नाइलिट रोपड़ ने युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए “रोज़गार मेला 2026” का आयोजन किया।
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) जो कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी है, द्वारा 13 मार्च 2026 को रोपड़ स्थित अपने परिसर में सफलतापूर्वक “रोज़गार मेला 2026” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंजाब के युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करना था, जिसके तहत प्रतिष्ठित कंपनियों और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को एक साझा मंच प्रदान किया गया।
नाइलिट रोपड़ के कार्यकारी निदेशक श्री दीपक वासन द्वारा रोज़गार मेले का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम को श्री प्रभजोत सिंह ज़िला रोज़गार सृजन एवं प्रशिक्षण अधिकारी (DEGTO), सुश्री मीनाक्षी बेदी प्लेसमेंट अधिकारी, रोपड़ और श्री संदीप कुमार उप-क्षेत्रीय रोज़गार अधिकारी, DGE, जालंधर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से सम्मानित किया। श्री वासन ने इस कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए मेगा रोज़गार मेले के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसी पहल पंजाब के युवाओं को उद्योग जगत से जुड़ने और उपयुक्त रोज़गार प्राप्त करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है।
विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई कंपनियों ने रोज़गार मेले में भाग लिया और उपलब्ध पदों के लिए नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के साथ बातचीत की। इस कार्यक्रम में छात्रों, नए स्नातकों और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, उन्होंने अपने रिज़्यूम जमा करवाए और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे तौर पर बातचीत की।
इस कार्यक्रम में 23 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और विभिन्न तकनीकी और पेशेवर पृष्ठभूमि से संबंधित 500 उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए गए। रोज़गार मेले के दौरान, कई उम्मीदवारों को मूल्यवान करियर मार्गदर्शन और रोज़गार के अवसर प्राप्त हुए। विशेष रूप से 300 से अधिक उम्मीदवारों को मौके पर ही शॉर्टलिस्ट किया गया एवं नियुक्ति पत्र जारी किए गए, जिससे यह आयोजन युवाओं को रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अत्यंत सफल रहा।
यह पहल कौशल विकास, रोज़गार क्षमता बढ़ाने और युवाओं के लिए रोज़गार अवसरों को बढ़ावा देने की सरकार की परिकल्पना को साकार करने में नाइलिट की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह रोज़गार मेला कुशल उम्मीदवारों और उद्योगों की आवश्यकताओं के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा मे एक महत्त्वपूर्ण कदम रहा।

