ले जाने वाली उत्पादकता की संस्कृति को प्रोत्साहित कर सकें।

शासी निकाय (जीबी) एपीओ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है और यह शासन, रणनीतिक निगरानी तथा संगठनात्मक निर्णय लेने के लिए सर्वोच्च संस्थागत मंच के रूप में कार्य करती है। वार्षिक रूप से आयोजित होने वाली शासी निकाय की इस बैठक में एपीओ के सभी सदस्य देशों के आधिकारिक प्रतिनिधि संगठन की रणनीतिक दिशा, वार्षिक कार्यक्रम प्राथमिकताओं, शासन ढांचे, संस्थागत प्रदर्शन और वित्तीय नियोजन पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित होते हैं।

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया, आईएएस ने मई 2025 में आयोजित एपीओ शासी निकाय के 67वें सत्र में एपीओ शासी निकाय की अध्यक्षता ग्रहण की। इसी सत्र के दौरान, भारत ने एपीओ शासी निकाय के 68वें सत्र की मेजबानी करने के अपने निर्णय की घोषणा की।

1961 में स्थापित एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 21 सदस्य देशों से मिलकर बना एक अंतर-सरकारी संगठन है। एपीओ पारस्परिक सहयोग और ज्ञान साझाकरण के माध्यम से सतत सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले छह दशकों में, इस संगठन ने नीतिगत संवाद, तकनीकी सहयोग, संस्थागत क्षमता विकास, ज्ञान के आदान-प्रदान और उत्पादकता वृद्धि में सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रसार के माध्यम से सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह आयोजन द्विपक्षीय और बहुपक्षीय गतिविधियों के अवसर भी प्रदान करेगा, जिससे ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग मजबूत होगा।

एपीओ शासी निकाय के 68वें सत्र की मेजबानी करना राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक आर्थिक रुझानों के अनुरूप क्षेत्र में उत्पादकता-आधारित विकास, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने जिनेवा में 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के दौरान पीएमएनसीएच बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री हेलेन क्लार्क के साथ द्विपक्षीय बैठक की


दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य के वैश्विक एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है

श्री नड्डा ने कहा, “भारत उन पहले देशों में से था जिन्होंने 2014 में किशोरों के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया था। भारत ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में वैश्विक रुझानों से कहीं अधिक तेजी से उल्लेखनीय कमी हासिल की है

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को जिनेवा में 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के दौरान मातृ, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य साझेदारी (पीएमएनसीएच) की बोर्ड अध्यक्ष सुश्री हेलेन क्लार्क के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक के दौरान महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य के वैश्विक एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। मंत्री ने 2005 में अपनी स्थापना के बाद से पीएमएनसीएच के साथ भारत के दीर्घकालिक जुड़ाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत इस संगठन के साथ अपनी साझेदारी जारी रखने और इसके उद्देश्यों में सार्थक योगदान देने पर गर्व महसूस करता है।

मंत्री महोदय ने पीएमएनसीएच में बोर्ड के उपाध्यक्ष और स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत की सक्रिय नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत द्वारा दिया जाने वाला 20 लाख अमेरिकी डॉलर का वार्षिक अनुदान स्थायी रूप से प्रक्रियाधीन है और इसकी जानकारी शीघ्र ही साझा की जाएगी।

श्री नड्डा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर जोर देते हुए कहा, “भारत नवाचार का केंद्र रहा है और इसने समानता और सुलभता के साथ व्यापक स्तर पर हस्तक्षेप किए हैं। हमने महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य को अपने सेवा वितरण और सतत विकास के केंद्र में रखा है।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ‘भारत उन पहले देशों में से था जिन्होंने 2014 में किशोरों के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया’, जिसके तहत देशभर में सुविधा-आधारित, विद्यालय-आधारित और समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से युवाओं तक पहुंचा गया।

मंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में वैश्विक रुझानों से कहीं अधिक तेजी से महत्वपूर्ण कमी हासिल की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने साक्ष्य-आधारित सर्वोत्तम अभ्यासों और बड़े पैमाने पर लागू किए गए सफल जन स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के माध्यम से वैश्विक समुदाय को बहुत कुछ प्रदान कर सकता है। उन्होंने अन्य देशों को तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए भारत की तत्परता व्यक्त की और पीएमएनसीएच को भौतिक और आभासी मंचों के माध्यम से भारत के सफल मॉडलों और नवाचारों को और अधिक प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और जन स्वास्थ्य संगठन (पीएमएनसीएच) के उपाध्यक्ष के रूप में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए महिला, बाल और किशोर स्वास्थ्य (डब्ल्यूसीएएच) और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ते बोझ सहित प्राथमिकताओं की एक विस्तृत श्रृंखला में संगठन को सहयोग देने की भारत की तत्परता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत ने पर्याप्त तकनीकी संसाधन और डिजिटल जन स्वास्थ्य उत्पाद विकसित किए हैं, जिन्हें व्यापक लाभ के लिए वैश्विक स्तर पर साझा किया जा सकता है।

मंत्री ने प्राचीन भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी ‘विश्व एक परिवार है’ का आह्वान करते हुए वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में एकता, करुणा और साझा मानवता में भारत के विश्वास पर जोर दिया।

सुश्री हेलेन क्लार्क ने वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य में भारत के निरंतर नेतृत्व और योगदान की सराहना की और पीएमएनसीएच तथा व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य संरचना के भीतर देश की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।

अटल इनोवेशन मिशन ने फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम के तहत जम्मू-कश्मीर में 500 नए एटीएल (अटल इनोवेशन मिशन) के लिए आवेदन आमंत्रित किए


जम्मू एवं कश्मीर / सत्ता संदेश

पूरे जम्मू एवं कश्मीर में गैर-एटीएल स्कूलों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया

नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने जम्मू एवं कश्मीर सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग और कश्मीर विश्वविद्यालय के सहयोग से भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत नवाचार इको-सिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर में 500 नई अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) की स्थापना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की।

ये 500 नए एटीएल (आधिकारिक विकास केंद्र) एआईएम के व्यापक फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम का प्रमुख घटक हैं, जिसका उद्देश्य गहन संस्थागत समन्वय और स्थानीय कार्यान्वयन मॉडल के माध्यम से भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अनुकूलित और समावेशी नवाचार इकोसिस्टम का निर्माण करना है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य स्कूलों, विश्वविद्यालयों, उद्योग और नवाचार संस्थानों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने के जरिए, जम्मू-कश्मीर से युवा नवोन्मेषकों और परिवर्तन लाने वालों की एक नई पीढ़ी को पोषित करने के साथ-साथ जिलों में नवाचार के अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है।

इस पहल का उद्देश्य जम्मू एवं कश्मीर को सीमावर्ती क्षेत्रों में नवाचार के लिए एक अग्रणी मॉडल में रूपांतरित भी है, जिसके लिए स्कूली छात्रों, विशेष रूप से दूरस्थ, सीमावर्ती, पहाड़ी और अल्प सुविधा प्राप्त क्षेत्रों के छात्रों के बीच उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजाइन थिंकिंग और समस्या-समाधान शिक्षा तक पहुंच का विस्तार किया जाएगा।

इस आवेदन की शुरुआत सितंबर 2025 में एटीएल सारथी और सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान घोषित विजन को क्रियान्वित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जहां कश्मीर विश्वविद्यालय को केंद्र शासित प्रदेश में एटीएल इकोसिस्टम का समर्थन और सुदृढ़ीकरण करने के लिए नोडल मेंटरिंग संस्थान के रूप में नामित किया गया था।

इस योजना के कार्यान्वयन के तहत, एआईएम ने स्कूल शिक्षा विभाग और कश्मीर विश्वविद्यालय के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक और संस्थागत परिस्थितियों के अनुरूप एक विशेष आवेदन ढांचा तैयार किया है। इस ढांचे में कई प्रासंगिक संशोधन शामिल हैं, जिनमें सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त, केंद्रीय विद्यालय, सेना के सद्भावना स्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालय जैसी विभिन्न श्रेणियों के स्कूलों को शामिल करना, स्कूल में सीटों और नामांकन से संबंधित मानदंडों में छूट देना और दूरस्थ, सीमावर्ती, पहाड़ी और अल्प विकसित क्षेत्रों में स्थित स्कूलों को विशेष महत्व देना शामिल है।

केंद्र शासित प्रदेश के सभी जिलों के विद्यालयों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक प्रचार-प्रसार रणनीति भी विकसित की गई है। इसमें जिला स्तरीय जागरूकता सत्र, विद्यालय प्रमुखों और शिक्षकों के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम, विभागीय माध्यमों से आधिकारिक संचार और समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विद्यमान एटीएल नेटवर्क और संस्थागत साझेदारियों का उपयोग शामिल है।

नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला ने शुभारंभ के दौरान कहा, “आज जब हम जम्मू-कश्मीर में 500 अटल नवाचार प्रयोगशालाओं (एटीएल) के लिए आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं, तो हम न केवल इन प्रयोगशालाओं की स्थापना कर रहे हैं, बल्कि समस्या-समाधानकर्ताओं, रचनाकारों और राष्ट्र-निर्माताओं की एक नई पीढ़ी का पोषण भी कर रहे हैं। ये प्रयोगशालाएं दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्र सहित केंद्र शासित प्रदेश के हर कोने के छात्रों को सशक्त बनाएंगी ताकि वे बड़े सपने देख सकें, निडर होकर प्रयोग कर सकें और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान विकसित कर सकें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, अटल नवाचार मिशन एक समावेशी नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक युवा को विकसित भारत 2047 के विजन में योगदान करने का अवसर मिले। हमारा दृढ़ विश्वास है कि नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और प्रौद्योगिकी नेताओं की अगली पीढ़ी जम्मू-कश्मीर के विद्यालयों से उभर सकती है।”

उन्होंने विद्यालयों से जम्मू-कश्मीर के नवाचार इकोसिस्टम के नवाचार केंद्र बनने के लिए आवेदन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

जम्मू-कश्मीर के विद्यालय शिक्षा विभाग के सचिव श्री राम निवास शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, “विद्यालय शिक्षा विभाग एआईएम और सहयोगी संस्थानों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि भौगोलिक स्थिति या प्रबंधन के प्रकार की परवाह किए बिना, सभी जिलों के विद्यालय इस अवसर का लाभ उठा सकें। यह पहल छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और अनुभवात्मक शिक्षा को मजबूत करेगी, साथ ही दूरस्थ और विकासशील क्षेत्रों के विद्यालयों को भारत के नवाचार आंदोलन में सक्रिय भागीदार बनने में सक्षम बनाएगी।”

कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नीलोफर खान ने अपने संदेश में जम्मू एवं कश्मीर में एक मजबूत जमीनी स्तर की नवाचार संस्कृति के निर्माण के महत्व पर बल दिया और केंद्र शासित प्रदेश के स्कूलों में उभरते नवाचार इकोसिस्टम को सलाह देने, मार्गदर्शन करने और मजबूत करने में एटीएल सारथी के माध्यम से विश्वविद्यालय की भूमिका को रेखांकित किया।

लॉन्च से पहले का एक प्रमुख आकर्षण “इनोवेशन मशाल” पहल का आयोजन था, जिसे एआईएम और जम्मू-कश्मीर सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कई जिलों में संचालित किया गया था। एटीएल स्कूलों में एक प्रतीकात्मक मशाल यात्रा के रूप में परिकल्पित इस पहल का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में नवाचार, रचनात्मकता और छात्र-नेतृत्व वाली भागीदारी की एक जीवंत संस्कृति को बढ़ावा देना था।

इनोवेशन मशाल श्रीनगर से शुरू हुई और उत्तरी एवं दक्षिणी कश्मीर के कई जिलों से होते हुए अंत में जम्मू पहुंची, जहां इसने नवाचार और वैज्ञानिक सोच की साझा भावना के माध्यम से एटीएल स्कूलों को जोड़ा।

इस पहल में जिला स्तरीय कार्यकलाप, विशेषज्ञों के जागरूकता भाषण, सामुदायिक संपर्क कार्यकलाप और पूरे क्षेत्र के एटीएल स्कूलों की भागीदारी शामिल थी। प्रत्येक प्रतिभागी एटीएल स्कूल ने जम्मू-कश्मीर के बढ़ते नवाचार आंदोलन में सामूहिक स्वामित्व और भागीदारी के प्रतीक के रूप में मशाल पर हस्ताक्षर किए।

इस आवेदन की शुरुआत व्यापक राज्यव्यापी प्रचार और कार्यान्वयन अभियान का आरंभ है, जिसमें स्कूलों के सुचारू और पारदर्शी चयन को सुनिश्चित करने के लिए संरचित मूल्यांकन और चयन तंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल से जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर नवाचार इकोसिस्टम को मजबूती मिलने, नवाचार-आधारित शिक्षण वातावरण के विकास में तेजी आने और समावेशी एवं भविष्योन्मुखी शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के विजन में योगदान मिलने की उम्मीद है।

इस समारोह का समापन ऑनलाइन लॉन्च के दौरान उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा जम्मू-कश्मीर में 500 एटीएल स्कूलों के लिए आवेदन पुस्तिका के औपचारिक विमोचन के साथ हुआ। उपरोक्त श्रेणियों में आने वाले सभी गैर-एटीएल स्कूल यहां आवेदन कर सकते हैं: https://aimapp2.aim.gov.in/atl_application_frp/