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भगवान वाल्मीकि तीर्थ सथल को मिलेगी नई पहचान, पंजाब सरकार ने 17.73 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए

अमृतसर/ सत्ता संदेश

वाल्मीकि समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध — हरभजन सिंह ईटीओ

अमृतसर स्थित पावन भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल सरायन बोर्ड के चेयरमैन और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में पावन वाल्मीकि तीर्थ को नई पहचान देने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्यों की शुरुआत की गई। पंजाब सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा करवाए जा रहे इन कार्यों का उद्घाटन राज्यसभा सदस्य Balbir Singh Seechewal, कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO, विधायक Jasbir Singh Sandhu और अन्य आम आदमी पार्टी नेताओं द्वारा किया गया।

इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि भगवान वाल्मीकि जी के पावन तीर्थ स्थल के विकास के लिए पंजाब सरकार बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थान देश-विदेश से आने वाली संगतों की आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान, कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और स्थानीय विधायकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए फंड से श्रद्धालुओं की जरूरतें पूरी होंगी और तीर्थ स्थल की सुंदरता में भी बढ़ोतरी होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि जब से वाल्मीकि तीर्थ एडवाइजरी बोर्ड का गठन हुआ है, तब से यहां विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि मार्च महीने में हुई बैठक के बाद सभी कार्यों का अनुमान तैयार करके मुख्यमंत्री को भेजा गया था, जिसके बाद पंजाब सरकार द्वारा 17 करोड़ 73 लाख रुपये जारी किए गए।

उन्होंने कहा कि यह राशि तीर्थ स्थल के सुधार, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने में इस्तेमाल की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर महीने में यहां राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा सामाजिक भाईचारे की भलाई के लिए प्रतिबद्ध रही है और वाल्मीकि समाज की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है।

समारोह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज के प्रमुख लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने पंजाब सरकार के इस प्रयास की सराहना की।

मजदूर दिवस पर बड़ा फैसला: पंजाब में 13 साल बाद मजदूरों के वेतन में 15% बढ़ोतरी

लुधियाना/सत्ता संदेश

मजदूर दिवस पर पंजाब के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय। सरकारी और गैर सरकारी मज़दूरों के मूल वेतन में 15% बढ़ोतरी। – अजय मित्तल (मेंबर लेबर बोर्ड पंजाब)

1 मई मजदूर दिवस के मौके पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाया। सत्र की शुरुआत शिकागो में मजदूर आंदोलन के दौरान शहीद हुए उन मज़दूरों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई, जिन्होंने मज़दूर वर्ग के अधिकारों के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

इस स्पेशल सत्र के दौरान लेबर मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंध ने विधानसभा में मज़दूरों की मूल तनख्वाह में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को सभी विधायकों ने एकमत से पास कर दिया, जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक घोषणा करते हुए इस पर मुहर लगा दी।

गौरतलब है कि सरकारी और गैर-सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में यह बढ़ोतरी करीब 13 साल बाद की गई है। मज़दूर वर्ग इस मांग का लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था। पंजाब सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से न सिर्फ मज़दूर वर्ग आर्थिक रूप से मज़बूत होगा, बल्कि उनका जीवन स्तर भी ऊपर उठेगा।

इस मौके पर पंजाब लेबर बोर्ड के मेंबर अजय मित्तल ने पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंध का धन्यवाद करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने हमेशा आम लोगों और मज़दूर वर्ग की भलाई को प्राथमिकता दी है। यह फैसला सिर्फ़ मज़दूरी में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि मज़दूरों के सम्मान और उनकी मेहनत की तारीफ़ का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि पंजाब का मज़दूर वर्ग राज्य की तरक्की की रीढ़ है और सरकार द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक फैसले से मज़दूरों में नया आत्मविश्वास पैदा होगा और उम्मीद है कि आने वाले समय में मज़दूरों के हक और भलाई के लिए ऐसे और भी जन-हितैषी फैसले लिए जाएंगे। आज ‘मज़दूर दिवस’ पर पंजाब के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। 13 साल बाद मज़दूरों की मज़दूरी में 15% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी करके उनकी मेहनत की असली कीमत मिल गई है। जहां पिछली सरकारें सिर्फ़ वादे करती थीं, वहीं हमने ज़मीनी हकीकत में मज़दूरों के चेहरों पर मुस्कान लाई है।