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चंडीगढ़ में आयोजित की गई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, पंजाब की 176वीं बैठक

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), पंजाब की 176वीं बैठक शुक्रवार, 15 मई को चंडीगढ़ में अमित श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, पंजाब नेशनल बैंक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अजय अरोड़ा, आईएएस, विशेष सचिव (वित्त), पंजाब सरकार, विवेक श्रीवास्तव, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़, बी रमेश बाबू , मुख्य महाप्रबंधक, NABARD, चंडीगढ़, तथा रामानुज प्रसाद , संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति पंजाब एवं आंचलिक प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक लुधियाना उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी बैंकों के प्रमुख, विभिन्न विभागाध्यक्ष एवं सभी जिलो के अग्रणी जिला प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए।

SLBC के संयोजक रामानुज प्रसाद ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष की बैंकिंग प्रगति तथा राज्य के विकास से संबंधित नीतिगत, वित्तीय एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य का ऋण-जमा अनुपात 66.21% है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 60% से अधिक है। बैठक का एजेंडा श्री सुनील कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया।

वही राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की उप महाप्रबंधक रामकिशोर मीना ने बताया गया कि कई सालों बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 मे वार्षिक साख योजना के लक्ष्यो से भी अधिक प्राप्ति की गई है एवं वर्ष 2026-27 हेतु नयी स्केल ऑफ फ़ाइनेंस अनुमोदित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 मे प्राथमिक क्षेत्र मे ₹ 2.56 लाख करोड़ के नए ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है.

अजय अरोड़ा, आईएएस, विशेष सचिव (वित्त) ने राज्य के समग्र विकास हेतु नीतिगत निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में एमएसएमई एवं कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं तथा राष्ट्रीय एवं राज्य नीतियों के समुचित क्रियान्वयन से इन क्षेत्रों में तीव्र विकास संभव है। उन्होंने यह भी कहा ऋण जमा अनुपात मे बडोतरी हेतु सभी बैंकों को प्रयाश करना चाहिए।

अमित श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, पंजाब नेशनल बैंक ने सदन को वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की जानकारी दी। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि पंजाब में बैंको एवं राज्य सरकार की मशीनरी ने एक टीम के रूप में समन्वय के साथ कार्य किया है। उन्होंने बताया कि वार्षिक ऋण योजना 2025–26 के अंतर्गत 31.03.2026 तक ₹ 2,37,748 करोड़ का कुल ऋण वितरण किया जा चुका है, जो ₹2,12,351 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 112% उपलब्धि है, जो राज्य में प्रभावी समन्वय एवं सुदृढ़ वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाती है।

विवेक कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़ ने नियामक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए वित्तीय स्थिरता, नियामकीय अनुपालन एवं सुदृढ़ बैंकिंग प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बैंकों को राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर वित्तीय समावेशन एवं विकासात्मक पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों एवं म्यूल खातों की रोकथाम हेतु कड़ी निगरानी एवं सशक्त साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया। श्री पंकज सेतिया महाप्रबंधक भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केवाईसी एवं वित्तीय समावेशन रण नीति 2025-30 पर विशेष ज़ोर दिया गया॰

बी रमेश बाबू , मुख्य महाप्रबंधक, NABARD, चंडीगढ़ द्वारा सभी बंकों एवं अग्रणी जिला प्रबंधक से कृषि ऋणों मे और बदोतरी पर बल दिया गया। उन्होने आश्वासन दिया की नाबार्ड की तरफ से सभी योजनायों के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।

अंत में, अनिल कुमार महाप्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

सतारा से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र को दी सौगात: महाराष्ट्र के 5 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्के घरों का गौरवपूर्ण गृह प्रवेश

महाराष्ट्र /सत्ता संदेश


शिवराज सिंह ने दी महाराष्ट्र को PMAY-G के लिए 8,368.50 करोड़ रुपए की बड़ी केंद्रीय सहायता, ग्रामीण विकास को नई रफ्तार

शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी 35 ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी: 122.98 करोड़ रु. से 35 बसावटों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

शिवराज ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘हर गरीब को पक्की छत’ का भरोसा दोहराया, बोले- बचे हुए पात्र परिवारों को भी मिलेगा आवास

1 जुलाई से विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरुआत, गांवों के समग्र विकास को मिलेगी नई दिशा- शिवराज सिंह

प्याज किसानों को बड़ी राहत: आज से NAFED 12.35 रु. प्रति किलो की दर से खरीदी शुरू करेगा- शिवराज सिंह

शिवराज सिंह ने गन्ना उत्पादकों की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा: केंद्र और राज्य मिलकर निकालेंगे रास्ता

महा आवास अभियान में रिकॉर्ड समय में आवास पूर्ण कर महाराष्ट्र ने पेश किया सुशासन का मॉडल- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ किया, 5 लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपीं और महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री जयकुमार गोरे, पर्यटन, खननकर्म एवं माजी सैनिक कल्याण मंत्री तथा सतारा के पालकमंत्री श्री शंभूराज देसाई, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री श्री शिवेंद्रसिंह भोसले, मदद एवं पुनर्वसन मंत्री श्री मकरंद जाधव (पाटील), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री श्री योगेश कदम तथा स्थानीय सांसद श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश में कोई भी गरीब कच्चे मकान में न रहे और प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्की छत मिले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने PMAY-G के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य करते हुए रिकॉर्ड समय में 5 लाख आवास पूर्ण कर सुशासन, संवेदनशीलता और परिणामोन्मुख प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महाराष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 8,368.50 करोड़ रु. की केंद्रीय अंश सहायता जारी किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य में ग्रामीण गरीबों के आवास निर्माण अभियान को और तेज करेगी तथा बेघर-मुक्त ग्रामीण महाराष्ट्र के संकल्प को मजबूत आधार देगी। 

श्री चौहान ने यह भी कहा कि जिन पात्र परिवारों का नाम अब तक छूट गया है, उनके लिए भी रास्ता खुला है और सर्वे तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार और आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि बिजली, जल, स्वच्छता और सम्मानपूर्ण जीवन के साथ समग्र ग्रामीण जीवन-स्तर को ऊंचा उठाना है। 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए 122.98 करोड़ रु. की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री श्री फडणवीस को सौंपी। 95.99 किलोमीटर लंबाई की इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को लाभ मिलेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुगम होगी। 

शिवराज सिंह चौहान ने ‘महा आवास अभियान’ के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, इकाइयों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री श्री फडणवीस के साथ सम्मानित करते हुए कहा कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण का भाव साथ आता है, तब विकास अभियान जनआंदोलन बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने ग्रामीण आवास के क्षेत्र में जिस गति और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है। 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विकसित भारत जी राम जी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 1 जुलाई से शुरू होने जा रही यह पहल गांवों के समग्र और सुनियोजित विकास की नई आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की व्यापक रूपरेखा तैयार करेंगी, जिससे गांवों के बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को विकसित गांवों के मजबूत आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

किसानों के मुद्दों पर विशेष रूप से बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने प्याज उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने और निर्यात संबंधी परिस्थितियों के कारण बाजार भाव प्रभावित हुए हैं, इसलिए आज से ही NAFED द्वारा 12 रु. 35 पैसे प्रति किलो की दर से प्याज की खरीदी शुरू की जाएगी, ताकि किसानों को तत्काल सहारा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार किसानों को संकट में अकेला नहीं छोड़ेगी और खरीदी व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने पर बल दिया। श्री चौहान ने अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रहे और वास्तविक किसानों को उसका लाभ मिल सके। 

गन्ना उत्पादकों से जुड़े मुद्दों पर श्री चौहान ने भरोसा दिलाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर समस्याओं का समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री फडणवीस के साथ इस विषय पर चर्चा हुई है और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर आवश्यक विमर्श कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में पूरी कोशिश की जाएगी, क्योंकि किसान देश की अर्थव्यवस्था का आधार हैं। 

श्री चौहान ने यह भी रेखांकित किया कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। उन्होंने MSP में हालिया बढ़ोतरी, तिलहन-दलहन खरीदी, कपास मिशन, फार्मर आईडी, किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं और ग्रामीण आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। 

शिवराज सिंह चौहान ने सतारा की पावन धरती को छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, स्वाभिमान और सुशासन की प्रेरणास्थली बताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नायक हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने देश को यह संदेश दिया कि सुशासन का अर्थ गरीबों के आँसू पोंछना, माताओं-बहनों का सम्मान सुनिश्चित करना, किसानों को समृद्ध बनाना और समाज के अंतिम व्यक्ति को गले लगाना है; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इसी जनकल्याणकारी और संवेदनशील शासन-दृष्टि को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली और राज्य ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूर्ण कर आज लाभार्थियों को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आवासों की गुणवत्ता बढ़ाने, सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली सुविधा उपलब्ध कराने और जमीनविहीन पात्र परिवारों को भी सहायता देकर इस अभियान को व्यापक सामाजिक सुरक्षा के मॉडल में बदला है। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र का लक्ष्य बेघर-मुक्त राज्य का निर्माण है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने प्याज किसानों के लिए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा घोषित NAFED खरीदी का स्वागत किया तथा गन्ना एवं चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर केंद्र-राज्य समन्वय से समाधान निकालने का भरोसा व्यक्त किया। 

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, लाभार्थियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की उपस्थिति रही।

छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले में भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने वाटरशेड विकास परियोजनाओं की समीक्षा की

छत्तीसगढ़/ / सत्ता संदेश


प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षात्मक सिंचाई, आजीविका संवर्धन और मृदा एवं जल संरक्षण संबंधी पहलों की समीक्षा की

भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले के मगरलोद ब्लॉक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के वाटरशेड विकास घटक के अंतर्गत वाटरशेड विकास परियोजनाओं का व्यापक क्षेत्र दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षात्मक सिंचाई, आजीविका संवर्धन और मृदा एवं जल संरक्षण पर केंद्रित विभिन्न पहलों की समीक्षा की। इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त सचिव (वाटरशेड प्रबंधन) श्री नितिन खाडे और जिला अधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा शामिल थे।

सांकरा गांव के दौरे के दौरान, सचिव ने वाटरशेड विकास घटक (डब्ल्यूडीसी) और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से निर्मित 40.34 लाख रुपये की लागत से बने एक स्टॉप डैम का निरीक्षण किया। इस डैम से लगभग 80-85 एकड़ भूमि सिंचित हो गई है और 50 से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है। बेलाउदी गांव में, प्रतिनिधिमंडल ने 20.20 लाख रुपये की लागत से विकसित 430 मीटर लंबी सिंचाई नहर की समीक्षा की, जो वर्तमान में लगभग 150 एकड़ भूमि को सिंचित कर रही है और मृदा अपरदन को काफी हद तक कम करने में सहायक है।

प्रतिनिधिमंडल ने सौंगा गांव में पांच एकड़ के वृक्षारोपण स्थल का भी दौरा किया, जहां एक नदी द्वीप पर 1,050 अमरूद और नींबू के पेड़ लगाए गए हैं। जल संकट की समस्या से निपटने के लिए, अधिकारियों ने क्षेत्र में छोटे तालाब बनाने की सलाह दी।

प्रतिनिधिमंडल ने भूजल पुनर्भरण और सामुदायिक जल उपलब्धता में योगदान के लिए बोदरा और गदाडीह गांवों में “अमृत सरोवर” परियोजनाओं की समीक्षा भी की।

इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण गदाडीह में लिफ्ट सिंचाई परियोजना थी, जो महानदी नदी के जल का उपयोग करके 85 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई करती है, जिससे लगभग 250 किसानों को लाभ होता है। श्री नरेंद्र भूषण ने इस पहल को एक “सफल मॉडल” बताया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भविष्य की वाटरशेड विकास परियोजनाओं के लिए राज्य-स्तरीय आदर्श के रूप में ऐसी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण करें।

यह दौरा बेलाउदी गांव में एक सब्जी की खेती वाले खेत के निरीक्षण के साथ समाप्त हुआ, जहां किसानों द्वारा अपनी आय बढ़ाने के लिए अपनाई गई बागवानी पद्धतियों की सराहना की गई।

अल्पाईन इंटरनैशनल स्कूल के विद्यार्थियों का 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन

लुधियाना/सत्ता संदेश

अल्पाईन इंटरनैशनल स्कूल फिरोजपुर रोड, लुधियाना के 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने सी.बी.एसई. की बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल करके अपने स्कूल का नाम रौशन किया। परीक्षा के वार्षिक परिणाम मेंनॉन-मेडिकल स्ट्रीम में ऋषभ जैन ने 95 प्रतिशत, धानिष्ठा छाबड़ा ने 90 प्रतिशत तथा आरव अग्रवाल ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि मेडिकल स्ट्रीम में शियाना सोंधी ने 88 प्रतिशत अंक हासिल किए। आट्र्स स्ट्रीम में करमजीत सिंह 86 प्रतिशत और सिद्धार्थ अरोड़ा ने 86 प्रतिशत तथा हेज़ल बुद्धिराजा ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल का नाम रौशन किया। सभी मेडिकल, नॉन-मेडिकल और आट्र्स स्ट्रीम के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सराहनीय अंक प्राप्त किए, जो कि स्कूल प्रबंधन व स्टाफ के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर स्कूल प्रिंसीपल अचिंत धीर ने बढिय़ा परिणाम के लिए स्कूल के इन होनहार विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने स्कूल की शैक्षणिक उत्कृष्टता को एक बार फिर सिद्ध किया है कि समर्पण, अनुशासन एवं मार्गदर्शन हमेशा सफलता प्रदान करते हैं। इसलिए हमें इन विद्यार्थियों की प्राप्तियों पर गर्व है और अध्यापकों व अभिभावकों के निरंतर समर्थन के लिए उनके आभारी हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए स्कूल स्टाफ की वचनबद्धता की पुष्टि की, जिन्होंने सख्त मेहनत के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अपने संकल्प को दोहराया, परिणामस्वरूप स्कूल का नाम रौशन किया।फोटो कैप्शन:फिरोजपुर रोड स्थित अल्पाईन इंटरनैशनल स्कूल के 12वीं कक्षा के बोर्ड परिणाम में अव्वल रहे विद्यार्थी।

‘ध्यान पंजाब संस्था’ 16 मई को अमृतसर में विशाल शाकाहारी रैली का करेगी आयोजन

अमृतसर / सत्ता संदेश

पत्रकार : विक्रमजीत सिंह/ कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

ध्यान पंजाब संस्था द्वारा लोगों को शाकाहार अपनाने तथा जीव-जंतुओं के प्रति दया, करुणा और अहिंसा का संदेश देने के उद्देश्य से 16 मई को अमृतसर में एक विशाल शाकाहारी रैली का आयोजन किया जा रहा है।

इस संबंधी जानकारी देते हुए रैली की आयोजिका उर्वशी और डॉ. हरजिंदर कौर ने बताया कि यह रैली 16 मई को शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक निकाली जाएगी। रैली हाथी गेट (कटड़ा मोती राम) से शुरू होकर राम बाग गेट तक जाएगी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान परिवर्तनशील समय में मानवता को पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम, दया और करुणा का संदेश देना समय की बड़ी आवश्यकता है। रैली के माध्यम से लोगों को शाकाहार अपनाने, अहिंसा के मार्ग पर चलने और मानवता की भलाई के लिए आगे आने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

उर्वशी ने कहा कि हमारे रहबरों और महापुरुषों ने भी हमें जीवों पर दया करने तथा अहिंसा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि यह रैली समाज में प्रेम, शांति और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध होगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे इस पवित्र अभियान का हिस्सा बनकर अहिंसा और मानवता के संदेश को और अधिक मजबूत बनाएं।

AAP इंचार्ज कर्मजीत सिंह ने रामनगर पंचायत में विकास कार्यों का किया उद्घाटन

अमृतसर/ सत्ता संदेश

पत्रकार : विक्रमजीत सिंह/ कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अमृतसर के चेयरमैन एवं उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के इंचार्ज कर्मजीत सिंह रिंटू ने रामनगर पंचायत में सड़के और गलियां बनवाने के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। रिंटू ने कहा कि रामनगर कॉलोनी की सीवरेज व्यवस्था ठीक नहीं थी।

सीवरेज व्यवस्था को ठीक करवाने के लिए पहले क्षेत्र में लगभग 250 सीवरेज चैंबर बनवाए गए। जहां-जहां भी सीवरेज व्यवस्था अधिक खराब थी वहां वहां पर नई सीवरेज डाली गई। इसके साथ साथ सारी सीवरेज की सफाई सुपर सक्शन मशीनों के माध्यम से करवाई गई। अब इस क्षेत्र के लोगों को सीवरेज संबंधी कोई भी समस्या नहीं आ रही है।

करमजीत सिंह रिंटू ने कहा कि यहां पर सड़के और गलियां बनवाने के विकास कार्य शुरू करवा दिए गए। जो लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि रामनगर पंचायत के लोगों को शहर जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि वह उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के लोगों से लगातार संपर्क में है। लोगों के बीच जाकर की समस्याओं को सुनकर उनका हल निकाला जाता है। उन्होंने कहा कि हल्के के लोगों को बेहतर सुविधाए देना और जरूरी विकास कार्य को पूरा करवाना हमारी प्राथमिकता है।

मुंब्रा मर्डर मिस्ट्री: महिला ने पति और भाई के साथ मिलकर की प्रेमी की हत्या, शव ड्रम में भरकर नाले में फेंका

नेशनल डेस्क : मुंबई से सटे मुंब्रा इलाके में पुलिस ने एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री सुलझाई है जिसने सबको चौंका दिया है। अरबाज मकसूद अली खान नाम का युवक 3 अगस्त 2026 को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटा। उसके पिता की शिकायत पर मुंब्रा पुलिस ने जब तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन खंगाली, तो उन्हें अरबाज की प्रेमिका मेहजबीन शेख पर शक हुआ।

साजिश और हत्या: पुलिस पूछताछ में मेहजबीन ने कबूल किया कि उसने अपने पति हसन और भाई तारिक शेख के साथ मिलकर अरबाज की हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने पहले अरबाज को पैसे के बहाने वर्सोवा बुलाया। वहां अरबाज से फिरौती मांगी गई और पैसे न मिलने पर उसे प्लास्टिक पाइप से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

सबूत मिटाने की कोशिश: हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए उसे एक हरे रंग के ड्रम में भरा और मुंब्रा के एक सुनसान नाले में फेंक दिया। पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी मेहजबीन शेख और उसके भाई तारिक को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, महिला का पति हसन और उसका एक अन्य साथी मुजम्मल पठान अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

Google का बड़ा झटका! अब फ्री में नहीं मिलेगा 15GB स्टोरेज, यूजर्स को पूरी करनी होगी यह शर्त

टेक डेस्क : अगर आप Gmail, Google Drive और Google Photos का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल अपने नए अकाउंट्स के लिए मुफ्त क्लाउड स्टोरेज की नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। अब नए यूजर्स को पहले की तरह सीधे 15GB स्टोरेज नहीं मिलेगा।

क्या है नया नियम? सामने आई जानकारी के अनुसार, गूगल एक नया सिस्टम टेस्ट कर रहा है जिसमें नए यूजर्स को डिफॉल्ट रूप से केवल 5GB फ्री स्टोरेज दिया जाएगा। अगर यूजर को पूरा 15GB स्टोरेज चाहिए, तो उसे अपना मोबाइल नंबर लिंक करना होगा। फोन नंबर लिंक करने के बाद ही बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पूरा 15GB स्टोरेज अनलॉक हो पाएगा।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला? गूगल का मुख्य उद्देश्य फर्जी अकाउंट्स और बॉट गतिविधियों पर लगाम लगाना है। फोन नंबर अनिवार्य करने से कंपनी यह सुनिश्चित कर पाएगी कि एक व्यक्ति कई अकाउंट बनाकर बार-बार मुफ्त स्टोरेज का गलत फायदा न उठा सके। मार्च 2026 के आसपास गूगल ने अपने सपोर्ट पेज पर भी बदलाव करते हुए ’15GB’ की जगह ’15GB तक’ (up to 15GB) लिखना शुरू कर दिया है।

पुराने यूजर्स पर असर राहत की बात यह है कि जो लोग पहले से गूगल अकाउंट इस्तेमाल कर रहे हैं, उन पर फिलहाल इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्हें मिलने वाला 15GB स्टोरेज अभी बरकरार रहेगा। हालांकि, भविष्य में कंपनी इसे सभी के लिए लागू करती है या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ODI वर्ल्ड कप 2027: क्या मेजबान देश ही हो जाएगा टूर्नामेंट से बाहर? आईसीसी नियमों ने फंसाया पेचीदा पेंच

स्पोर्टस डेस्क : अगले साल के आखिर में होने वाले वनडे विश्व कप 2027 के आयोजन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त रूप से साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के पास है, लेकिन एक पेचीदा गणित के कारण मेजबान नामीबिया पर ही बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।

आईसीसी नियमों का चक्रव्यूह : आमतौर पर मेजबान टीमों को टूर्नामेंट में सीधी एंट्री मिलती है, लेकिन आईसीसी के नियमों के अनुसार केवल ‘फुल मेंबर’ देश ही सीधी एंट्री पा सकते हैं। साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे फुल मेंबर होने के नाते क्वालीफाई कर चुके हैं, लेकिन नामीबिया एक ‘एसोसिएट मेंबर’ है, जिसे क्वालीफायर खेलकर अपनी जगह बनानी होगी।

क्या है नामीबिया की मौजूदा स्थिति?

आईसीसी लीग 2: नामीबिया फिलहाल इस लीग की अंक तालिका में 5वें नंबर पर है।

प्रदर्शन: टीम ने 28 में से केवल 10 मैच जीते हैं और उसके पास महज 22 अंक हैं।

अगली चुनौती: जुलाई में नामीबिया का मुकाबला नीदरलैंड्स और नेपाल से होगा। विश्व कप क्वालीफायर के अंतिम दौर में पहुंचने के लिए उसे टॉप-4 में जगह बनानी होगी, जो फिलहाल काफी मुश्किल नजर आ रहा है।

अगर नामीबिया टॉप-4 में नहीं आ पाती है, तो उसे क्वालीफायर प्लेऑफ के कठिन रास्ते से गुजरना होगा। ऐसे में यह पहली बार हो सकता है कि कोई मेजबान देश ही अपने घर में होने वाले वर्ल्ड कप का हिस्सा न बन पाए।

NEET-UG परीक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को होगा दोबारा एग्जाम

नेशनल डेस्क : मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG परीक्षा की नई तारीख की घोषणा कर दी है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी।

क्यों रद्द हुई थी परीक्षा? बता दें कि इससे पहले NEET-UG की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एग्जाम को रद्द करने का फैसला लिया गया था। अब एजेंसी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दोबारा परीक्षा कराने का शेड्यूल जारी कर दिया है।