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PM Modi Chandigarh Visit: SPG ने संभाली सुरक्षा की कमान, 1200 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे से पहले शहर हाई अलर्ट पर है। प्रधानमंत्री के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) और पीजीआई में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने सुरक्षा तैयारियों की कमान संभाल ली है।

सोमवार को एसपीजी की टीम ने दोनों कार्यक्रम स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया जबकि चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज आयोजित की। 

दौरे के दौरान चंडीगढ़ पुलिस के करीब 1200 जवान तैनात रहेंगे। इनके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और अन्य अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां कार्यक्रम स्थलों, संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौराहों पर मोर्चा संभालेंगी।

एसपीजी के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को पीजीआई और पेक परिसर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रवेश एवं निकास मार्ग, वीवीआईपी मूवमेंट, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, सुरक्षा घेरा और अन्य संवेदनशील बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यूटी के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद के साथ बैठक कर सुरक्षा तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, जिम्मेदारियों के बंटवारे और अंतिम तैयारियों को लेकर रणनीति तय की गई।

एयरपोर्ट पर मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज 

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सोमवार को चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज भी आयोजित की। अभ्यास के दौरान एयरपोर्ट पर आतंकी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि विभिन्न एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को परखा जा सके। इस मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, भारतीय सेना, पंजाब पुलिस, कस्टम विभाग और एयरपोर्ट पब्लिक हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की टीमों ने हिस्सा लिया।

जल्द ही विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी होगी

वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से एडवाइजरी का पालन करने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।

एसपीजी ने सौंपा संयुक्त सिक्योरिटी एक्शन प्लान

एसपीजी ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त सुरक्षा एक्शन प्लान साझा कर दिया है। इसके तहत कार्यक्रम स्थल, एयरपोर्ट, वीवीआईपी रूट, पार्किंग, प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी), स्नाइपर और निगरानी टीमों की भी तैनाती रहेगी। पूरे सुरक्षा तंत्र पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रधानमंत्री करेंगे दो सेंटरों का उद्घाटन, एक का शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को पीजीआई के दो बड़े सेंटरों का उद्घाटन करेंगे। वह एक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी रखेंगे। पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सेंटरों से मरीजों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

उद्घाटन किए जाने वाले सेंटरों में एडवांस मैटरनल चाइल्ड केयर सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइन सेंटर शामिल हैं। प्रत्येक सेंटर में 300 बेड की सुविधा होगी। क्रिटिकल केयर ब्लॉक में 150 बेड होंगे, जिसका शिलान्यास किया जाएगा। इन सभी सुविधाओं पर लगभग 1250 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन सेंटरों में अत्याधुनिक ओटी, वेंटिलेटर और स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।

सेंटरों की सुविधाएं और आयुष्मान योजना

न्यूरोसाइन सेंटर में ओपीडी पहले से चल रही है। बाकी सुविधाएं अगले तीन से छह महीनों में शुरू होंगी। सिटी स्कैन की सुविधा अगस्त में शुरू होगी, जबकि एमआरआई की सुविधा जनवरी तक उपलब्ध हो जाएगी। मदर एंड चाइल्ड सेंटर में अभी आईपीडी बना है, ओपीडी ब्लॉक फेज टू में बनेगा। प्रोफेसर विवेक लाल ने आयुष्मान भारत योजना को दुनिया की सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा पहल बताया। पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट की वेटिंग खत्म हो गई है, और यह आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त में किया जा रहा है। डोनर मिलने के साथ ही ट्रांसप्लांट की डेट दे दी जा रही है।

PM की यात्रा से पहले PGIMER ने स्वास्थ्य सेवाओं की रुपरेखा पेश की

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER ), चंडीगढ़ ने सोमवार को 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए जाने वाले ऐतिहासिक स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं के महत्व से मीडिया को अवगत कराया।

कैरोन ब्लॉक के बोर्ड रूम में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इसे संस्थान की स्वास्थ्य उत्कृष्टता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा पीजीआईएमईआर की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ये केवल नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि उत्तर भारत के करोड़ों लोगों तक उन्नत, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की हमारी क्षमता में एक परिवर्तनकारी छलांग का प्रतीक हैं।”

प्रधानमंत्री एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC) तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर (ANC) का उद्घाटन करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग ₹1,200 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएं उत्तर भारत में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा तथा उन्नत अनुसंधान को नई मजबूती प्रदान करेंगी।

रोगी सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रो. लाल ने कहा, “हमारा मूल मंत्र हमेशा से केवल एक रहा है—रोगी सेवा, रोगी सेवा और रोगी सेवा। हमारी प्रत्येक नई सुविधा इसी उद्देश्य से विकसित की गई है कि हर मरीज को गरिमा, संवेदनशीलता और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के साथ विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सके।”

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में डीन (अकादमिक) प्रो. संजय जैन, उपनिदेशक (प्रशासन) श्री पंकज राय, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. एस.के. गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अशोक कुमार, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. वनीता जैन, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. विजय गोनी, प्रोफेसर इंचार्ज (इंजीनियरिंग) प्रो. समीर अग्रवाल, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरविंदर सिंह भट्टी (एस.एच.ई.), एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव चौहान तथा अस्पताल प्रशासन विभाग से डॉ. रमन शर्मा एवं डॉ. विजय तड़िया उपस्थित रहे।

एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर की जानकारी देते हुए निदेशक ने कहा, “₹505 करोड़ की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक केंद्र आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित है। 300 बिस्तरों वाले इस केंद्र में अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाइयां (NICU), मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे पीजीआईएमईआर की प्रतिवर्ष 6,000 से अधिक उच्च जोखिम वाली प्रसूतियों के प्रबंधन की क्षमता और सुदृढ़ होगी।”

इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “उन्नत चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए ₹147 करोड़ का उदार सहयोग प्रदान करने पर हम इन्फोसिस फाउंडेशन के अत्यंत आभारी हैं। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की यह अनुकरणीय साझेदारी हमारी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगी तथा आने वाली पीढ़ियों तक मरीजों को लाभान्वित करेगी।”

300 बिस्तरों वाला एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोरेडियोलॉजी, न्यूरोएनेस्थीसिया, न्यूरोक्रिटिकल केयर तथा पुनर्वास सेवाओं को एक ही परिसर में समाहित करेगा। 61 गहन चिकित्सा बिस्तरों, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरों तथा अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार को नई दिशा देगा।

इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रो. लाल ने कहा, “यह नया केंद्र उपचार में होने वाली देरी को कम करेगा, मरीजों के जीवित रहने की संभावना तथा दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल परिणामों में सुधार लाएगा और पीजीआईएमईआर को न्यूरोसाइंस शिक्षा, अनुसंधान एवं उन्नत उपचार के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।”

माननीय प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत लगभग ₹244 करोड़ की लागत से विकसित किए जाने वाले 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। कोविड-19 महामारी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही यह सुविधा आपातकालीन तैयारियों तथा बहुविषयक क्रिटिकल केयर सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

पीजीआईएमईआर में बढ़ते मरीजों की संख्या पर टिप्पणी करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “पीजीआईएमईआर में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या हमारे लिए बोझ नहीं, बल्कि इस संस्थान पर लोगों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। हम इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं कि निरंतर अपनी अवसंरचना और सेवाओं का विस्तार करें ताकि कोई भी मरीज गुणवत्तापूर्ण उपचार से वंचित न रहे।”

निदेशक ने आयुष्मान भारत योजना के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा, “इस योजना ने अनेक जटिल उपचारों और उन्नत शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं को उन मरीजों के लिए भी आर्थिक रूप से सुलभ बनाया है, जो पहले वित्तीय बाधाओं के कारण इनका लाभ नहीं उठा पाते थे। अंग प्रत्यारोपण, कैंसर उपचार से लेकर जटिल हृदय एवं न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं तक, पीजीआईएमईआर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम कर रहा है।”

उन्नत उपचार की किफायत पर बल देते हुए प्रो. लाल ने कहा, “आज पीजीआईएमईआर इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी होना आवश्यक नहीं हैं। आयुष्मान भारत योजना और हमारी अमृत फार्मेसियों के माध्यम से अनेक महंगी दवाएं पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग तीन सौवें हिस्से की लागत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे जीवनरक्षक उपचार जरूरतमंद मरीजों की पहुंच में आ सका है।”

प्रो. लाल ने भारत सरकार तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “ये ऐतिहासिक परियोजनाएं रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी और देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में पीजीआईएमईआर की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करेंगी।”

मीडिया ब्रीफिंग का समापन संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें निदेशक ने रोगी सेवाओं, नई स्वास्थ्य अवसंरचना की तैयारियों तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं से संबंधित मीडिया के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उत्कृष्ट रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के प्रति पीजीआईएमईआर की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।