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शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी: वॉर के डर पर भारी पड़ी इंडिया-US ट्रेड डील की खबर, सेंसेक्स 79,000 के पार

बिजनेस डेस्क : मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त रौनक देखने को मिली। इंडिया-यूएस ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर आए एक सकारात्मक अपडेट ने बाजार में उत्साह भर दिया, जिससे युद्ध का खौफ पीछे छूट गया।

सेंसेक्स और निफ्टी में रॉकेट जैसी रफ्तार : मंगलवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगाकर 79,032 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 150 अंकों की बढ़त के साथ 24,500 के आंकड़े को पार कर गया।

तेजी के पीछे की मुख्य वजह: बाजार में इस “मंगलकारी” तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका से आई ट्रेड डील की खबर है। 20 अप्रैल 2026 से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के नए दौर की चर्चा शुरू हुई है। मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में भारतीय अधिकारियों का एक दल टैरिफ (Tariff) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों का 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना भी बाजार के लिए राहत भरा साबित हुआ।

इन शेयरों में रही हलचल: शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Adani Ports और IndiGo जैसे बड़े शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई। लार्जकैप कैटेगरी में Asian Paints और Axis Bank करीब 2% की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। मिडकैप में AU Bank (4%), Godrej Properties (2.50%) और Suzlon जैसे शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।

NASA को मंगल ग्रह पर जीवन के सबूत मिले: पुराने बीच का पता चला

साइंस डेस्क: NASA के पर्सिवियरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर एक ऐतिहासिक खोज की है और उसे एक पुराने बीच के पक्के सबूत मिले हैं। इस खोज से पता चलता है कि लाल ग्रह पर कभी पानी था और वहां जीवन के लिए सही हालात थे।

3.5 अरब साल पहले एक बहुत बड़ी झील थी: साइंटिस्ट्स के मुताबिक, इस खोज से पता चलता है कि करीब 3.5 अरब साल पहले मंगल ग्रह पर जेज़ेरो क्रेटर में एक बहुत बड़ी झील थी। इंपीरियल कॉलेज लंदन के साइंटिस्ट्स की लीडरशिप में हुई इस स्टडी में हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेज को एनालाइज़ किया गया। रिसर्चर्स को ‘मार्जिन यूनिट’ नाम के एरिया में लहरों और पानी से बदले पत्थरों के टकराने से बने निशान मिले हैं।

जीवन की संभावना पर एक्सपर्ट्स की राय: प्रोफेसर संजीव गुप्ता और रिसर्चर एलेक्स जोन्स के मुताबिक, धरती पर समुद्र के तल रहने लायक माहौल हैं और ऐसी खोज से मंगल ग्रह के पुराने मौसम के बारे में ज़रूरी जानकारी मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पानी लंबे समय से सतह के नीचे घूम रहा होगा, जो माइक्रोबियल जीवन को सपोर्ट करने के लिए काफी था।

भविष्य की योजनाएँ: पर्सिवियरेंस रोवर 2021 से इस क्षेत्र की जाँच कर रहा है। इसने चट्टानों के मुख्य नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें भविष्य में विस्तृत जाँच के लिए पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा।