ब्रेकिंग न्यूज़
Guru Ramdas Ji Parkash Purab: अमृतसर एयरपोर्ट पर फूलों की सेवा शुरू, देश-विदेश से आने वाली संगतों का होगा भव्य स्वागत

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर अमृतसर एयरपोर्ट में फूलों की सेवा शुरू हुई। 25 से 30 प्रकार के फूलों से सजावट और संगतों के भव्य स्वागत की तैयारी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

चौथे पातशाह साहिब श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फूलों की सेवा शुरू कर दी गई है। इस विशेष अवसर पर हवाई अड्डे को 25 से 30 प्रकार के खूबसूरत फूलों से सजाया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से अमृतसर पहुंचने वाली संगतों और यात्रियों का भव्य स्वागत किया जा सके।

गुरु साहिब के चरणों में अरदास करने के बाद फूलों की सजावट की सेवा आरंभ की गई। सेवादारों के अनुसार, हवाई अड्डे के अराइवल और डिपार्चर एरिया के साथ-साथ इमिग्रेशन काउंटरों तथा अन्य प्रमुख स्थानों को भी फूलों से सजाया जा रहा है।

हवाई अड्डे पर गुरु साहिबान के स्वरूप और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब का विशाल मॉडल भी स्थापित किया गया है, जो यहां पहुंचने वाली संगतों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

दिल्ली और कोलकाता से आए कारीगर भी सेवा में जुटे

इस सेवा में देश-विदेश से लाए गए 25 से 30 प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सेवादारों, श्रद्धालुओं और दिल्ली व कोलकाता से आए कारीगरों के सहयोग से सजावट का कार्य किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य अमृतसर पहुंचने वाली संगतों का फूलों की खुशबू और सुंदर सजावट के बीच स्वागत करना तथा उन्हें श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व की खुशियों से जोड़ना है।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी होगी फूलों की सेवा

सेवादारों ने बताया कि फूलों की सेवा केवल श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीमित नहीं रहेगी। अमृतसर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में भी यह सेवा जारी रहेगी।

प्रकाश पर्व के अवसर पर होने वाले कीर्तन और मुख्य धार्मिक कार्यक्रमों तक इस सेवा को जारी रखने की योजना है। इस तरह अमृतसर पहुंचने वाली संगतों का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाएगा।

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित यह पहल श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना को दर्शाती है। फूलों से सजा हवाई अड्डा गुरु नगरी अमृतसर पहुंचने वाली संगतों के स्वागत को विशेष और यादगार बनाने का प्रयास है।

अमृतसर में विधायक जीवनजोत कौर के PA पर केस, दुकानदार से मारपीट का आरोप

अमृतसर ईस्ट की विधायक जीवनजोत कौर के PA मनिंदर सिंह पर दुकानदार से मारपीट का आरोप है। ₹4.50 लाख के लेनदेन के विवाद में पुलिस ने FIR दर्ज की।

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब के अमृतसर में अमृतसर ईस्ट की विधायक जीवनजोत कौर के निजी सहायक (PA) मनिंदर सिंह के खिलाफ एक दुकानदार से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार का आरोप है कि 17 अक्टूबर को रामबाग चर्च के सामने स्थित बाजार में उन्हें घेरकर पीटा गया और किरच से उनके पेट पर दो वार किए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांव पाखरपुरा निवासी 43 वर्षीय अश्वनी कुमार इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को बाजार में उनकी मुलाकात सुच्चा सिंह, उसके बेटे राणा, हरप्रीत सिंह, दामाद मनिंदर सिंह और एक अन्य व्यक्ति से हुई। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और फिर हमला कर दिया गया।

पेट पर किरच से वार करने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, राणा और सुच्चा सिंह ने उन्हें पकड़ लिया, जबकि मनिंदर सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की। अश्वनी कुमार ने आरोप लगाया कि हरप्रीत सिंह ने किरच से उनके पेट के दाईं ओर दो वार किए, जिससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा।

घटना के बाद उन्हें पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें गुरु नानक अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस के जरिए अमनदीप अस्पताल में भर्ती कराया गया।

₹4.50 लाख के लेनदेन को लेकर विवाद

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी बहन के जेठ सुच्चा सिंह को 4.50 लाख रुपये उधार दिए थे। उनके मुताबिक, रकम वापस मांगने को लेकर विवाद चल रहा था। अश्वनी कुमार ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के चलते उन पर हमला किया गया।

पुलिस ने इन धाराओं के तहत दर्ज की FIR

थाना ए डिवीजन के एएसआई भरतराज सिंह के अनुसार, घायल के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 190, 191(3) और 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमृतसर से मुंबई तक हथियार पहुंचाने का नेटवर्क, दो महिलाओं की भूमिका भी जांच के घेरे में

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में अमृतसर से हथियार मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच में कथित डेड लेटर बॉक्स तरीके और हथियार सप्लाई नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल हो रही है।

मुंबई / अमृतसर / सत्ता संदेश

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान हथियारों की सप्लाई से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हासिल की थी। हथियारों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सामान को किसी निश्चित स्थान पर रख दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे उठा लेता है।

सूत्रों के अनुसार, कुणाल और सुमित नाम के दो आरोपी करीब दो सप्ताह पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। बताया जा रहा है कि अनिल पंडित ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल को हथियार रखे होने की जगह की जानकारी दी थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, हथियार रखने वाले व्यक्ति और उन्हें उठाने वाले आरोपियों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ी।

हथियारों की सप्लाई के लिए दिए गए 70 से 80 हजार रुपये

सूत्रों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस काम के लिए आरोपियों को 70 से 80 हजार रुपये दिए थे। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपये बबीता और राधा नाम की दो महिलाओं को दिए जाने की बात सामने आई है। इन महिलाओं पर हथियारों को मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने का आरोप है। इस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद एक दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब दो सप्ताह पहले कुणाल को अमृतसर से हथियार लेकर मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा गया था। जांचकर्ताओं को शक है कि इस काम में कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली। बताया जा रहा है कि राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी से होना बाकी है।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी। उस समय अभिनेता फुटबॉल क्लब से निकलकर अपने घर की ओर जा रहे थे। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आई थीं।

मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। खबरों के मुताबिक, बुधवार को गिरफ्तार किए गए तीन मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय ले जाया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस मामले में अमृतसर से हथियारों की कथित सप्लाई, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने पर जांच एजेंसियों का ध्यान है। जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

1984 Sikh Victims: 84 पीड़ित परिवारों का भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा, अकाल तख्त से इंसाफ की मांग

अमृतसर में 1984 के सिख विरोधी हिंसा के पीड़ित परिवारों ने भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। परिवारों ने श्री अकाल तख्त साहिब से इंसाफ, पुनर्वास और अपनी मांगों के समाधान की अपील की।

अमृतसर / सत्ता संदेश

1984 के सिख विरोधी हिंसा के पीड़ित परिवारों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की मांग उठाई है। अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि उन्हें अभी भी परेशानियों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब से हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ित परिवारों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि 42 साल बीत जाने के बावजूद कई परिवारों का पुनर्वास पूरी तरह नहीं हो पाया है और उनके सामने रोजगार तथा आवास से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। एक महिला प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार की ओर से ऐसे पत्र मिले हैं, जिनमें उन्हें आवंटित घर खाली करने के लिए कहा गया है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने अधिकारों और पुनर्वास की मांग उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछली सरकारों के बाद मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में भी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

मामले को लेकर पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधि श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और सिंह साहिब से मुलाकात की। उनके अनुसार, अकाल तख्त साहिब पर उनकी समस्याओं को सुना गया और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनके मुद्दे पर पंथ स्तर पर विचार किया जाएगा।

पीड़ित परिवारों ने कहा कि 1 नवंबर को 1984 की घटनाओं की बरसी के मौके पर आगे की रणनीति और बड़े ऐलान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार के मंत्रियों और विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों के बीच अपनी समस्याएं उठाएंगे और सरकार के खिलाफ अपने आरोपों को जनता के सामने रखेंगे।

परिवारों ने पंजाब के लोगों से भी अपील की कि वे 1984 के पीड़ितों के मुद्दे पर उनका साथ दें और सरकार से उनके पुनर्वास, अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर जवाब मांगें।

गौरतलब है कि 2026 में भी श्री अकाल तख्त साहिब और भगवंत मान सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आए हैं। जून में अकाल तख्त ने गुरु ग्रंथ साहिब से संबंधित कानून में संशोधन को लेकर पंजाब सरकार को निर्देश दिए थे, जबकि सितंबर में सरकार ने संबंधित कानून पर अकाल तख्त की ओर से उठाई गई चिंताओं पर विचार के लिए उच्चस्तरीय समिति के साथ बैठक भी की थी।

फिलहाल 84 पीड़ित परिवारों की ओर से लगाए गए आरोपों पर पंजाब सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

अमृतसर : झबाल रोड पर हंगामा, निहंग सिंहों के बीच मारपीट; SHO से भी हाथापाई की खबर

अमृतसर / सत्ता संदेश

गेट हकीमा थाना क्षेत्र के झबाल रोड पर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों ने मौके पर पहुंचे एक अन्य निहंग सिंह को रोक लिया और उसकी कथित तौर पर पिटाई कर दी। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब उसे बचाने पहुंचे गेट हकीमा थाने के SHO के साथ भी हाथापाई होने की बात सामने आई।

जानकारी के अनुसार, कुछ निहंग सिंह झबाल रोड पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक अन्य निहंग सिंह वहां पहुंचा, जिसे प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उसकी मारपीट की गई। सूचना मिलने पर गेट हकीमा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और घायल/पिट रहे व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों के बीच कथित तौर पर हाथापाई हो गई। बाद में पुलिस उस व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई।

धरने पर बैठे एक निहंग सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि करीब एक घंटे पहले उन पर हमला किया गया था और फायरिंग भी हुई थी। इसके बाद उन्होंने विरोध में धरना शुरू किया। उनका दावा था कि विरोधी पक्ष ने कथित तौर पर स्थिति की जानकारी लेने के लिए एक व्यक्ति को भेजा था, जिसे प्रदर्शनकारियों ने पकड़ लिया था। निहंग सिंह के अनुसार, बाद में पुलिस अधिकारी उस व्यक्ति को उनसे छुड़ाकर ले गए।

प्रदर्शनकारी निहंग सिंह ने मेजर सिंह भिंडव के साथ पहले से विवाद होने का भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले पकड़े गए कुछ लोगों को भी पुलिस प्रशासन ने छोड़ दिया था। उन्होंने पुलिस पर विरोधी पक्ष के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

वहीं, गेट हकीमा थाने के SHO ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों से अलग जानकारी देते हुए कहा कि सड़क से कुछ गाड़ियां गुजरी थीं, जिन्हें निहंग सिंह मेजर सिंह की गाड़ियां बता रहे हैं। इसी को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। SHO के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पहले से मनमुटाव है, लेकिन मौके पर गाड़ियों के गुजरने के अलावा किसी बड़ी घटना की जानकारी नहीं मिली।

SHO ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने गाड़ियों के गुजरने के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने की जानकारी दी थी। सड़क पर धरना होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिसके चलते पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और इलाके में तनाव को नियंत्रित रखने के लिए कार्रवाई की जा रही है। मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

जंडियाला गुरु स्ट्रीट फूड मार्केट में हेल्थ डिपार्टमेंट की चेंकिंग, फास्ट फूड के लिए सैंपल

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर: पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत लोगों को सुरक्षित और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से जंडियाला गुरु की स्ट्रीट फूड मार्केट में चेकिंग की गई। इस दौरान अलग-अलग स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानों पर तैयार किए जा रहे फास्ट फूड और अन्य खाने-पीने की चीजों के सैंपल लिए गए।

कई वेंडर्स के पास फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं

DHO अमृतसर डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा तैयार किए जा रहे खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच की जा रही है। चेकिंग के दौरान सामने आया कि कई स्ट्रीट वेंडर्स फूड सेफ्टी नियमों का उचित तरीके से पालन नहीं कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि कई वेंडर्स के पास फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस भी नहीं मिले। विभाग की टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के साथ वेंडर्स को चेतावनी दी कि वे जल्द से जल्द जरूरी फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस हासिल करें तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी

DHO ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग की ओर से स्ट्रीट फूड और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले वेंडर्स की जांच आगे भी जारी रहेगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सैंपल की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से जंक फूड से बचने की अपील

डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने लोगों से बाहर का खाना और जंक फूड कम से कम खाने तथा घर का बना हुआ भोजन प्राथमिकता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिस्थिति में बाहर खाना जरूरी हो, तो खाने की जगह की साफ-सफाई और वहां तैयार किए जा रहे भोजन की स्वच्छता जरूर जांचनी चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखने वाले स्थान से ही खाना खरीदें, ताकि दूषित या अस्वच्छ भोजन से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

चंडीगढ़ प्रोटेस्ट से बंदी सिखों की रिहाई को लेकर सिमरनजीत सिंह ने की पीसी, 21 अगस्त को पंजाब बंद का किया समर्थन

अमृतसर / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रमुख और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन, आंसू गैस ड्रोन के इस्तेमाल, बंदी सिखों की रिहाई, फतेहगढ़ साहिब की घटना, पंथिक एकता, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले और आगामी चुनावों समेत कई मुद्दों पर सरकारों को घेरा।

चंडीगढ़ प्रदर्शन और ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने पर सवाल

15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सिमरनजीत सिंह मान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और ड्रोन के जरिए आंसू गैस छोड़े जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।

मान ने कहा कि वह इस मामले को लेकर कानूनी स्तर पर भी अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने ड्रोन के इस्तेमाल की जांच की मांग करते हुए सवाल किया कि प्रदर्शन के दौरान ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने का फैसला किसके आदेश या सलाह पर लिया गया।

फतेहगढ़ साहिब की घटना पर भी उठाए सवाल

सिमरनजीत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब की घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संगत को दर्शन करवाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन आखिरी समय में सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया।

मान ने आरोप लगाया कि मौके पर संगत पर लाठीचार्ज किया गया और पाइपों के जरिए गंदा पानी छोड़ा गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की।

बंदी सिखों की रिहाई की मांग

जेलों में लंबे समय से बंद सिखों की रिहाई के मुद्दे पर मान ने कहा कि कई बंदी सिख लंबे समय से जेलों में हैं और उनके मामलों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने भाई हवारा समेत अन्य बंदी सिखों का जिक्र करते हुए कहा कि परिवारों को अपने बुजुर्गों और माता-पिता से मिलने का अधिकार मिलना चाहिए। मान ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, RAW और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने सवाल किया कि जब अन्य कैदियों को पैरोल और कानूनी राहत मिल सकती है तो बंदी सिखों के मामलों में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने SGPC की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए।

21 अगस्त के पंजाब बंद का समर्थन

बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को किए गए पंजाब बंद के आह्वान का सिमरनजीत सिंह मान ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई गंभीर मुद्दा है और इस मांग को लेकर की जा रही शांतिपूर्ण कोशिशों का समर्थन किया जाना चाहिए।

पंथिक एकता और सुखबीर बादल पर हमले का मुद्दा

पंथिक एकता को लेकर मान ने कहा कि वह एकता के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसी एकता नहीं चाहते। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और BJP के साथ उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।

वहीं, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा करते हुए मान ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए।

SGPC चुनाव जल्द कराने की मांग

SGPC चुनावों को लेकर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि चुनाव जल्द होने चाहिए और धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने फतेहगढ़ साहिब में भाई दीत सिंह जी की पुण्यतिथि मनाने का भी ऐलान किया।

आगामी चुनावों के लिए तैयार SAD अमृतसर

आगामी चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अमृतसर चुनावों के लिए तैयार है और पार्टी की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी सिख मुद्दों, पंजाब के अधिकारों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक अभियान आगे बढ़ाएगी। आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने और पार्टी के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने की बात भी उन्होंने कही।

चंडीगढ़ में पंजाब टेलीकॉम सर्किल द्वारा अमृतसर में त्रैमासिक पेंशन अदालत, पेंशनर कल्याण शिविर एवं जीवन प्रमाण-पत्र संग्रहण शिविर का आयोजन

अमृतसर / सत्ता संदेश

संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग के अधीन नियंत्रक संचार लेखा (सीसीए), पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ के कार्यालय द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2026 को जीएमटीडी, बीएसएनएल कार्यालय, अमृतसर के सम्मेलन कक्ष में दूरसंचार विभाग एवं बीएसएनएल के पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए द्वितीय त्रैमासिक पेंशन अदालत, पेंशनर कल्याण शिविर एवं जीवन प्रमाण-पत्र (Life Certificate) संग्रहण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम श्री विजेन्द्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब टेलीकॉम सर्किल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पेंशन संबंधी सेवाओं को पेंशनभोगियों के निकट उपलब्ध कराना तथा उनके कल्याण हेतु विभिन्न जनहितकारी एवं जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब ने की। कार्यक्रम में पेंशन स्वीकृति एवं पेंशन वितरण से संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने पेंशनभोगियों की शिकायतों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

पेंशन अदालत के दौरान सुश्री महक मक्कड़, सहायक लेखा अधिकारी ने अध्यक्ष महोदय श्री अक्षय गुप्ता को अवगत कराया कि कार्यालय को कुल दो पेंशन संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं तथा दोनों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। शिविर के दौरान भी पेंशनभोगियों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान किया गया तथा आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

अपने मुख्य संबोधन में श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब ने कहा कि उनका कार्यालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी पेंशन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय द्वारा पेंशनभोगियों की सुविधा एवं कल्याण के लिए समय-समय पर विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

शिविर के दौरान विशेष सहायता काउंटर स्थापित किए गए, जहां पेंशनभोगी अपने जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते थे, पेंशनर पहचान-पत्र हेतु आवेदन कर सकते थे तथा अपने मोबाइल नंबर, पते एवं अन्य विवरणों के अद्यतन के लिए अनुरोध प्रस्तुत कर सकते थे। साथ ही पेंशनभोगियों को पेंशन सेवाओं में और अधिक सुधार हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव एवं फीडबैक देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के हित में निम्नलिखित गतिविधियों का आयोजन किया गया—

1. भारत सरकार के डिजिलॉकर पर जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन।

2. उमंग (UMANG) एप पर जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन।

3. साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव पर व्याख्यान।

4. वित्तीय योजना एवं आयकर संबंधी मार्गदर्शन।

5. पेंशनभोगियों हेतु निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर।

6. पेंशनभोगियों हेतु निःशुल्क नेत्र जांच शिविर।

7. चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी व्याख्यान।

8. जीवन प्रमाण-पत्रों का संग्रहण।

9. Know Your Pensioner (KYP) प्रपत्र एवं पेंशनर पहचान-पत्र हेतु आवेदनों का संग्रहण।

10. “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधों का वितरण।

11. पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के साथ संवादात्मक सत्र।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण संवादात्मक सत्र रहा, जिसमें पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों को सीसीए कार्यालय के अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों पर चर्चा करने का अवसर प्राप्त हुआ।

त्रैमासिक पेंशन अदालत एवं पेंशनर कल्याण शिविर को पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उपलब्ध कराई गई सुविधाओं, जनकल्याणकारी पहलों, जानकारीपूर्ण सत्रों तथा त्वरित सहायता की प्रशंसा की। प्रतिभागियों ने श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब के नेतृत्व की सराहना करते हुए सीसीए, पंजाब टेलीकॉम सर्किल द्वारा पेंशन संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा पेंशनभोगियों को सुलभ, प्रभावी एवं हितैषी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की भी प्रशंसा की।

अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • बार-बार जल रहा ट्रांसफॉर्मर बना मुसीबत, नए ट्रांसफॉर्मर की मांग को लेकर लोगों का प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर के आबादी गुरु नगर, मन्ने दी वेली के बैकसाइड इलाके में लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मर में शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। स्थानीय निवासी जतिंदर सिंह खालसा ने बताया कि आग लगने के बाद इलाके के लोगों ने रेत डालकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग करीब डेढ़ घंटे तक लगातार जलती रही।

लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन पावरकॉम की ओर से बिजली सप्लाई बंद नहीं किए जाने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम भी तुरंत आग पर काबू नहीं पा सकी।

अगले दिन जब बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों का आरोप था कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की बजाय उसी पुराने और जले हुए ट्रांसफॉर्मर को दोबारा चालू कर दिया गया। दोपहर करीब 1:30 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन अधिक लोड होने के कारण एक घंटे बाद फिर बिजली बंद हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह महीनों से यह ट्रांसफॉर्मर लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। ट्रांसफॉर्मर के आसपास दुकानें और छोटे बच्चे रहते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। बिजली विभाग के रवैये से नाराज़ लोगों ने सड़क जाम कर पावरकॉम के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में करीब 190 किलोवाट का बिजली लोड है, जबकि लगा हुआ ट्रांसफॉर्मर केवल 100 किलोवाट क्षमता का है। इसी ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पावरकॉम के एक्सईएन से बातचीत के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की तैयारी है, लेकिन कुछ स्थानीय लोग अपने घरों के सामने ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिससे काम में देरी हो रही है।

पुलिस प्रशासन और एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगले दिन सुबह 10 बजे पावरकॉम के एक्सईएन स्वयं मौके पर पहुंचेंगे और पुलिस की मौजूदगी में बिजली लोड को दो हिस्सों में बांटकर दो नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस आश्वासन और बिजली बहाली का काम शुरू होने के बाद लोगों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि, स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बाईपास पर बड़े स्तर पर दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

पुलिस ने जब्त वाहनों की सार्वजनिक नीलामी, 19 गाड़ियों की बिक्री से जुटे 1.51 लाख रुपये

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों की सार्वजनिक नीलामी (पब्लिक ऑक्शन) का आयोजन पुलिस लाइन्स, अमृतसर में किया गया। इस नीलामी के माध्यम से लंबे समय से पुलिस के कब्जे में रखे गए केस प्रॉपर्टी वाहनों का नियमानुसार निपटारा किया गया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह ने बताया कि कमिश्नर पुलिस अमृतसर के निर्देशों के तहत यह सार्वजनिक नीलामी आयोजित की गई थी। नीलामी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया।

उन्होंने बताया कि इस ऑक्शन में अमृतसर और गुरदासपुर जिलों से कुल 14 बोलीदाताओं (बिडर्स) ने हिस्सा लिया। नीलामी के दौरान विभिन्न श्रेणियों के कुल 19 वाहनों की बोली लगाई गई और सफल बोलीदाताओं को वाहन आवंटित किए गए।

डीसीपी रविंदर पाल सिंह के अनुसार, नीलामी के माध्यम से कुल 1,51,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यह प्रक्रिया पुलिस रिकॉर्ड में लंबित पड़े जब्त वाहनों के निपटारे और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसी नीलामियां समय-समय पर आयोजित की जाती हैं ताकि केस प्रॉपर्टी के रूप में लंबे समय से रखे गए वाहनों का कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जा सके और पुलिस परिसरों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों की संख्या कम की जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार इस तरह की सार्वजनिक नीलामी आयोजित की जाती रहेगी।