सुखविंदर सिंह बिंद्रा को केंद्र सरकार ने दूसरी बार NISD मेंबर बनाया है। बिंद्रा ने युवाओं को नशे से दूर रखने, यूथ एम्पावरमेंट और स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
भारत सरकार ने सामाजिक क्षेत्र में सुखविंदर सिंह बिंद्रा की सेवाओं और योगदान को देखते हुए उन्हें दूसरी बार NISD (National Institute of Social Defence) का मेंबर बनाया है। बिंद्रा वर्तमान में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत NISD मेंबर के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वह NCCDR में स्पेशल मेंबर/इनवाइट के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का फैसला सामाजिक क्षेत्र में उनके कार्यों और योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस जिम्मेदारी के लिए सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का आभार जताया।
बिंद्रा ने कहा कि उनका विभाग युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में युवाओं की भलाई, विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर आगे भी मिलकर काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकने में यूथ एम्पावरमेंट और अवेयरनेस प्रोग्राम की अहम भूमिका है। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।
सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने कहा कि वह और उनका विभाग पंजाब तथा देश के युवाओं की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ अन्य जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने विशेष रूप से खेलों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए उन्हें खेलों से जोड़ना बेहद जरूरी है। आने वाले समय में युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने और उन्हें नशे से दूर रखने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स किट भी वितरित की जाएंगी।
बिंद्रा ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाकर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जाएगा।
उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से युवाओं के विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर आने वाले समय में और प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।
पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER ), चंडीगढ़ ने सोमवार को 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए जाने वाले ऐतिहासिक स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं के महत्व से मीडिया को अवगत कराया।
कैरोन ब्लॉक के बोर्ड रूम में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इसे संस्थान की स्वास्थ्य उत्कृष्टता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा पीजीआईएमईआर की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ये केवल नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि उत्तर भारत के करोड़ों लोगों तक उन्नत, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की हमारी क्षमता में एक परिवर्तनकारी छलांग का प्रतीक हैं।”
प्रधानमंत्री एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC) तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर (ANC) का उद्घाटन करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग ₹1,200 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएं उत्तर भारत में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा तथा उन्नत अनुसंधान को नई मजबूती प्रदान करेंगी।
रोगी सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रो. लाल ने कहा, “हमारा मूल मंत्र हमेशा से केवल एक रहा है—रोगी सेवा, रोगी सेवा और रोगी सेवा। हमारी प्रत्येक नई सुविधा इसी उद्देश्य से विकसित की गई है कि हर मरीज को गरिमा, संवेदनशीलता और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के साथ विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सके।”
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में डीन (अकादमिक) प्रो. संजय जैन, उपनिदेशक (प्रशासन) श्री पंकज राय, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. एस.के. गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अशोक कुमार, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. वनीता जैन, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. विजय गोनी, प्रोफेसर इंचार्ज (इंजीनियरिंग) प्रो. समीर अग्रवाल, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरविंदर सिंह भट्टी (एस.एच.ई.), एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव चौहान तथा अस्पताल प्रशासन विभाग से डॉ. रमन शर्मा एवं डॉ. विजय तड़िया उपस्थित रहे।
एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर की जानकारी देते हुए निदेशक ने कहा, “₹505 करोड़ की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक केंद्र आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित है। 300 बिस्तरों वाले इस केंद्र में अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाइयां (NICU), मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे पीजीआईएमईआर की प्रतिवर्ष 6,000 से अधिक उच्च जोखिम वाली प्रसूतियों के प्रबंधन की क्षमता और सुदृढ़ होगी।”
इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “उन्नत चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए ₹147 करोड़ का उदार सहयोग प्रदान करने पर हम इन्फोसिस फाउंडेशन के अत्यंत आभारी हैं। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की यह अनुकरणीय साझेदारी हमारी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगी तथा आने वाली पीढ़ियों तक मरीजों को लाभान्वित करेगी।”
300 बिस्तरों वाला एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोरेडियोलॉजी, न्यूरोएनेस्थीसिया, न्यूरोक्रिटिकल केयर तथा पुनर्वास सेवाओं को एक ही परिसर में समाहित करेगा। 61 गहन चिकित्सा बिस्तरों, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरों तथा अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार को नई दिशा देगा।
इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रो. लाल ने कहा, “यह नया केंद्र उपचार में होने वाली देरी को कम करेगा, मरीजों के जीवित रहने की संभावना तथा दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल परिणामों में सुधार लाएगा और पीजीआईएमईआर को न्यूरोसाइंस शिक्षा, अनुसंधान एवं उन्नत उपचार के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।”
माननीय प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत लगभग ₹244 करोड़ की लागत से विकसित किए जाने वाले 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। कोविड-19 महामारी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही यह सुविधा आपातकालीन तैयारियों तथा बहुविषयक क्रिटिकल केयर सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
पीजीआईएमईआर में बढ़ते मरीजों की संख्या पर टिप्पणी करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “पीजीआईएमईआर में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या हमारे लिए बोझ नहीं, बल्कि इस संस्थान पर लोगों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। हम इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं कि निरंतर अपनी अवसंरचना और सेवाओं का विस्तार करें ताकि कोई भी मरीज गुणवत्तापूर्ण उपचार से वंचित न रहे।”
निदेशक ने आयुष्मान भारत योजना के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा, “इस योजना ने अनेक जटिल उपचारों और उन्नत शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं को उन मरीजों के लिए भी आर्थिक रूप से सुलभ बनाया है, जो पहले वित्तीय बाधाओं के कारण इनका लाभ नहीं उठा पाते थे। अंग प्रत्यारोपण, कैंसर उपचार से लेकर जटिल हृदय एवं न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं तक, पीजीआईएमईआर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम कर रहा है।”
उन्नत उपचार की किफायत पर बल देते हुए प्रो. लाल ने कहा, “आज पीजीआईएमईआर इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी होना आवश्यक नहीं हैं। आयुष्मान भारत योजना और हमारी अमृत फार्मेसियों के माध्यम से अनेक महंगी दवाएं पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग तीन सौवें हिस्से की लागत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे जीवनरक्षक उपचार जरूरतमंद मरीजों की पहुंच में आ सका है।”
प्रो. लाल ने भारत सरकार तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “ये ऐतिहासिक परियोजनाएं रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी और देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में पीजीआईएमईआर की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करेंगी।”
मीडिया ब्रीफिंग का समापन संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें निदेशक ने रोगी सेवाओं, नई स्वास्थ्य अवसंरचना की तैयारियों तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं से संबंधित मीडिया के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उत्कृष्ट रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के प्रति पीजीआईएमईआर की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 देशों की यात्रा के पहले चरण में अभी इंडोनेशिया में हैं और उन्हें वहां का सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। पीएम मोदी का जोरदार स्वागत करने के बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो ने ऐलान किया कि इंडोनेशिया ने PM मोदी को अपना सबसे बड़ा सम्मान बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया मेडल ऑफ ऑनर से नवाजा है।
इंडोनेशिया गणराज्य की ओर से ‘बिन्तांग अदिपुर्ना’ मेडल ऑफ ऑनर, देश का सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया गणराज्य की एकता, निरंतरता और समृद्धि के लिए असाधारण सेवा की है।
दिल से इंडोनेशिया को धन्यवादः PM मोदी
सर्वोच्च सम्मान से नवाजे जाने के बाद पीएम मोदी ने कहा, “आज सुबह मुझे बहुत प्यार और सम्मान के साथ इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया गया. यह सम्मान करोड़ों भारतीयों का है। यह इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं और हमारे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, गहरे संबंधों को दर्शाता है। मैं इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति प्राबोवो, इंडोनेशियाई सरकार और यहां के लोगों का दिल से धन्यवाद करता हूं।”
पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों को जिक्र करते हुए कहा, “21वीं सदी तकनीक टेक्नोलॉजी पर आधारित सदी हैय भारत और इंडोनेशिया दोनों ही युवा ऊर्जा से भरे हुए देश हैं. हमारे युवाओं में तकनीक के प्रति स्वाभाविक रुझान है. हमें अपने युवाओं के बीच AI, टेलीकॉम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए आज एक अहम समझौता किया है.”
उन्होंने आगे कहा “हम दोनों देशों के बीच स्टार्टअप सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमत हुए हैं. हम इंडोनेशिया में भारत के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान IIM बेंगलुरु का कैंपस खोलने जा रहे हैं.”
इससे पहले पीएम मोदी का आज इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए जकार्ता पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया. पीएम 3 देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में कल सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे. उनकी इस यात्रा का मकसद भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है.
इस्ताना मर्देका में PM मोदी का भव्य स्वागत
जोरदार स्वागत के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा, “इस्ताना मर्देका (इंडोनेशिया का राष्ट्रपति भवन) में गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका धन्यवाद!” जकार्ता स्थित राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी ने सुबियांतो से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने गेस्ट बुक पर भी हस्ताक्षर किए.
पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया दोनों के बीच लगातार मजबूत हो रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाली मानी जा रही है. पीएम की यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की पिछले साल जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है.