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रेलवे ने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क और सावधान रहने का आग्रह किया


नई दिल्ली / सत्ता संदेश

किसी भी संदिग्ध गतिविधि या उसमें लिप्त व्यक्ति की सूचना हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें ताकि रेलवे को निशाना बनाने वाले असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके

 रेलवे को निशाना बनाने वाली हाल की घटनाओं के मद्देनजर रेल मंत्री ने नई दिल्ली में फील्ड अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की

आधुनिक तकनीक का उपयोग करके फील्ड से खुफिया जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया में सुधार किया जा रहा है: अश्विनी वैष्णव

रेलवे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन, सीसीटीवी जैसे नवीनतम तकनीकी उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है। रेलगाड़ियों, यात्रियों, स्टेशन परिसर और विशाल रेल नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कार्य मिशन मोड में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के बीट स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। आज नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में रेल मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में देश भर के फील्ड अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। रेल भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू के अलावा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष भी इस बैठक में उपस्थित थे।

हाल ही में हुई आगजनी की कुछ घटनाओं सहित कई मामलों की प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता सामने आई है। भारतीय रेलवे ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) इनकी सक्रिय रूप से जांच कर रहा है। कई मामलों में, रेलवे की त्वरित और सक्रिय कार्रवाई से बड़ी दुर्घटनाओं को टालने में मदद मिली है। खुफिया प्रणालियों को मजबूत करने और सूचनाओं को तेजी से संसाधित करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के अलावा, रेलवे मंत्रालय यात्रियों को यात्रा के दौरान और स्टेशन परिसर में प्रतीक्षा करते समय असामाजिक गतिविधियों को रोकने के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क और सावधान रहने का आग्रह किया है। रेलवे परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना देने को कहा गया है।

सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान हुई चर्चाओं में, बेहतर रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से जमीनी स्तर से खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर बल दिया गया। प्रौद्योगिकी आधारित सुरक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने, रेलवे नेटवर्क में सीसीटीवी कवरेज का विस्तार करने और रेलवे बोर्ड मुख्यालय तथा फील्ड जोन के बीच परिचालन सुरक्षा तालमेल को सुधारने पर भी बल दिया गया। बैठक में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, कैमरों की विशिष्टताओं को उन्नत करने और एआई-आधारित निगरानी प्रणालियों को तैनात करने पर भी विचार किया गया। बैठक में रेलवे नेटवर्क में अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन के लिए आरपीएफ और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के बीच सूचना साझाकरण तंत्र को बेहतर बनाकर आपसी तालमेल को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

रेलवे ने जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड पर 238 करोड़ रुपए की लागत से महत्वपूर्ण ढलान स्थिरीकरण, सुरंगों के पुनर्निर्माण और पुलों के संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी

जम्मू /सत्ता संदेश

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड की दीर्घकालिक सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत करने की परियोजना: अश्विनी वैष्णव

रेलवे ने उत्तरी रेलवे के जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड पर 238 करोड़ रुपये की लागत से महत्वपूर्ण ढलान स्थिरीकरण, सुरंग पुनर्निर्माण और पुलों के संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी है। इन कार्यों में जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग पर संवेदनशील स्थानों पर पुनर्निर्माण, सुरंगों से रिसाव की समस्या का समाधान और अन्य संबंधित सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ये कार्य देश के सबसे चुनौतीपूर्ण भूभागों में सुरक्षित और विश्वसनीय संपर्क सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। श्री वैष्णव ने कहा कि कटिंग, पुलों और सुरंगों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद संरक्षण और पुनर्वास कार्यों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस खंड की दीर्घकालिक सुरक्षा और विश्वसनीयता मजबूत होगी।

कठिन भूभाग, प्रतिकूल भूवैज्ञानिक स्थितियों और प्रतिकूल मौसम के कारण इस खंड को कई इंजीनियरिंग और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि रेलवे ने समय-समय पर क्रियान्वयन और मजबूत बुनियादी ढांचा विकास के माध्यम से इन चुनौतियों पर लगातार काबू पाया है। मौजूदा बुनियादी ढांचे के लिए नए संरक्षण और पुनर्वास कार्यों की मंजूरी के साथ, यह मार्ग पहले से अधिक बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा और हर साल लाखों यात्रियों को अधिक सुरक्षा और विश्वास के साथ सेवा प्रदान करने के लिए तैयार है।

भारतीय रेलवे ने अति व्यस्त हावड़ा-दिल्ली मार्ग पर क्षमता बढ़ाने के लिए 962 करोड़ रुपये की लागत वाली 54 किलोमीटर लंबी किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना को स्वीकृति दी


किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना से यात्रियों के आवागमन, संपर्क और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी: अश्विनी वैष्णव

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारतीय रेलवे ने हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ाने, परिचालन क्षमता में सुधार और निर्बाध रेल परिवहन सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे की प्रतिबद्धता और मजबूत करते हुए 962 करोड़ रुपये की लागत वाली किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना (54 किलोमीटर) को स्वीकृति दे दी है। यह परियोजना भारतीय रेलवे के अति व्यस्त यातायात वाले नेटवर्क का महत्वपूर्ण भाग है और इससे पूर्वी और उत्तरी भारत में यात्रियों के आवागमन और माल ढुलाई दोनों की स्थिति सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना से हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और रेल सेवाओं की समयबद्धता तथा परिचालन की सामर्थ्य में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त रेल लाइन से सवारी गाड़ियों और मालगाड़ियों की सुचारू रूप से आवाजाही सुनिश्चित होगी और इसके साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक विकास और व्यापारिक संपर्क में सहायता मिलेगी।

अभी किउल और झाझा के बीच मौजूदा दोहरी लाइन के खंड का अपनी अधिकतम क्षमता से भी ज्यादा उपयोग हो रहा है जबकि आने वाले वर्षों में इस कॉरिडोर पर यातायात की मांग और बढ़ने की आशा है जिसके लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के विस्तार की आवश्यकता होगी। प्रस्तावित 54 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन परियोजना से इस लाइन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, भीड़ कम होगी तथा सवारी गाड़ियों और मालगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी। इस परियोजना से पटना और कोलकाता के बीच संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही, इससे उत्तरी और पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच माल ढुलाई भी सुगम होगी।

यह मार्ग कोलकाता/हल्दिया बंदरगाहों और रक्सौल/नेपाल के बीच महत्वपूर्ण रूप से संपर्क प्रदान करता है तथा बाढ़ एसटीपीपी, जवाहर एसटीपीपी और बीरगंज आईसीडी सहित प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी भारी माल ढुलाई के लिए मालगाड़ियों के परिवहन को संभालता है। इस रेल खंड को भारतीय रेलवे के अति व्यस्त यातायात वाले नेटवर्क कॉरिडोर के अंतर्गत चिन्हित किया गया है।

इस रणनीतिक गलियारे पर बढ़ते यातायात की मांग को देखते हुए इस परियोजना से यात्रियों के आवागमन और माल ढुलाई दोनों के लिए दीर्घकालिक स्तर पर बुनियादी ढांचागत सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके माध्यम से बेहतर संपर्क और वहन क्षमता में अतिरिक्त वृद्धि से पूर्वी और उत्तरी भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच सामग्रियों की आवाजाही की सामर्थ्य बढ़ेगी, भीड़ कम होगी और रेल परिवहन की विश्वसनीयता में सुधार होगा।

रेलवे ईडीएफसी के साथ 24 घंटे की गश्त तेज करेगा, ड्रोन निगरानी शुरू की जाएगी: श्री रवनीत सिंह, रेल राज्य मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री

केंद्रीय मंत्री ने अंबाला रेलवे मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्फोट स्थल का निरीक्षण किया

पटियाला/सत्ता संदेश

केंद्रीय मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज शंभू के पास हाल ही में हुए विस्फोट स्थल का दौरा किया और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। मीडिया को संबोधित करते हुए, मंत्री ने पंजाब में रेलवे अवसंरचना को निशाना बनाकर हो रही बार-बार की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा तथा निगरानी को मजबूत करने के लिए सख्त और तत्काल कदमों का आश्वासन दिया।

श्री रवनीत सिंह ने घोषणा की कि रेलवे ईडीएफसी के साथ 24 घंटे की गश्त को तेज करेगा और निगरानी कवरेज को काफी बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में, अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 सीसीटीवी कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और आगे भी स्थापना जारी है। कॉरिडोर के सुनसान और संवेदनशील हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां ड्रोन निगरानी सहित उन्नत मॉनिटरिंग तरीकों को लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रमुख रेलवे कर्मी ट्रैक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जमीनी गश्त करेंगे।

मंत्री ने बताया कि यह तीन महीने के भीतर और लगभग 35 किलोमीटर की दूरी के भीतर दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले की घटना 23 जनवरी को एनएच-44 से लगभग 800–900 मीटर की दूरी पर हुई थी, जबकि नवीनतम विस्फोट स्थल उसी राजमार्ग से लगभग 300 मीटर दूर स्थित है। प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि असामाजिक तत्व राजमार्ग से आसान पहुंच मार्गों का उपयोग कर रेलवे ट्रैक को निशाना बना रहे हो सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बाहरी संलिप्तता के संकेत भी मिल रहे हैं, जहां शत्रुतापूर्ण तत्व रेलवे जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना को निशाना बनाकर क्षेत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये कृत्य न केवल सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बाधित करने के सीधे प्रयास भी हैं।

ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो साहनेवाल को पश्चिम बंगाल से जोड़ता है, एक महत्वपूर्ण आर्थिक धुरी है, जहां प्रतिदिन लगभग 30 ट्रेनें चलती हैं और औद्योगिक तथा कृषि वस्तुओं का परिवहन करती हैं। इस नेटवर्क में किसी भी प्रकार का व्यवधान राज्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए झटका साबित होता है।

मंत्री ने लोको पायलट की सतर्कता की सराहना की, जिन्होंने प्रभाव का आभास होते ही तुरंत ट्रेन रोक दी, जिससे एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा टीमों को तुरंत स्थल पर तैनात किया गया।

सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मंत्री ने कहा कि रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों और माल परिवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आर्थिक गतिविधि बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

दिल्ली \ सत्ता संदेश

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों (2022 और 2023 बैच) और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों (2021, 2022, 2023 और 2024 बैच) ने आज (20 अप्रैल, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने इन अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश के विकास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सार्वजनिक सेवा में शामिल हुए हैं। राष्ट्र एक विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारतीय रेलवे और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के युवा अधिकारी होने के नाते, वे ऐसी भूमिकाओं में कदम रख रहे हैं जो लाखों नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके निर्णय और कार्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता पर सीधा और दीर्घकालिक प्रभाव डालेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि बुनियादी ढांचा ही आधुनिक राष्ट्रों की नींव है। रेल और राजमार्ग केवल परिवहन के साधन नहीं हैं; वे आर्थिक विस्तार, सामाजिक समावेशन और राष्ट्रीय एकता के उपकरण हैं। जब कोई रेल किसी दूरदराज के गांव तक पहुंचती है या कोई राजमार्ग किसी दूरस्थ क्षेत्र से जुड़ता है, तो इससे उन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के अपार अवसर खुल जाते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा लॉजिस्टिक्स लागत को कम करता है, व्यापार को बढ़ावा देता है, निवेश आकर्षित करता है और उत्पादकता बढ़ाता है। यह क्षेत्रों और लोगों को करीब लाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि केवल आंकड़े ही सफलता का पैमाना नहीं होते। उनके काम की असली कसौटी यह है कि इससे लोगों के जीवन में कितना सुधार होता है।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों से सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता जैसे लोक सेवा के मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां और कठिन निर्णय लेने के क्षण अवश्य आएंगे। ऐसे क्षणों में, उनके मूल्य ही उनका मार्गदर्शन करेंगे। राष्ट्रपति ने उन्हें हमेशा जिज्ञासु बने रहने, सीखते रहने और नवाचार को बढ़ावा देने की सलाह दी। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि उनके लिए गए निर्णय, उनके निर्धारित मानक और उनका समर्पण अमिट छाप छोड़ेगा। वे केवल प्रशासक ही नहीं, बल्कि प्रगति के सूत्रधार और आम लोगों के भरोसे के संरक्षक भी हैं।

गरीब व मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देने की भारतीय रेलवे की हर सम्भव कोशिश: रेल मंत्री

रेल मंत्री ने रेल दुर्घटनाओं में आई ऐतिहासिक कमी तथा  रिकॉर्ड माल ढुलाई व विशेष ट्रेनों को चलाने के लिए रेल परिवार को दी बधाई

स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा, सभी अधिकारी जी तोड़ मेहनत कर साफ़ सुथरे रखें अपने अपने रेलवे स्टेशन: रेल मंत्री

लोगों की आजीविका प्रभावित न हो, इसका रखें ध्यान; रेलवे भूमि अतिक्रमण के संवेदनशील मुद्दे का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान करें अधिकारी: रेल मंत्री

रेलवे स्टेशन या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ पार करने के लिए फुटओवर पुलों के बजाय सुविधाजनक व सुगम रेल पुलियाओं के निर्माण को प्राथमिकता दें

प्रविष्टि तिथि: 03 APR 2026 5:02PM by PIB Delhi

गरीब और मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देना रेलवे की हर सम्भव कोशिश है। इस उद्देश्य के लिए हम सभी मिल कर काम करें। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज देश भर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में ये आह्वान किया। ये बैठक रेल भवन, नई दिल्ली से की गई।

रेल मंत्री ने रेल परिवार को पिछले वर्ष में अच्छा काम करने के लिए बधाई देते हुए, बैठक की शुरुआत की। साथ ही नए उत्साह के साथ, इस वर्ष काम करने के लिए अपनी नई प्राथमिकताएँ तय करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में आई एतिहासिक कमी और रिकॉर्ड माल ढुलाई ने देश भर में रेलवे की छवि सुधारने का काम किया है। बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलाकर त्यौहारों के दौरान रेल यात्रा की बढ़ी हुई माँग को भी बड़ी ही प्रभावी तरीके से अधिकारियों ने पूरा किया है। समय पर रेल चलाने वाले ज़ोन को उनके अच्छे प्रदर्शन पर भी रेल मंत्री ने बधाई दी। देश के उन सभी ज़ोन की भी रेल मंत्री ने प्रशंसा की जिन्होंने 85% से अधिक रेल गाड़ियों को तमाम जमीनी चुनौतियों के बाबजूद समय पर चला कर स्वयं का पुराना प्रदर्शन सुधारा।

रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि रेलवे स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा है। वो साफ़ सुथरे होने चाहिए। इस दिशा में देश भर के अधिकारियों को जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में पिछले एक दशक में आधुनिकीकरण के लिए एक रिकार्ड आवंटन हुआ है। अतः अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि इस आवंटन का उचित उपयोग कर देश भर के रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलें। सुनिश्चित करें कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में धन राशि का आवंटन, स्टेशन में जन उपयोगी सुविधाओं का विकास करने में खर्च करें। ताकि सामान्य दिनों में यात्रियों का स्टेशन पर अनुभव और बेहतर किया जा सके।

त्यौहारों पर भीड़ को नियंत्रित कर प्लेटफॉर्म तक यात्रियों को बिना किसी भी दिक्कत के पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है ताकि रेल गाड़ियों में चढ़ना सुगम हो सके। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि इस दिशा में भी आवंटित धन राशि का उपयोग किया जाए। मौजूदा रेलवे प्रोजेक्ट्स में लंबित भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में उठा। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि लंबित भूमि अधिग्रहण द्रुत गति से आगे बढ़ायें। इसके लिए आवश्यक हो तो राज्य सरकारों के राजस्व व वन विभाग के अनुभवी सेवा निवृत्त अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लें।

रेल मंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका से जुड़े इस संवेदनशील मामले को एक मानवीय दृष्टिकोण से हल किया जाना आवश्यक है। देश के कई शहरी इलाकों में ये एक बड़ी समस्या है, जिसका समयबद्ध तरीके से निदान जरूरी है। अपनी पिछली बैठक में देश भर में भूमिगत रेल पुलियाएँ बनाने के निर्णय पर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ये तय किया गया कि रेलवे पटरियों को पार करने के लिए अब जहाँ तक हो सके भूमिगत पुलियाएँ ही बनाई जाएँ। धीरे-धीरे हम रेलवे फुटओवर पुलों को कम बनाएँ, बैठक में चर्चा के दौरान ये महसूस किया गया। रेल मंत्री ने कहा, भले ही रेलवे स्टेशन हो या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ, दोनों में ही पहली कोशिश भूमिगत सुविधाजनक पुलिया बनाने की होनी चाहिए।

स्वाभाविक है कि पुल चढ़ने के बजाय पुलिया को लोग ज्यादा उपयोग करेंगे। चर्चा के दौरान ये निर्णय लिया गया कि देश के कई हिस्सों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसी पुलियाएँ बनवाई जाएँ जो सुविधाजनक हों। पैदल लोगों के साथ साथ ये पुलियाएँ लोगों को साइकिल, स्कूटर व मोटर साइकिल ले जाने में भी सहायक बनें। ज्यादा चौड़ी ऐसी रेल पुलियाएँ भी बनाए जाने का निर्णय लिया गया जिनसे ट्रैक्टर सहित अन्य गाड़ियाँ भी निकल सकें। शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों की अलग अलग जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक रेल पुलियाएँ बन सकें। इस दिशा में सभी अधिकारी प्रयास करेंगे।

रेल मंत्री ने दोहराया कि सतत प्रयासों, प्रभावी योजना और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, भारतीय रेल देशभर के यात्रियों के लिए सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और समग्र यात्रा अनुभव को लगातार बेहतर बनाती रहेगी।