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NEET UG 2026: NTA ने बढ़ाई फीस रिफंड की तारीख, अब 22 जून तक जमा करें बैंक डिटेल्स

नेशनल डेस्क : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा के पीड़ित अभ्यर्थियों को एक बड़ी राहत दी है। एजेंसी ने नीट परीक्षा फीस रिफंड (Fee Refund) के लिए बैंक खातों की जानकारी जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 22 जून 2026 कर दिया है। इससे पहले बैंक डिटेल्स पोर्टल पर अपलोड करने की आखिरी तारीख 27 मई तय की गई थी।

13 लाख से अधिक आवेदन: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 13 लाख उम्मीदवारों ने फीस वापसी के लिए पंजीकरण करा लिया है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में छात्र डेटा सबमिट नहीं कर पाए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए एजेंसी ने विंडो को एक महीने और खुला रखने का निर्णय लिया है ताकि कोई भी पात्र छात्र वंचित न रहे। छात्र अब 22 जून की रात 11:50 बजे तक अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं।

सावधानी बरतने की सलाह: NTA ने छात्रों को सख्त चेतावनी दी है कि बैंक खाते की जानकारी एक बार सबमिट होने के बाद उसे अंतिम (Final) माना जाएगा और इसमें सुधार का कोई मौका नहीं मिलेगा। छात्रों को सुझाव दिया गया है कि वे अपना अकाउंट नंबर और IFSC कोड ध्यान से भरें और सटीकता के लिए कैंसिल्ड चेक (Cancelled Cheque) की कॉपी भी अपलोड करें। साथ ही, सर्वर क्रैश या तकनीकी खराबी से बचने के लिए आखिरी समय का इंतजार न करने की सलाह दी गई है।

NEET पेपर लीक में CBI का एक्शन, डॉक्टर समेत दो और को किया अरेस्ट, अब तक 13 गिरफ्तार

दिल्ली / सत्ता संदेश

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में लातूर के डॉक्टर डॉ. मनोज शिरुरे भी शामिल हैं। CBI के मुताबिक, डॉ. शिरुरे ने तीन छात्रों को केमिस्ट्री के लीक पेपर दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इनमें एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल बताया गया।

जांच में सामने आया कि पेपर आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से हासिल किए गए थे। वहीं, दूसरा गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है। तेजस पुणे के डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में फिजिक्स का फैकल्टी है। आरोप है कि उसने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से NEET-UG 2026 के लीक फिजिक्स प्रश्न हासिल किए थे।

मनीषा हवलदार को 6 दिन की CBI कस्टडी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीषा हवलदार को छह दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है। वह 30 मई तक कस्टडी में रहेगी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि मनीषा ने फिजिक्स का पेपर लीक कर उसे लोगो को सर्कुलेट किया है। सीबीआई ने कोर्ट से सह-आरोपियों से आमना-सामना कराने और मामले से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान करने के लिए मनीषा की रिमांड मांगी है।

NTA ने अतीत से कोई सबक नहीं लिया- SC

नीट पेपर लीक मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें शीर्ष अदालत ने एनटीए को फटकार लगाई। साथ ही उसे, केंद्र और CBI को नोटिस भी भेजा। कोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एजेंसी ने अतीत से कोई सबक नहीं लिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार, NTA और सीबीआई से इस मामले में जवाब मांगा है. मामले पर अगली सुनवाई 29 मई को होगी।

21 जून को होगा NEET UG री-एग्जाम

NEET UG री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों ने सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है। बता दें कि 3 मई को NEET UG परीक्षा में रद्द कर दिया गया था। अब 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित होगी, 22 लाख कैंडिडेट्स नीट री-एग्जाम में शामिल होंगे।

NEET-UG परीक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को होगा दोबारा एग्जाम

नेशनल डेस्क : मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG परीक्षा की नई तारीख की घोषणा कर दी है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी।

क्यों रद्द हुई थी परीक्षा? बता दें कि इससे पहले NEET-UG की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एग्जाम को रद्द करने का फैसला लिया गया था। अब एजेंसी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दोबारा परीक्षा कराने का शेड्यूल जारी कर दिया है।

नीट पेपर लीक मामला: सीबीआई की ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई राज्यों में छापेमारी और गिरफ्तारियां शुरू

नई दिल्ली/जयपुर: नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की सख्ती के बाद सीबीआई (CBI) ने कमान संभालते ही अपनी जांच तेज कर दी है। शिक्षा मंत्रालय की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी की और महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं।

जमवारामगढ़ से पहली हिरासत: सीबीआई ने अपनी पहली बड़ी कार्रवाई राजस्थान के जमवारामगढ़ में की है, जहां एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस शख्स के दोनों बेटे पेशे से डॉक्टर हैं।नासिक में मेडिकल छात्र गिरफ्तार: जांच एजेंसियों ने महाराष्ट्र के नासिक से डॉ. शुभम खैरनार नाम के एक आरोपी को पकड़ा है। शुभम खुद भोपाल के एक कॉलेज में BAMS (आयुर्वेदिक चिकित्सा) के अंतिम वर्ष का छात्र है, जिससे इस नेटवर्क के गहरे और प्रोफेशनल संबंधों का पता चलता है।

गंभीर धाराओं में केस दर्ज: सीबीआई ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, चोरी और सबूत मिटाने के तहत दर्ज किया है। इसके अलावा, ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024’ और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

परीक्षा की पवित्रता पर सवाल: शिकायत के अनुसार, 3 मई 2026 को आयोजित हुई परीक्षा से पहले ही कुछ दस्तावेजों का अनधिकृत प्रसार किया गया था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इस संबंध में इनपुट मिले थे, जिसके बाद सीबीआई अब दोषियों की पहचान के लिए विशेष टीमें गठित कर जांच कर रही है।