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IPL 2026: पंजाब किंग्स को हराकर सनराइजर्स हैदराबाद बनी नंबर-1, कूपर कोनोली का शतक भी नहीं आया काम

स्पोर्टस डेस्क : आईपीएल 2026 के 49वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स (PBKS) को 33 रनों से हरा दिया है। बुधवार, 6 मई 2026 को खेले गए इस मैच में जीत दर्ज कर हैदराबाद की टीम अब अंक तालिका (Points Table) में शीर्ष (Top) पर पहुँच गई है।

मैच का लेखा-जोखा: टॉस जीतकर पंजाब ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन हैदराबाद के बल्लेबाजों ने इसे गलत साबित कर दिया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 235 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कूपर कोनोली के बेहतरीन शतक के बावजूद पंजाब की टीम 20 ओवरों में 202 रन ही बना सकी।

हैदराबाद की आतिशी बल्लेबाजी: अभिषेक शर्मा ने मात्र 13 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। ईशान किशन ने तूफानी अर्धशतक (55 रन) जड़ा। हेनरिक क्लासेन ने 43 गेंदों में 69 रनों की नाबाद पारी खेलकर स्कोर को 235 तक पहुँचाया।

कोनोली का संघर्ष रहा बेकार: पंजाब की शुरुआत खराब रही और उनके शीर्ष बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए। हालांकि, कूपर कोनोली ने अकेले मोर्चा संभाला और 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल थे। लेकिन दूसरे छोर से समर्थन न मिलने के कारण वह अपनी टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सके।

पॉइंट्स टेबल की स्थिति: इस जीत के बाद हैदराबाद 11 मैचों में 14 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। वहीं, पंजाब किंग्स 10 मैचों में 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई है।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…6-05-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले 24 घंटों में सुरक्षा, अपराध और खेल जगत से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। जहाँ एक ओर जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है, वहीं सियासी गलियारों में इन धमाकों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। लुधियाना से आई आत्महत्या की खबरों ने सामाजिक ताने-बाने पर सवाल खड़े किए हैं, तो दूसरी तरफ चंडीगढ़ में सरकारी दफ्तरों के लिए जारी नए ‘ड्रेस कोड’ और IPL 2026 के प्लेऑफ शेड्यूल ने नई चर्चा छेड़ दी है।

सीमावर्ती इलाकों में धमाके और सियासत: पंजाब में 3 घंटे के भीतर दो धमाके हुए—पहला जालंधर में BSF हेडक्वार्टर के बाहर और दूसरा अमृतसर आर्मी कैंप में ग्रेनेड हमला। खालिस्तान लिब्रेशन आर्मी ने इसकी जिम्मेदारी ली है, जबकि CM भगवंत मान ने इसे चुनाव से पहले भाजपा की साजिश बताया है। वहीं, DGP गौरव यादव ने इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का हाथ होने और इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी से जुड़ने की आशंका जताई है।

लुधियाना सुसाइड और वायरल वीडियो कांड: लुधियाना में एक युवक के सुसाइड के बाद उसकी गर्लफ्रेंड के साथ प्राइवेट वीडियो और चैटिंग सामने आए हैं। युवक की मां का आरोप है कि लड़की उसे सुसाइड के लिए उकसाती थी और उसके पास बेटे के 10 हजार से ज्यादा फोटो-वीडियो हैं। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है।

मोहाली में बेअदबी से तनाव: मोहाली में माता साहिब कौर गुरुद्वारा के पास श्री गुटका साहिब के अंग सड़क पर बिखरे मिले, जिससे सिख संगत में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट रोड जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने नए बेअदबी कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

चंडीगढ़ और धर्मशाला में IPL का रोमांच: IPL 2026 के प्लेऑफ का शेड्यूल जारी हो गया है। क्वालीफायर-1 धर्मशाला में 26 मई को होगा, जबकि एलिमिनेटर (27 मई) और क्वालीफायर-2 (29 मई) न्यू चंडीगढ़ में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का फाइनल 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा।

गरीबी के कारण दंपती का सुसाइड: लुधियाना में एक दंपती ने ‘बच्चों हमें माफ कर दो’ लिखकर जहर खा लिया। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी गरीबी का जिक्र करते हुए लिखा कि वे गरीबी में जन्मे और गरीबी में ही मर रहे हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

कपूरथला में ममता शर्मसार: सुल्तानपुर लोधी में एक मां ने मानसिक तनाव के चलते अपने दो मासूम बच्चों के साथ नदी में छलांग लगा दी। हादसे में मां को तो बचा लिया गया, लेकिन उसके 6 साल और 3 साल के दोनों बेटों की डूबने से मौत हो गई।

मर्डर मिस्ट्री में BJP नेता का नाम: चंडीगढ़ के प्रॉपर्टी डीलर चिन्नी कुब्बाहेड़ी की हत्या की मास्टरमाइंड भाजपा नेता अमरीन राय निकली, जो एक ADGP की भाभी भी है। अमरीन ने 8 एकड़ जमीन के विवाद में गैंगस्टर लक्की पटियाल को 50 लाख की सुपारी दी थी।

कनाडा में पंजाबी युवक की हत्या: कनाडा के सरे में एक पंजाबी युवक (सैम) की उसके ऑफिस में घुसकर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए इसे टारगेट किलिंग बताया है।

दिलजीत दोसांझ को आतंकी पन्नू की धमकी: खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सिंगर दिलजीत दोसांझ को वीडियो जारी कर धमकी दी है। पन्नू ने दिलजीत के ‘मेरा भारत महान’ कहने और अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर आपत्ति जताई है। इससे पहले दिलजीत कनाडा में अपने शो के दौरान खालिस्तानियों पर भड़क गए थे।

सरकारी दफ्तरों में ड्रेस कोड: चंडीगढ़ के एस्टेट ऑफिस में अब जींस-टीशर्ट पहनना बैन कर दिया गया है। ग्रुप C और D के कर्मचारियों के लिए काली पैंट और आसमानी शर्ट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि दफ्तर में अनुशासन बना रहे।

एडीसी पूनम सिंह ने कटाई के अंतिम दिनों में किसी भी घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी के आदेश दिए हैं।

लुधियाना / सत्ता संदेश

जैसे-जैसे लुधियाना में गेहूं की कटाई का मौसम अंतिम चरण में पहुंच रहा है, अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) पूनम सिंह ने बुधवार को इन महत्वपूर्ण अंतिम दिनों में पराली जलाने की शून्य घटनाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विभिन्न विभागों—कृषि एवं किसान कल्याण, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB), राजस्व, पुलिस, पंचायत, मंडी बोर्ड, सहकारिता तथा अन्य हितधारकों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने बताया कि इस वर्ष लगभग 2.38 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई है, जिससे कटाई का अंतिम चरण सख्त निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

सिंह ने उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDMs) और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी बनाए रखें और पराली जलाने के किसी भी मामले पर तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने पर जोर देते हुए सभी विभागों के बीच समन्वित और तीव्र प्रयासों की आवश्यकता बताई।

उन्होंने अधिकारियों से किसानों के बीच जागरूकता अभियान को और तेज करने की अपील की, जिसमें कैंप, मोबाइल वैन और जानकारी सामग्री के माध्यम से पराली जलाने के दुष्प्रभावों—जैसे वायु प्रदूषण, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट, पोषक तत्वों की हानि तथा धुएं और सूक्ष्म कणों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम—के बारे में बताया जाए।

प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी। कृषि, प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व, सहकारिता और पंचायत सहित सभी विभागों को मिलकर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कटाई के अंत में पर्यावरण को कोई नुकसान न हो।

3 पंजाब (गर्ल्स) बटालियन एनसीसी, लुधियाना यूनिट के कैडेट्स ने जूनियर विंग (JW) ‘A’ सर्टिफिकेट परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है तथा 100% परिणाम प्राप्त किया है।

लुधियाना / /सत्ता संदेश

यह उपलब्धि उनकी निष्ठा, अनुशासन एवं निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।

सभी संबद्ध संस्थानों में प्रमाण-पत्र वितरण की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। दिनांक 06 मई 2026 को डीएवी स्कूल में एक औपचारिक समारोह के दौरान सफल कैडेट्स को ‘A’ सर्टिफिकेट 2025-26 प्रदान किए गए।

कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर.एस. चौहान सहित यूनिट के समस्त स्टाफ ने कैडेट्स को उनके सराहनीय प्रदर्शन हेतु प्रोत्साहित किया। कैडेट्स के समर्पण एवं उत्साह की सराहना की गई, जिससे यूनिट का मान बढ़ा है।

यह उपलब्धि यूनिट द्वारा प्रदान किए जा रहे उच्च स्तर के प्रशिक्षण एवं निरंतर मार्गदर्शन को रेखांकित करती है, जो कैडेट्स के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देता है।

जिला प्रशासन रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु को समाप्त करने के लिए Dayanand Medical College & Hospital के साथ एमओयू करेगा

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं में जीवनरक्षक देखभाल सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने मिशन जीवनी के तहत रेफरल और ‘गोल्डन ऑवर’ पर जोर दिया

लुधियाना / सत्ता संदेश

मातृ मृत्यु दर को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने Dayanand Medical College & Hospital के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत सिविल अस्पताल से हर माह कम से कम 20 उच्च जोखिम और अत्यधिक उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के मामलों को विशेषज्ञ और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही नर्सिंग छात्र स्वयंसेवकों द्वारा हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की ट्रैकिंग के लिए भी MoU किया जाएगा।

जिला मिशन जीवनी के तहत आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी हाई-रिस्क मामलों को सीधे Civil Hospital Ludhiana में रेफर किया जाए, ताकि सब-डिविजनल या अन्य केंद्रों के कारण होने वाली देरी से बचा जा सके।

डिप्टी कमिश्नर ने टालने योग्य मातृ मृत्यु पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए कहा कि जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की जल्द पहचान और सतत निगरानी जरूरी है। उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञों और आशा वर्करों को निर्देश दिया कि ओपीडी स्लिप पर स्पष्ट रूप से ‘हाई-रिस्क’ या ‘वेरी हाई-रिस्क’ अंकित किया जाए, ताकि तुरंत उचित उपचार सुनिश्चित हो सके।

मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि हर गर्भवती महिला को मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत पंजीकृत किया जाए, जिससे मुफ्त और कैशलेस इलाज मिल सके। प्रवासी महिलाओं के लिए Ayushman Bharat Yojana के तहत नामांकन अनिवार्य करने को कहा गया।

इसके अलावा, जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में MTP किट की उपलब्धता और तैयारियों की जांच की जा सके।

बैठक में पिछले दो महीनों के मातृ मृत्यु मामलों की केस-टू-केस समीक्षा की गई, जिसमें प्रसव पूर्व देखभाल, रेफरल में देरी और आपातकालीन सेवाओं की कमियों की पहचान की गई। आशा वर्करों, डॉक्टरों और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने इसमें भाग लिया। साथ ही UDID (Unique Disability ID) कार्ड की जांच प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर भी चर्चा हुई।

कमेटी ने क्लिनिकल प्रोटोकॉल के सख्त पालन, समय पर मरीज की स्थिति को स्थिर करने और प्रभावी रेफरल प्रणाली पर जोर दिया। किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख रूप से सिविल सर्जन डॉ. रामनदीप कौर, डॉ. बिशव मोहन, डॉ. आशिमा, डॉ. अमनप्रीत, डॉ. रोहित रांपल, जेडएलए दिनेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

यह पहल ‘गोल्डन ऑवर’ पर विशेष ध्यान और संस्थागत समन्वय के माध्यम से जिले में सुरक्षित मातृत्व और नवजात स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

लुधियाना के ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल ने बचत भवन में अपनी दूसरी औपचारिक बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की, जिसमें कल्याणकारी पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई और ट्रांसजेंडर समुदाय के समर्थन के ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

बैठक की अध्यक्षता सहायक आयुक्त पायल गोयल ने की। इसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) गुरमीत सिंह, जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (डीएसएसओ) वरिंदर सिंह तिवाना, सहायक सिविल सर्जन डॉ. विवेक कटारिया, मोहिनी महंत, गंगा सोशल फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजर रीना कल्याण, सब-इंस्पेक्टर मनजीत कौर सहित अन्य समिति सदस्य और विभिन्न हितधारक उपस्थित रहे। बैठक में सामाजिक समावेशन के रोडमैप पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान यह बताया गया कि लुधियाना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहां ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को 105 पहचान पत्र जारी किए गए हैं, जो पंजाब के किसी भी जिले में सबसे अधिक संख्या है।

सहायक आयुक्त पायल गोयल ने इस प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि ये पहचान पत्र ट्रांसजेंडर समुदाय को सरकारी लाभ और स्वास्थ्य सेवाओं तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए साउथ सिटी, अयाली खुर्द, लुधियाना स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) ने मुफ्त कौशल प्रशिक्षण और आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी कंप्यूटर शिक्षा, ब्यूटी पार्लर प्रबंधन और टेलरिंग जैसे विशेष पाठ्यक्रमों में नामांकन कर सकते हैं, जिनकी प्रति बैच क्षमता 30-35 व्यक्तियों की है।

SMILE योजना (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) के तहत संचालित गरिमा गृह पर भी चर्चा हुई, जहां लगभग 25 ट्रांसजेंडर व्यक्ति रह रहे हैं। डॉ. विवेक कटारिया ने बताया कि सिविल अस्पताल में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक अलग वार्ड स्थापित किया गया है और इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग शौचालय भी बनाए गए हैं।

बैठक का एक बड़ा हिस्सा प्रशासनिक संरचना में बदलाव और सामाजिक चुनौतियों पर केंद्रित रहा। सहायक आयुक्त (जनरल) ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया कि वे सप्ताह के अंत तक समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त करें और इसकी सूचना डीएसएसओ को दें, ताकि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की विशेष आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से संबोधित किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों में उनके कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

समिति ने ट्रैफिक लाइट्स पर भीख मांगने के संवेदनशील मुद्दे पर भी चर्चा की और इस विषय पर एक विशेष उपसमिति सक्रिय करने का निर्णय लिया। उद्देश्य अस्थायी उपायों से आगे बढ़कर जागरूकता और आजीविका समर्थन के माध्यम से स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है।

अपने समापन संबोधन में पायल गोयल ने कहा कि इस सेल का मुख्य उद्देश्य सामाजिक बाधाओं को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दस्तावेज़ीकरण और प्रशिक्षण जितने महत्वपूर्ण हैं, उतना ही जरूरी आम जनता में व्यापक जागरूकता फैलाना है, ताकि ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मानजनक जीवन मिल सके।

सभी विभागों से अपील की गई कि वे सहानुभूति और तत्परता के साथ कार्य करें, ताकि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को लुधियाना के सामाजिक ताने-बाने में पूरी तरह से शामिल किया जा सके।

मुंजाल बीसीयूसेंटर ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप

प्रेस नोट

एमबीसीआईई में संत बाबा भग सिंह यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का शैक्षणिक दौरा

लुधियाना /सत्ता संदेश , मई 2026:
मुंजाल-बीसीयू सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एमबीसीआईई), लुधियाना ने संत बाबा भग सिंह यूनिवर्सिटी, जालंधर के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के एक शैक्षणिक दौरे की सफलतापूर्वक मेजबानी की।

अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत बी.कॉम और बीबीए कार्यक्रमों के 52 छात्र, 5 संकाय सदस्यों के साथ, बुधवार 6 मई 2026 को एमबीसीआईई पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य विद्यार्थियों को इनक्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उद्यमिता विकास पहलों के कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

“नौकरियों के जाल में न फंसें – अपने उद्यम बनाएं!” विषय पर आयोजित सत्र का संचालन श्री शिवेन दास, सीईओ, लुधियाना एंजल नेटवर्क एवं निदेशक, एमबीसीआईई द्वारा किया गया। उन्होंने प्रेरणादायक स्टार्टअप कहानियां साझा कीं और प्रतिभागियों के साथ एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता को एक व्यवहारिक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इसमें नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाला बनने के लाभों पर प्रकाश डाला गया तथा गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए भी उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी गई। उद्यमिता के “क्या करें और क्या न करें” जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

डेढ़ घंटे के इस इंटरएक्टिव सत्र में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जो स्टार्टअप इकोसिस्टम में वास्तविक चुनौतियों और अवसरों को समझने के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि को दर्शाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत डॉ. प्रेम, कार्यकारी निदेशक, एमबीसीआईई द्वारा किया गया। उनके साथ श्री नवदीप सिंह, प्रमुख – अकादमिक एवं कॉर्पोरेट संबंध, एमबीसीआईई भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सत्र के लिए डॉ. अवतार के साथ चर्चा की पहल की।

एमबीसीआईई ने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई।

जारीकर्ता:

स्पष्ट राजनीतिक-सैन्य लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नियंत्रित शक्ति का प्रयोग: ऑपरेशन सिंदूर दुनिया के लिए एक मिसाल

— लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र प्रताप पांडे (सेवानिवृत्त)

संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल और रूस के बदलते राजनीतिक-सैन्य उद्देश्यों के बीच युद्ध छेड़ने के प्रयोगों ने दिखाया है कि 21वीं सदी के युद्ध और संघर्ष अक्सर लंबे और अस्पष्ट अभियानों में बदल गए हैं। इनके परिणाम संबंधित क्षेत्रों के लिए विनाशकारी रहे हैं और अंततः आरंभ करने वाले को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। तालिबान, इराक, यूक्रेन, गाज़ा और अब ईरान से जुड़े संघर्ष यह दर्शाते हैं कि सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य अनिश्चितकाल तक दबाव बनाए रखना नहीं होना चाहिए, बल्कि निर्णायक रणनीतिक परिणाम हासिल कर उपयुक्त शर्तों पर पीछे हटना होना चाहिए।

ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत की प्रतिक्रिया ने विश्व की सैन्य शक्तियों, विशेषकर अमेरिका, के सामने एक ठोस विकल्प प्रस्तुत किया। अमेरिका के राष्ट्रपति ने बार-बार युद्धविराम का श्रेय लिया है, लेकिन ईरान को सैन्य और आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने के बावजूद वे अपने घोषित उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल नहीं रहे। इसके विपरीत, ऑपरेशन सिंदूर एक योजनाबद्ध और नियंत्रित शक्ति के उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें स्पष्ट उद्देश्यों को प्राप्त करने के बाद अनुशासित संयम दिखाया गया।

पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था द्वारा की गई एक क्रूर उकसावे वाली कार्रवाई के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया। आतंकियों ने धर्म के आधार पर पुरुषों की उनके परिवारों के सामने हत्या कर दी। इसके बावजूद भारत ने न तो जल्दबाजी में प्रतिक्रिया दी और न ही अंधाधुंध बदला लिया। बल्कि एक सुविचारित, चरणबद्ध और तेज़ कार्रवाई की गई। हर कदम सटीक, दंडात्मक और लक्ष्य-केंद्रित था। साथ ही तनाव कम करने की गुंजाइश भी बनाए रखी गई—यह कमजोरी नहीं बल्कि नियंत्रण का संकेत था।

भारत की रणनीति की सबसे बड़ी विशेषता उसके राजनीतिक-सैन्य उद्देश्यों की स्पष्टता थी। लक्ष्य था—सीमा पार आतंकवाद के ढांचे को निर्णायक झटका देना और प्रतिरोधक क्षमता को पुनः स्थापित करना। यह सब अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया। प्रमुख ठिकानों को नष्ट करने और मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा करने के बाद भारत ने संघर्ष को यहीं रोक दिया।

केवल 88 घंटों के भीतर भारतीय सशस्त्र बलों ने अपने लक्ष्य पूरे कर लिए और नियंत्रण राजनीतिक नेतृत्व को सौंप दिया। पाकिस्तान, जो पहले बिना परिणाम भुगते उकसावे की कार्रवाई करता रहा, इस बार युद्धविराम की मांग करने को मजबूर हुआ। यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसने यह स्पष्ट किया कि उसकी रणनीति तेज़ और सटीक हमलों का सामना करने में सक्षम नहीं है।

भारत का रणनीतिक समुदाय यह समझता है कि पाकिस्तान की मूल सोच को बदलना संभव नहीं है, क्योंकि उसकी नीति विचारधारा और संस्थागत संरचना पर आधारित है। इसलिए भारत का उद्देश्य समस्या का स्थायी समाधान नहीं, बल्कि नियंत्रित और दोहराने योग्य कार्रवाई के माध्यम से उसके व्यवहार को प्रभावित करना था।

अमेरिकी सैन्य अभियानों के विपरीत, भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट और सीमित था। अमेरिका ने कई बार अपनी सैन्य श्रेष्ठता दिखाई, लेकिन रणनीतिक परिणाम हासिल करने में कठिनाई झेली है। लंबे अभियानों से संसाधनों की बर्बादी, थकान और विश्वसनीयता में कमी आती है—जैसा कि इराक, अफगानिस्तान और ईरान के मामलों में देखा गया।

यदि ऑपरेशन सिंदूर के मॉडल को ईरान के संदर्भ में लागू किया जाता, तो सीमित और सटीक हमलों के बाद मिशन को सफल घोषित कर कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ा जा सकता था। इसके बजाय लंबे अभियानों ने जटिल परिणाम पैदा किए और अमेरिका की स्थिति को कमजोर किया।

भारत का दृष्टिकोण यह भी दिखाता है कि आधुनिक युद्ध केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि धारणा प्रबंधन का भी खेल है। संतुलित प्रतिक्रिया देकर भारत ने दृढ़ता और संयम दोनों का परिचय दिया।

हालांकि कई विश्लेषकों ने संघर्ष बढ़ाने की वकालत की, भारत ने अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों—आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और वैश्विक भूमिका—पर ध्यान बनाए रखा। 2047 के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ते हुए भारत ने यह सुनिश्चित किया कि वह लंबे युद्ध में उलझकर अपनी प्रगति को बाधित न करे।

ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य सफलता नहीं, बल्कि कूटनीतिक सीख भी है। यह दिखाता है कि शक्ति का उपयोग एक सटीक नीति उपकरण के रूप में किया जा सकता है। यह सिद्ध करता है कि संयम कमजोरी नहीं, बल्कि विश्वसनीयता को बढ़ाता है। और यह भी कि सही समय पर सैन्य कार्रवाई को समाप्त करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उसे शुरू करना।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए संदेश स्पष्ट है—सफलता संघर्ष की अवधि से नहीं, बल्कि उद्देश्यों और परिणामों के सामंजस्य से तय होती है। भारत ने दिखाया कि निर्णायक प्रहार, विरोधी को बाध्य करना और अपनी शर्तों पर पीछे हटना संभव है।

ऑपरेशन सिंदूर का पूरा ढांचा केवल एक प्रभावी रणनीति नहीं, बल्कि अनुशासित “स्मार्ट पावर” का उत्कृष्ट उदाहरण है।

UIDAI ने पंजाब में बढ़ाई आधार सेवाएं, होशियारपुर, जालंधर व गुरदासपुर में नए आधार सेवा केंद्र स्थापित

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

होशियारपुर, गुरदासपुर व जालंधर में नए आधार सेवा केंद्रों (एएसके) शुरू करके, यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने पंजाब में सेवा वितरण नेटवर्क को मजबूत किया है।

ये नवीनतम आधार सेवा केंद्र नागरिक सुविधा बढ़ाने व आधार संबंधी सेवाओं के सहज वितरण सुनिश्चित करने हेतु हैं। निवासी आधार नामांकन, नाम, पता व जन्म तिथि जैसे जनसांख्यिकीय विवरणों के अपडेट के साथ-साथ बायोमेट्रिक अपडेट अधिक बेहतर व आसान तरीके से प्राप्त कर सकते हैं।

इन केंद्रों के जुड़ने से यूआईडीएआई निवासियों, विशेषकर नजदीकी कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए पहुंच सुधारने व यात्रा समय घटाने की प्रतिबद्धता जारी रखे हुए है। केंद्र आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित स्टाफ व सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं से सुसज्जित हैं ताकि न्यूनतम प्रतीक्षा समय व सुगम सेवा अनुभव सुनिश्चित हो।

 मानकीकृत व नागरिक हितैषी वातावरण बनाकर, मौजूदा केंद्रों पर भीड़ घटाकर व अनुरोधों के तेज प्रसंस्करण सुनिश्चित करके, इन एएसके की स्थापना सेवा वितरण की समग्र गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने की उम्मीद है। यह आधार सेवाओं में पारदर्शिता व विश्वसनीयता भी बढ़ाएगा।

इसके अलावा, ये केंद्र वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं व दिव्यांग व्यक्तियों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए आधार सेवाओं को आसानी से सुलभ बनाकर व्यापक समावेशन को बढ़ावा देंगे। बेहतर पहुंच सुगमता अधिक निवासियों को आधार विवरण अद्यतन रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे विभिन्न सरकारी व वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच संभव होगी।

यूआईडीएआई पंजाब के निवासियों को अपने नामांकन और अपडेट संबंधी ज़रूरतों के लिए इन आधार सेवा केंद्रों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ वैध सहायक दस्तावेज़ रखें, और अतिरिक्त सुविधा के लिए वे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, निवासी यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं या अपने निकटतम आधार सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘ओपन हाउस 2026’ सफल, ट्राइसिटी के छात्रों को मिला नवाचार मंच

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), के करियर डेवलपमेंट एंड गाइडेंस सेंटर (सीडीजीसी) द्वारा 06 मई को अपने वार्षिक प्रमुख कार्यक्रम ओपन हाउस 2026 का सफल आयोजन किया गया। साल 2010 में शुरुआत के बाद से यह आयोजन ट्राइसिटी के विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में प्रेरित करने का एक सशक्त मंच बन चुका है।

ओपन हाउस के 17वें संस्करण में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान उन्हें संस्थान के विभिन्न विभागों की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, उन्नत शोध केंद्रों और आधुनिक सुविधाओं का मार्गदर्शित भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें पेक में हो रहे शैक्षणिक एवं शोध उत्कृष्टता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।

प्रो. जेडी शर्मा, प्रमुख, सीडीजीसी, ने संबोधन में आए हुए सभी विद्यालयों और गणमान्य अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने ओपन हाउस के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने पेक को भारत के अग्रणी इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक बताते हुए जिज्ञासा, नवाचार और शोध-आधारित दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने सीडीजीसी की विभिन्न पहलों की जानकारी भी दी तथा कार्यक्रम के प्रायोजकों लैंडमार्क और स्टडीआईएएस का आभार व्यक्त किया।

पेक के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने अपने संबोधन में ऐसे आयोजनों के महत्व को रेखांकित किया और विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्रयोगशालाओं और प्रदर्शित परियोजनाओं का गहन अवलोकन करें। PEC की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने 1965 के युद्ध काल में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की शुरुआत और संस्थान के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की उपलब्धियों, विशेषकर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में योगदान, को साझा किया।

ओपन हाउस 2026 का प्रमुख आकर्षण परियोजना प्रदर्शनी रही, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा विकसित नवोन्मेषी और बहु-विषयक परियोजनाओं को प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक विभाग ने अपनी सर्वश्रेष्ठ परियोजना का चयन कर विशेषज्ञ समिति (उद्योग एवं अकादमिक क्षेत्र से) के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने “स्मार्ट एआई आधारित दुर्घटना पहचान एवं आपातकालीन अलर्ट प्रणाली” को सर्वश्रेष्ठ परियोजना घोषित किया। इस परियोजना से जुड़े विद्यार्थियों को ₹20,000 तथा संबंधित संकाय समन्वयकों को ₹10,000 की नकद राशि से सम्मानित किया गया।

प्रदर्शित अन्य प्रमुख परियोजनाओं में वर्टिकल स्पिन टनल (VST), कंक्रीट कैनो: बुआयांसे, लिवारा: मानव-केंद्रित स्वच्छता सहायता उपकरण, मैग्नीशियम आधारित औषधि वितरण इम्प्लांट, पोर्टेबल रेस्पिरेटरी हेल्थ मॉनिटर, स्मार्ट एआई आधारित दुर्घटना पहचान प्रणाली, किसान मित्र AI, इडियोपैथिक हाइपरटेंशन रोग के लिए क्लाउड-नेटिव समाधान, रिमोट-कंट्रोल्ड 6-व्हील रोवर (मेटल डिटेक्शन हेतु) तथा स्मार्ट शू (फुट केयर हेतु) शामिल रहे।

रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर सतत इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य संबंधी नवाचारों तक, इस आयोजन ने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग के विविध क्षेत्रों से परिचित कराया। ओपन हाउस 2026 ने न केवल जिज्ञासा को प्रोत्साहित किया, बल्कि विद्यार्थियों को सार्थक करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया।