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बिजली मंत्री ने PSPCL कर्मचारियों को 10,500 सुरक्षा टूल किटें वितरित कीं
  • बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने पीएसपीसीएल कर्मचारियों को 12.60 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई 10,500 सुरक्षा टूल किटों के वितरण का शुभारंभ किया
  • बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः तरुणप्रीत सिंह सोंध

लुधियाना / सत्ता संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL ) ने बिजली वितरण प्रणाली पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए 10,500 सुरक्षा टूल किटें खरीदी हैं। इन टूल किटों के वितरण का शुभारंभ पंजाब के बिजली मंत्री स. तरुणप्रीत सिंह साँध ने सराभा नगर, लुधियाना स्थित पीएसपीसीएल कार्यालय में आयोजित एक समारोह के दौरान किया।

इस अवसर पर डॉ. बसंत गर्ग, आईएएस, चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी), पीएसपीसीएल तथा इंजी. इंदरपाल सिंह, निदेशक (डिस्ट्रिब्यूशन) भी उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री स. तरुणप्रीत सिंह सौंध ने कहा कि बिजली कर्मचारी हर मौसम और हर परिस्थिति में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सेवाएं देते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान वितरण प्रणाली पर कार्य करते समय सहायक लाइनमैन (एएलएम), लाइनमैन तथा अन्य कर्मचारियों के साथ हुए घातक और गैर-घातक हादसों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण अनेक बिजली कर्मचारियों को अपनी बहुमूल्य जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पंजाब सरकार ने बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण पहल की है।

उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे इन सुरक्षा टूल किटों का नियमित उपयोग करें तथा सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें, ताकि बहुमूल्य जीवन सुरक्षित रह सकें और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा, कल्याण तथा बेहतर कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा भविष्य में भी ऐसे कर्मचारी हितैषी प्रयास जारी रहेंगे। समारोह की मेजबानी इंजी. जगदेव सिंह हांस, मुख्य इंजीनियर, सेंट्रल ज़ोन, लुधियाना ने की। इस अवसर पर मुख्य इंजीनियर (पी एंड एम), मुख्य इंजीनियर (स्टोर्स एंड वर्कशॉप) तथा पीएसपीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

12.60 करोड़ रुपये की लागत से 10,500 सुरक्षा टूल किटों की खरीदः सीएमडी डॉ. बसंत गर्ग

पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग, आईएएस ने बताया कि पंजाब सरकार की पहल के तहत पीएसपीसीएल ने प्रत्येक सुरक्षा टूल किट पर लगभग 12,000 रुपये खर्च किए हैं तथा 10,500 टूल किटों की खरीद पर कुल 12.60 करोड़ रुपये की लागत आई है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा टूल किट उपलब्ध कराने के साथ-साथ कर्मचारियों को इन सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग संबंधी निरंतर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके। प्रत्येक सुरक्षा टूल किट में कैनवास बैग, प्लास, स्क्रूड्राइवर सेट, स्पैनर सेट, रैचेट सेट, नियोन टेस्टर, पोल सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी हेलमेट, वोल्टेज सेंसर, रिफ्लेक्टिव जैकेट, सेफ्टी गॉगल्स, रिचार्जेबल एलईडी टॉर्च तथा सेफ्टी दस्ताने शामिल हैं, जो कर्मचारियों को कार्य के दौरान बेहतर सुरक्षा प्रदान करेंगे.

अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • बार-बार जल रहा ट्रांसफॉर्मर बना मुसीबत, नए ट्रांसफॉर्मर की मांग को लेकर लोगों का प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर के आबादी गुरु नगर, मन्ने दी वेली के बैकसाइड इलाके में लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मर में शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। स्थानीय निवासी जतिंदर सिंह खालसा ने बताया कि आग लगने के बाद इलाके के लोगों ने रेत डालकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग करीब डेढ़ घंटे तक लगातार जलती रही।

लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन पावरकॉम की ओर से बिजली सप्लाई बंद नहीं किए जाने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम भी तुरंत आग पर काबू नहीं पा सकी।

अगले दिन जब बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों का आरोप था कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की बजाय उसी पुराने और जले हुए ट्रांसफॉर्मर को दोबारा चालू कर दिया गया। दोपहर करीब 1:30 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन अधिक लोड होने के कारण एक घंटे बाद फिर बिजली बंद हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह महीनों से यह ट्रांसफॉर्मर लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। ट्रांसफॉर्मर के आसपास दुकानें और छोटे बच्चे रहते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। बिजली विभाग के रवैये से नाराज़ लोगों ने सड़क जाम कर पावरकॉम के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में करीब 190 किलोवाट का बिजली लोड है, जबकि लगा हुआ ट्रांसफॉर्मर केवल 100 किलोवाट क्षमता का है। इसी ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पावरकॉम के एक्सईएन से बातचीत के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की तैयारी है, लेकिन कुछ स्थानीय लोग अपने घरों के सामने ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिससे काम में देरी हो रही है।

पुलिस प्रशासन और एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगले दिन सुबह 10 बजे पावरकॉम के एक्सईएन स्वयं मौके पर पहुंचेंगे और पुलिस की मौजूदगी में बिजली लोड को दो हिस्सों में बांटकर दो नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस आश्वासन और बिजली बहाली का काम शुरू होने के बाद लोगों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि, स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बाईपास पर बड़े स्तर पर दोबारा प्रदर्शन करेंगे।