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एनएचएआई ‘परियोजना सक्षम’ के माध्यम से महिला-केंद्रित कौशल विकास को बढावा दे रहा है

दिल्ली /सत्ता संदेश

समावेशी विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), वर्टिस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में ‘परियोजना सक्षम’ के माध्यम से सार्थक सामाजिक प्रभाव पैदा कर रहा है। यह पहल स्थायी आजीविका के अवसरों के लिए संरचित कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। कौशल प्रशिक्षण से परे इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक वित्तीय आत्‍मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए मार्ग तैयार करना भी है।

‘परियोजना सक्षम’ देशभर में फैले 12 प्रशिक्षण केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से संचालिता होता है, जो वंचित समुदायों को उद्योग-प्रासांगिक कौशल और औपचारिक कार्यबल में शामिल होने के अवसर प्रदान करता हैं। अब तक इस पहल ने 6,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 4,000 से अधिक को विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक रोजगार मिला है। लाभार्थी औसतन 13,000 से 16,000 रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं, जो कई राज्यों में प्रवेश स्तर के वेतन मानकों से अधिक है। गौर तलब है कि 80 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं, जो जेंडर-आधारित सशक्तिकरण पर कार्यक्रम के मजबूत जोर को रेखांकित करता है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के समावेशी बुनियादी ढांचा विकास के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप, ‘सक्षम परियोजना’ इस विश्वास पर आधारित है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बसे समुदायों, विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को, बुनियादी ढांचे के विस्तार से उत्पन्न आर्थिक अवसरों का सीधा लाभ मिलना चाहिए। यह पहल उन समुदायों के लिए कौशल, रोजगार और वित्तीय आत्‍मनिर्भरता तक पहुंच को सक्षम बनाकर इस अंतर को पाटने का प्रयास करती है, जो इससे जुड़े तो हैं, लेकिन अक्सर बुनियादी ढांचे के विस्तार के आसपास की आर्थिक गति से बाहर रह जाते हैं।

‘परियोजना सक्षम’ अपनी जमीनी सहभागिता मॉडल के कारण विशिष्‍ट पहचान रखता है। इसकी फील्ड टीमें ग्रामीण समुदायों के भीतर परिवारों के साथ निकटता से कार्य करती है, ताकि विश्‍वास कायम किया जा सकें, सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं को दूर किया जा सकें तथा महिलाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसरों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किेया जा सके-कई मामलों में यह उनके लिए पहली बार होता है। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक कौशलों में प्रशिक्षित किया जाता है, जिनमें बिजली का काम, प्लंबिंग, उपकरण मरम्मत, सिलाई, जनरल ड्यूटी असिस्‍टेंट नर्सिंग और बहु-कुशल तकनीशियन प्रशिक्षण शामिल हैं।इन कार्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि लाभार्थियों को व्यावहारिक, बाजार-उन्‍मुख क्षमताएं प्राप्‍त हों, जिससे उनकी रोजगार योग्‍यता बढे। अनेक प्रतिभागियों के लिए यह पहल एक परिवर्तनकारी यात्रा सिद्ध हुई है, जिसने उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने तथा अपने और अपने समुदायों के लिए नई आकांक्षाएं निर्धारित करने में सक्षम बनाया है।

यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि एनएचएआई अवसंरचना विकास को केवल बेहतर कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसके माध्‍यम से समावेशी विकास के अवसर भी सुनिश्चित करना चाहता है, जिससे देश भर में अधिक और सशक्‍त समुदायों के निर्माण में योगदान मिल सके।

चंडीगढ़ के युवाओं को पीएम इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन करने का आमंत्रण, मिलेगी आर्थिक सहायता

चंडीगढ़ /सत्ता संदेश

प्रतिष्ठित *प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना* के अंतर्गत 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण युवाओं के लिए विभिन्न इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध हैं।

श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, MY Bharat, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि पात्र युवा MY Bharat पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत कर प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना हेतु आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि चंडीगढ़ में वर्तमान में विभिन्न इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध हैं तथा चयनित अभ्यर्थियों को इंटर्नशिप अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹9,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इच्छुक युवा निम्न वेबसाइट पर पंजीकरण एवं आवेदन कर सकते हैं:

http://www.mybharat.gov.in

आवेदन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी हेतु युवा जिला युवा अधिकारी से मोबाइल नंबर *9805832503* पर संपर्क कर सकते हैं अथवा MY Bharat कार्यालय, आरजीएनआईवाईडी भवन, PEC कैंपस, गेट नंबर 1, सेक्टर 12, चंडीगढ़ में संपर्क कर सकते हैं।

लुधियाना के एनएसटीआई में सौर ऊर्जा उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

लुधियाना/सत्ता संदेश

राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान लुधियाना में 16 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक नौ दिवसीय सौर ऊर्जा उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम का आयोजन कर्नल अजय कोहली, कमांडिंग ऑफिसर, 3 पंजाब बटालियन एनसीसी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल जेपी शर्मा और सूबेदार मेजर करनैल सिंह के सक्रिय सहयोग से किया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडेटों और स्थानीय युवाओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों, स्थापना, रखरखाव और व्यावसायिक मॉडलों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान और उद्यमिता कौशल प्रदान करना था। इस पहल का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत स्वरोजगार के अवसर पैदा करना था।

इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। व्यावहारिक सत्र, उद्योग से संबंधित संवाद और परियोजना आधारित शिक्षण प्रशिक्षण के मुख्य घटक थे।
कार्यक्रम के सफल समापन के अवसर पर कर्नल अजय कोहली ने कहा, “यह पहल हमारे युवाओं को हरित ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए सशक्त बनाती है। एनसीसी कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध है।” प्रशिक्षण का समापन 24 अप्रैल 2026 को सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ।
लुधियाना NCC: 100% रिजल्ट के साथ JW कैडेट्स को ‘A’ सर्टिफिकेट वितरित, प्रशिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन कैडर शुरू

राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की 3 पंजाब गर्ल्स बटालियन, लुधियाना द्वा    रा जूनियर विंग (JW) कैडेट्स के लिए एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें NCC ‘A’ सर्टिफिकेट सफलतापूर्वक प्राप्त करने वाली कैडेट्स को औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर बटालियन के अधिकारियों, प्रशिक्षकों और कैडेट्स की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि NCC ‘A’ सर्टिफिकेट परीक्षा का परिणाम 100 प्रतिशत रहा। यह न केवल कैडेट्स की कड़ी मेहनत और अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि प्रशिक्षकों के समर्पण, मार्गदर्शन और प्रभावी प्रशिक्षण प्रणाली का भी प्रमाण है। अधिकारियों ने इस सफलता को टीमवर्क, नियमित अभ्यास और सकारात्मक वातावरण का परिणाम बताया।

इस मौके पर कैडेट्स के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। कई कैडेट्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि NCC प्रशिक्षण ने उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित की है। उन्होंने कहा कि यह सर्टिफिकेट उनके भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

इसके साथ ही, बटालियन द्वारा 21 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक एक विशेष ओरिएंटेशन कैडर का भी आयोजन किया गया। इस कैडर का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षकों को NCC जूनियर विंग के सिलेबस में हुए नवीनतम बदलावों से अवगत कराना और उनके प्रशिक्षण कौशल को और अधिक सशक्त बनाना था। इस पहल के माध्यम से प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।

ओरिएंटेशन कैडर के दौरान प्रशिक्षकों को विभिन्न महत्वपूर्ण और समकालीन विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इनमें साइबर सुरक्षा, अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जीवन कौशल, नैतिक एवं आचारिक मूल्य जैसे विषय प्रमुख रहे। विशेषज्ञों द्वारा इन विषयों पर व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रशिक्षकों को अद्यतन जानकारी प्राप्त हुई और वे इसे कैडेट्स तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें।

विशेष रूप से साइबर सुरक्षा पर दिए गए प्रशिक्षण ने डिजिटल युग में बढ़ते खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं अग्निवीर भर्ती से संबंधित जानकारी ने कैडेट्स और प्रशिक्षकों दोनों को भारतीय सशस्त्र बलों में करियर के नए अवसरों के बारे में जागरूक किया। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर सत्रों ने व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया।

जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों पर आधारित प्रशिक्षण ने कैडेट्स के समग्र व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया। इन सत्रों में अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशिक्षकों ने इस कैडर को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर 3 पंजाब गर्ल्स बटालियन NCC, लुधियाना के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर.एस. चौहान ने कैडेट्स और प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि NCC न केवल युवाओं को अनुशासित बनाता है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी तैयार करता है।

कर्नल चौहान ने यह भी कहा कि 100 प्रतिशत परिणाम हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है, जो बटालियन के उच्च प्रशिक्षण मानकों को दर्शाता है। उन्होंने प्रशिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इसी तरह कैडेट्स को मार्गदर्शन देते रहें और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करें।

इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण ढांचे को और अधिक मजबूत बनाना तथा प्रशिक्षकों को आधुनिक और प्रभावी तरीकों से कैडेट्स को प्रशिक्षित करने के लिए सक्षम बनाना था। यह पहल न केवल वर्तमान कैडेट्स के लिए लाभकारी रही, बल्कि भविष्य में भी NCC की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

दिल्ली \ सत्ता संदेश

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों (2022 और 2023 बैच) और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों (2021, 2022, 2023 और 2024 बैच) ने आज (20 अप्रैल, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने इन अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश के विकास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सार्वजनिक सेवा में शामिल हुए हैं। राष्ट्र एक विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारतीय रेलवे और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के युवा अधिकारी होने के नाते, वे ऐसी भूमिकाओं में कदम रख रहे हैं जो लाखों नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके निर्णय और कार्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता पर सीधा और दीर्घकालिक प्रभाव डालेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि बुनियादी ढांचा ही आधुनिक राष्ट्रों की नींव है। रेल और राजमार्ग केवल परिवहन के साधन नहीं हैं; वे आर्थिक विस्तार, सामाजिक समावेशन और राष्ट्रीय एकता के उपकरण हैं। जब कोई रेल किसी दूरदराज के गांव तक पहुंचती है या कोई राजमार्ग किसी दूरस्थ क्षेत्र से जुड़ता है, तो इससे उन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के अपार अवसर खुल जाते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा लॉजिस्टिक्स लागत को कम करता है, व्यापार को बढ़ावा देता है, निवेश आकर्षित करता है और उत्पादकता बढ़ाता है। यह क्षेत्रों और लोगों को करीब लाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि केवल आंकड़े ही सफलता का पैमाना नहीं होते। उनके काम की असली कसौटी यह है कि इससे लोगों के जीवन में कितना सुधार होता है।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों से सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता जैसे लोक सेवा के मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां और कठिन निर्णय लेने के क्षण अवश्य आएंगे। ऐसे क्षणों में, उनके मूल्य ही उनका मार्गदर्शन करेंगे। राष्ट्रपति ने उन्हें हमेशा जिज्ञासु बने रहने, सीखते रहने और नवाचार को बढ़ावा देने की सलाह दी। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि उनके लिए गए निर्णय, उनके निर्धारित मानक और उनका समर्पण अमिट छाप छोड़ेगा। वे केवल प्रशासक ही नहीं, बल्कि प्रगति के सूत्रधार और आम लोगों के भरोसे के संरक्षक भी हैं।

डेयरी विभाग ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए

लुधियाना, 01 अप्रैल 2026 – डेयरी विकास विभाग द्वारा संचालित 2 सप्ताह के डेयरी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद, बीजा स्थित डेयरी प्रशिक्षण एवं विस्तार केंद्र में प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी-सह-प्रभारी डेयरी प्रशिक्षण केंद्र, बीजा दलबीर कुमार ने बताया कि पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी विकास विभाग, पंजाब कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां और डेयरी विकास विभाग के निदेशक वारयाम सिंह गिल के कुशल मार्गदर्शन में यह कार्य संभव हो पाया है।

विभाग द्वारा प्रशिक्षार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा दो सप्ताह का डेयरी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 28 मार्च, 2026 को संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद, बीजा स्थित डेयरी प्रशिक्षण एवं विस्तार केंद्र में प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर उन्होंने भाग लेने वाले प्रशिक्षुओं को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सामान्य जाति के प्रशिक्षुओं को 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के प्रशिक्षुओं को 33 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के बेरोजगार लड़के-लड़कियों से भी डेयरी विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी और डेयरी प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी बीजा दलबीर कुमार ने कहा कि दूध उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए विभाग शहरों में मोबाइल वैन के माध्यम से शिविरों का आयोजन भी कर रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, आप मोबाइल नंबर 81461-00543 या 01628-299322 पर भी संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर क्लर्क हरविंदर सिंह और स्टेनोग्राफर हरविंदर सिंह भी उपस्थित थे।