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उपराष्ट्रपति ने सरकारी स्कूलों में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का आह्वान कियाउपराष्ट्रपति ने छात्रों से कहा- ‘ईमानदारी से कड़ी मेहनत करो, सफलता में विनम्र रहो’

आंध्र प्रदेश/ सत्ता संदेश

आंध्र प्रदेश में गुंटूर जिले के स्कूली छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी राधाकृष्णन से मुलाकात की।

सरकारी स्कूलों के 27 लड़कियों सहित 41 मेधावी छात्रों के इस समूह ने कक्षा 10 की परीक्षाओं में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया था और वर्तमान में वे दिल्ली के शैक्षिक दौरे पर हैं।

सरकारी स्कूल के गरीब और वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को शैक्षिक दौरे पर दिल्ली लाने की पहल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे दौरे छात्रों को कक्षा से बाहर सीखने और उनके ज्ञान का विस्तार करने में मदद करते हैं। उन्होंने छात्रों से बातचीत करके खुशी व्यक्त की।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि सभी सफल लोगों को जीवन में संघर्ष, असफलता और बाधाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कठिनाइयां किसी व्यक्ति को अधिक मजबूत, अधिक आत्मविश्वासी और सफलता के प्रति अधिक दृढ़ संकल्पित बनाती हैं। छात्रों को अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति से निराश न होने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगी।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलाया कि देश के कई महान वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, नवप्रवर्तक, उद्यमी और राजनीतिज्ञ सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों से ही निकले हैं।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने बताया कि उन्होंने भी एक सरकारी स्कूल में तमिल माध्यम में पढ़ाई की थी और इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा जीवन को बदलने, परिवारों को ऊपर उठाने, समुदायों को मजबूत करने और राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देने का सबसे शक्तिशाली साधन है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकारी स्कूलों को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने सांसदों और विधायकों से सरकारी स्कूलों के सुधार और सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया।

पिछले एक दशक में देश की उल्लेखनीय आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक विकसित भारत के सपने की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में छात्रों के सपने और आकांक्षाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि 41 मेधावी छात्रों में से 27 लड़कियां थीं। उन्होंने कहा कि यह देश में नारी सशक्तिकरण को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को मादक पदार्थों और हानिकारक व्यसनों से दूर रहने की सलाह दी, जिनमें सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग भी शामिल है। उन्होंने छात्रों से खेलकूद, पठन-पाठन और रचनात्मकता को प्राथमिकता देने तथा अपनी पढ़ाई, लक्ष्यों और परिवार एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

अपने संबोधन के समापन में, उपराष्ट्रपति ने छात्रों को तीन सिद्धांतों को हमेशा याद रखने की सलाह दी: ईमानदारी से कड़ी मेहनत करना, सफलता में विनम्र रहना और ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करना। उन्होंने सभी छात्रों को उज्ज्वल, सार्थक और सफल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री पेम्मासानी चंद्र शेखर और पश्चिम गुंटूर विधानसभा की सांसद श्रीमती गल्ला माधवी उपस्थित थीं।

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ग्लोबल यूथ फेडरेशन, इंडिया ने पंजाब के मोहाली में स्थित सरकारी स्कूलों में चार नए कंप्यूटर लैब सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं।

मोहाली / सत्ता संदेश

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ग्लोबल यूथ फेडरेशन, इंडिया ने पंजाब के मोहाली में स्थित सरकारी स्कूलों में चार नए कंप्यूटर लैब सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं। ये कंप्यूटर लैब ग्लोबल यूथ फेडरेशन द्वारा पुकार – द वॉइस ऑफ ह्यूमैनिटी एनजीओ के सहयोग से, सेज फाउंडेशन और आईवॉलंटियर इंडिया के बहुमूल्य समर्थन से विकसित किए गए हैं और इन्हें माय भारत (युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) को समर्पित किया गया है, जो युवा विकास और डिजिटल समावेशन को मजबूत करने की दिशा में ग्लोबल यूथ फेडरेशन की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कंप्यूटर लैब सरकारी हाई स्कूल, सनेटा (एस.ए.एस. नगर), सरकारी हाई स्कूल, माताउर (सेक्टर-70), सरकारी हाई स्कूल, मौली बैदवान और सरकारी हाई स्कूल, बाल्टाना में स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक तक पहुंच प्रदान करना और उनकी डिजिटल शिक्षण क्षमताओं को बढ़ाना है। उम्मीद है कि यह पहल डिजिटल विभाजन को पाटने और छात्रों को आज की तेजी से बदलती दुनिया में आवश्यक कौशल से लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उद्घाटन समारोह में सेज के निदेशक श्री महेश गर्ग सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। श्री आनंद कदुर, कंट्री हेड, SAGE; सुदीप्ति रस्तोगी, लर्न एंड डेवलपमेंट हेड और ग्लोबल SAGE फाउंडेशन एंबेसडर; प्रो. (डॉ.) रेणु त्रिखा, चीफ एडवाइजर, ग्लोबल यूथ फेडरेशन; श्रीमती गिन्नी दुग्गल, जिला शिक्षा अधिकारी, मोहाली; सुश्री ईशा गुप्ता, जिला युवा अधिकारी, MY भारत, मोहाली; श्री रोहित कुमार, निदेशक और सीईओ, ग्लोबल यूथ फेडरेशन; और श्रीमती शिवानी रैना, संस्थापक और अध्यक्ष, पुकार – द वॉइस ऑफ ह्यूमैनिटी एनजीओ। उनकी उपस्थिति ने शिक्षा क्षेत्र में सार्थक और स्थायी प्रभाव पैदा करने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व को उजागर किया।

यह पहल प्रभावी साझेदारी का एक सशक्त उदाहरण है, जहां SAGE फाउंडेशन और iVolunteerIndia ने अपना निरंतर सहयोग दिया, और ग्लोबल यूथ फेडरेशन ने पुकार – द वॉइस ऑफ ह्यूमैनिटी के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया। MY भारत को समर्पित ये कंप्यूटर लैब युवाओं को अवसरों, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास तक पहुंच के माध्यम से सशक्त बनाने के साझा दृष्टिकोण को और मजबूत करती हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, ग्लोबल यूथ फेडरेशन के निदेशक एवं सीईओ रोहित कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक छात्र को अवसरों की समान पहुँच मिले और वह भविष्य के लिए आवश्यक कौशलों से लैस हो। ये कंप्यूटर लैब केवल बुनियादी ढाँचा नहीं हैं; ये अवसर, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर मार्ग का प्रतीक हैं।”

इन कंप्यूटर लैब की सफल स्थापना डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने और समावेशी शिक्षण वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो कुशल और भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी के निर्माण के व्यापक लक्ष्य में योगदान देती है।