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पंजाब और पंजाबियों पर टिप्पणियां अस्वीकार्य, इतिहास और कुर्बानियों का सम्मान जरूरी: अशोक पराशर पप्पी

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना से विधायक अशोक पराशर पप्पी ने पंजाब और पंजाबियों को लेकर हाल ही में की गई कथित टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि ऐसे बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि पंजाब के गौरवशाली इतिहास और देश के लिए दिए गए बलिदानों का भी अपमान हैं।

एक बयान जारी करते हुए अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि जिन लोगों ने पंजाब और पंजाबियों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें पंजाब के इतिहास, यहां के लोगों की कुर्बानियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की कोई समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए किसी राज्य और उसके नागरिकों के सम्मान को ठेस पहुंचाना बेहद शर्मनाक है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल या नेता पंजाबियों के इतिहास और उनके बलिदानों का सम्मान नहीं करता, तो उसे पंजाब के लोगों से वोट मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पंजाबियों ने हमेशा देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अग्रणी भूमिका निभाई है और यह इतिहास किसी से छिपा नहीं है।

विधायक ने कहा कि पंजाबी हमेशा हर क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं और भविष्य में भी अपनी मेहनत, साहस और समर्पण के दम पर आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबियों के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्द माफ करने योग्य नहीं हैं और बाद में केवल माफी मांग लेने से ऐसे बयानों की गंभीरता कम नहीं हो जाती।

अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि पंजाब गुरुओं, पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है। यहां के लोगों ने अपनी बहादुरी और बलिदानों से इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि पंजाबी न कभी किसी से डरे हैं और न ही किसी के सामने झुके हैं। जिसने भी पंजाब या पंजाबियों को कम आंकने की कोशिश की है, उसे हमेशा करारा जवाब मिला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें झूठे और भ्रामक प्रचार के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन पंजाब के लोग जागरूक हैं और सच तथा झूठ के बीच अंतर करना अच्छी तरह जानते हैं।

पप्पी ने विश्वास जताया कि पंजाब के लोग आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों में लोकतांत्रिक तरीके से ऐसे बयानों और सोच का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब का सम्मान, गौरव और आत्मसम्मान हर हाल में बरकरार रखा जाएगा और किसी भी कीमत पर इसके साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

पंजाब में 2027 का लक्ष्य तय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बोले- राज्य में खिलेगा कमल

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

Bharatiya Janata Party की पंजाब इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद Keval Singh Dhillon ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब में अपनी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत कर नए राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से काम करेगी।

प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए जाने के तुरंत बाद ढिल्लों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करेगी और आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

76 वर्षीय ढिल्लों ने कहा कि उनका पहला और सबसे बड़ा लक्ष्य पंजाब में भाजपा की सरकार बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य की जनता भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों, युवाओं, व्यापारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर जनाधार बढ़ाने का काम करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब लंबे समय से कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें बेरोजगारी, नशाखोरी, कानून-व्यवस्था और आर्थिक संकट प्रमुख हैं। भाजपा इन मुद्दों का स्थायी समाधान देने के लिए जनता के बीच जाएगी और एक मजबूत राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करेगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, पंजाब में भाजपा के लिए 2027 का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने के बाद भाजपा राज्य में अपने संगठन को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को पार्टी के विस्तार अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

ढिल्लों का राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है और वे पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपने जनाधार को बढ़ाने में सफल होगी।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों का लाभ पार्टी को पंजाब में भी मिलेगा। वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा के इस दावे को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।

पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीतियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा का यह दावा कि 2027 में पंजाब में “कमल खिलेगा”, राज्य की राजनीति में नई बहस और चुनावी चर्चाओं को जन्म दे रहा है।