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जंडियाला गुरु स्ट्रीट फूड मार्केट में हेल्थ डिपार्टमेंट की चेंकिंग, फास्ट फूड के लिए सैंपल

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर: पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत लोगों को सुरक्षित और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से जंडियाला गुरु की स्ट्रीट फूड मार्केट में चेकिंग की गई। इस दौरान अलग-अलग स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानों पर तैयार किए जा रहे फास्ट फूड और अन्य खाने-पीने की चीजों के सैंपल लिए गए।

कई वेंडर्स के पास फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं

DHO अमृतसर डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा तैयार किए जा रहे खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच की जा रही है। चेकिंग के दौरान सामने आया कि कई स्ट्रीट वेंडर्स फूड सेफ्टी नियमों का उचित तरीके से पालन नहीं कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि कई वेंडर्स के पास फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस भी नहीं मिले। विभाग की टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के साथ वेंडर्स को चेतावनी दी कि वे जल्द से जल्द जरूरी फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस हासिल करें तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी

DHO ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग की ओर से स्ट्रीट फूड और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले वेंडर्स की जांच आगे भी जारी रहेगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सैंपल की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से जंक फूड से बचने की अपील

डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने लोगों से बाहर का खाना और जंक फूड कम से कम खाने तथा घर का बना हुआ भोजन प्राथमिकता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिस्थिति में बाहर खाना जरूरी हो, तो खाने की जगह की साफ-सफाई और वहां तैयार किए जा रहे भोजन की स्वच्छता जरूर जांचनी चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखने वाले स्थान से ही खाना खरीदें, ताकि दूषित या अस्वच्छ भोजन से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

चंडीगढ़ प्रोटेस्ट से बंदी सिखों की रिहाई को लेकर सिमरनजीत सिंह ने की पीसी, 21 अगस्त को पंजाब बंद का किया समर्थन

अमृतसर / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रमुख और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन, आंसू गैस ड्रोन के इस्तेमाल, बंदी सिखों की रिहाई, फतेहगढ़ साहिब की घटना, पंथिक एकता, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले और आगामी चुनावों समेत कई मुद्दों पर सरकारों को घेरा।

चंडीगढ़ प्रदर्शन और ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने पर सवाल

15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सिमरनजीत सिंह मान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और ड्रोन के जरिए आंसू गैस छोड़े जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।

मान ने कहा कि वह इस मामले को लेकर कानूनी स्तर पर भी अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने ड्रोन के इस्तेमाल की जांच की मांग करते हुए सवाल किया कि प्रदर्शन के दौरान ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने का फैसला किसके आदेश या सलाह पर लिया गया।

फतेहगढ़ साहिब की घटना पर भी उठाए सवाल

सिमरनजीत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब की घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संगत को दर्शन करवाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन आखिरी समय में सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया।

मान ने आरोप लगाया कि मौके पर संगत पर लाठीचार्ज किया गया और पाइपों के जरिए गंदा पानी छोड़ा गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की।

बंदी सिखों की रिहाई की मांग

जेलों में लंबे समय से बंद सिखों की रिहाई के मुद्दे पर मान ने कहा कि कई बंदी सिख लंबे समय से जेलों में हैं और उनके मामलों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने भाई हवारा समेत अन्य बंदी सिखों का जिक्र करते हुए कहा कि परिवारों को अपने बुजुर्गों और माता-पिता से मिलने का अधिकार मिलना चाहिए। मान ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, RAW और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने सवाल किया कि जब अन्य कैदियों को पैरोल और कानूनी राहत मिल सकती है तो बंदी सिखों के मामलों में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने SGPC की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए।

21 अगस्त के पंजाब बंद का समर्थन

बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को किए गए पंजाब बंद के आह्वान का सिमरनजीत सिंह मान ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई गंभीर मुद्दा है और इस मांग को लेकर की जा रही शांतिपूर्ण कोशिशों का समर्थन किया जाना चाहिए।

पंथिक एकता और सुखबीर बादल पर हमले का मुद्दा

पंथिक एकता को लेकर मान ने कहा कि वह एकता के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसी एकता नहीं चाहते। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और BJP के साथ उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।

वहीं, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा करते हुए मान ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए।

SGPC चुनाव जल्द कराने की मांग

SGPC चुनावों को लेकर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि चुनाव जल्द होने चाहिए और धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने फतेहगढ़ साहिब में भाई दीत सिंह जी की पुण्यतिथि मनाने का भी ऐलान किया।

आगामी चुनावों के लिए तैयार SAD अमृतसर

आगामी चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अमृतसर चुनावों के लिए तैयार है और पार्टी की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी सिख मुद्दों, पंजाब के अधिकारों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक अभियान आगे बढ़ाएगी। आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने और पार्टी के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने की बात भी उन्होंने कही।

चंडीगढ़ में पंजाब टेलीकॉम सर्किल द्वारा अमृतसर में त्रैमासिक पेंशन अदालत, पेंशनर कल्याण शिविर एवं जीवन प्रमाण-पत्र संग्रहण शिविर का आयोजन

अमृतसर / सत्ता संदेश

संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग के अधीन नियंत्रक संचार लेखा (सीसीए), पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ के कार्यालय द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2026 को जीएमटीडी, बीएसएनएल कार्यालय, अमृतसर के सम्मेलन कक्ष में दूरसंचार विभाग एवं बीएसएनएल के पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए द्वितीय त्रैमासिक पेंशन अदालत, पेंशनर कल्याण शिविर एवं जीवन प्रमाण-पत्र (Life Certificate) संग्रहण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम श्री विजेन्द्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब टेलीकॉम सर्किल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पेंशन संबंधी सेवाओं को पेंशनभोगियों के निकट उपलब्ध कराना तथा उनके कल्याण हेतु विभिन्न जनहितकारी एवं जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब ने की। कार्यक्रम में पेंशन स्वीकृति एवं पेंशन वितरण से संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने पेंशनभोगियों की शिकायतों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

पेंशन अदालत के दौरान सुश्री महक मक्कड़, सहायक लेखा अधिकारी ने अध्यक्ष महोदय श्री अक्षय गुप्ता को अवगत कराया कि कार्यालय को कुल दो पेंशन संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं तथा दोनों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। शिविर के दौरान भी पेंशनभोगियों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान किया गया तथा आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

अपने मुख्य संबोधन में श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब ने कहा कि उनका कार्यालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी पेंशन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय द्वारा पेंशनभोगियों की सुविधा एवं कल्याण के लिए समय-समय पर विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

शिविर के दौरान विशेष सहायता काउंटर स्थापित किए गए, जहां पेंशनभोगी अपने जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते थे, पेंशनर पहचान-पत्र हेतु आवेदन कर सकते थे तथा अपने मोबाइल नंबर, पते एवं अन्य विवरणों के अद्यतन के लिए अनुरोध प्रस्तुत कर सकते थे। साथ ही पेंशनभोगियों को पेंशन सेवाओं में और अधिक सुधार हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव एवं फीडबैक देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के हित में निम्नलिखित गतिविधियों का आयोजन किया गया—

1. भारत सरकार के डिजिलॉकर पर जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन।

2. उमंग (UMANG) एप पर जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन।

3. साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव पर व्याख्यान।

4. वित्तीय योजना एवं आयकर संबंधी मार्गदर्शन।

5. पेंशनभोगियों हेतु निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर।

6. पेंशनभोगियों हेतु निःशुल्क नेत्र जांच शिविर।

7. चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी व्याख्यान।

8. जीवन प्रमाण-पत्रों का संग्रहण।

9. Know Your Pensioner (KYP) प्रपत्र एवं पेंशनर पहचान-पत्र हेतु आवेदनों का संग्रहण।

10. “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधों का वितरण।

11. पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के साथ संवादात्मक सत्र।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण संवादात्मक सत्र रहा, जिसमें पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों को सीसीए कार्यालय के अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों पर चर्चा करने का अवसर प्राप्त हुआ।

त्रैमासिक पेंशन अदालत एवं पेंशनर कल्याण शिविर को पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उपलब्ध कराई गई सुविधाओं, जनकल्याणकारी पहलों, जानकारीपूर्ण सत्रों तथा त्वरित सहायता की प्रशंसा की। प्रतिभागियों ने श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब के नेतृत्व की सराहना करते हुए सीसीए, पंजाब टेलीकॉम सर्किल द्वारा पेंशन संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा पेंशनभोगियों को सुलभ, प्रभावी एवं हितैषी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की भी प्रशंसा की।

अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • बार-बार जल रहा ट्रांसफॉर्मर बना मुसीबत, नए ट्रांसफॉर्मर की मांग को लेकर लोगों का प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर के आबादी गुरु नगर, मन्ने दी वेली के बैकसाइड इलाके में लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मर में शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। स्थानीय निवासी जतिंदर सिंह खालसा ने बताया कि आग लगने के बाद इलाके के लोगों ने रेत डालकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग करीब डेढ़ घंटे तक लगातार जलती रही।

लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन पावरकॉम की ओर से बिजली सप्लाई बंद नहीं किए जाने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम भी तुरंत आग पर काबू नहीं पा सकी।

अगले दिन जब बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों का आरोप था कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की बजाय उसी पुराने और जले हुए ट्रांसफॉर्मर को दोबारा चालू कर दिया गया। दोपहर करीब 1:30 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन अधिक लोड होने के कारण एक घंटे बाद फिर बिजली बंद हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह महीनों से यह ट्रांसफॉर्मर लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। ट्रांसफॉर्मर के आसपास दुकानें और छोटे बच्चे रहते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। बिजली विभाग के रवैये से नाराज़ लोगों ने सड़क जाम कर पावरकॉम के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में करीब 190 किलोवाट का बिजली लोड है, जबकि लगा हुआ ट्रांसफॉर्मर केवल 100 किलोवाट क्षमता का है। इसी ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पावरकॉम के एक्सईएन से बातचीत के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की तैयारी है, लेकिन कुछ स्थानीय लोग अपने घरों के सामने ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिससे काम में देरी हो रही है।

पुलिस प्रशासन और एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगले दिन सुबह 10 बजे पावरकॉम के एक्सईएन स्वयं मौके पर पहुंचेंगे और पुलिस की मौजूदगी में बिजली लोड को दो हिस्सों में बांटकर दो नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस आश्वासन और बिजली बहाली का काम शुरू होने के बाद लोगों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि, स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बाईपास पर बड़े स्तर पर दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

पुलिस ने जब्त वाहनों की सार्वजनिक नीलामी, 19 गाड़ियों की बिक्री से जुटे 1.51 लाख रुपये

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों की सार्वजनिक नीलामी (पब्लिक ऑक्शन) का आयोजन पुलिस लाइन्स, अमृतसर में किया गया। इस नीलामी के माध्यम से लंबे समय से पुलिस के कब्जे में रखे गए केस प्रॉपर्टी वाहनों का नियमानुसार निपटारा किया गया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह ने बताया कि कमिश्नर पुलिस अमृतसर के निर्देशों के तहत यह सार्वजनिक नीलामी आयोजित की गई थी। नीलामी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया।

उन्होंने बताया कि इस ऑक्शन में अमृतसर और गुरदासपुर जिलों से कुल 14 बोलीदाताओं (बिडर्स) ने हिस्सा लिया। नीलामी के दौरान विभिन्न श्रेणियों के कुल 19 वाहनों की बोली लगाई गई और सफल बोलीदाताओं को वाहन आवंटित किए गए।

डीसीपी रविंदर पाल सिंह के अनुसार, नीलामी के माध्यम से कुल 1,51,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यह प्रक्रिया पुलिस रिकॉर्ड में लंबित पड़े जब्त वाहनों के निपटारे और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसी नीलामियां समय-समय पर आयोजित की जाती हैं ताकि केस प्रॉपर्टी के रूप में लंबे समय से रखे गए वाहनों का कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जा सके और पुलिस परिसरों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों की संख्या कम की जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार इस तरह की सार्वजनिक नीलामी आयोजित की जाती रहेगी।

पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल: पूर्व विधायक डॉ. राज कुमार वेरका का मान सरकार पर हमला

पंजाब / सत्ता संदेश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक डॉक्‍टर राज कुमार वेरका ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पंजाब को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और आम लोग भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। डॉक्‍टर वेरका ने कहा कि पंजाब में गुंडागर्दी, लूटपाट, फायरिंग, हत्या और जबरन वसूली जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही आपराधिक वारदातों ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जेलों के भीतर भी गैंगस्टर गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम है।

पूर्व विधायक ने कहा कि नशे की समस्या ने पंजाब के युवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। ड्रग्स के कारण कई परिवार तबाह हो रहे हैं और युवा अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब आम आदमी पार्टी सरकार से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है। डॉक्‍टर वेरका ने अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं ने लोगों की चिंता और असुरक्षा की भावना को बढ़ाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं, कर्मचारियों और शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंजाब की जनता अपने वोट के माध्यम से सरकार को जवाब देगी और राज्य में बदलाव लाएगी। अमृतसर से ब्‍यूरो रिपोर्ट टीम एनएनआर

मिलावटखोरों पर हेल्थ विभाग का शिकंजा, संदिग्ध देसी घी और पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

अमृतसर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामबाग स्थित एक डेयरी पर छापेमारी की। इस दौरान पनीर के सैंपल लिए गए और करीब 7 क्विंटल देसी घी को सील कर जांच के लिए भेजा गया।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब की कमिश्नर कमलप्रीत कौर बराड़ तथा डिप्टी कमिश्नर अमृतसर दलविंदरजीत सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न डेयरियों और दूध से बने उत्पाद बेचने वाली दुकानों की जांच की सहायक कमिश्नर फूड राजिंदरपाल सिंह ने बताया कि पिछले एक महीने से दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत प्राप्त शिकायत के आधार पर रामबाग क्षेत्र में स्थित एक डेयरी पर तड़के छापेमारी की गई।


छापेमारी के दौरान पनीर के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए। इसके अलावा डेयरी में मौजूद ‘प्रभु देसी घी’ ब्रांड के 48 टिन, जिनका कुल वजन लगभग 7 क्विंटल था, को सील कर दिया गया। यह घी हरियाणा के सिरसा में निर्मित बताया गया है। घी के सैंपल भी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. चरणजीत सिंह बजाज ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका हो तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और लोगों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सके। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

अमृतसर पुलिस ने हथियार और हेरोइन तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

पंजाब को सुरक्षित और नशा मुक्त बनाने की मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सीमा पार से हथियार और नशे की तस्करी करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2.225 किलो हेरोइन, 6 आधुनिक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।


डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के गांव चीचा निवासी सुखदेव सिंह उर्फ सुख और गांव लोधी गुजर निवासी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले भी अपहरण तथा अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार बैठे तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हेरोइन तथा हथियारों की खेप प्राप्त कर पंजाब में अपराधी तत्वों तक पहुंचाते थे। बरामद हथियारों में चीन, ऑस्ट्रिया, अमेरिका और तुर्की निर्मित आधुनिक पिस्तौल शामिल हैं।


पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पहले आरोपी सुखदेव सिंह को 2.225 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दूसरे आरोपी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर को चार पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया गया। आरोपी हरजिंदर की निशानदेही पर पुलिस ने दो और पिस्तौल बरामद किए। पुलिस के अनुसार सुखदेव पहले से ही थाना छेहरटा में दर्ज एक मामले में वांछित था, जिसमें उसके चार साथियों को सात पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया था।


पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। मामले के आगे और पीछे के सभी लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि सीमा पार से हथियार और नशा तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनज़र अमृतसर में हाई अलर्ट, 6000 पुलिसकर्मी और 11 पैरामिलिट्री कंपनियां तैनात

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनज़र अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया गया है। इसी के तहत पंजाब के स्पेशल डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर पी.के. सिन्हा ने कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर पहुंचकर सुरक्षा प्रबंधों का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।


स्पेशल डीजीपी पी.के. सिन्हा ने कमिश्नर पुलिस अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीसीपी सिटी जगजीत सिंह वालिया तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर में लागू सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अमृतसर में बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रबंध लागू किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जा सके। शहर के प्रवेश और निकास मार्गों के अलावा संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष नाकाबंदी की गई है। पुलिस टीमें आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच कर रही हैं तथा उनके रिकॉर्ड भी दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


स्पेशल डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर की 2000 स्थानीय पुलिस फोर्स के साथ पंजाब पुलिस की अतिरिक्त 2000 फोर्स तैनात की गई है। इसके अलावा बीएसएफ, आरएएफ और आईटीबीपी की 11 पैरामिलिट्री कंपनियां तथा 30 गजेटेड अधिकारी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए गए हैं। शहर में लगातार फ्लैग मार्च, फुट पेट्रोलिंग और वाहन पेट्रोलिंग की जा रही है।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। स्निफर डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते और विशेष चेकिंग टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पी.के. सिन्हा ने कहा कि पंजाब पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और प्रशासन का सहयोग करें।


उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पंजाब पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि अमृतसर शहर में शांति, भाईचारे और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पुलिस बल 24 घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात है।

विवादित बयान पर रवनीत सिंह बिट्टू ने मांगी माफी, बोले- किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं

अमृतसर / सत्ता संदेश

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने हाल ही में दिए गिए विवादित बयान पर माफी मांगी। बिट्टू ने कहा कि अगर उनके मुंह से निकले कुछ शब्दों की वजह से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। तो वह दिल से अफसोस जताते हैं और इस बात का खास ध्यान रखेंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि उनका कभी भी किसी SC, OBC, हिंदू, सिख या किसी अन्य समुदाय को नीचा दिखाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस दौरान ये विवादित शब्द बोले गए। उस दौरान माहौल बहुत गरम था और पुलिस और दूसरे लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।


रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि वह लंबे समय से ऐसे चुनाव क्षेत्रों से जनप्रतिनिधि रहे हैं, जहां SC समुदाय की आबादी ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और राजनीतिक जीवन में हमेशा हर वर्ग और समुदाय का सम्मान किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि वह हर समुदाय के साथ अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं और सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने के लिए काम करते रहे हैं।
बिट्टू ने कहा कि अगर उनके किसी बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह सभी सामाजिक संगठनों, NGO, डेरों और धार्मिक नेताओं से भी माफ़ी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी धार्मिक जगह या कैंप में जाकर भी अपना अफ़सोस ज़ाहिर करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का बोझ है कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया।


पंजाब BJP की लीडरशिप के बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों के बारे में पूछे जाने पर बिट्टू ने कहा कि सभी नेता पार्टी हाईकमान के फ़ैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति के एक अनुभवी और सीनियर नेता हैं, जिनका सम्मान करना सबका फ़र्ज़ है। उनके मुताबिक, सीनियर नेता हमेशा गाइडेंस देते हैं और उनकी राय को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद और आपराधिक गतिविधियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस कर्मियों पर हमले और हथियार लूटने की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है और समाज के हर वर्ग को कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ़ कार्रवाई करती है, तो कई बार उन्हें अलग-अलग लेवल पर विरोध का सामना करना पड़ता है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मुश्किलें आती हैं। बिट्टू ने तर्क दिया कि पंजाब को अपराध और गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए मज़बूत और निर्णायक कदम उठाने की ज़रूरत है।

कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में बिट्टू ने कहा कि पार्टी के अंदर चल रहे विवाद और नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दिए जा रहे बयान इस बात का संकेत हैं कि पार्टी में एकता की कमी है।
अपने भाषण के आखिर में, बिट्टू ने दोहराया कि वह समाज के हर वर्ग का सम्मान करते हैं और उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह अपने शब्दों को और सोच-समझकर चुनेंगे ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।