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गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी में हुआ दर्दनाक हादसा

लुधियाना / सत्ता संदेश

लंगर हॉल की लेंटर के लिए लगाई गई लोहे की प्लेटें गिरने से दो महिलाओं की मौत

पांच से अधिक महिलाएं गंभीर रूप से घायल, गुरु रामदास अस्पताल में इलाज जारी

कार सेवा के दौरान हुई घटना से संगत में शोक की लहर

गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी में आज एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया, जिससे संगत में शोक की लहर फैल गई। जानकारी के अनुसार गुरुद्वारा साहिब में बन रहे नए लंगर हॉल की लेंटर के लिए लगाई गई भारी लोहे की प्लेटें अचानक नीचे गिर गईं। उस समय नीचे बैठी महिलाएं चौपहरा काट रही थीं और सेवा कर रही थीं। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई।

इस हादसे में दो महिलाओं की दुखद मौत हो गई, जबकि पांच से अधिक महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को तुरंत श्री गुरु रामदास और माता कौलां अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। डॉक्टरों द्वारा घायलों का इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरुद्वारा शहीदां साहिब में बहुमंजिला पार्किंग और नए लंगर हॉल का निर्माण करवाया जा रहा है। इस कार सेवा की जिम्मेदारी बाबा कश्मीर सिंह जी भूरी वाले को सौंपी गई थी। हादसे के समय बड़ी संख्या में संगत मौजूद थी क्योंकि हर रविवार यहां लाखों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं।

घटना में घायल महिलाओं ने बताया कि वे अजनाला और चमियारी सहित विभिन्न गांवों से चौपहरा काटने के लिए आई थीं। एक महिला ने बताया कि अचानक तेज आवाज आई और उसे चक्कर आ गया, जिसके बाद वह नीचे गिर पड़ी। दूसरी महिला ने बताया कि उसकी बांह पर गंभीर चोट लगी और उसे 12 टांके लगे हैं।

मौके पर पहुंचीं एडीसीपी मैडम अमनदीप कौर ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों की टीम तुरंत सेवा में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अधिक भीड़ होने के कारण लोगों से बाहर रहने की अपील की गई है ताकि घायलों का इलाज सुचारू रूप से किया जा सके।

इस दुखद हादसे के बाद संगत और इलाके के लोगों में गहरा दुख व्याप्त है। लोग मृतक महिलाओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की अरदास कर रहे हैं।

26 अप्रैल को होने वाली विशाल पंथक सभा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंथक सभा को लेकर लोगों से मिल रहा भरपूर समर्थन

लुधियाना में 26 अप्रैल को अकाली दल “वारिस पंजाब दे” द्वारा आयोजित की जा रही विशाल पंथक सभा की तैयारियों के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान लुधियाना के ऑब्जर्वर सरदार प्रिथीपाल सिंह, वरिष्ठ पार्टी नेता राजीव कुमार लवली, जसवंत सिंह चीमा, इंद्रजीत सिंह एडवोकेट, गुरप्रीत सिंह सोनू उपस्थित रहे और इस सभा को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के बारे में जानकारी देते हुए सरदार प्रिथीपाल सिंह और राजीव कुमार लवली ने बताया कि 26 अप्रैल, रविवार को आशा रानी पार्क, 33 फुटा रोड, राम नगर के पास, मुंडियां कलां, लुधियाना में अकाली दल “वारिस पंजाब दे” द्वारा संगठन के संरक्षक बापू तरसेम सिंह के नेतृत्व में पंथक सभा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के मौजूदा हालात से परेशान लोग बड़ा राजनीतिक बदलाव चाहते हैं और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में बनने वाली पंथक सरकार लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करेगी।

पार्टी नेताओं ने कहा कि पंथक सभा को लेकर लोगों से मिल रहा भरपूर समर्थन सांसद भाई अमृतपाल सिंह की सोच पर मुहर लगाता है।

इस मौके पर अन्य के अलावा बाबा दर्शन सिंह पंच, प्रगट सिंह, रिंकू राठौर, मधु सूदन, अवतार सिंह, सुरजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, जोरा सिंह, मनमोहन सिंह, जसराज सिंह, जसवीर सिंह, अमृतपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरजीत सिंह, गुरचरण सिंह चौहान, शुभ शर्मा, हरमीत सिंह, दान सिंह भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार: ‘राष्ट्रपति और सिख समुदाय का अपमान बर्दाश्त नहीं’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री ने सदन में हुए हंगामे और विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों को देश के संवैधानिक मूल्यों और विभिन्न समुदायों का अपमान करार दिया।

संविधान और राष्ट्रपति का अपमान: प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा न होने देना सीधे तौर पर संविधान का अनादर है। उन्होंने इसे देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास ‘संविधान’ शब्द बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।

सदन में अमर्यादित व्यवहार और ‘असम’ का मुद्दा: सदन की कार्यवाही के दौरान चेयर पर कागज फेंके जाने की घटना पर दुख जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह उन सदस्यों का अपमान है जो असम और दलित पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने पूर्व में भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिए जाने के विरोध को भी असम और कलाप्रेमियों के प्रति कांग्रेस की नफरत का प्रतीक बताया।

राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू विवाद : प्रधानमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। पीएम ने कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहना जिसका परिवार देश के लिए शहीद हुआ हो, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि यह पूरे सिख समुदाय और गुरुओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मन में सिखों के प्रति गहरी नफरत भरी है।

क्या था मामला? ज्ञात हो कि संसद के मकर द्वार के बाहर राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसमें राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ और जवाब में बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ कहा था। इस घटना के बाद भाजपा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।