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लुधियाना फर्नीचर फैक्ट्री में भीषण आग: 2 किमी दूर तक दिखा धुआं, 50 कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में कोठे खजूरा रोड पर स्थित एक फर्नीचर फैक्ट्री में आज दोपहर भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटें और काले धुएं का गुबार करीब 2 किलोमीटर दूर तक साफ दिखाई दे रहा था।

हादसे का कारण और बचाव: जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3:30 बजे जब फैक्ट्री में काम चल रहा था, तभी अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम चल रहा था और उससे निकली एक चिंगारी वहां रखे सामान पर जा गिरी। इसके तुरंत बाद पास रखे एक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, जिससे आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। उस वक्त फैक्ट्री के अंदर करीब 50 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिन्होंने शोर मचाते हुए तुरंत बाहर भागकर अपनी जान बचाई।

करोड़ों का नुकसान: फैक्ट्री के अंदर भारी मात्रा में लकड़ी, प्लाई और तैयार व कच्चा फर्नीचर रखा हुआ था, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई। दमकल विभाग की 14 गाड़ियों ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस हादसे में फैक्ट्री मालिक अमृतपाल का पूरा कारोबार तबाह हो गया है और प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। मौके पर पहुंचे थाना सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…16-05-2026

पंजाब डेस्क : पंजाब और चंडीगढ़ में आज का दिन बड़ी गिरफ्तारियों, भ्रष्टाचार के मामलों और आपराधिक वारदातों के नाम रहा। जहाँ एक ओर एक महिला SDM को गबन के आरोप में उनकी कोठी से गिरफ्तार किया गया, वहीं AAP मंत्री संजीव अरोड़ा की रिमांड बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, ईंधन की बढ़ती कीमतों और विदेश में पंजाबियों की बड़ी उपलब्धियों जैसी खबरें भी आज चर्चा में रहीं।

लेडी SDM सरकारी कोठी से गिरफ्तार: गुरदासपुर में तैनात SDM अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन पुलिस ने उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि पट्टी में तैनाती के दौरान उन्होंने राजस्थान-जम्मू कश्मीर हाईवे के जमीन अधिग्रहण के 1.63 करोड़ रुपए का गबन किया था। यह रकम 5 अयोग्य लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। अनुप्रीत अपनी निजी जिंदगी में भी विवादों में रही हैं और उन्होंने अपने पूर्व पति पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे।

पठानकोट में युवक की हत्या, AAP नेता गिरफ्तार: पठानकोट के गांव तालुका में 27 वर्षीय राजकुमार की दातर से काटकर हत्या कर दी गई। हमले में उसका एक दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। पीड़ितों को बोलेरो गाड़ी से पीछा कर घेरा गया था। पुलिस ने इस मामले में एक AAP नेता सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन सगे भाई शामिल हैं।

कर्मचारियों को पिलाई एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक: लुधियाना में एक नामी कोल्ड ड्रिंक कंपनी के समारोह में करीब 70-80 कर्मचारियों को एक्सपायरी डेट वाली कोल्ड ड्रिंक परोसने का मामला सामने आया है। कर्मचारी साहिल ने इसका वीडियो बनाया, तो कंपनी ने कार्रवाई करने के बजाय उसे नौकरी से निकाल दिया। साहिल ने आरोप लगाया कि यह ड्रिंक पीने से उसकी तबीयत बिगड़ गई और अब स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है।

पुलिस कस्टडी से भागे कैदी की मुठभेड़ में मौत: होशियारपुर में एनडीपीएस मामले में बंद कैदी नसीब सिंह ने मेडिकल जांच के बाद भागने की कोशिश की। उसने पुलिसकर्मी पर तेजधार हथियार से हमला कर उसका हथियार छीनने का प्रयास किया। हाथापाई के दौरान हुई फायरिंग में नसीब सिंह की मौत हो गई। मृतक पर पहले से मर्डर और नशा तस्करी जैसे 7 मामले दर्ज थे।

मंत्री संजीव अरोड़ा का रिमांड बढ़ा: मनी लॉन्ड्रिंग और ₹100 करोड़ के कथित फर्जी GST घोटाले में फंसे AAP मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुरुग्राम की अदालत ने उनकी ED रिमांड 2 दिन और बढ़ा दी है। ED को जांच के दौरान शेल कंपनियों और फर्जी इनवॉइस के नेटवर्क से जुड़े नए सबूत मिले हैं।

बेटी ने पिता को मारी गोली: अमृतसर में 12वीं पास लड़की स्नेहदीप ने अपने पिता को उनके ही लाइसेंसी रिवॉल्वर से पीठ में गोली मार दी। बताया जा रहा है कि लड़की ऑस्ट्रेलिया जाना चाहती थी, लेकिन पिता मना कर रहे थे और उसे बंधक बनाकर रखते थे। हालांकि, परिवार ने बाद में इस घटना का विदेश जाने से संबंध होने से इनकार किया है।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर: पंजाब में पेट्रोल की कीमतें ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं और डीजल भी ₹3 से ज्यादा महंगा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर सब्जियों और राशन के दामों पर पड़ने की आशंका है क्योंकि ट्रांसपोर्ट कंपनियां जल्द ही किराया बढ़ा सकती हैं।

फर्नीचर फैक्ट्री में भीषण आग: लुधियाना के जगराओं में एक फर्नीचर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसका धुआं 2 किलोमीटर दूर तक देखा गया। फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में लकड़ी और तैयार फर्नीचर होने के कारण आग तेजी से फैली। गनीमत रही कि कर्मचारियों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

ब्रिटेन में पंजाबियों का डंका: जालंधर के जमशेर गांव की मूल निवासी प्रीत कौर गिल को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कैबिनेट में जूनियर हेल्थ मिनिस्टर नियुक्त किया है। वहीं, फिल्लौर में जन्मे कुलविंदर सिंह जौहल इंग्लैंड के लीसेस्टर सिटी के पहले पगड़ीधारी लॉर्ड मेयर बने हैं।

मंदिर में चोरी से पहले मांगी माफी: लुधियाना के श्री राम दरबार मंदिर में एक अनोखी चोरी की घटना CCTV में कैद हुई। एक चोर ने दानपात्र से पैसे चोरी करने से पहले भगवान की मूर्ति के आगे हाथ जोड़कर माफी मांगी और सिर झुकाया। चोर करीब 43 मिनट तक मंदिर के अंदर रहा और रोशनदान के रास्ते फरार हो गया।

सोने के बाद अब चांदी की बारी: सरकार ने चांदी के आयात पर कसी नकेल, इंपोर्ट के लिए लेनी होगी मंजूरी

नेशनल डेस्क : केंद्र सरकार ने देश के व्यापार घाटे (Trade Deficit) को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए चांदी के आयात पर नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। सरकार ने चांदी की कई श्रेणियों को ‘फ्री’ लिस्ट से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ (प्रतिबंधित) कैटेगरी में डाल दिया है, जिसका अर्थ है कि अब इनके आयात के लिए अतिरिक्त सरकारी मंजूरी की आवश्यकता होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार का मुख्य उद्देश्य बढ़ते आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) पर पड़ने वाले दबाव को नियंत्रित करना है। अधिकारियों को यह चिंता सता रही है कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ने के बाद निवेशक और ज्वेलरी खरीदार चांदी की ओर रुख कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए चांदी के आयात पर सख्ती बढ़ाई गई है ताकि चालू खाते के घाटे (CAD) को बढ़ने से रोका जा सके।

आयात शुल्क में पहले ही हुई है बढ़ोतरी: हाल ही में सरकार ने सोना और चांदी दोनों पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए विदेशी मुद्रा बचाना सरकार की प्राथमिकता है।

30 साल के निचले स्तर पर पहुंचा आयात : सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ऊंची ड्यूटी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों की वजह से अप्रैल महीने में सोने और चांदी का आयात पहले ही 30 साल के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। अब नई पाबंदियों के लागू होने के बाद आने वाले महीनों में चांदी के आयात में और अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है।

केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी पर हुई उच्च-स्तरीय बैठक


भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कार्यों की केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की विस्तृत समीक्षा

इंटीग्रेटेड और सस्टेनेबल फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय भी बढ़ाएंगे और धरती माँ को भी बचाएंगे- केंद्रीय मंत्री

भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली तथा लाभकारी पेशा बनाने के लिए करेंगे हरसंभव प्रयास- श्री शिवराज सिंह चौहान

कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का प्रमुख साधन और भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार स्तंभ- केंद्रीय कृषि मंत्

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) से संबंधित एक उच्च स्तरीय बैठक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज 12, सफदरजंग रोड स्थित उनके कैंप कार्यालय में आयोजित की गई।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर आईसीएआर के महानिदेशक तथा डेयर सचिव डॉ एम एल जाट ने केंद्रीय कृषि मंत्री को देशभर में आईसीएआर के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने भविष्य की कार्ययोजना से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया तथा बताया कि भारतीय कृषि एवं किसान बहनों-भाइयों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए परिषद किस प्रकार कार्य कर रही है।

बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का प्रमुख साधन है और भारतीय अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि हमारी सम्पूर्ण कोशिश और ऊर्जा इस दिशा में केंद्रित होनी चाहिए कि भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली तथा लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसान बहन-भाइयों को इसे व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा सतत कृषि (सस्टेनेबल फार्मिंग) को मजबूती मिलेगी।

श्री चौहान ने कहा कि वैज्ञानिक कृषि आज समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत सहित विश्वभर में जलवायु परिवर्तन की समस्या अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगी है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों की कृषि-जलवायु (एग्रो-क्लाइमेटिक) परिस्थितियों के अनुरूप राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार करने की दिशा में राज्यों की सहमति से तेजी से कार्य किया जाए।

अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम एवं राजस्थान जैसे राज्यों के अनुरोध पर इस दिशा में कार्य प्रगति पर है तथा शीघ्र ही इन राज्यों का स्वतंत्र कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा।

आईसीएआर की कार्ययोजना पर संतोष प्रकट करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने और अधिक ऊर्जा और उत्साह से अधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए जिससे समयपूर्व लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने गांधीनगर में ब्रिक्स बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की


गांधीनगर / सत्ता संदेश

ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार 1.17 ट्रिलियन अमरिकी डॉलर तक पहुंचा, इस क्षेत्र में अपार संभावना है: वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल

वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने गुजरात के गांधीनगर में व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर ब्रिक्स संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की दूसरी बैठक में मुख्य भाषण दिया। यह बैठक मार्च 2026 में वर्चुअल रूप से आयोजित सीजीईटीआई की पहली बैठक के बाद हुई।

श्री अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स लगातार मजबूत होता जा रहा है तथा यह उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आकांक्षाओं और प्राथमिकताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रभावी आवाज के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते संरक्षणवाद, भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, मुद्रास्फीति के दबाव और बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के बीच माल व्यापार तेरह गुना बढ़ गया है, जो 2003 के  84 बिलियन अमरिकी डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.17 ट्रिलियन अमरिकी डॉलर हो गया है। यह  वृद्धि वैश्विक व्यापार की गति से अधिक रही है और इससे सदस्य देशों के लिए अधिक लचीलापन तथा विविधीकरण में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच होने वाला व्यापार अभी भी वैश्विक व्यापार का लगभग 5 प्रतिशत है, जो अधिक व्यापार एकीकरण, मजबूत मूल्य-श्रृंखला संबंधों और बेहतर आर्थिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अप्रयुक्त संभावनाओं को दर्शाता है।

“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता लाना”  विषय पर आयोजित इस बैठक में पिछली अध्यक्षता के दौरान किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया गया। भारत 2012, 2016 और 2021 के बाद चौथी बार ब्रिक्स का अध्यक्ष बना है। इस दौरान हुए विचार-विमर्श में समकालीन व्यापार मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सुदृढ़ करना, रोजगार सृजन के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के अंतर्राष्ट्रीयकरण में सहायता करना, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को अधिक लचीला और विविध बनाना तथा सेवाओं से संबंधित व्यापार को बढ़ाना शामिल है। बैठक में अधिक संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने, सेवा क्षेत्र में नए अवसर उपलब्‍ध कराने और ब्रिक्स देशों के बीच अधिक व्यापार के माध्यम से किसानों, महिलाओं, उद्यमियों और व्यवसायों सहित प्रमुख हितधारकों को अधिक समृद्ध बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

15 मई 2026 को, प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी-गांधीनगर का दौरा किया और वे वहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सहित विभिन्‍न सुविधा केंद्र भी गए। गिफ्ट सिटी को विश्व स्तरीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने की पहलों पर एक प्रस्तुति भी दी गई। इस यात्रा से प्रतिनिधिमंडल को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सहायता करने के लिए बैंकिंग, पूंजी बाजार, फंड प्रबंधन, लीजिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के भारत के प्रयासों को देखने का अवसर मिला।

सीजीईटीआई में हुई चर्चाओं में ब्रिक्स के साथ भारत की सहभागिता को व्यापक व्यापार परिप्रेक्ष्य में भी रखा गया। नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स के सदस्य देशों को भारत का माल निर्यात अनुमानित 82.0 बिलियन अमरिकी डॉलर और कैलेंडर वर्ष 2024 में सेवाओं के क्षेत्र में निर्यात 31.3 बिलियन अमरिकी डॉलर था। ये आंकड़े ब्रिक्‍स देशों के बीच व्यापार और बढ़ाने की गुंजाइश को दर्शाते हैं, जिसमें सेवाएं और कनेक्टिविटी भविष्य की वृद्धि के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभर रहे हैं।

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गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (जेम)  ने निगमन दिवस 2026 मनाया; भारत में डिजिटल सार्वजनिक खरीद प्रणाली को अपना सहयोग जारी रखा

दिल्ली /सत्ता संदेश

गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (जेम) अपना निगमन दिवस 2026 मना रहा है। यह पारदर्शिता, दक्षता और प्रौद्योगिकी-संचालित शासन के माध्यम से भारत में सार्वजनिक खरीद के सहयोग में इसकी निरंतर भूमिका को दर्शाता है।

वाणिज्य मंत्रालय के अधीन धारा 8 के अंतर्गत गैर-लाभकारी संस्था, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस स्पेशल पर्पस व्हीकल (जेम एसपीवी) को जेम प्लेटफॉर्म के विकास, प्रबंधन और रखरखाव के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत 17 मई 2017 को स्थापित किया गया था। वर्षों से, जेम एक प्रमुख डिजिटल सार्वजनिक खरीद मंच के रूप में उभरा है, जो देश भर के विक्रेताओं के लिए व्यापार में सुगमता और व्यापक बाजार पहुंच को बढ़ावा देता है।

गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (जेम) आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और विकसित भारत 2047 की परिकल्‍पना के अनुरूप स्थानीय क्षमताओं को सरकारी खरीद के अवसरों से जोड़कर घरेलू उद्यमों को लगातार बढ़ावा दे रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर फार्मास्यूटिकल्स, परिवहन, निर्माण उपकरण, फर्नीचर, वस्त्र और चिकित्सा वस्‍तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रथम श्रेणी के स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं की भागीदारी देखी गई है।  

आज, इस प्लेटफॉर्म पर 1.36 लाख से अधिक सरकारी खरीदार और लगभग 25 लाख विक्रेता एवं सेवा प्रदाता मौजूद हैं, जिनमें से लगभग 72% सक्रिय विक्रेता सूक्ष्म एवं लघु उद्यम से हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, जेम पर मौजूद 11 लाख से अधिक एमएसई को 2.36 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 51 लाख से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए। महिला नेतृत्व वाले एमएसई को 28,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के खरीद ऑर्डर मिले, जबकि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए। प्लेटफॉर्म पर मौजूद स्टार्टअप्स को 19,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ऑर्डर मिले, जो उद्यमिता को बढ़ावा देने और सरकारी खरीद तक ​​पहुंच बढ़ाने में जेम की भूमिका को दर्शाता है।

जेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मिहिर कुमार ने कहा, “जेम की स्थापना सरकार और उसकी एजेंसियों के लिए एक पारदर्शी, कुशल और समावेशी डिजिटल खरीद मंच बनाने की परिकल्पना के  साथ की गई थी। आज, जेम घरेलू उद्यमों को खरीद के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल अभियान को निरंतर बढ़ावा दे रहा है।”

जेम निगमन दिवस समारोह के उपलक्ष्य में हितधारकों के साथ जुड़ाव और ज्ञान साझा करने संबंधी कई पहल आयोजित कर रहा है। समारोह का शुभारंभ 15 मई 2026 को जेम विक्रेता मूल्यांकन कार्यशाला के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य संभावित ओईएम के लिए विक्रेता मूल्यांकन प्रक्रिया और दस्तावेज़ीकरण आवश्यकताओं के बारे में स्पष्टता बढ़ाना था।

इसके अलावा, जेम 21 मई 2026 को “जेम को समृद्ध बनाना” विषय के तहत “जेम मंथन” का आयोजन करेगा, जिसका उद्देश्य जेम तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा को प्रोत्साहित करना है। जेम 22 मई 2026 को रक्षा सेवाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक विचार-विमर्श सत्र का भी आयोजन करेगा जिसमें रक्षा खरीद और परिचालन आवश्यकताओं के साथ तालमेल को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रक्रिया सुधार और तकनीकी उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह गांधीनगर में मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन करेंगे

गुजरात / सत्ता संदेश

सहकारी डेयरी अवसंरचना को बड़ा बढ़ावा : पूर्णतः स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र मूल्य संवर्धन और किसानों की समृद्धि को सशक्त करेगा

“सहकार से समृद्धि” के विज़न के अंतर्गत गुजरात में आधुनिक डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार को बल मिलेगा

जमीनी स्तर पर सहकारी सशक्तिकरण को प्रदर्शित करते हुए उद्घाटन समारोह में महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया जायेगा

उन्नत प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुविधाएँ भारत की सहकारी डेयरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेंगी

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” के मंत्र के माध्यम से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के विज़न तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रणालियों और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से देशभर में सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी 17 मई, 2026 को गुजरात के गांधीनगर स्थित दशेला में मधुर डेयरी यूनिट-2 स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल, गुजरात के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

नई डेयरी यूनिट के उद्घाटन से क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की अपेक्षा है। साथ ही इससे सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा सहकारी क्षेत्र से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। यह पहल उन्नत प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों तथा कुशल प्रसंस्करण अवसंरचना के माध्यम से डेयरी सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मधुर डेयरी यूनिट-2 की शिलापट्टिका का अनावरण करेंगे तथा दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र एवं व्यूइंग गैलरी का अवलोकन करेंगे। माननीय मंत्री नियंत्रण कक्ष से परिचालन प्रणालियों का शुभारंभ कर संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन भी करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान डेयरी सहकारी संस्थाओं से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादक माननीय मंत्री का मधुर डेयरी उत्पाद किट भेंट कर सम्मान करेंगी। यह भारत के सहकारी डेयरी आंदोलन को सशक्त बनाने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करेगा।

कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा दुग्ध उत्पादक मंडलियों के प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे। यह जमीनी स्तर की डेयरी सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने तथा संस्थागत सहयोग एवं आधुनिक अवसंरचना के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को सक्षम बनाने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को पुनः रेखांकित करेगा।

मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को और गति देने, डेयरी किसानों के लिए बेहतर आजीविका अवसर सृजित करने तथा आधुनिक एवं सतत सहकारी मॉडलों के माध्यम से भारत की डेयरी मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

आईएनएस सागरध्वनि पोर्ट क्लांग, मलेशिया से रवाना

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारतीय नौसेना का समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत, आईएनएस सागरध्वनि, रॉयल मलेशियन नौसेना के साथ सफल समन्वय के बाद 15 मई 2026 को पोर्ट क्लांग, मलेशिया से रवाना हुआ। इस समन्वय के दौरान दोनों पक्षों के बीच पेशेवर और वैज्ञानिक स्तर पर सार्थक बातचीत हुई।

दोनों पक्षों के कर्मियों ने आधुनिक जलवैज्ञानिक पद्धतियों, समुद्री पर्यावरण अनुसंधान और समुद्रविज्ञान प्रौद्योगिकियों में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंतर्गत, रॉयल मलेशियन नौसेना के जलवैज्ञानिक विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने जहाज का दौरा किया और उन्हें जहाज पर मौजूद समुद्रवैज्ञानिक प्रणालियों से परिचित कराया गया। विशेषज्ञ अधिकारियों के बीच विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान (एसएमईई) में डेटा-केंद्रित रखरखाव दृष्टिकोण, प्रवृत्ति मूल्यांकन विधियों, नौवहन सुरक्षा उपकरणों और प्रौद्योगिकी-आधारित निर्णय-सहायता तंत्रों पर भी चर्चा हुई।

इस प्रवास के दौरान, आईएनएस सागरध्वनि के कमांडिंग ऑफिसर ने कुआलालंपुर में मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त से भेंट की। इस चर्चा का केंद्र बिंदु जहाज का चल रहा समुद्र विज्ञान मिशन और गहन वैज्ञानिक सहयोग था।

यह प्रवास भारत और मलेशिया के बीच गहरे होते समुद्री संबंधों को दर्शाता है, साथ ही क्षेत्रीय सहयोग, ज्ञान साझा करने और घनिष्ठ व्यावसायिक संबंधों के प्रति दोनों नौसेनाओं की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

ऑपरेशन RAGEPILL : एनसीबी ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया ; भारत में पहली बार मध्य-पूर्व क्षेत्रों में प्रचलित कैप्टागन नामक मादक पदार्थ जब्त

दिल्ली / सत्ता संदेश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के बहादुर और सतर्क योद्धाओं को ‘ऑपरेशन RAGEPILL’को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए बधाई दी

‘ऑपरेशन RAGEPILL’के जरिए हमारी एजेंसियों ने कथित “जिहादी ड्रग”कैप्टागन को पहली बार जब्त किया है

मध्य-पूर्व जा रहे ड्रग के इस कंसाइनमेंट को पकड़ना नशीले पदार्थों के प्रति मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस का उदाहरण

भारत में आने वाली या हमारे देश को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल कर के बाहर जाने वाली हर ग्राम ड्रग पर हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे

एनसीबी ने ड्रग्स के खरीद के स्रोत, हवाला लिंक, लॉजिस्टिक्स चेन, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों तथा इससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच शुरू की

इस ऑपरेशन में 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट/पाउडर जब्त; इसकी कीमत लगभग ₹182 करोड़; सिंडिकेट से जुड़ा एक सीरियाई नागरिक भी गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ऑपरेशन RAGEPILL के तहत कैप्टागन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट/पाउडर जब्त किया गया तथा सिंडिकेट से जुड़े अवैध रूप से भारत में रह रहे एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया। कैप्टागन में मुख्य रूप से फेनेटाइलीन और एम्फेटामाइन पाए जाते हैं, जो एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थ हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के बहादुर और सतर्क योद्धाओं को ऑपरेशन RAGEPILL को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए बधाई दी। श्री शाह ने कहा कि ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के जरिए हमारी एजेंसियों ने कथित “जिहादी ड्रग” कैप्टागन को पहली बार जब्त किया है।

श्री अमित शाह ने X पर पोस्ट किया, “मोदी सरकार ‘नशामुक्त भारत’ बनाने के लिए दृढ़संकल्प है। मुझे यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि ‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के जरिए हमारी एजेंसियों ने पहली बार कथित ‘जिहादी ड्रग’ कैप्टागन की जब्ती की है, जिसका मूल्य ₹182 करोड़ है। मध्य-पूर्व जा रहे ड्रग के इस कंसाइनमेंट को पकड़ना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, नशीले पदार्थों के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति के दमकते उदाहरण हैं। मैं दोहराता हूँ कि भारत में आने वाली या हमारे देश को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करके बाहर जाने वाली हर ग्राम ड्रग पर हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे। एनसीबी के बहादुर और सतर्क योद्धाओं को बधाई।”

एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से प्राप्त सूचना के आधार पर कि भारत का उपयोग कैप्टागन तस्करी के ट्रांजिट पॉइंट के रूप में किया जा रहा है, एनसीबी ने नई दिल्ली के नेब सराय क्षेत्र में एक मकान की पहचान की। 11 मई 2026 को मकान की तलाशी के दौरान एक चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखी गई लगभग 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की गई, जिसे जेद्दा, सऊदी अरब भेजा जाना था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि सीरियाई नागरिक 15.11.2024 को पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन उसका वीजा 12.01.2025 को समाप्त हो गया और वह अवैध रूप से यहाँ रह रहा था। उसने नेब सराय में मकान किराये पर लिया था। आरोपी से पूछताछ के बाद 14 मई 2026 को गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया गया। इस कंटेनर को भेड़ की ऊन से भरा हुआ बताकर सीरिया से आयात किया गया था। कंटेनर की गहन तलाशी के दौरान तीन बैगों में छिपाकर रखे गए 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जब्त खेप को खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर सऊदी अरब और अन्य मध्य-पूर्व देशों में भेजा जाना था, जहां कैप्टागन का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। ऑपरेशन RAGEPILL के तहत कुल लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन/ पाउडर जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹182 करोड़ आंकी गई है।

यह कार्रवाई भारत में कैप्टागन की पहली जब्ती है और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स द्वारा भारत को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश का पर्दाफाश करता है। यह ऑपरेशन दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय खुफिया साझेदारी और कानून प्रवर्तन सहयोग किस प्रकार विभिन्न देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की पहचान, रोकथाम और ध्वस्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं तथा दुनिया भर की ड्रग प्रवर्तन एजेंसियां किस प्रकार मिलकर ऐसे नेटवर्क को खत्म कर सकती हैं। यह जब्ती हाल ही में मुंबई में एनसीबी द्वारा की गई एक अन्य बड़ी कार्रवाई के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जिसमें इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर रखी गई 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की गई थी। यह इस बात को उजागर करता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के लिए व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर आधारित व्यापार मार्गों का दुरुपयोग बढ़ रहा है।

एनसीबी ने खरीद के स्रोत, वित्तीय एवं हवाला लिंक, लॉजिस्टिक्स सुविधा प्रदाताओं, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों तथा ड्रग सिंडिकेट से जुड़े व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पहचान के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। है। भारत एकीकृत कानूनों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, ड्रग सरगनाओं के प्रत्यर्पण तथा नार्को- आतंकवाद और ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ब्यूरो भारत सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में सीमा पार सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। एनसीबी नागरिकों से अपील करता है कि वे मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी सूचना को MANAS हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1933) पर साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

पीजीआईएमईआर ने मनाया सीलिएक रोग जागरूकता दिवस, शीघ्र पहचान और आजीवन खानपान अनुशासन पर दिया जोर

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

“सीलिएक रोग केवल एक चिकित्सा स्थिति नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव है; जागरूकता और खानपान अनुशासन के साथ बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं” – प्रो. साधना लाल

चंडीगढ़, 16 मई 2026: सीलिएक रोग जागरूकता दिवस के अवसर पर पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के बाल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभाग द्वारा बच्चों, अभिभावकों एवं देखभालकर्ताओं को सीलिएक रोग की शीघ्र पहचान, दीर्घकालिक प्रबंधन तथा इससे जुड़ी जटिलताओं की रोकथाम के प्रति जागरूक करने हेतु एक विशेष रोगी शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पीजीआईएमईआर की निरंतर रोगी शिक्षा पहलों के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य परिवारों को इस दीर्घकालिक ऑटोइम्यून रोग के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था, जो मुख्यतः गेहूं एवं उससे संबंधित अनाजों में पाए जाने वाले ग्लूटेन के सेवन से उत्पन्न होता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. साधना लाल, प्रमुख, बाल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभाग, पीजीआईएमईआर ने कहा, “सीलिएक रोग केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि जीवनभर की जीवनशैली में परिवर्तन है। इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए केवल चिकित्सीय निदान ही नहीं, बल्कि सख्त आहार अनुशासन, जागरूकता और परिवार की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।”

उत्तर भारत में इस रोग के बढ़ते बोझ पर प्रकाश डालते हुए प्रो. लाल ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान तथा आसपास के क्षेत्रों में आनुवंशिक प्रवृत्ति एवं गेहूं-प्रधान खानपान के कारण सीलिएक रोग अधिक पाया जाता है। उन्होंने कहा, “पीजीआईएमईआर द्वारा चंडीगढ़ में किए गए स्कूल-आधारित स्क्रीनिंग शोध में पाया गया कि लगभग हर 120 बच्चों में से 1 बच्चा सीलिएक रोग से प्रभावित हो सकता है, जो इसे एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बनाता है।”

प्रो. लाल ने कहा कि इसकी व्यापकता के बावजूद यह रोग अक्सर पहचान में नहीं आ पाता, क्योंकि इसके लक्षण कई बार हल्के या असामान्य होते हैं। उन्होंने कहा, “सीलिएक रोग एक हिमखंड की तरह है—दिखाई देने वाले लक्षण इसके वास्तविक बोझ का केवल एक छोटा हिस्सा हैं। कई मरीज वर्षों तक बिना पहचान के रहते हैं, जबकि अंदरूनी क्षति लगातार होती रहती है।”

रोग की प्रस्तुति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि पहले दस्त और विकास में रुकावट को इसके प्रमुख लक्षण माना जाता था, लेकिन अब रोग के स्वरूप में काफी बदलाव आया है। “आज कई बच्चों की वृद्धि सामान्य होती है, लेकिन उनमें अस्पष्ट एनीमिया, हल्का पेट दर्द या अन्य सूक्ष्म लक्षण हो सकते हैं। इसलिए चिकित्सकों और अभिभावकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है,” उन्होंने कहा।

प्रो. लाल ने जोर देकर कहा कि केवल लक्षणों के आधार पर निदान नहीं किया जा सकता और वैज्ञानिक पुष्टि आवश्यक है। उन्होंने कहा, “एंटी-टीटीजी एंटीबॉडी की रक्त जांच तथा आवश्यकता पड़ने पर एंडोस्कोपी और आंतों की बायोप्सी, निदान की पुष्टि के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, विशेषकर क्योंकि इसका उपचार जीवनभर के लिए आहार प्रतिबंध पर आधारित होता है।”

उपचार पर बल देते हुए प्रो. लाल ने दोहराया कि इस रोग का एकमात्र प्रभावी उपचार सख्त आजीवन ग्लूटेन-फ्री आहार है। उन्होंने कहा, “निदान के बाद गेहूं और गेहूं से बने सभी उत्पादों को पूरी तरह बंद करना आवश्यक है। आहार में थोड़ी-सी भी चूक आंतों को नुकसान पहुंचा सकती है और दीर्घकालिक जटिलताओं का कारण बन सकती है।”

अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का और दालों जैसे प्राकृतिक रूप से सुरक्षित अनाजों से घर पर तैयार ग्लूटेन-फ्री भोजन को प्राथमिकता दें तथा ऐसे प्रोसेस्ड एवं पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें संदूषण का जोखिम हो सकता है।

निवारक स्वास्थ्य उपायों पर प्रकाश डालते हुए प्रो. लाल ने स्तनपान की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “हमारे शोध से संकेत मिलता है कि जिन बच्चों को कम से कम छह महीने तक केवल स्तनपान कराया गया, उनमें रोग की गंभीरता अपेक्षाकृत कम पाई गई।”

व्यवहार संबंधी पहलुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे भोजन को बच्चे के जीवन का केंद्र न बनाएं। उन्होंने कहा, “सीलिएक रोग से पीड़ित बच्चे पूरी तरह सामान्य, सक्रिय और संतोषजनक जीवन जी सकते हैं। ध्यान उनके शिक्षा, खेल, रुचियों और व्यक्तित्व विकास पर होना चाहिए, न कि भोजन से जुड़ी चिंताओं पर।”

कार्यक्रम में रोग की समझ, आहार परामर्श, सुरक्षित भोजन पद्धतियां, आटे की घरेलू तैयारी के दौरान क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचाव, तथा स्कूल एवं सामाजिक परिस्थितियों में आहार अनुशासन बनाए रखने की व्यावहारिक रणनीतियों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए।

इस अवसर पर बच्चों, अभिभावकों, देखभालकर्ताओं एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो सीलिएक रोग के प्रति बढ़ती जागरूकता और सहयोगात्मक देखभाल की आवश्यकता को दर्शाता है।

बाल पाचन स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने के प्रति पीजीआईएमईआर की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रो. लाल ने कहा, “जागरूकता, शीघ्र निदान और अनुशासित प्रबंधन ही जटिलताओं की रोकथाम तथा सीलिएक रोग से प्रभावित बच्चों के स्वस्थ भविष्य की आधारशिला हैं।”