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पंजाब गवर्नर और केंद्रीय राज्य मंत्री ने 1,044 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के मौके पर आज लुधियाना के गिल रोड स्थित सरकारी ITI कैंपस के ‘वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ एक्सीलेंस’ में सन फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे ‘मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स’ (MSDCs) का एक भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब भर में सन फाउंडेशन के स्किल सेंटर्स में प्रशिक्षित 1,044 युवाओं को सर्टिफिकेट और नियुक्ति पत्र दिए गए। इस समारोह में पंजाब के माननीय गवर्नर गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने समारोह की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की मेजबानी पद्म डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, सांसद (राज्यसभा) और चेयरमैन, सन फाउंडेशन ने की।

इस कार्यक्रम में पंजाब भर से 3,000 से अधिक युवाओं, इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, नियोक्ताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया, जिससे यह राज्य में ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के सबसे बड़े आयोजनों में से एक बन गया।

पंजाब के गवर्नर श्री गुलाब चंद कटारिया ने कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में सन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की बहुत सराहना की। उन्होंने पद्म श्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के दूरदर्शी नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि फाउंडेशन की पहल पंजाब भर के हजारों युवाओं को कौशल और सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बना रही है।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने पंजाब में विश्व स्तरीय कौशल विकास केंद्र बनाने के लिए पद्म श्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी और सन फाउंडेशन की टीम की प्रशंसा की। उन्होंने सन फाउंडेशन को कौशल और रोजगार के क्षेत्र में एक आदर्श संस्थान बताया और युवा सशक्तिकरण तथा राष्ट्र निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. साहनी को बधाई दी।

सभा को संबोधित करते हुए, सांसद (राज्यसभा) और सन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कौशल विकास और रोजगार सृजन पंजाब में बेरोजगारी, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और पलायन की चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान हैं। उन्होंने बताया कि सन फ़ाउंडेशन आज पंजाब भर में अपने ‘मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ के नेटवर्क के ज़रिए हर साल 5,000 से ज़्यादा युवाओं को ‘स्किल फ़ॉर जॉब्स’ (नौकरी के लिए कौशल) के तहत इंडस्ट्री से जुड़ी और भविष्य के लिए तैयार करने वाली ट्रेनिंग देता है।

उन्होंने आगे कहा कि सन फ़ाउंडेशन सेंटर्स में ट्रेनिंग लेने वाले हज़ारों युवाओं को इंडिगो एयरलाइंस, ताज होटल्स, मैरियट, रैडिसन, शाही एक्सपोर्ट्स, एवन साइकिल्स जैसी बड़ी कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर की कई नामी कंपनियों में नौकरी मिली है। डॉ. साहनी ने कहा कि सन फ़ाउंडेशन मार्केट की मांग के हिसाब से कोर्स तैयार करके और युवाओं के लिए सम्मानजनक रोज़गार के मौके पक्के करके, इंडस्ट्री की ज़रूरतों और युवाओं की उम्मीदों के बीच के अंतर को सफलतापूर्वक कम कर रहा है।

मान्यवरों ने ‘वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ़ एक्सीलेंस’ का दौरा भी किया, जहाँ उन्होंने ट्रेनिंग लेने वालों से बातचीत की और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और कई उभरते हुए सेक्टर में कौशल दिखाने वाली प्रदर्शनियों और लाइव डेमो का निरीक्षण किया।

PM मोदी PGIMER में 1200 करोड़ की स्वास्थ्य परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

  • एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर, एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक उत्तर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को देंगे नई दिशा
  • “जनता का बढ़ता विश्वास हमारी जिम्मेदारी को बढ़ाता है; इसका समाधान मरीजों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि अवसंरचना का विस्तार करना है।” – प्रो. विवेक लाल, निदेशक, PGIMER

पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER ), चंडीगढ़ अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री 17 जुलाई 2026 को दो अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं—एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर (एएनसी) और एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC)—का उद्घाटन करेंगे तथा क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की आधारशिला रखेंगे। लगभग ₹1,200 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएँ संस्थान के इतिहास में स्वास्थ्य अवसंरचना के सबसे बड़े विस्तारों में से एक हैं।

इन नई सुविधाओं से न केवल चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड तथा अन्य पड़ोसी राज्यों के उन लाखों मरीजों को लाभ मिलेगा, जो उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए पीजीआईएमईआर पर निर्भर हैं।

उद्घाटन से पूर्व अपने विचार व्यक्त करते हुए पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा,
“ये परियोजनाएँ भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी छलांग हैं। पीजीआईएमईआर सदैव प्रत्येक मरीज को उसकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इन सुविधाओं के शुरू होने से विश्वस्तरीय उपचार प्रदान करने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना भी जारी रहेगा।”

एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर

एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर को देश की सबसे उन्नत न्यूरोलॉजिकल देखभाल सुविधाओं में से एक के रूप में विकसित किया गया है। इसमें अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, उन्नत गहन चिकित्सा इकाइयाँ तथा आपातकालीन सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे तंत्रिका संबंधी रोगों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रो. विवेक लाल

“पीजीआई में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी की शुरुआत वर्ष 1967 में मात्र 50 बिस्तरों के साथ हुई थी। एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर के साथ यह संख्या बढ़कर 400 से अधिक बिस्तरों तक पहुँच रही है, जिनमें समर्पित आईसीयू और आपातकालीन सुविधाएँ शामिल हैं। यह एक परिवर्तनकारी कदम है, जिससे स्ट्रोक, मस्तिष्क ट्यूमर, रीढ़ की बीमारियों, मिर्गी, ट्रॉमा और अन्य जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों से पीड़ित मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।”

एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर

एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर में माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसमें समर्पित आईसीयू, आधुनिक लेबर सुइट, विशेष नवजात सेवाएँ और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएँ होंगी।

प्रो. विवेक लाल ने कहा,
“पीजीआईएमईआर ने भारत में कई नवजात सेवाओं की शुरुआत की है। एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर विशेष आईसीयू, उन्नत तकनीक और समर्पित स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।”

क्रिटिकल केयर ब्लॉक
नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला कोविड-19 महामारी से मिली सीख के बाद देश की आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रो. लाल ने कहा,
“महामारी ने हमें यह सिखाया कि क्रिटिकल केयर अवसंरचना कोई विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता है। यह नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक सुनिश्चित करेगा कि गहन चिकित्सा और वेंटिलेटर सहायता की आवश्यकता वाले मरीजों को बिना अनावश्यक विलंब के समय पर उपचार मिल सके। यह भविष्य की स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।”

वर्तमान में पीजीआईएमईआर में प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख मरीजों का पंजीकरण होता है तथा प्रतिदिन 10,000 से 15,000 ओपीडी परामर्श प्रदान किए जाते हैं। संस्थान बढ़ती मरीज संख्या को बोझ नहीं, बल्कि जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक मानता है।

इस संदर्भ में निदेशक ने कहा, “अक्सर कहा जाता है कि पीजीआई पर मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। मेरा मानना है कि हमारी जिम्मेदारी बढ़ रही है। पीजीआई लाखों लोगों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र है। समाधान मरीजों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि बढ़ती मांग के अनुरूप अपनी अवसंरचना और सेवाओं का लगातार विस्तार करना है।”

निदेशक ने बताया कि पीजीआईएमईआर आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत अत्यधिक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ न्यूनतम या बिना किसी लागत के उपलब्ध कराता है।

संस्थान में अब तक 5,500 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। इसके अलावा लिवर, हृदय, फेफड़े और कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं, जिनमें से कई अब आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। सेवाओं के विस्तार के कारण पात्र किडनी प्रत्यारोपण मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

पीजीआईएमईआर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में भी राष्ट्रीय अग्रणी संस्थान बनकर उभरा है। संस्थान अब तक 40 लाख से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान कर चुका है तथा देशभर के 250 से अधिक चिकित्सा संस्थानों, जिनमें सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी) और अन्य तृतीयक स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं, को शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण करता है।

निदेशक ने संस्थान की अभिनव ‘सारथी’ पहल का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मरीज सेवा में स्वयंसेवा के लिए प्रेरित करना है। यह कार्यक्रम एक छोटे स्वयंसेवी प्रयास से विकसित होकर हजारों युवाओं का जनआंदोलन बन चुका है, जो संस्थान में मरीजों की सहायता कर रहे हैं।

प्रो. लाल ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि करुणा और संवेदनशीलता का भी नाम है। ‘सारथी’ के माध्यम से युवा स्वयंसेवक सहानुभूति और सामुदायिक सेवा की भावना सीखते हैं तथा देश के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक में मरीजों की सहायता करते हैं। संवेदनशील नागरिकों का निर्माण करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना आधुनिक अस्पतालों का निर्माण करना।”

इन ऐतिहासिक परियोजनाओं के शुरू होने के साथ पीजीआईएमईआर उन्नत, किफायती और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में अग्रसर होगा तथा चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। यह उद्घाटन भारत सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने और उत्तर भारत के लाखों लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के सतत प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

200 सदस्यों के साथ JCI लुधियाना सेंट्रल बना देश का दूसरा सबसे बड़ा चैप्टर

लुधियाना / सत्ता संदेश

जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपीपी भरत एन. आचार्य के जोन-1 दौरे के दौरान जेसीआई लुधियाना सेंट्रल ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवाई। 14 जुलाई को आयोजित मल्टी एलओ मीट में जेसीआई लुधियाना सेंट्रल को 200 सदस्यों के साथ जेसीआई इंडिया का दूसरा सबसे बड़ा लोकल ऑर्गेनाइजेशन बनने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा गोल्डन कॉलर एवं जेसीआई पिन से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जेसीआई लुधियाना सेंट्रल के अध्यक्ष जेएफएम एडवोकेट सिमरनप्रीत सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष अपने कार्यकाल की प्रेसीडेंट रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में सदस्यता विस्तार, समाज सेवा परियोजनाओं एवं संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया, जिसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।

15 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जेसीआई लुधियाना सेंट्रल के कार्यालय का आधिकारिक दौरा किया। कार्यालय पहुंचने पर सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया तथा 200 सदस्यों की उपलब्धि का केक काटकर जश्न मनाया। इस दौरान संगठन की आगामी परियोजनाओं एवं सामाजिक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सदस्यों को प्रभावी नेतृत्व एवं सफल परियोजना संचालन संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी दिया।

इसके उपरांत जेसीआई लुधियाना सेंट्रल द्वारा राष्ट्रीय फ्लैगशिप कार्यक्रम के अंतर्गत मेगा सस्टेनेबल सिपिंग प्रोजेक्ट आयोजित किया गया। परियोजना के तहत भीषण गर्मी में कार्य कर रहे श्रमिकों को 500 स्टील की पानी की बोतलों का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना, उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था।

इस अवसर पर नगर निगम लुधियाना के कमिश्नर श्री जसदेव सिंह सेखों भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयं श्रमिकों को स्टील की बोतलें वितरित कीं तथा जेसीआई लुधियाना सेंट्रल द्वारा समाजहित एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

इस अवसर पर जोन की ओर से जोन अध्यक्ष जेसी सोमन गोयल, जोन उपाध्यक्ष जेसी विभु अरोड़ा, जोन उपाध्यक्ष जेसी पुनीत चड्ढा, जोन उपाध्यक्ष जेसी विनोद यादव तथा जोन सचिव मितुल डंग विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं जेसीआई लुधियाना सेंट्रल की ओर से जेसी प्रदीप सिंह मुंडी, जेसी कुलजीत सिंह, जेसी रसलीन कौर, जेसी तेजस्वी धीमान, जेसी अवतार सिंह, जेसी रोहित जिंदल, जेसी रिपन गोयल, जेसी विनायक कश्यप, जेसी जसप्रीत सिंह, जेसी राहुल भारद्वाज, जेसी जगप्रीत सिंह, जेसी मनमोहन सिंह, जेसी करणवीर सिंह, जेसी परमजीत सिंह तथा जेसी गुरप्रीत सिंह रियात भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपीपी भरत एन. आचार्य ने जेसीआई लुधियाना सेंट्रल की तेज़ी से बढ़ती सदस्यता, अनुकरणीय सेवा परियोजनाओं तथा संगठनात्मक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को बधाई दी।