ब्रिगेडियर, एसएम, वीएसएम ने 3 पंजाब बटालियन NCC, लुधियाना का वार्षिक प्रशासनिक निरीक्षण 2025-26 के लिए दौरा किया
लुधियाना / सत्ता संदेश
ब्रिगेडियर पीएस चीमा, एसएम, वीएसएम ने वर्ष 2025-26 के वार्षिक प्रशासनिक निरीक्षण हेतु 3 पंजाब बटालियन एनसीसी का दौरा किया। यह यूनिट के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था तथा अधिकारियों, स्टाफ और एनसीसी कैडेटों के साथ सार्थक संवाद का अवसर प्रदान करता है।
आगमन पर ब्रिगेडियर चीमा का गर्मजोशी से स्वागत कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अजय कोहली, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल जेपी शर्मा तथा सूबेदार मेजर करनैल सिंह द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान ब्रिगेडियर चीमा ने बटालियन की गतिविधियों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की तथा एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों (एएनओ), कार्यालय स्टाफ एवं कैडेटों के साथ विस्तृत बातचीत की। उन्होंने उनकी अनुशासनप्रियता, उत्साह एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की सराहना की तथा उन्हें नेतृत्व और चरित्र निर्माण में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में ब्रिगेडियर चीमा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर विशेष जोर देते हुए इसके उस दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जो समग्र शिक्षा को कौशल विकास, नवाचार और मूल्यों के साथ जोड़ने पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एनसीसी, अपने अनुशासन, नेतृत्व एवं सामुदायिक सेवा पर आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से, भविष्य की चुनौतियों के लिए जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के एनईपी के उद्देश्यों को साकार करने में स्वाभाविक भागीदार है।
ब्रिगेडियर चीमा ने एनसीसी के मिशन को विजन 2047 से भी जोड़ा, जो भारत को स्वतंत्रता की शताब्दी तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में देश का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट, अपने प्रशिक्षण और सेवा भावना के माध्यम से, उस युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं जो भारत की रक्षा तैयारी, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में प्रगति को आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल एक वर्दीधारी युवा संगठन नहीं है, बल्कि यह एक परिवर्तनकारी मंच है जो एनईपी के शैक्षिक सुधारों और विजन 2047 की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करता है। अनुशासन, दृढ़ता और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देकर, एनसीसी कैडेट भारत के भविष्य के मशालवाहक बनने की तैयारी कर रहे हैं।
इस दौरे ने बटालियन के कैडेटों और स्टाफ के बीच प्रेरणा एवं पेशेवर भावना को और मजबूत किया तथा राष्ट्रीय विकास में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को पुनः स्थापित किया।

