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PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…15-05-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में आज का दिन काफी हलचल भरा रहा। एक तरफ जहाँ आम आदमी को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने झटका दिया, वहीं चंडीगढ़ की सीमाओं पर किसानों और पुलिस के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। इसके साथ ही लुधियाना में इंटरनेशनल साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई और हलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं भी आज की सुर्खियों में रहीं।

1. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल:पंजाब में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वृद्धि के बाद राज्य के अधिकांश शहरों में पेट्रोल ₹100 के पार पहुंच गया है। चंडीगढ़ में भी पेट्रोल के दाम ₹94.30 से बढ़कर ₹97.44 और डीजल ₹82.45 से बढ़कर ₹85.56 प्रति लीटर हो गए हैं। इस बढ़ोत्तरी के कारण अमृतसर के कई पंपों पर तेल खत्म होने की स्थिति बन गई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि वे जल्द ही किराया बढ़ाएंगे, जिसका सीधा असर सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दामों पर पड़ेगा।

2. चंडीगढ़ में किसानों पर पुलिस की कार्रवाई:अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के किसान आज राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलने चंडीगढ़ कूच कर रहे थे। पुलिस ने मोहाली के YPS चौक और सेक्टर-50 की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग की थी। जब किसानों ने ट्रैक्टरों की मदद से बैरिकेड्स उखाड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें कीं। बाद में किसानों ने प्रशासन के एक अधिकारी को अपना मांग पत्र सौंपा।

3. हलवारा एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू:लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट से आज सुबह पहली फ्लाइट (दिल्ली-लुधियाना) की सफल लैंडिंग हुई, जिसमें 120 यात्री पहुंचे। उसी फ्लाइट ने 100 यात्रियों के साथ वापस दिल्ली के लिए उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद थे। एयर इंडिया यहाँ से रोजाना दो फ्लाइट्स संचालित करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 फरवरी 2026 को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था।

4. योगराज सिंह की FIR में पुलिस की बड़ी चूक:पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ के सेक्टर-36 थाने में दर्ज FIR में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने FIR में योगराज सिंह के घर के पते की जगह ‘पंजाब महिला आयोग’ का पता लिख दिया। दरअसल, पुलिस ने वह पता कॉपी कर दिया जो महिला आयोग द्वारा भेजे गए लेटर हेड पर लिखा था। यह मामला महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने से जुड़ा है।

5. अमृतसर में युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास:अमृतसर के फतेहगढ़ चूड़ियां रोड इलाके में 28 वर्षीय जज सिंह ने सगाई टूटने के बाद मानसिक तनाव में आकर जहर निगल लिया। परिवार का आरोप है कि करीब एक महीने पहले लड़की पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया था, जिससे वह परेशान था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे उसे थाने ले गए, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय पर उसकी मदद नहीं की। फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

6. नशे में धुत हेड कॉन्स्टेबल ने मचाया कोहराम:चंडीगढ़ पुलिस का एक हेड कॉन्स्टेबल गुरुवार रात शराब के नशे में धुत होकर अपनी कार चला रहा था। उसने दो अलग-अलग एक्टिवा सवारों को टक्कर मार दी, जिससे एक व्यक्ति के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। जब लोगों ने उसे पकड़ा, तो वह भागने लगा। हैरान करने वाली बात यह थी कि नशे की हालत में उसने एक पैर में लेडीज सैंडल और दूसरे में स्लीपर पहना हुआ था। आरोपी पुलिसकर्मी नगर निगम में तैनात था और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

7. गायक कंवर ग्रेवाल की प्रेमानंद महाराज से भेंट:मशहूर पंजाबी सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महाराज को अपना प्रसिद्ध गीत ‘इश्क बुल्ले नूं नचावे’ सुनाया, जिसकी महाराज ने काफी प्रशंसा की। ग्रेवाल ने इस मुलाकात को बहुत सुकून देने वाला बताया।

8. मोहाली में भीषण बस हादसा:मनाली से दिल्ली जा रही एक निजी बस आज तड़के जीरकपुर के पास एक ट्रक से टकराकर पलट गई। हादसे के समय बस में 45 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 से अधिक घायल हो गए हैं। घायलों को डेराबस्सी और चंडीगढ़ के सेक्टर-32 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के कारण हाईवे पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा।

9. होशियारपुर में बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई:होशियारपुर के गांव चब्बेवाल में कुछ युवकों ने 60 वर्षीय सुखजिंद्र सिंह को डंडों से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग गली में खड़े युवकों की आपसी बातचीत के बीच में बोल पड़े थे, जिससे नाराज होकर युवकों ने उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया है।

10. लुधियाना में इंटरनेशनल साइबर ठगी का भंडाफोड़:लुधियाना पुलिस ने एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 132 ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग विदेशी नागरिकों को उनके कंप्यूटर स्क्रीन पर फर्जी माइक्रोसॉफ्ट वायरस अलर्ट भेजकर ठगते थे। पुलिस ने इनके पास से ₹1.07 करोड़ नकद, 19 लग्जरी कारें और 98 लैपटॉप बरामद किए हैं। इस गिरोह के मास्टरमाइंड दिल्ली और गुजरात के रहने वाले हैं।

होशियारपुर: 100 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 3 साल का मासूम, 90 फीट नीचे फंसा; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

पंजाब डेस्क : पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव चक समाना में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ साढ़े 3 साल का मासूम गुरकरण सिंह उर्फ वंश अपने घर के बाहर खेतों में खेल रहा था, तभी वह अचानक 100 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा। बताया जा रहा है कि बच्चा करीब 90 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है।

“मुझे पकड़ लो” कहकर लगाई आवाज: बच्चे की मां ने बताया कि जब गुरकरण गिर रहा था, तो उसने चिल्लाकर आवाज लगाई थी, “मुझे पकड़ लो”। परिवार ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन उनका हाथ उस तक नहीं पहुँच पाया और वह धीरे-धीरे गहराई में चला गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन और मौजूदा स्थिति

-कैमरे में दिखी हलचल: प्रशासन ने बोरवेल के अंदर कैमरा डाला है, जिसमें बच्चा हलचल करता और रोता हुआ दिखाई दे रहा है।

खुदाई जारी: बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 4 जेसीबी मशीनें लगातार खुदाई कर रही हैं।

टीमें तैनात: मौके पर NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड और डॉक्टरों की टीम एम्बुलेंस के साथ तैनात है। प्रशासन को उम्मीद है कि अगले 2 घंटों में रेस्क्यू पूरा कर लिया जाएगा।

कैसे हुआ हादसा? परिजनों ने करीब 15 दिन पहले ही पानी के लिए 15 इंच का बोर करवाया था। पाइप डालने के बाद आसपास के रेतीले गड्ढे को पूरी तरह भरा नहीं गया था। खेलते समय अचानक पैर फिसलने के कारण बच्चा पाइप के साथ बनी खाली जगह में जा गिरा।

PM मोदी का यूएई दौरा: भारत को मिलेगी निर्बाध LPG सप्लाई, यूएई ने किया $5 बिलियन निवेश का ऐलान

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने छह दिवसीय विदेश दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक संक्षिप्त लेकिन बेहद सफल यात्रा की। अबू धाबी पहुँचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया और सुरक्षा के लिहाज से यूएई एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया।

ऐतिहासिक समझौते और निवेश: प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में एलपीजी (LPG) सप्लाई समेत 5 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व: दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और रक्षा सहयोग को लेकर MoU साइन हुए।

बड़ा निवेश: यूएई ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर (लगभग 41,000 करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा की है।

शिप रिपेयर क्लस्टर: गुजरात के वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने पर भी सहमति बनी।

क्षेत्रीय शांति और कूटनीति : पीएम मोदी ने यूएई को अपना “दूसरा घर” बताया और कहा कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ खड़ा है, बैठक के दौरान पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में शांति बहाली के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।करीब 180 मिनट के इस संक्षिप्त दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने अगले पड़ाव नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए, जहाँ वे 17 मई तक रहेंगे।

खड़ूर साहिब से सांसद भाई अमृतपाल सिंह मामले में अदालत में अहम सुनवाई

खड़ूर साहिब /सत्ता संदेश

बचाव पक्ष का कहना – लगाए गए कई आरोप गलत, हाईकोर्ट में दी जाएगी चुनौती
डिस्चार्ज अर्ज़ी पर सुनवाई के दौरान कुछ धाराएँ हटाई गईं
अगली सुनवाई सबूतों और गवाहों के आधार पर होगी
अगली सुनवाई 15 मई को निर्धारित

खड़ूर साहिब से सांसद भाई अमृतपाल सिंह से जुड़े मामले में आज अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट रितु राज सिंह संधू ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भाई अमृतपाल सिंह पर लगाए गए कई आरोप पूरी तरह गलत हैं और उन्हें कानूनी तरीके से चुनौती दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अदालत में डिस्चार्ज को लेकर विस्तार से बहस हुई, जिसमें बचाव पक्ष ने विभिन्न धाराओं और आरोपों पर अपने तर्क प्रस्तुत किए।

एडवोकेट रितु राज सिंह संधू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सुनवाई के दौरान कुछ धाराओं को हटाया गया है, जबकि मामले में लगाए अन्य आरोपों को लेकर कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष की पहली कोशिश यही रहेगी कि जिन धाराओं और आरोपों को गलत तरीके से लगाया गया है, उन्हें अदालत के सामने पूरी मजबूती से चुनौती दी जाए। इसके लिए हाईकोर्ट का रुख भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अदालत में हुई बहस के दौरान बचाव पक्ष ने यह स्पष्ट किया कि मामले में लगाए गए कुछ आरोप तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं। अदालत ने इस पर विचार करते हुए कुछ सेक्शन हटाने का फैसला लिया है। हालांकि बाकी आरोपों को लेकर अब अगली कार्रवाई सबूतों और गवाहों के आधार पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब अगली सुनवाई में विशेष रूप से सबूतों पर ध्यान दिया जाएगा।

वकील ने बताया कि आने वाले समय में जिन-किन आरोपों और इल्ज़ामों का उल्लेख किया गया है, उन सभी मामलों पर विस्तार से कानूनी पक्ष रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव पक्ष पूरी तैयारी के साथ अदालत में अपना पक्ष रखेगा और यह साबित करने की कोशिश करेगा कि भाई अमृतपाल सिंह पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

जानकारी के अनुसार मामले की अगली सुनवाई 15 मई को निर्धारित की गई है। इस सुनवाई में अदालत के सामने सबूतों और अन्य दस्तावेज़ों के आधार पर अगली प्रक्रिया शुरू हो सकती है। फिलहाल इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।

अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए “अमृत भारत एक्सप्रेस” ट्रेन का शुभारंभ, रवीनीत बिट्टू ने दिखाई हरी झंडी

अमृतसर / सत्ता संदेश

आम लोगों के लिए विशेष ट्रेन — बिट्टू ने गिनाई आधुनिक सुविधाएँ

अमृतसर रेलवे स्टेशन को मिलेगा वर्ल्ड-क्लास लुक, 502 करोड़ के प्रोजेक्ट का ऐलान — रवीनीत बिट्टू

एंकर रिपोर्ट:
अमृतसर रेलवे स्टेशन से आज नई 14664 अमृतसर–न्यू जलपाईगुड़ी “अमृत भारत एक्सप्रेस” ट्रेन की शुरुआत की गई। केंद्रीय रेल एवं फूड प्रोसेसिंग उद्योग राज्य मंत्री रवीनीत सिंह बिट्टू ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा नेता, रेलवे कर्मचारी और बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहे। रेलवे स्टेशन को खासतौर पर सजाया गया था और यात्रियों में नई ट्रेन को लेकर खास उत्साह देखा गया।

यह ट्रेन अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी तक लगभग 1900 किलोमीटर का सफर तय करेगी। पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय राज्य मंत्री रवीनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह ट्रेन खासतौर पर आम और मध्यमवर्गीय लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है ताकि वे भी कम खर्च में आधुनिक सुविधाओं के साथ सफर कर सकें। उन्होंने कहा कि पंजाब और पूर्वी भारत के बीच यात्रा करने वाले लोग और श्रद्धालुओं को इस ट्रेन से बड़ा फायदा मिलेगा।

बिट्टू ने बताया कि ट्रेन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएँ दी गई हैं। ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इसमें सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, बड़े लगेज स्पेस, इमरजेंसी बटन और साफ-सुथरे बाथरूम की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रेन की डिज़ाइन इस तरह बनाई गई है कि आग या अन्य हादसों का खतरा न्यूनतम रहे।

इस दौरान रवीनीत बिट्टू ने अमृतसर रेलवे स्टेशन के विकास के लिए बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि अमृतसर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड-क्लास स्टेशन बनाने के लिए 502 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट लाया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत नई इमारतें, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, लूप लाइन्स, डॉर्मिटरी, AC वेटिंग हॉल, शॉपिंग एरिया और मनोरंजन की सुविधाएं तैयार की जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्टेशन के लुक को श्री अमृतसर साहिब की विरासत से जोड़ते हुए नया रूप दिया जाएगा।

बिट्टू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सपनों के अनुसार देशभर के रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में अमृतसर रेलवे स्टेशन देश के सबसे आधुनिक स्टेशनों में शामिल होगा।

अमृतसर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब सख्ती होने जा रही है। प्रशासन द्वारा शहर के सात मुख्य चौक में ई-चालान प्रणाली की शुरुआत की जा रही है।

अमृतसर/ सत्ता संदेश

ट्रैफिक को सुव्यवस्थित बनाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अमृतसर में 1300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो हर समय आवागमन पर नजर रखेंगे।

ई-चालान सिस्टम लागू होने से पहले अमृतसर की ट्रैफिक ASP अमनदीप कौर ने मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी प्रकार की सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति व्हाइट लाइन या ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसके मोबाइल फोन पर तुरंत ई-चालान का संदेश पहुंच जाएगा।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले अपने वाहन के सभी दस्तावेज पूरे रखें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य करें और ट्रैफिक सिग्नल की उल्लंघना करने से बचें।

प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को और मजबूत करना है।

अमृतसर से पत्रकार विक्रमजीत सिंह और कैमरामैन तरजिंदर सिंह की रिपोर्ट।

भारत की अध्यक्षता में मुंबई में आयोजित किम्बर्ली प्रक्रिया अंतरसत्रीय सम्मेलन 2026 का प्राकृतिक हीरा क्षेत्र के भविष्य पर ध्‍यान केन्द्रित करने के साथ समापन

मुंबई / सत्ता संदेश

मुंबई /केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने प्राकृतिक हीरा क्षेत्र में विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की

अंतरसत्रीय बैठक में प्राकृतिक हीरा व्यापार में पारदर्शिता, शासन और परिचालन सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया

भारत की अध्यक्षता में मुंबई में आयोजित किम्बर्ली प्रक्रिया (केपी) अंतरसत्रीय बैठक 2026 का समापन हुआ। इस बैठक में प्राकृतिक हीरा क्षेत्र के भविष्य से जुड़े विषयों पर केपी प्रतिभागियों, पर्यवेक्षकों, उद्योग हितधारकों और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने चार दिनों तक एक मंच पर विचार-विमर्श किया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने अंतरसत्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर कहा कि भारत, हीरा तराशने और पॉलिश करने के मामले में विश्व के अग्रणी केंद्र के साथ-साथ प्राकृतिक हीरों को विश्वास, जिम्मेदारी और साझा समृद्धि का प्रतीक बनाए रखने में केपी की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में, देश विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास (3सी) को बढ़ावा देने और तेजी से विकसित हो रहे वैश्विक बाजार में केपी की प्रासंगिकता को मजबूत करने के लिए सभी प्रतिभागियों और हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्राकृतिक हीरा क्षेत्र उत्पादक, प्रसंस्करण और उपभोक्ता देशों में लाखों लोगों की आजीविका का आधार है और भारत एक ऐसे केपी का समर्थन करना जारी रखेगा जो मजबूत, पारदर्शी और उद्योग तथा उपभोक्ता दोनों की अपेक्षाओं के प्रति उत्तरदायी हो।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित तीन सी (विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास) के विषय के अंतर्गत आयोजित इस अंतरसत्रीय सम्मेलन में किम्बर्ली प्रक्रिया ढांचे के भीतर विश्वास, पारदर्शिता और सहयोग को मजबूत करने पर आगे चर्चा हुई।

अंतरसत्रीय बैठक के दौरान, कार्य समूहों और समितियों ने निगरानी, ​​तकनीकी प्रक्रियाओं, शासन, सांख्यिकी और पारंपरिक उत्पादन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें पारदर्शिता को मजबूत करने, परिचालन तंत्र में सुधार करने और प्राकृतिक हीरे की मूल्य श्रृंखला में विश्वास को सुदृढ़ करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया गया।

केपी चेयर 2026 श्री सुचिंद्र मिश्रा ने कहा कि मुंबई अंतरसत्रीय सम्मेलन के दौरान हासिल की गई प्रगति प्रतिभागियों और पर्यवेक्षकों की किम्बरली प्रक्रिया को विश्वसनीय, प्रासंगिक और वैश्विक हीरा व्यापार एवं उपभोक्ता अपेक्षाओं की बदलती गतिशीलता के प्रति उत्तरदायी बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विश्वास प्राकृतिक हीरा व्यापार की आधारशिला है। उन्‍होंने हीरा मूल्य श्रृंखला में जिम्मेदार स्रोत, पारदर्शिता और विश्वास के स्तंभ के रूप में किम्बरली प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

अंतरसत्रीय सम्मेलन में किम्बर्ली प्रक्रिया के सकारात्मक प्रभाव को अंतिम उपभोक्ताओं तक बेहतर ढंग से पहुंचाने के लिए संचार और जागरूकता प्रयासों को बढ़ाने के महत्व की भी जानकारी दी गई, जिसमें जिम्मेदार स्रोत प्रथाओं, विकास परिणामों और उत्पादक देशों और समुदायों में आजीविका सहायता शामिल है।

अंतरसत्रीय बैठक के दौरान हुई चर्चाओं को इस वर्ष के अंत में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले केपी पूर्ण सत्र में आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें वर्ष 2026 तक भारत की अध्यक्षता में विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

इस बैठक में केपी प्रतिभागियों, विश्व हीरा परिषद, नागरिक समाज गठबंधन के सदस्यों, उद्योग निकायों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया। अध्यक्ष ने इस बात पर बल दिया कि किम्बर्ली प्रक्रिया की अनूठी त्रिपक्षीय संरचना और सर्वसम्मति-आधारित दृष्टिकोण, जो सरकारों, उद्योग और नागरिक समाज को एक साथ लाता है, इसकी प्रमुख शक्तियों में से एक है।

किम्बर्ली प्रक्रिया प्रमाणन योजना, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प 55/56, 2000 के अंतर्गत स्थापित किया गया है, एक वैश्विक पहल है जिसका उद्देश्य संघर्ष क्षेत्रों वाले हीरों को वैध व्यापार में प्रवेश करने से रोकना और प्राकृतिक हीरे की आपूर्ति श्रृंखला में जिम्मेदार स्रोत को बढ़ावा देना है।

हीरा काटने और पॉलिश करने के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में, भारत ने किम्बर्ली प्रक्रिया के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और प्राकृतिक हीरा क्षेत्र में पारदर्शिता, स्थिरता और जिम्मेदार प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीसीपीए ने भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए कोचिंग संस्थानों पर जुर्माना लगाया

सीसीपीए ने कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्रवाई की; कोचिंग संस्थानों को 60 से अधिक नोटिस जारी किए गए और उन पर 1.39 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार प्रथाओं और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन में लिप्त पाए जाने पर मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना और सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) के खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए अंतिम आदेश पारित किया है।

यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी भी वस्तु या सेवा के संबंध में कोई झूठा या भ्रामक विज्ञापन न दिया जाए।

मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे और आयुक्त श्री अनुपम मिश्र की अध्यक्षता वाले केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी), सीकर के खिलाफ आदेश पारित किए हैं। प्राधिकरण ने पाया कि कोचिंग संस्थानों ने आईआईटी-जेईई और नीईटी परीक्षाओं में सफल उम्मीदवारों के नाम, फोटो और उपलब्धियों का प्रमुखता से उपयोग करते हुए बड़े-बड़े दावे किए और इन उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई।

मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड का मामला : निम्नलिखित दावे किए गए थे –

  1. जेईई एडवांस्ड परिणाम 2025: मोशन के अनुसार जेईई एडवांस्ड में उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 3231/6332 = 51.02 प्रतिशत
  2. जेईई (मुख्य परीक्षा) 65.8 प्रतिशत 6930/10532”
  3. ” मोशन है तो सिलेक्शन है “
  4. नीट परिणाम 2025: उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 6972/7645 = 91.2 प्रतिशत
  5. नीट परिणाम 2025- शीर्ष 500 अखिल भारतीय रैंक (सामान्य और ओबीसी) में 19 छात्र और हमारे छात्रों ने 100 से कम में अखिल भारतीय रैंक प्राप्त की है।”

सीसीपीए ने संस्थान द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम अकाउंट और समाचार पत्रों में प्रकाशित भ्रामक विज्ञापनों का स्वतः संज्ञान लिया। सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने सफल उम्मीदवारों के नाम और तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित कीं, साथ ही साथ “पूर्णकालिक कक्षा कार्यक्रम”, “आवासीय कार्यक्रम”, “नर्चर बैच”, “एन्थ्यूज बैच” और “ड्रॉपर/लीडर बैच” जैसे अपने सशुल्क कार्यक्रमों का विज्ञापन किया, जबकि सफल उम्मीदवारों द्वारा किए गए वास्तविक पाठ्यक्रमों का खुलासा नहीं किया।

जांच महानिदेशक द्वारा की गई जांच में पता चला कि विज्ञापनों में दिखाए गए अधिकांश छात्र “आई-एकलव्य (ऑनलाइन)” पाठ्यक्रमों में नामांकित थे। सीसीपीए ने पाया कि “आई-एकलव्य” पाठ्यक्रम जेईई और नीट उम्मीदवारों के लिए एक प्रमुख रैंकर्स बैच है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रारूपों में उपलब्ध है और चयनित छात्रों को परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से निःशुल्क प्रदान किया जाता है। हालांकि, विज्ञापनों में यह महत्वपूर्ण जानकारी, यानी सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रम का खुलासा नहीं किया गया था।

जांच में यह भी पाया गया कि संस्थान ने परीक्षा संपन्न होने के बाद दाखिला लेने वाले कुछ छात्रों के नाम और तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया था, जिससे प्रचार के उद्देश्य से उनकी सफलता का झूठा श्रेय संस्थान को दिया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि छात्रों या उनके माता-पिता/अभिभावकों की उचित सहमति प्राप्त किए बिना छात्रों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था।

सीसीपीए ने पाया कि बार-बार अवसर दिए जाने और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद संस्थान विज्ञापनों में किए गए कई दावों को साबित करने में विफल रहा। प्राधिकरण ने माना कि सफल उम्मीदवारों द्वारा लिए गए पाठ्यक्रमों की प्रकृति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के अंतर्गत भ्रामक विज्ञापन और धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार के अंतर्गत आता है।

सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) का मामला : निम्नलिखित आरोप लगाए गए थे –

  1. एमबीबीएसआईआईटी और अन्य संस्थानों में 1650 से अधिक सीएलसी छात्र
  2. नीट में ऑल इंडिया रैंक-100 में सीएलसी छात्र
  3. “3 सीएलसी छात्र दिल्ली के एम्स में
  4. “6 सीएलसी छात्रों ने 720 में से 710 से अधिक अंक प्राप्त किए
  5. ऑल इंडिया रैंक-1000 में परिणामों में गुना वृद्धि
  6. ” सीकर में पिछले वर्ष में सर्वश्रेष्ठ सीएलसी एआईआर-1000 में सर्वाधिक 7 गुना वृद्धि “

सीसीपीए ने सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट और समाचार पत्रों में प्रकाशित भ्रामक विज्ञापनों का स्वतः संज्ञान लिया। सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित कीं और साथ ही विभिन्न कक्षा कार्यक्रमों का प्रचार किया, जबकि उम्मीदवारों द्वारा चुने गए वास्तविक पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई।

जांच महानिदेशक द्वारा की गई जांच में पता चला कि संस्थान ने बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अपने दावों को साबित करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। जांच में यह भी पाया गया कि कई छात्र जिनके नाम और तस्वीरें विज्ञापनों में इस्तेमाल की गई थीं, वे केवल परीक्षा श्रृंखला पाठ्यक्रमों में नामांकित थे, जिसे विज्ञापनों में जानबूझकर छिपाया गया था।

सीसीपीए ने आगे पाया कि संस्थान ने “एमबीबीएस, आईआईटी और अन्य संस्थानों में 1650 से अधिक सीएलसी छात्रों” के अपने दावे के संबंध में विरोधाभासी रुख अपनाया। अपने लिखित बयान में संस्थान ने कहा कि यह आंकड़ा 1996 से संचयी चयन का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि सुनवाई के दौरान उसने दावा किया कि यह आंकड़ा केवल वर्ष 2024 से संबंधित है। प्राधिकरण ने माना कि इस तरह के विरोधाभासी बयानों ने दावे को निराधार और भ्रामक बना दिया है।

प्राधिकरण ने यह भी पाया कि दोनों संस्थान परिणाम घोषित होने के बाद सफल उम्मीदवारों से लिखित सहमति प्राप्त करने का दस्तावेजी साक्ष्य प्रदान करने में विफल रहे, जैसा कि कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश, 2024 के अंतर्गत अनिवार्य है।

सीसीपीए ने दोनों कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से भ्रामक विज्ञापन बंद करनेभविष्य में भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित न करने और भविष्य के विज्ञापनों में सत्य और पूर्ण जानकारी देने का निर्देश दिया था। हालांकि, दोनों संस्थानों ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के समक्ष अपील दायर करके सीसीपीए के आदेशों को चुनौती दी है।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 उपभोक्ताओं को सूचित होने का अधिकार प्रदान करता है, जिसमें सत्य और सटीक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार भी शामिल हैजिससे वे सोच-समझकर निर्णय ले सकें । भ्रामक विज्ञापन इस अधिकार को कमजोर करते हैं और उपभोक्ता हितों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करते हैं, विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में जहां इच्छुक छात्र अपना काफी समय, प्रयास और वित्तीय संसाधन निवेश करते हैं।

सीसीपीए ने पाया कि सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रमों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाना , जिसमें यह जानकारी भी शामिल है कि क्या ऐसे उम्मीदवारों ने पूर्णकालिक कक्षा कार्यक्रमों, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, फाउंडेशन बैचों, क्रैश पाठ्यक्रमों या केवल परीक्षा श्रृंखलाओं में भाग लिया था, अधिनियम के तहत भ्रामक विज्ञापन के बराबर है।

छात्रों के हितों की रक्षा और कोचिंग क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, सीसीपीए ने अब तक भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए कोचिंग संस्थानों को 60 से अधिक नोटिस जारी किए हैं। विस्तृत जांच के बाद, सीसीपीए ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई), आईआईटी-जेईई, नीट, आरबीआई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने वाले 31 कोचिंग संस्थानों पर 1.39 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है

भारी उद्योग मंत्रालय ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) विनिर्माण संवर्धन योजना के तहत वैश्विक निविदा के लिए बोली जमा करने की समय-सीमा बढ़ाई

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने कई हितधारकों की मांग को देखते हुए आरईपीएम योजना के तहत वैश्विक निविदा की समय-सीमा बढ़ा दी है। बोलीदाताओं के प्रश्नों का सरकारी उत्तर 09.06.2026 को जारी किया जाएगा। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28.05.2026 से बढ़ाकर 29.06.2026 कर दी गई है, जबकि तकनीकी बोलियों को खोलने की तिथि 29.05.2026 से पुनर्निर्धारित करके 30.06.2026 कर दी गई है ताकि अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके और हितधारकों को बोली प्रक्रिया में अतिरिक्त समय मिल सके। सभी हितधारकों की जानकारी के लिए अधि‍शेष केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (सीपीपी) पोर्टल (https://eprocure.gov.in/eprocure/app) पर प्रकाशित किया गया है।

भारत में सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आरईपीएम योजना के तहत लाभार्थियों के रूप में निर्माताओं के चयन हेतु मंत्रालय द्वारा 20 मार्च, 2026 को वैश्विक निविदा आमंत्रित की गई थी।

26 नवंबर, 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना को मंजूरी दी। अपनी तरह की यह प्रथम पहल है, जिसका उद्देश्य भारत में प्रति वर्ष 6,000 मीट्रिक टन (एमटीपीए) की एकीकृत रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना करना है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत वैश्विक आरईपीएम बाजार में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित होगा।

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विश्व के सबसे शक्तिशाली चुंबकों में से हैं और इनका व्यापक रूप से विद्युत वाहनों, पवन टर्बाइनों, उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, एयरोस्पेस और रक्षा प्रणालियों में उपयोग किया जाता है। भारत में एनडीपीआर ऑक्साइड से लेकर तैयार चुंबकों तक की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का निर्माण करके, इस योजना से इस क्षेत्र में आयात पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

एनएचएआई ‘परियोजना सक्षम’ के माध्यम से महिला-केंद्रित कौशल विकास को बढावा दे रहा है

दिल्ली /सत्ता संदेश

समावेशी विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), वर्टिस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में ‘परियोजना सक्षम’ के माध्यम से सार्थक सामाजिक प्रभाव पैदा कर रहा है। यह पहल स्थायी आजीविका के अवसरों के लिए संरचित कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। कौशल प्रशिक्षण से परे इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक वित्तीय आत्‍मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए मार्ग तैयार करना भी है।

‘परियोजना सक्षम’ देशभर में फैले 12 प्रशिक्षण केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से संचालिता होता है, जो वंचित समुदायों को उद्योग-प्रासांगिक कौशल और औपचारिक कार्यबल में शामिल होने के अवसर प्रदान करता हैं। अब तक इस पहल ने 6,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 4,000 से अधिक को विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक रोजगार मिला है। लाभार्थी औसतन 13,000 से 16,000 रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं, जो कई राज्यों में प्रवेश स्तर के वेतन मानकों से अधिक है। गौर तलब है कि 80 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं, जो जेंडर-आधारित सशक्तिकरण पर कार्यक्रम के मजबूत जोर को रेखांकित करता है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के समावेशी बुनियादी ढांचा विकास के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप, ‘सक्षम परियोजना’ इस विश्वास पर आधारित है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बसे समुदायों, विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को, बुनियादी ढांचे के विस्तार से उत्पन्न आर्थिक अवसरों का सीधा लाभ मिलना चाहिए। यह पहल उन समुदायों के लिए कौशल, रोजगार और वित्तीय आत्‍मनिर्भरता तक पहुंच को सक्षम बनाकर इस अंतर को पाटने का प्रयास करती है, जो इससे जुड़े तो हैं, लेकिन अक्सर बुनियादी ढांचे के विस्तार के आसपास की आर्थिक गति से बाहर रह जाते हैं।

‘परियोजना सक्षम’ अपनी जमीनी सहभागिता मॉडल के कारण विशिष्‍ट पहचान रखता है। इसकी फील्ड टीमें ग्रामीण समुदायों के भीतर परिवारों के साथ निकटता से कार्य करती है, ताकि विश्‍वास कायम किया जा सकें, सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं को दूर किया जा सकें तथा महिलाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसरों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किेया जा सके-कई मामलों में यह उनके लिए पहली बार होता है। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक कौशलों में प्रशिक्षित किया जाता है, जिनमें बिजली का काम, प्लंबिंग, उपकरण मरम्मत, सिलाई, जनरल ड्यूटी असिस्‍टेंट नर्सिंग और बहु-कुशल तकनीशियन प्रशिक्षण शामिल हैं।इन कार्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि लाभार्थियों को व्यावहारिक, बाजार-उन्‍मुख क्षमताएं प्राप्‍त हों, जिससे उनकी रोजगार योग्‍यता बढे। अनेक प्रतिभागियों के लिए यह पहल एक परिवर्तनकारी यात्रा सिद्ध हुई है, जिसने उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने तथा अपने और अपने समुदायों के लिए नई आकांक्षाएं निर्धारित करने में सक्षम बनाया है।

यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि एनएचएआई अवसंरचना विकास को केवल बेहतर कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसके माध्‍यम से समावेशी विकास के अवसर भी सुनिश्चित करना चाहता है, जिससे देश भर में अधिक और सशक्‍त समुदायों के निर्माण में योगदान मिल सके।