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राज्य दूरसंचार आपदा समन्वय समिति ने आपदा तैयारी की समीक्षा की

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राज्य दूरसंचार आपदा समन्वय समिति (STDCC), हरियाणा की अर्धवार्षिक बैठक आज श्री राधा चरण शाक्य, ITS, प्रमुख, हरियाणा LSA के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। बैठक की कार्यवाही का संचालन DDG (प्रौद्योगिकी), अध्यक्ष–STDCC, दूरसंचार विभाग, हरियाणा द्वारा किया गया, जिसमें राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) तथा हरियाणा में कार्यरत सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) सहित प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।

बैठक में आगामी मानसून सत्र, प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य आपात स्थितियों के लिए दूरसंचार नेटवर्क की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही आपदा प्रतिक्रिया एवं पुनर्प्राप्ति कार्यों के दौरान निर्बाध संचार सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री संजय कुमार ने कहा कि विश्वसनीय दूरसंचार सेवाएं आपदा प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रशासन, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल भुगतान तथा जन सुरक्षा की आधारशिला हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान डिजिटल युग में निर्बाध दूरसंचार कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक हो गई है तथा अल्पकालिक सेवा बाधाएं भी नागरिकों एवं आर्थिक गतिविधियों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।

समिति ने यह संतोष व्यक्त किया कि वर्ष 2025 में हरियाणा में आई गंभीर बाढ़ की स्थिति के बावजूद राज्य में दूरसंचार सेवाएं अधिकांशतः बाधित नहीं हुईं। यह उपलब्धि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा किए गए सक्रिय तैयारी उपायों का परिणाम है, जिसमें संवेदनशील दूरसंचार स्थलों के प्लिंथ स्तर को ऊंचा करना, महत्वपूर्ण अवसंरचना को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना, पावर बैकअप व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना तथा सेवा बहाली क्षमताओं में सुधार शामिल हैं। समिति ने राज्य में दूरसंचार अवसंरचना की सुदृढ़ता बढ़ाने हेतु सभी सेवा प्रदाताओं के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

समिति ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) एवं राज्य प्रशासन द्वारा दूरसंचार सेवा प्रदाताओं एवं उनके विक्रेताओं को निर्बाध डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने में दिए गए सक्रिय सहयोग की भी सराहना की, विशेषकर पश्चिम एशिया संकट के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान। यह समय पर उपलब्ध कराई गई सहायता दूरसंचार अवसंरचना के संचालन को बनाए रखने तथा राज्य में संचार सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई।

क्षेत्र में हालिया भूकंपीय गतिविधियों के मद्देनजर समिति ने भूकंप संबंधी परिस्थितियों के लिए तैयारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को महत्वपूर्ण दूरसंचार अवसंरचना का संरचनात्मक सुरक्षा आकलन करने, नेटवर्क में अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था (रेडंडेंसी) बढ़ाने, बैकअप पावर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने तथा आपात स्थितियों में संचार सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु मजबूत बहाली तंत्र विकसित करने की सलाह दी गई।

समिति ने दूरसंचार विभाग के आपदा प्रतिक्रिया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP-2020) के कार्यान्वयन की समीक्षा की तथा नियमित आपदा तैयारी अभ्यास, मॉक ड्रिल, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय एवं सतत क्षमता निर्माण के महत्व को दोहराया। यह भी रेखांकित किया गया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का समय-समय पर परीक्षण संचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

आपात स्थितियों के दौरान इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) के त्वरित सक्रियण की तैयारी की भी विस्तृत समीक्षा की गई। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को ICR सक्रियण में लगने वाले समय को कम करने तथा नियमित परीक्षण करने की सलाह दी गई, ताकि आपातकालीन संचार सेवाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध रह सकें। विशेष रूप से आपदा की स्थिति में आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर 112, तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

समिति को अवगत कराया गया कि कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल (CAP) आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का हरियाणा में सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा यह आम जनता को आपदा चेतावनी संदेश प्रसारित करने हेतु पूर्ण रूप से कार्यरत है। यह प्रणाली आपात स्थितियों के दौरान समय पर चेतावनी प्रदान करने तथा नागरिकों द्वारा शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में राज्य की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करेगी।

बैठक का समापन दूरसंचार विभाग, राज्य सरकार की एजेंसियों, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों एवं दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा हरियाणा में दूरसंचार सुदृढ़ता को मजबूत करने हेतु आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए किया गया। समिति ने नियमित समीक्षा, संयुक्त अभ्यास, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा प्रभावी अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से सभी प्रकार की आपदाओं एवं आपात स्थितियों में निर्बाध दूरसंचार सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु तैयारी को निरंतर बढ़ाने का संकल्प लिया।

दूरसंचार विभाग, हरियाणा एलएसए ने फतेहाबाद, हरियाणा में साइबर धोखाधड़ी और साइबर अपराध को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया

फतेहाबाद, 16 अप्रैल 2026: दूरसंचार विभाग (डीओटी), हरियाणा एलएसए ने फतेहाबाद पुलिस के साथ समन्वय से पुलिस लाइंस, फतेहाबाद में एक उच्च प्रभाव वाले संवाद-सह-जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। हरियाणा एलएसए के अपर महानिदेशक दूरसंचार श्री राधाचरण शाक्य और फतेहाबाद की पुलिस अधीक्षक सुश्री निकिता खट्टर ने संयुक्त रूप से बैठक की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में जिले भर के पुलिस अधिकारियों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) सहित लगभग 100 लोगों ने भाग लिया।

फतेहाबाद के पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दूरसंचार विभाग की पहल की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान डिजिटल युग में धोखेबाजों द्वारा उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए साइबर अपराध को प्रभावी ढंग से रोकने और उस पर अंकुश लगाने के लिए सभी हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता है।

हरियाणा एलएसए के अपर महानिदेशक ने राष्ट्र निर्माण और माननीय प्रधानमंत्री के डिजिटल भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में सुरक्षित संचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी और दूरसंचार सेवाओं के बढ़ते दुस्र्पयोग के खतरे को रेखांकित किया, सभी हितधारकों द्वारा सतर्कता और सक्रिय उपायों की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके अलावा, दूरसंचार विभाग की विभिन्न नई पहलों पर प्रकाश डाला और दूरसंचार विभाग की प्रक्रियाओं के पालन पर जोर दिया, जिनका उल्लेख नीचे किया गया है:
• साइबर धोखाधड़ी से निपटने के उपाय:
o चोरी/दुरुपयोग किए गए उपकरणों का पता लगाने के लिए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) का उपयोग
o नागरिक केंद्रित दूरसंचार सुरक्षा सेवाओं के लिए संचार साथी पोर्टल
o साइबर अपराध पैटर्न की पहचान करने के लिए आई4सी और एनसीआरबी के साथ सहयोग
o संदिग्ध लेन-देन को चिह्नित करने के लिए बैंकों के साथ वित्तीय जोखिम संकेतक (एफआरआई) का विकास
• नागरिक जागरूकता और रिपोर्टिंग तंत्र:
o साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए 1930 हेल्पलाइन
o शिकायत दर्ज करने के लिए www.cybercrime.gov.in
o सुरक्षित बैंकिंग संचार के लिए 1600 श्रृंखला नंबरों पर जागरूकता
• संचार साथी पहल का प्रदर्शन किया गया:
o चक्षु – संदिग्ध कॉल/संदेशों की रिपोर्ट करना
o खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करें
o किसी के नाम पर जारी किए गए मोबाइल कनेक्शनों को जानें
o अपने मोबाइल हैंडसेट को जानें (KYM)
o रिकविन – अंतर्राष्ट्रीय कॉल पर नज़र रखना
• सिम जारी करने के दिशानिर्देश: कार्यक्रम में सिम अधिग्रहण प्रक्रिया को भी शामिल किया गया, जिसमें दुरुपयोग को रोकने के लिए PoS ऑपरेटरों और TSP के लिए आवश्यक सावधानियों पर जोर दिया गया।

दूरसंचार विभाग ने जागरूकता पहल, निवारक उपायों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं के साथ मजबूत समन्वय के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिससे एक सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार दूरसंचार इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।