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चार NGO ने मिलकर आंगनवाड़ी केंद्रों को 707 वॉटर कूलर दान किए

लुधियाना / सत्ता संदेश

गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों की सेहत और भलाई के लिए एक अहम पहल करते हुए, चार सामाजिक संगठनों ने मिलकर आंगनवाड़ी केंद्रों को कुल 707 वॉटर कूलर दान किए हैं। इससे जिले भर के बच्चों को सुरक्षित और ठंडा पीने का पानी मिल सकेगा।

इस पहल की अगुवाई ‘डू गुड फाउंडेशन’ (Do Good Foundation) ने की है, जिसने 557 वॉटर कूलर दिए हैं। वहीं, ‘सिटीनीड्स’ (CityNeeds), ‘नर सेवा फाउंडेशन’ (Nar Sewa Foundation) और ‘भारत विकास परिषद विवेकानंद सेवा ट्रस्ट’ (Bharat Vikas Parishad Vivekananda Sewa Trust) में से हर एक ने 50-50 वॉटर कूलर दान किए हैं। यह बच्चों की भलाई और समुदाय के विकास के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है।

इस पहल की एक खास और प्रेरणादायक बात ‘डू गुड फाउंडेशन’ से जुड़े बच्चों की सक्रिय भागीदारी है। फंड जुटाने और समुदाय के साथ जुड़ने के ज़रिए, इन युवा बदलाव लाने वालों (young changemakers) ने वॉटर कूलर खरीदने के लिए संसाधन जुटाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पता चलता है कि दया और सामाजिक ज़िम्मेदारी की शुरुआत कम उम्र में भी हो सकती है।

इन शानदार प्रयासों को देखते हुए, माननीय डिप्टी कमिश्नर की ओर से युवा योगदानकर्ताओं को प्रशंसा पत्र दिया गया। सम्मानित होने वालों में आदित्य पाहवा, राजवीर नंदा, रणवीर वर्मा, माहिरा पृथी, यशस्वी खुराना, अनाहिता अग्रवाल, शिवोम सचदेवा, आरव दादू, रूहान लाकरा, नायरा गुप्ता, आन्या गर्ग, जयवीर सिंह और आलिया गुप्ता शामिल हैं।

इन वॉटर कूलर के लगने से आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले हज़ारों बच्चों को साफ़ और ठंडा पीने का पानी मिल सकेगा, जिससे वे भीषण गर्मी में भी हाइड्रेटेड और स्वस्थ रह सकेंगे।

यह पहल इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे समुदाय के सामूहिक प्रयासों और युवाओं की भागीदारी से लंबे समय तक रहने वाला असर पैदा किया जा सकता है। एक नेक मकसद के लिए साथ मिलकर काम करने से, ये योगदान आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के लिए ज़्यादा स्वस्थ, सुरक्षित और आरामदायक माहौल बनाने में मदद करेंगे।

SAIL ने CSR के तहत स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम स्थापित करने के लिए EdCIL संग MoU किया

दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन, देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक और महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और शिक्षा मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम एडसिल लिमिटेड ने सेल के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 26 मई, 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, SAIL के परिचालन क्षेत्रों के आसपास स्थित स्कूलों में ‘स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम्स’ स्थापित किए जाएंगे।

इस सहयोग का उद्देश्य समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना और सीखने के परिणामों को और आगे ले जाना है। यह परियोजना सीधे तौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल विकास लक्ष्य-4 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ सभी के लिए समावेशी, न्यायसंगत, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सीखने के अवसर सुनिश्चित करना है।

सेल और एडसिल के बीच इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर SAIL के निदेशक, के. के. सिंह की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर SAIL और एडसिल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

खेल परिसरों को मिलेगा नया जीवन, बिहार सरकार अपनाएगी PPP और CSR मॉडल : खेल मंत्री श्रेयसी सिंह

पटना / सत्ता संदेश

बिहार सरकार अब राज्य के खेल परिसरों को केवल निर्माण तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह सक्रिय और उपयोगी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। बिहार की खेल मंत्री Shreyasi Singh ने बुधवार को कहा कि जिला खेल भवन-सह-व्यायामशाला, स्टेडियम, खेल मैदान और अन्य खेल परिसरों के प्रभावी संचालन के लिए खेल विभाग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल तथा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) सहयोग को अपनाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में खेल अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन अब समय आ गया है कि इन परिसरों को नियमित गतिविधियों, प्रशिक्षण शिविरों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से जीवंत बनाया जाए। सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीण स्तर तक खेल संस्कृति को मजबूत करना है।

खेल मंत्री ने कहा कि कई खेल परिसर निर्माण के बाद पर्याप्त उपयोग नहीं होने के कारण अपनी क्षमता के अनुरूप लाभ नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में निजी संस्थाओं और कॉरपोरेट कंपनियों के सहयोग से इन परिसरों का संचालन, रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं से विकास किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों, फिटनेस सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और बेहतर खेल वातावरण का लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि PPP मॉडल के तहत निजी एजेंसियों की भागीदारी से खेल परिसरों में पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं CSR फंड के जरिए कंपनियां खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, खेल सामग्री उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी।

Bihar सरकार की इस पहल को राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बिहार राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं का बड़ा केंद्र बन सकता है।