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पंजाब में चालू खरीफ सीजन के लिए यूरिया की कोई किल्लत नहीं; मांग के मुकाबले 10.71 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड उपलब्धता सुनिश्चित

नई दिल्ली / पंजाब / सत्ता संदेश

भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत उर्वरक विभाग ने साफ कहा है कि पंजाब राज्य में चालू खरीफ 2026 सीजन लिए यूरिया की उपलब्धता पूरी तरह बनी हुई है। । सरकार ने देश के अन्नदाताओं को आश्वस्त किया है कि धान की रोपाई की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत आपूर्ति और पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है ।

पंजाब में यूरिया की वर्तमान उपलब्धता

खरीफ 2026 सीजन के लिए पंजाब की कुल आवश्यकता 14.50 लाख मीट्रिक टन (LMT) अनुमानित है । चालू सीजन में 9 जून 2026 तक की आनुपातिक (pro rata) आवश्यकता 9.0 LMT की थी, जिसके मुकाबले उर्वरक विभाग ने राज्य में 10.71 LMT यूरिया की उपलब्धता पहले ही सुनिश्चित कर दी है । इस अवधि के दौरान राज्य में यूरिया की वास्तविक बिक्री 6.25 LMT रही है, जिसके बाद भी वर्तमान में 4.46 LMT का बड़ा क्लोजिंग स्टॉक राज्य के पास उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त, 39,167 मीट्रिक टन यूरिया इस समय रास्ते में (In-transit) है, जिससे राज्य में कुल उपलब्ध स्टॉक की स्थिति 4.85 LMT पहुंच जाती है ।

अमृतसर जिले में उर्वरकों की स्थिति:

अमृतसर जिले में चालू खरीफ सीजन में अब तक कुल 64,720 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से आज की तारीख में 32,956 मीट्रिक टन यूरिया का सुरक्षित स्टॉक जिले में मौजूद है ।

ऐतिहासिक रबी सीजन का रिकॉर्ड:

पिछले रबी 2025-26 सीजन में भी पंजाब की 15.00 LMT की अनुमानित मांग के विपरीत केंद्र सरकार ने 19.43 LMT की रिकॉर्ड उपलब्धता सुनिश्चित की थी, जिसमें कुल बिक्री 15.45 LMT दर्ज की गई थी ।

अग्रिम भंडारण की कारगर रणनीति

खरीफ सीजन के सुचारू संचालन के लिए केंद्र सरकार ने दूरदर्शी रणनीति के तहत काम किया है। इस वर्ष जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच पंजाब की 3.50 LMT की संयुक्त आवश्यकता के मुकाबले 6.08 LMT यूरिया की आपूर्ति पहले ही कर दी गई थी । इस तरह सीजन की शुरुआत से पहले ही 2.58 LMT अतिरिक्त यूरिया का अग्रिम भंडारण (Pre-positioning) सुनिश्चित किया गया था ।

पंजाब में यूरिया की खपत की गति में इस बार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है । 1 मार्च 2026 से 9 जून 2026 के बीच राज्य में 7.86 LMT यूरिया की बिक्री हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की बिक्री (7.10 LMT) से 76 हजार मीट्रिक टन अधिक है । इस भारी अग्रिम उठाव और पिछले रबी में अनुमान से 45,000 मीट्रिक टन अधिक हुई बिक्री के कारण राज्य सरकार के तात्कालिक बफर पर दबाव पड़ा था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लगातार इसकी प्रतिपूर्ति की जा रही है ।

वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियां और भारत की उर्वरक रणनीति

वर्तमान में वैश्विक स्तर पर उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला गंभीर भू-राजनीतिक संकटों से प्रभावित रही है । विशेष रूप से अमेरिका-इजरायल व ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की उपलब्धता और समुद्री परिवहन पर प्रतिकूल असर पड़ा है ।

इन वैश्विक प्रतिकूलताओं के बावजूद, भारत सरकार ने अपने घरेलू कृषि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा है । इसके लिए उर्वरक विभाग ने प्राकृतिक गैस की तत्काल खरीद (Spot Procurement) हेतु ईपीएमसी (EPMC) तंत्र को सक्रिय किया, जिससे घरेलू यूरिया उत्पादन को उल्लेखनीय गति मिली । इसके साथ ही, पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान रणनीतिक रूप से आयात को सुचारू रखा गया, जिससे देश और विशेष रूप से पंजाब राज्य को निर्बाध आपूर्ति मिलती रही ।

राज्यों का दायित्व और प्रवर्तन (Enforcement) के कड़े निर्देश:

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां थोक में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना केंद्र की जिम्मेदारी है, वहीं राज्य के भीतर विभिन्न जिलों और एक जिले से दूसरे जिले में इसका समान और सुचारू वितरण सुनिश्चित करना पूरी तरह राज्य सरकार का दायित्व है ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम कमी न होने पाए ।

सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग रोकने और यह केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे, इसके लिए सचिव (कृषि एवं किसान कल्याण) तथा सचिव (उर्वरक विभाग) की सह-अध्यक्षता में राज्य के उच्चाधिकारियों के साथ निरंतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं । राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि:

रियायती यूरिया को गैर-कृषि या औद्योगिक उपयोग में डायवर्ट करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ।

जमाखोरी और कालाबाजारी में करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तुरंत और कड़े कदम उठाए जाएं ।

वर्तमान में पंजाब में धान की रोपाई पूरी तरह गति पकड़ने वाली है, और राज्य के पास इस मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं । सभी उर्वरक उत्पादक और आयातक कंपनियों को राज्य सरकार की वास्तविक मांग के हिसाब से उपलब्धता का ठीक से प्रबंधन करने की सलाह दी गई है । भारत सरकार राज्य सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है और किसानों के हितों की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रही है ।

कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत राशन किट बांटे
  • कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत राशन किट बांटे
  • सरकारी स्कीमों का फायदा हर लाभार्थी तक पहुंचेगा: तरुणप्रीत सिंह सौंद
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दी गई गारंटी से ज़्यादा जनकल्याण स्कीमें लागू कीं: कैबिनेट मंत्री सौंद

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार की तरफ से ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत खन्ना में लाभार्थी परिवारों को राशन किट बांटी गईं। इस बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास और पंचायत, श्रम, पर्यटन और सांस्कृतिक मामले और बिजली मंत्री, पंजाब तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए शुरू की गई यह स्कीम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत आज खन्ना के ललहेड़ी रोड पर विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को राशन किट बांटी गईं। आम लोगों की सरकार हर कदम पर लोगों के साथ खड़ी है और लोगों की भलाई के ये काम इसी तरह जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर ज़रूरतमंद परिवार तक पहुंचने के लिए हमेशा कमिटेड है।

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनावों के दौरान दी गई गारंटी से आगे बढ़कर लोगों के हक की स्कीमें लागू करके आम लोगों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मकसद समाज के हर वर्ग तक सरकारी स्कीमों का फायदा पहुंचाना है और इसके लिए ज़मीनी स्तर पर असरदार तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी रसोई स्कीम की मदद से ज़रूरतमंद परिवारों के किचन का खर्च कम किया जाएगा और ज़रूरतमंद लोगों को पौष्टिक खाना दिया जाएगा।

चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने युवाओं को स्पोर्ट्स किट बांटी

लुधियाना / सत्ता संदेश

पनग्रेन के चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने ग्रामीण इलाकों के युवाओं को स्पोर्ट्स के प्रति प्रोत्साहित करते हुए हल्का दाखा के गांव हंस कलां, तलवंडी खुर्द और कोठे हंस के युवा खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट बांटी।

चेयरमैन गिल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य को स्पोर्ट्स के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसके तहत युवाओं को स्पोर्ट्स किट बांटी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इस मिशन का मकसद राज्य के युवाओं को स्पोर्ट्स के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी असीमित ऊर्जा को सही दिशा में लगाना है ताकि हमारे युवा समाज और देश के हित में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि ये स्पोर्ट्स किट ग्रामीण इलाकों में स्पोर्ट्स और अन्य सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा कि AAP की पंजाब सरकार हमेशा से स्पोर्ट्स का स्टैंडर्ड बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में पंजाब स्पोर्ट्स के क्षेत्र में लीडिंग रोल निभाएगा। उन्होंने कहा कि किट बांटना स्पोर्ट्स में ज़मीनी लेवल पर क्रांति लाने में एक कैटलिस्ट साबित होगा और आने वाले समय में, दूसरे कई गांवों के युवाओं को भी स्पोर्ट्स किट दी जाएंगी।

चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने किट बांटने के समारोह में शामिल पूरी टीम की तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने स्पोर्ट्स को फिर से ज़िंदा करने के मकसद से एक बड़े मूवमेंट की नींव रखी है।

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने विकास कार्यों का लिया जायजा
  • कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने विकास के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया
  • मंत्री मुंडियन ने अधिकारियों को विकास प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में तेज़ी लाने का निर्देश दिया
  • लुधियाना-राहोन रोड प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के आदेश, सीवेज की समस्या का भी समाधान किया जाए
  • मानसून से पहले सतलुज के किनारों पर बाढ़ से बचाव के काम पूरे करने के आदेश
  • विकास के कामों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अधिकारियों को रेगुलर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए

लुधियाना / सत्ता संदेश

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने मंगलवार को लुधियाना जिले में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को विकास के कामों की रफ़्तार तेज़ करने का निर्देश दिए ताकि लोगों के फ़ायदे के लिए प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो सकें।

रिव्यू मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, GLADA के चीफ़ एडमिनिस्ट्रेटर ओजस्वी अलंकार, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (रूरल डेवलपमेंट) डॉ. नरिंदर सिंह धालीवाल, सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट (लुधियाना ईस्ट) जसलीन कौर भुल्लर और अलग-अलग डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी मौजूद थे। हरदीप सिंह मुंडियन ने लुधियाना-राहोन रोड पर चल रहे काम का रिव्यू किया और PWD अधिकारियों को प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राहों रोड पर सीवेज का पानी जमा होने की समस्या को भी जल्द ही हल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलाके में पानी की निकासी को बेहतर बनाने और पानी के जमाव को रोकने के लिए सीवरेज सिस्टम की सफाई के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे।

अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि राहों रोड पर जानवरों के आने-जाने के लिए अंडरपाथ का काम पूरा हो गया है, जबकि अप्रोच रोड का निर्माण अपने आखिरी स्टेज में है। सड़क को चौड़ा करने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को आसान बनाने के लिए बिजली के खंभे बदलने का काम भी जल्द ही शुरू होगा।

कैबिनेट मंत्री ने सतलुज नदी के पास बसे गांवों में बाढ़ से बचाव के कामों की प्रगति का भी रिव्यू किया। उन्होंने संबंधित विभागों को बिना किसी देरी के तटबंधों को मजबूत करने और दूसरे सुरक्षा उपायों को पूरा करने का निर्देश दिया, खासकर आने वाले मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए।

सड़कों और बाढ़ से बचाव के अलावा, हरदीप सिंह मुंडियन ने अपने चुनाव क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी विस्तार से चर्चा की। इसमें आने वाले आम आदमी क्लीनिक का स्टेटस, सरकारी स्कूलों का अपग्रेडेशन, जिम और कम्युनिटी हॉल का कंस्ट्रक्शन, PSPCL से जुड़े मामले, सड़कें, नालियां और पानी सप्लाई सिस्टम, GLADA के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स वगैरह शामिल थे।

मंत्री मुंडियन ने इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक सर्विसेज़ को मज़बूत करने के लिए पंजाब सरकार के कमिटमेंट को दोहराया। उन्होंने ज़ोर दिया कि सभी डिपार्टमेंट्स को कोऑर्डिनेशन से काम करना चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि डेवलपमेंट के काम तय टाइम फ्रेम में पूरे हों। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स में देरी का सीधा असर नागरिकों पर पड़ता है। मंत्री ने सभी अधिकारियों को डेवलपमेंट के कामों में तेज़ी बनाए रखने और प्रोजेक्ट्स को टाइम बाउंड तरीके से पूरा करने का भी निर्देश दिया।

असल में लागू करने के लिए, मंत्री ने डिपार्टमेंट्स को रेगुलर प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करने और बार-बार साइट इंस्पेक्शन करने का निर्देश दिया। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए ट्रांसपेरेंट मॉनिटरिंग और इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन ज़रूरी है।

कैबिनेट मंत्री ने लुधियाना में नई सब तहसील कॉम्पलेक्स का किया उद्घाटन

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के माल, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने मंगलवार को लुधियाणा (उत्तरी) में नवनिर्मित सब-तहसील कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया। यह सब-तहसील 38 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई है।

पंजाब सरकार ने इस नई सब-तहसील का प्रभार नायब तहसीलदार जगसीर सिंह को सौंपा है। नायब तहसीलदार जगसीर सिंह ने आज माल मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां की मौजूदगी में चार्ज संभाल लिया।

विस्तार से जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के भले के लिए हर एक पैसा खर्च करने के प्रति प्रतिबद्ध है और आज लुधियाणा (उत्तरी) को दिया गया यह तोहफा भी इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि लुधियाणा (उत्तरी) सब-तहसील कॉम्प्लेक्स में सब-रजिस्ट्रार का दफ्तर, रजिस्ट्री रूम, रीडर रूम, फर्द रूम, जनता के बैठने के लिए हॉल, कैंटीन, जनरेटर रूम और बाथरूम बनाए गए हैं ताकि रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज के लिए आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

माल मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन अपने कामकाज के लिए इस सब-तहसील दफ्तर में आएंगे, इसलिए उनकी सुविधा के लिए यह कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी ऐसे जनहित के कार्यों पर ध्यान नहीं दिया। नए कॉम्प्लेक्स और कमरों से स्टाफ को उचित माहौल मिलेगा, जिससे वे बिना किसी खिजल-खुजली के लोगों के कामों को प्राथमिकता देंगे।

लुधियाणा उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी कोशिशों के कारण ही यह सब-तहसील बनी है। उन्होंने कहा कि लुधियाणा उत्तरी हलके के लोगों की लंबे समय से यह मांग थी कि यहां सब-तहसील बने, क्योंकि रजिस्ट्रियां कराने के लिए उन्हें बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। अब इस सब-तहसील के बन जाने से हलके के लोगों को अपने काम कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

लुधियाणा के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि लुधियाणा (उत्तरी) सब-तहसील स्थानीय लोगों की मुख्य मांग को देखते हुए पंजाब सरकार द्वारा बनाई गई है। पहले यहां के लोगों को रजिस्ट्रियां कराने के लिए दूर ट्रांसपोर्ट नगर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी मुश्किल होती थी।

इस सब-तहसील में जरूरी स्टाफ नियुक्त कर दिया गया है। फर्नीचर, पब्लिक एरिया में एयर कंडीशनर, पानी की सुविधा, वेटिंग एरिया और अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ईजी रजिस्ट्री का स्टाफ, कंप्यूटर और कैमरे भी लगा दिए गए हैं। सब-तहसील पूरी तरह तैयार है और आज से ही यहां काम शुरू हो जाएगा।

इस अवसर पर विधायक अशोक पराशर पप्पी, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, लुधियाणा निगम कमिश्नर नीरू कत्याल गुप्ता, माल विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी टी. बैनिथ, एसडीएम (लुधियाणा पूर्वी) जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम (लुधियाणा पश्चिमी) कुलदीप बावा, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, जिला योजना बोर्ड लुधियाणा के चेयरमैन जतिंदर सिंह खंगूरा सहित बड़ी संख्या में पार्षद और क्षेत्रीय निवासी मौजूद रहे।

CM मान को ISI एजेंट कहना पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: हरपाल चीमा

पंजाब सरकार से बातचीत के बाद सफाई कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल : हरपाल चीमा

भगवंत मान सरकार सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को एक महीने के अंदर हल करने के लिए बनाएगी कमेटी: हरपाल चीमा

मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहना 3 करोड़ पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: चीमा

अरूसा आलम को लेकर बार-बार लगे आरोपों के बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के दौरान भाजपा नेता चुप रहे: हरपाल सिंह चीमा

भाजपा सरकार देश में असहमति की आवाजों को दबाने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिश कर रही है: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब भर की विभिन्न शहरी स्थानीय इकाइयों, नगर परिषदों, नगर समितियों और नगर पंचायतों के सफाई कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद अपनी चल रही हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है।

गुरुवार को सफाई कर्मचारियों की यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ चंडीगढ़ में बैठक के बाद लुधियाना में मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कर्मचारियों की 35 सदस्यीय कमेटी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मेरे साथ कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने साझा किया कि बातचीत के दौरान कई मांगों का समाधान कर लिया गया, जबकि कानूनी और चुनाव आचार संहिता से संबंधित कुछ मुद्दों पर आगे प्रक्रियागत विचार-विमर्श की जरूरत है। सरकार और यूनियन के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से एक कमेटी बनाने का फैसला किया है जो सभी लंबित मांगों की जांच करेगी और एक स्थायी तथा व्यावहारिक समाधान के लिए काम करेगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने बाकी बचे मुद्दों पर सहानुभूति से विचार करने और उन्हें हल करने के लिए एक महीने की समय-सीमा तय की है। पिछले दो-तीन दिनों के दौरान हुई विस्तृत चर्चा के बाद, सभी यूनियनें सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीर और योजनाबद्ध तरीके से हल करने के लिए समय देने पर सहमत हो गई हैं।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहने के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने इस बयान की सख्त निंदा की और इसे पंजाब के लोगों और उनके जनादेश का अपमान करार दिया।

उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मुख्यमंत्री का बल्कि समूचे 3 करोड़ पंजाबियों का अपमान है। भाजपा ने हमेशा ही पंजाब विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान जब तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अरूसा आलम की मौजूदगी को लेकर बार-बार आरोप लग रहे थे, तब भाजपा नेता चुप क्यों रहे?

हरपाल सिंह चीमा ने पूछा कि यदि रवनीत सिंह बिट्टू और सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की सचमुच चिंता थी तो उन्होंने उस समय सवाल क्यों नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अब राजनीतिक फायदे के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बारे में मीडिया के एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान हर नागरिक को राजनीतिक पार्टी बनाने और अपने विचार खुलकर व्यक्त करने का अधिकार देता है। यदि युवा, विद्यार्थी या सामाजिक समूह समाज से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, तो उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए या उनका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने और लोकतांत्रिक राजनीति में हिस्सा लेने का संवैधानिक अधिकार है। आवाजों को दबाना और लोगों पर गलत तरीके से लेबल लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार के राज में देश में असहमति की आवाजों को खामोश करने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिशें की जा रही हैं।

पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता से विपक्ष बौखलाया – विधायक सरबजीत कौर माणूंके
  • छवि खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं झूठी अफवाहें

जगराओं / सत्ता संदेश

विधानसभा हलका जगराओं से विधायक सरबजीत कौर माणूंके द्वारा पिछले दिनों उनके पति के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई।

विधायक माणूंके ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता के बाद बौखला गई हैं, जिसके चलते अब वे ओछी हरकतों पर उतर आई हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा प्रचार किया गया कि “मेरे पति द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में नामांकन पत्र दाखिल किया गया, जिसे चुनाव अधिकारियों ने रद्द कर दिया”, जबकि यह सच्चाई से कोसों दूर है।

विधायक माणूंके ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किया गया एक-एक वादा पूरा किया है। इनमें नहरी पानी को टेलों तक पहुंचाना, 90 प्रतिशत लोगों को मुफ्त बिजली की सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, 45,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण, 100 साल पुराने अखाड़े वाले पुल का निर्माण जो लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, तथा अन्य अनेक विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विपक्ष के पास अब मेरी आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है और आगामी चुनावों में भी जनता इन्हें करारा जवाब देगी।

पंजाब राज्य व्यापारी आयोग की शिकायत निवारण बैठक में प्रमुख मुद्दों का समाधान

लुधियाना/ सत्ता संदेश

शिकायत निवारण अभियान के अंतर्गत बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) पूनम सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई।

पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) के तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यापारियों द्वारा उठाई गई लंबित शिकायतों की समीक्षा और समाधान के लिए भाग लिया।

बैठक के दौरान, अधिकारियों ने बिजली अवसंरचना, जल आपूर्ति, शहरी विकास, कानून व्यवस्था और अन्य व्यापार संबंधी मुद्दों से संबंधित शिकायतों पर निर्णायक कार्रवाई की। कई लंबे समय से लंबित शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि चल रहे कार्यों के लिए स्पष्ट समयसीमा जारी की गई। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया कि जहां भी प्रगति रुकी हो, मामलों को आगे बढ़ाया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ प्रशासनिक स्तरों पर अनुवर्ती बैठकें निर्धारित की गई हैं ताकि प्राथमिकता वाले मुद्दों की निरंतर निगरानी और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

पंजाब भर में पारदर्शी और समयबद्ध शिकायत निवारण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, पीएसटीसी ने कहा कि बैठक जिला प्रशासन के शिकायतों और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई के बीच के अंतर को पाटने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।

मजीठा नगर कौंसिल चुनावों में धक्केशाही के आरोप, कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेसी उम्मीदवारों के नामांकन जबरन वापस करवाने के आरोप

कांग्रेस नेता भगवंत सिंह सचर ने अदालत जाने की चेतावनी दी

मजीठा चुनावों में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है : भगवंत सिंह सचर

अमृतसर के हल्का मजीठा में हो रहे नगर कौंसिल चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार के दबाव में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन रद्द और वापस करवाए जा रहे हैं ताकि एकतरफा चुनाव करवाए जा सकें।

इस संबंध में देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अमृतसर देहाती प्रधान और हल्का मजीठा के इंचार्ज भगवंत सिंह सचर ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 13 से कांग्रेसी उम्मीदवार अमरजीत कौर और वार्ड नंबर 6 से उम्मीदवार अमनदीप सिंह समेत अन्य उम्मीदवारों पर पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा दबाव बनाया गया।

उन्होंने कहा कि सुबह स्थानीय पुलिस कर्मचारी उम्मीदवारों के घर पहुंचे और उन्हें धमकाया गया कि यदि नामांकन वापस नहीं लिया गया तो उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कर दिए जाएंगे। सचर ने बताया कि एक उम्मीदवार का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।

भगवंत सिंह सचर ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों ने न तो कोई नामांकन वापस लिया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, इसके बावजूद उनके नाम वापस लिए गए उम्मीदवारों की सूची में दिखा दिए गए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के पास अब भी वे पर्चियां मौजूद हैं जो नामांकन वापसी के समय तहसीलदार कार्यालय में जमा करवाई जाती हैं, जिससे साबित होता है कि नामांकन कानूनी तरीके से वापस नहीं लिए गए।

कांग्रेसी नेता ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब इस मामले में एसडीएम और तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अन्य हलकों में भी बड़ी संख्या में नामांकन रद्द हुए हैं, जबकि मजीठा में केवल कुछ ही मामले हैं। सचर ने कहा कि यह तर्क गलत है और लोकतंत्र की हत्या के बराबर है।

उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और चुनाव आयोग के पास भी शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में विपक्षी पार्टियों को दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर उन उम्मीदवारों ने भी अपना पक्ष रखा जिनके नामांकन रद्द किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी दिए उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई और न ही उन्होंने किसी प्रकार के दस्तखत किए हैं। उम्मीदवारों ने इंसाफ की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

बाइट : भगवंत सिंह सचर, पूर्व प्रधान PPCC अमृतसर देहाती / इंचार्ज हल्का मजीठा

बाइट : अमनदीप सिंह, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 6

बाइट : अमरजीत कौर का बेटा, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 13

Punjab Government ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए घोषित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत सोमवार को CT University में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और दर्शन को समर्पित एक विशेष सेमिनार आयोजित किया।

लुधियान /सत्ता संदेश

सेमिनार को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने युवाओं से आह्वान किया कि वे श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपनाकर समाज से सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को समाप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समानता, सार्वभौमिक भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था, लेकिन आज भी शिक्षा और अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता बनी हुई है।

आर्थिक असमानता का उल्लेख करते हुए सिसोदिया ने कहा कि भारत की 140 करोड़ आबादी में से करीब 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 1.5 करोड़ लोगों के पास केंद्रित है, जबकि देश की 50 प्रतिशत आबादी के पास केवल 6 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को “पूरी तरह जर्जर” बताते हुए युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे असमानता और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं और श्री गुरु रविदास जी के सपनों के समानतावादी समाज के निर्माण में योगदान दें, जहां किसी प्रकार का सामाजिक विभाजन या अन्याय न हो।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि Punjab Government मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरे वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि गुरु साहिब के संदेश और दर्शन का प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि हर पंजाबी को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर युवाओं के लिए मिस्ड कॉल अभियान (9090029090) भी शुरू किया गया।

इस दौरान पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं और दर्शन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के आदर्शों के अनुरूप समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

संत केवल सिंह ने भी युवाओं से गुरु जी की शिक्षाओं को अपनाने की अपील की और कहा कि 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और समान अवसर के संदेश को सभी को अपने जीवन में लागू करना चाहिए।

इस अवसर पर CT University के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एसडीएम वेस्ट कुलदीप बावा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।