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टांडा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बंद, किसान संगठनों ने CM और DGP के पुतले फूंके

होशियारपुर के टांडा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में किसान संगठनों ने रोष मार्च निकाला। मुख्य बाजार बंद रहा और CM-DGP के पुतले फूंके गए।

टांडा उड़मुड़ / होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: जसप्रीत सिंह सैनी

दिनांक : 15 अक्टूबर 2026

पंजाब में नशे के कारोबार और परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में टांडा उड़मुड़ में किसान संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के आह्वान पर टांडा का मुख्य बाजार बंद रहा। प्रदर्शनकारियों ने हॉस्पिटल चौक से थाना चौक तक रोष मार्च निकाला और टांडा पुलिस स्टेशन के सामने पंजाब के मुख्यमंत्री तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) के पुतले फूंककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी समेत कई संगठनों के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत करने की मांग उठाई।

किसान नेताओं ने सरकार को घेरा

इस मौके पर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह भुला ने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों, नशा तस्करों और पुलिस के बीच कथित सांठगांठ के कारण पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या पर काबू पाने के लिए सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

परमजीत सिंह भुला ने मांग की कि नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पीड़ित पक्ष को इंसाफ दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की।

मुख्य बाजार रहा बंद, विभिन्न संगठनों ने लिया हिस्सा

प्रदर्शन के दौरान टांडा उड़मुड़ का मुख्य बाजार बंद रहा। रोष मार्च में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार से नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

इस अवसर पर लोक इंकलाब मंच के संरक्षक हरदीप खुड्डा सहित विभिन्न संगठनों के नेता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में न्याय और राज्य में नशे की समस्या पर प्रभावी रोक लगाने की मांग को लेकर उनकी आवाज जारी रहेगी।

Punjab Band News: पंजाब बंद का व्यापक असर, सरवन सिंह पंधेर ने CM भगवंत मान और DGP से मांगा इस्तीफा

पंजाब बंद के दौरान अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने नशा माफिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। झोटा हत्याकांड में इंसाफ और CM-DGP के इस्तीफे की मांग उठाई।

अमृतसर / सत्ता संदेश

दिनांक : 15 नवंबर 2026

पंजाब में नशे के कारोबार के विरोध और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी समेत विभिन्न किसान संगठनों की ओर से पंजाब बंद का आह्वान किया गया। अमृतसर के गोल्डन गेट पर प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। किसान संगठनों ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग भी उठाई।

झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में जांच के दौरान सभी पहलुओं को सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों और साजिश में कथित तौर पर शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन को जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। किसान संगठनों ने नशा तस्करी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से बचाने की मांग की।

पंजाब बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट

किसान संगठनों ने बंद के दौरान आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाओं के लिए छूट देने की बात कही। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, मरीजों और अस्पताल जाने वाले लोगों, शादी-विवाह में शामिल होने वाले परिवारों तथा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को आने-जाने की अनुमति दी गई।

सरवन सिंह पंधेर ने प्रदर्शनकारियों और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ शरारती तत्व आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में उन्होंने सभी से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने को कहा।

जिला स्तर पर रोष मार्च और पुतला दहन

किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में अमृतसर के गोल्डन गेट सहित पंजाब के विभिन्न जिलों और प्रदर्शन केंद्रों पर रोष मार्च तथा पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए। बंद के निर्धारित समय सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों पर असर पड़ने का दावा किया गया।

किसान संगठनों ने लोगों से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग देने और पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की। नेताओं ने बंद के समर्थन के लिए पंजाब की जनता का आभार भी जताया।

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने दोहराया कि नशा तस्करी पर रोक लगाने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।

अमृतसर : KMSC का प्रदर्शन, खाद की कमी और पराली जलाने की नीति पर सरकार को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में खाद की कथित कमी, कालाबाजारी, बीजों के मनमाने दाम और पराली जलाने को लेकर सरकार की नीतियों के विरोध में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (KMSC) ने अमृतसर स्थित एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कमेटी के प्रमुख नेता सरवन सिंह पंढेर ने किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाते हुए केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

सरवन सिंह पंढेर ने आरोप लगाया कि किसानों को यूरिया और DAP खाद हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कुछ जगहों पर खाद की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने बीज विक्रेताओं पर भी मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को कई स्थानों पर बिना पक्के बिल के ऊंची कीमतों पर बीज दिए जा रहे हैं।

पराली जलाने को लेकर सरकार की कार्रवाई का विरोध करते हुए पंढेर ने कहा कि किसानों पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाने और राजस्व रिकॉर्ड में ‘रेड एंट्री’ दर्ज करने जैसी कार्रवाई से उनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। हालिया केंद्रीय ड्राफ्ट नियमों में दो एकड़ से कम जमीन पर ₹5,000, दो से पांच एकड़ पर ₹10,000 और पांच एकड़ से अधिक जमीन पर ₹30,000 प्रति घटना पर्यावरणीय मुआवजे का प्रावधान रखा गया है।

पंढेर ने दिल्ली के प्रदूषण के लिए केवल पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली के स्थानीय स्रोतों और औद्योगिक प्रदूषण समेत सभी कारकों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से पराली प्रबंधन को लेकर निगरानी और कार्रवाई बढ़ाई जा रही है। पंजाब में इस सीजन पराली जलाने के मामलों की निगरानी शुरू हो चुकी है और शुरुआती मामले भी दर्ज किए गए हैं।

किसान नेता ने केंद्र सरकार पर किसानों की आय दोगुनी करने और फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी से जुड़े वादों को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल कार्रवाई का सामना कराने के बजाय खेती से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने और किसानों पर लागू की जा रही नीतियों की समीक्षा करने की मांग उठाई।

महंगाई, जमीन अधिग्रहण और FTA के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, पुतला फूंक जताएंगे विरोध

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने पंजाब के अमृतसर जिले में चल रहे संगठन चुनावों के मद्देनजर जोन रामतीर्थ में गांव लेवल की चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के बाद गांव ख्याला में राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर, जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेर बाला और जिला नेता सचिव सिंह कोटला के नेतृत्व में जोन डेलीगेट मीटिंग बुलाकर जोन कोर कमेटी को फिर से बनाया गया।

इस मौके पर नेताओं ने कहा कि जोन पहुंचे डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से जोन कोर कमेटी का चुनाव किया। आज के चुनाव में प्रेसिडेंट नरिंदर सिंह भिट्टेविड, सेक्रेटरी कुलजीत सिंह काले घनुपुर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलविंदर सिंह ख्याला, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलवंत सिंह कोटला, ट्रेजरर अमरपाल सिंह रोमी, असिस्टेंट ट्रेजरर सेक्रेटरी सिंह कोटला, प्रेस सेक्रेटरी अवतार बावा, असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी गुरचंत सिंह भिट्टेविड, वाइस प्रेसिडेंट गुरवेल सिंह ढोल, वाइस प्रेसिडेंट सुखदेव सिंह सैदूपुर, मेंबर गुरदीप सिंह काले घनुपुर, मेंबर सुखदेव सिंह छिदन, मेंबर कजर सिंह छिदन समेत 13 मेंबर वाली कमेटी बनाई गई।

इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार किसान और मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारत की अंदरूनी इकॉनमी को खत्म करने पर तुला हुआ है। उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम से मजदूरों को जो रोजगार मिलता था, वह भी खत्म कर दिया गया है और राज्यों के सिर पर एक्स्ट्रा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और बिज़ बिल जैसी पॉलिसी से जहां भारतीय खेती बर्बाद हो जाएगी, वहीं खेत मजदूर और खेती से जुड़ा हर वर्ग आर्थिक मंदी का शिकार होगा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, बिज़ बिल, MNREGA खत्म करवाने और बी ग्राम जी एक्ट, 4 लेबर कोड को भी रद्द करवाने के लिए बड़े संघर्ष की तैयारी करें।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पंजाब में अचानक बाढ़ आई जिससे पंजाब के आम लोगों और किसानों-मजदूरों को भारी नुकसान हुआ, सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए और 50% पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, जबकि बारिश का मौसम फिर से शुरू होने वाला है लेकिन सरकार किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि शंभू खनौरी बॉर्डर पर चल रहे संघर्ष में किसानों की ट्रॉलियों और दूसरे सामान की चोरी से हुए 3 करोड़ 77 लाख के नुकसान का मुआवजा सरकार तुरंत जारी करे।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में डीज़ल और पेट्रोल की कीमतों में हुई ज़बरदस्त बढ़ोतरी, भारत और US के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, भारतीय लेवल पर ज़बरदस्ती ज़मीन अधिग्रहण और खाद की कमी के खिलाफ़ 8 जून को अलग-अलग राज्यों में पुतला जलाकर प्रदर्शन किए जाएंगे। नेताओं ने कहा कि नाकाम विदेश नीति और गलत आर्थिक नीतियों की वजह से कॉर्पोरेट घरानों को फ़ायदा हो रहा है और आम लोगों का शोषण हो रहा है, इसलिए सरकार को बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस लेनी चाहिए।