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19 सितंबर को माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी नशा मुक्त पंजाब यात्रा, दशहरा मैदान में बड़ी रैली

बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू होकर माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी। दशहरा मैदान में रैली आयोजित होगी, रेखा गुप्ता भी होंगी शामिल।

माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसबीर सिंह अलबेला

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बीजेपी की ओर से निकाली जा रही ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी। यात्रा में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल होंगी और इसके बाद यह माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी।

माछीवाड़ा साहिब के दशहरा मैदान में यात्रा के स्वागत के मौके पर बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली की तैयारियों को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता नीशू शर्मा ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ तैयारियों का जायजा लिया।

नीशू शर्मा के अनुसार, यात्रा 19 सितंबर को दोपहर करीब 2 बजे माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी। इससे पहले यात्रा में शामिल बीजेपी के वरिष्ठ नेता ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री चरण कंवल साहिब में नतमस्तक होंगे।

उन्होंने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से क्षेत्र के गांवों में बैठकें की जा रही हैं। इसके साथ ही लोगों से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

बीजेपी नेता के मुताबिक, हलका समराला में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत माछीवाड़ा साहिब, समराला और गांव चहलां में तीन रैलियां आयोजित की जाएंगी।

नीशू शर्मा ने पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार नशे की समस्या को खत्म करने में सफल नहीं रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की यात्रा का उद्देश्य नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।

बीजेपी ने राज्य में नशे के खिलाफ चार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राओं’ का कार्यक्रम घोषित किया है। पार्टी के अनुसार, ये यात्राएं अलग-अलग मार्गों से होकर पंजाब के विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी।


“दिल्ली को मिली 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों की सौगात, विश्व पर्यावरण दिवस पर हरित पहलों का आगाज़”

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली में 18 ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान तहत कई पर्यावरण संबंधी पहलों की शुरुआत की गई। मैदनगढ़ी स्थित नमो ऑक्सीजन पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी हरियाली को बढ़ाने, वायु गुणवत्ता सुधारने और समुदाय की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान समय में मानवता के समक्ष जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और भूमि क्षरण जैसी तीन बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत ने सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि के मामले में विश्व भर में अग्रणी बनने, पीएम सूर्य घर योजना का कार्यान्वयन, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना, अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) का शुभारंभ, रामसर आर्द्रभूमि स्थलों का विस्तार और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने जैसी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए श्री यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सहयोग से, सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और औद्योगिक प्रदूषण सहित वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों से निपटने के लिए कई कदम उठा रही है। इनमें ऑनलाइन निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) की स्थापना, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (एपीसीडी) की तैनाती, सड़कों की मशीनीकृत गहन सफाई और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना शामिल हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए हरित क्षेत्र बढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष पूरे शहर में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान के साथ-साथ वृक्षारोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण के लिए भी सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है।