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आयकर निदेशालय ने नए आयकर नियम 2025 और 2026 पर आउटरीच कार्यक्रम का किया आयोजन

चंडीगण / सत्ता संदेश

आयकर निदेशालय (खुफिया और आपराधिक जांच), चंडीगढ़ ने श्री आनंदपुर साहिब में आयकर निदेशक (I&CI), चंडीगढ़, आईआरएस रोहित शर्मा, के मार्गदर्शन में मंगलवार को प्रारंभ (PRARAMBH), 2026 के देशव्यापी अभियान के तहत एक आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस सेमिनार में आईसीएआई (ICAI) के सदस्यों, बार एसोसिएशन के सदस्यों, बैंकरों और तहसीलदारों की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

यह कार्यक्रम नए आयकर अधिनियम, 2025 और नए आयकर नियम, 2026 के प्रावधानों तथा I&CI निदेशालय के संबंध में एसएफटी (SFT) और एसआरए (SRA) दाखिल करने से संबंधित नए फॉर्म 97, 98, 165, 166 और 167 पर स्पष्टता प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया था।

इस आउटरीच पहल का एक महत्वपूर्ण घटक एआई (AI) सक्षम “कर साथी” चैटबॉट का प्रदर्शन था। उपस्थित लोगों को चैटबॉट की कार्यक्षमता और उपयोगिता के बारे में समझाया गया कि एआई सक्षम चैटबॉट “कर साथी” आधिकारिक विभागीय वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in पर आसानी से उपलब्ध है। तदनुसार, प्रतिभागियों को आयकर वेबसाइट पर उपलब्ध नए एआई टूल का गहन अनुभव देने के लिए “कर साथी” पर एक समर्पित डेस्क स्थापित किया गया था।

सेमीनार के दौरान, श्रीमती सरिता अग्रवाल, आईआरएस, सहायक आयकर निदेशक (I&CI), चंडीगढ़ ने नए आयकर अधिनियम, 2025 की प्रमुख विशेषताओं, I&CI निदेशालय की भूमिका और फॉर्म संख्या 61ए में एसएफटी फाइलिंग व 61बी में एसआरए से संबंधित अनुपालन आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। यह समझाया गया कि, नियमों के अनुसार, स्थानीय बैंक, यानी को-ऑपरेटिव बैंक, एईओआई-सीआरएस (AEOI-CRS) फ्रेमवर्क (एफएटीसीए के अलावा) के तहत एक रिपोर्टिंग वित्तीय संस्थान है। एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें श्रीमती सरिता अग्रवाल, आईआरएस ने प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों का समाधान और स्पष्टीकरण किया।

आयकर अधिनियम के प्रावधानों के बेहतर अनुपालन और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए हितधारकों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर जोर देने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

अमित शाह ने बीकानेर में भारत-पाक सीमा सुरक्षा मजबूत करने को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

राजस्थान/ सत्ता संदेश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर एवं फलोदी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सीमा प्रबंधन को सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए।

बैठक में प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस एकीकृत प्रयास में स्थानीय नागरिकों, राज्य सरकार की मशीनरी और सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सीमा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0-15 किलोमीटर के दायरे में हो रहे अवैध निर्माणों को जमींदोज करने का निर्देश दिया।

अमित शाह ने BSF, CBDT, NCB और राज्य सरकार की मशीनरी के साथ समन्वित सीमा प्रबंधन रणनीति अपनाए जाने पर बल दिया, ताकि घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, अतिक्रमण, आतंकवादी फंडिंग और अन्य सीमा-पार अपराधों पर शिकंजा कसा जा सके।

गृह मंत्री ने जिला मजिस्ट्रेटों को जिम्मेदारियाँ सौंपते हुए निर्देश दिया कि वे सभी बैंकों में पूर्ण कानूनी एवं वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करें, प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करें, उनके फंडिंग स्रोतों की जांच करें, म्यूल खातों एवं शेल कंपनियों को ट्रैक करें, फर्जी आधार कार्डों की पहचान करें तथा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करें।

साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर अपराधों के त्वरित निवारण के लिए ‘1930’ कॉल सेंटर का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा क्षेत्र में कानून प्रवर्तन व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए तीन नए आपराधिक कानूनों का पूर्ण रूप से कार्यान्वयन किया जाए।

बैठक के दौरान वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के सफल एवं प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष बल दिया गया, जिसके माध्यम से अंतिम छोर तक शासन को सुदृढ़ करना, आर्थिक अपराधों को रोकना, बुनियादी सुविधाओं की कमी पूरी करना तथा सीमावर्ती जनसंख्या को समर्थन देना सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं का 100% सैचुरेशन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में रेखांकित किया गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। साथ ही, केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देकर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।