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नीट-यूजी पुन: परीक्षा के अभ्यर्थियों को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

New Delhi की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घोषणा की है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि यह सुविधा 21 जून को आयोजित होने वाली पुन: परीक्षा के लिए लागू होगी। उन्होंने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के पास वैध प्रवेश पत्र होगा, वे डीटीसी बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को राहत प्रदान करना और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परिवहन संबंधी परेशानी से बचाना है।

अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को बस में यात्रा के दौरान अपना प्रवेश पत्र दिखाना होगा, जिसके आधार पर उन्हें मुफ्त यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्रों के लिए आयोजित परीक्षाओं के दौरान परिवहन सुविधा एक महत्वपूर्ण मुद्दा होता है। विशेषकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

दिल्ली सरकार पहले भी विभिन्न अवसरों पर छात्रों और महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराती रही है। इस फैसले को छात्रों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

नीट-यूजी देशभर में मेडिकल और संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रमुख परीक्षा है। पुन: परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच पहले से ही काफी चर्चा रही है, ऐसे में मुफ्त यात्रा सुविधा से कई अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली में युवक की चाकू मारकर हत्या का मामला सुलझा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार; नाबालिग भी हिरासत में

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

New Delhi के मध्य दिल्ली स्थित आनंद पर्वत इलाके में 21 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। यह मामला कथित पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सागर के रूप में हुई है, जिसकी 14 और 15 मई की दरमियानी रात चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी थी।

जांच में सामने आया है कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी का परिणाम थी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पीड़ित और आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को भी पकड़ लिया गया, जिसे बाल न्याय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकरण के हवाले किया गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना की योजना पहले से बनाई गई थी या यह अचानक हुआ झगड़ा था।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में आपसी विवादों का हिंसक रूप लेना एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है। छोटी-छोटी रंजिशें और गुस्से पर नियंत्रण न होने के कारण ऐसे मामलों में जानलेवा घटनाएं बढ़ रही हैं।

पुलिस ने कहा है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जाएगी।

जम्मू में टूटा पुल बना ग्रामीणों की मुसीबत, जान जोखिम में डाल नदी पार कर स्कूल और धार्मिक स्थलों तक पहुंच रहे लोग

जम्मू,/ सत्ता संदेश

Jammu and Kashmir के कई ग्रामीण इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जहां पुल बह जाने के कारण गांवों का संपर्क स्कूलों, धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया है। मजबूरी में ग्रामीण अब कामचलाऊ नावों और अस्थायी साधनों के सहारे उफनती नदी पार कर रहे हैं, जिससे हर दिन हादसे का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों के अनुसार हाल की बारिश और तेज बहाव के चलते नदी पर बना पुराना पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गया। इसके बाद कई गांवों के लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है, जबकि धार्मिक स्थलों तक जाने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। मजबूरी में स्थानीय लोगों ने छोटी नावों और अस्थायी लकड़ी के सहारों से नदी पार करने का इंतजाम किया है। हालांकि तेज बहाव और खराब मौसम के कारण यह सफर बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बार प्रशासन को समस्या से अवगत कराने के बावजूद पुल निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया।

क्षेत्र के निवासियों ने कहा कि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। यदि जल्द नया पुल नहीं बनाया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल अस्थायी पुल या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक पुल निर्माण और वैकल्पिक संपर्क बहाल करने को लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं होता, तब तक उनकी परेशानियां कम नहीं होंगी।

इस घटना ने एक बार फिर दूरदराज ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमजोर स्थिति को उजागर कर दिया है, जहां एक पुल टूटने से हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो जाती है।

जम्मू में टूटा पुल बना ग्रामीणों की बड़ी परेशानी, 10 महीने से नावों के सहारे जिंदगी, कई गांव अब भी दुनिया से कटे

जम्मू / सत्ता संदेश

Jammu and Kashmir के जम्मू क्षेत्र में पिछले वर्ष आई बाढ़ और तेज बहाव के कारण बहा पुल आज भी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी कई गांव अब तक मुख्य मार्गों से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों, इलाज, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने के लिए अब भी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल बह जाने के बाद प्रशासन की ओर से अस्थायी व्यवस्थाएं तो की गईं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। प्रभावित गांवों के लोग हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम के करीब आने से उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पुल टूटने के कारण बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हुई है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को नावों के जरिए नदी पार करनी पड़ती है, जिससे अभिभावकों में हमेशा डर बना रहता है। कई बार खराब मौसम और तेज बहाव के कारण नाव सेवा भी बंद करनी पड़ती है, जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। गांव के लोगों का कहना है कि किसी मरीज की हालत अचानक बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापार और खेती-किसानी भी इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं, जबकि रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ा है। गांवों में जरूरी सामान पहुंचाने में देरी होने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। लोगों ने सरकार से जल्द स्थायी पुल बनाने और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण की प्रक्रिया पर काम चल रहा है और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नया पुल तैयार नहीं होता, तब तक उनकी जिंदगी खतरे और परेशानियों के बीच ही गुजरती रहेगी।

क्षेत्र के लोगों को अब डर है कि यदि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ा, तो हालात और अधिक खराब हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार से जल्द राहत और निर्माण कार्य तेज करने की अपील की है।

ऊर्जा बचत पर दिल्ली सरकार सख्त, PWD अधिकारियों की विदेश यात्राएं रद्द, कारपूलिंग अनिवार्य

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Public Works Department ने ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अधिकारियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ‘कारपूलिंग’ अपनाने या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री Parvesh Sahib Singh ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ऊर्जा सुरक्षा और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग पर दिए गए जोर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

आदेश के अनुसार, विभागीय अधिकारियों की सभी विदेश यात्राएं—चाहे वे व्यक्तिगत हों या व्यावसायिक—अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी खर्च में कमी आएगी और ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा विभाग ने अधिकारियों को गैर-जरूरी वाहन उपयोग से बचने और सरकारी संसाधनों के अधिकतम दक्ष उपयोग के निर्देश दिए हैं। परियोजना निरीक्षण के दौरान एक ही स्थान पर जाने वाले अधिकारियों को एक वाहन में यात्रा करने के लिए कहा गया है ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।

सरकार के इस फैसले को ऊर्जा संरक्षण और प्रशासनिक खर्चों में कटौती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी इसी तरह के दिशा-निर्देश लागू किए जा सकते हैं।

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DARPG ने अप्रैल 2026 के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों हेतु CPGRAMS पर 45वीं रिपोर्ट जारी की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अप्रैल 2026 की 45 वीं मासिक रिपोर्ट जारी की है, जो केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली की है। रिपोर्ट में लोक शिकायतों के प्रकार और श्रेणियों तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उनके निपटान की प्रकृति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

अप्रैल 2026 में, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 88,057 लोक शिकायतें प्राप्त हुए और 77,445 लोक शिकायतों का निपटारा किया गया। अप्रैल में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 34,959 लोक शिकायतें दर्ज किए गए, इसके बाद गुजरात में 5,829 लोक शिकायतें दर्ज किए गए। 30 अप्रैल तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में CPGRAMS पोर्टल पर लोक शिकायतों की कुल संख्या 2,11,701 है। इसके अलावा, 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से अधिक लोक शिकायतें हैं।

इस रिपोर्ट में अप्रैल 2026 के दौरान सीपीग्राम्स पोर्टल के माध्यम से सीपीग्राम्स पर पंजीकृत नए उपयोगकर्ताओं का डेटा दिया गया है। अप्रैल 2026 में विभिन्न माध्यमों से कुल 76,643 नए उपयोगकर्ताओं ने सीपीग्राम्स पर पंजीकरण कराया है , जिनमें से 13,379 पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हैं। फीडबैक कॉल सेंटर ने अप्रैल 2026 में कुल 73,601 फीडबैक एकत्र किए, जिनमें से 30,621 फीडबैक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त हुए।

रिपोर्ट में अप्रैल में साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से दर्ज की गई शिकायतों का राज्यवार विश्लेषण भी दिया गया है। सीपीग्राम्स को साझा सेवा केंद्र पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है और यह 5 लाख से अधिक साझा सेवा केंद्रों में उपलब्ध है, जो 25 लाख ग्राम-स्तरीय उद्यमियों से संबद्ध है। अप्रैल 2026 में साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से कुल 8,001 शिकायतें दर्ज की गई हैं।

रिपोर्ट में सेवोत्तम योजना के अंतर्गत पिछले पांच वित्तीय वर्षों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कुल संख्या और प्रशिक्षित अधिकारियों की संख्या भी दी गई है। वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2026-27 के बीच कुल 1,159 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 38,270 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।

पंजाब रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अमृतसर बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

मांगें पूरी न होने पर 25 से 27 तारीख तक हड़ताल की चेतावनी

आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की उठी मांग

सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप, कर्मचारियों ने संघर्ष तेज करने का किया ऐलान

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा आज अमृतसर के केंद्रीय बस स्टैंड पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

यूनियन के प्रदेश नेता जोध सिंह ने बताया कि 18 तारीख को कर्मचारियों द्वारा एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई थी। इसके बाद पंजाब के वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक हुई, जिसमें मंत्री द्वारा कर्मचारियों की मांगें पूरी करने का भरोसा दिया गया था। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। चाहे पिछली सरकारें हों या मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार, कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यूनियन की मुख्य मांगों में आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करना, संघर्ष के दौरान दर्ज किए गए केस वापस लेना और कर्मचारियों को दोबारा बहाल करना शामिल है।

जोध सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों पर धारा 307 जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए थे, जिन्हें रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम वाली बसों को बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करती, तब तक बस स्टैंडों और बसों में सरकार के खिलाफ प्रचार अभियान जारी रहेगा।

वहीं यूनियन के प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि पहले 20 तारीख को संगरूर में बड़ा धरना-प्रदर्शन रखा गया था, जिसमें पूरे पंजाब से कर्मचारी पहुंचने वाले थे। लेकिन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक के बाद फिलहाल आंदोलन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। मंत्री द्वारा भरोसा दिया गया है कि कर्मचारियों पर दर्ज केस खत्म किए जाएंगे और जिन कर्मचारियों को पक्का किया जाना है, उन्हें जल्द रेगुलर किया जाएगा।

कर्मचारियों ने साफ किया कि अगर सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो 25, 26 और 27 तारीख को पूरे पंजाब में बड़ी हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों और विधानसभा में किए गए वादों को अब सरकार भूल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे और लोगों को सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करेंगे।

बाइट — जिला प्रधान जोध सिंह

बाइट — यूनियन जिला कैशियर बलजीत सिंह

आम आदमी पार्टी की नीतियों और पंजाब सरकार के कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के मीडिया सलाहकार Baltej Pannu ने बड़े बयान दिए हैं।

लुधियान / सत्ता संदेश

बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब में ईडी द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है, उससे यह साफ हो जाता है कि भाजपा के पास जनता के मुद्दों का कोई जवाब नहीं बचा है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में ईडी द्वारा पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग को समन भेजे गए हैं और Sanjeev Arora से जुड़ी एक कंपनी के रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। बलतेज पन्नू ने दावा किया कि ये कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जा रही हैं।

इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की ओर से पंजाब में आ रहे गंदे पानी के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मामले को गंभीरता से उठाया है और पंजाब के लोगों की सेहत तथा खेती को बचाने के लिए सरकार लगातार केंद्र के सामने यह मुद्दा उठा रही है।

बलतेज पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर बड़े और बेदाग चेहरे लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नामी चेहरे भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा उन्होंने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि “अकाली दल पुनर सुरजीत अब सिर्फ ‘पुनर’ ही रह गया है, क्योंकि ‘सुरजीत’ तो आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं।”

Punjab Government ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए घोषित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत सोमवार को CT University में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और दर्शन को समर्पित एक विशेष सेमिनार आयोजित किया।

लुधियान /सत्ता संदेश

सेमिनार को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने युवाओं से आह्वान किया कि वे श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपनाकर समाज से सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को समाप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समानता, सार्वभौमिक भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था, लेकिन आज भी शिक्षा और अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता बनी हुई है।

आर्थिक असमानता का उल्लेख करते हुए सिसोदिया ने कहा कि भारत की 140 करोड़ आबादी में से करीब 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 1.5 करोड़ लोगों के पास केंद्रित है, जबकि देश की 50 प्रतिशत आबादी के पास केवल 6 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को “पूरी तरह जर्जर” बताते हुए युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे असमानता और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं और श्री गुरु रविदास जी के सपनों के समानतावादी समाज के निर्माण में योगदान दें, जहां किसी प्रकार का सामाजिक विभाजन या अन्याय न हो।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि Punjab Government मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरे वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि गुरु साहिब के संदेश और दर्शन का प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि हर पंजाबी को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर युवाओं के लिए मिस्ड कॉल अभियान (9090029090) भी शुरू किया गया।

इस दौरान पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं और दर्शन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के आदर्शों के अनुरूप समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

संत केवल सिंह ने भी युवाओं से गुरु जी की शिक्षाओं को अपनाने की अपील की और कहा कि 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और समान अवसर के संदेश को सभी को अपने जीवन में लागू करना चाहिए।

इस अवसर पर CT University के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एसडीएम वेस्ट कुलदीप बावा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

भारी उद्योग मंत्रालय ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) विनिर्माण संवर्धन योजना के तहत वैश्विक निविदा के लिए बोली जमा करने की समय-सीमा बढ़ाई

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने कई हितधारकों की मांग को देखते हुए आरईपीएम योजना के तहत वैश्विक निविदा की समय-सीमा बढ़ा दी है। बोलीदाताओं के प्रश्नों का सरकारी उत्तर 09.06.2026 को जारी किया जाएगा। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28.05.2026 से बढ़ाकर 29.06.2026 कर दी गई है, जबकि तकनीकी बोलियों को खोलने की तिथि 29.05.2026 से पुनर्निर्धारित करके 30.06.2026 कर दी गई है ताकि अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके और हितधारकों को बोली प्रक्रिया में अतिरिक्त समय मिल सके। सभी हितधारकों की जानकारी के लिए अधि‍शेष केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (सीपीपी) पोर्टल (https://eprocure.gov.in/eprocure/app) पर प्रकाशित किया गया है।

भारत में सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आरईपीएम योजना के तहत लाभार्थियों के रूप में निर्माताओं के चयन हेतु मंत्रालय द्वारा 20 मार्च, 2026 को वैश्विक निविदा आमंत्रित की गई थी।

26 नवंबर, 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना को मंजूरी दी। अपनी तरह की यह प्रथम पहल है, जिसका उद्देश्य भारत में प्रति वर्ष 6,000 मीट्रिक टन (एमटीपीए) की एकीकृत रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना करना है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत वैश्विक आरईपीएम बाजार में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित होगा।

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विश्व के सबसे शक्तिशाली चुंबकों में से हैं और इनका व्यापक रूप से विद्युत वाहनों, पवन टर्बाइनों, उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, एयरोस्पेस और रक्षा प्रणालियों में उपयोग किया जाता है। भारत में एनडीपीआर ऑक्साइड से लेकर तैयार चुंबकों तक की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का निर्माण करके, इस योजना से इस क्षेत्र में आयात पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।