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समराला में कूड़े के डंप में लगी भीषण आग, जहरीले धुएं से परेशान हुए लोग

समराला: समराला के जुझार सिंह नगर और अंबेडकर कॉलोनी के पास मुख्य गली में स्थित कूड़े के सेकेंडरी डंप में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद पूरे इलाके में जहरीला धुआं फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने खुद बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया।

ट्रांसफार्मर और नंगी तारों के नीचे जलता रहा कूड़ा

इलाका निवासी जसविंदर सिंह और कमल ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर पानी की बाल्टियां डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कूड़े के डंप के ठीक ऊपर बिजली का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है और नंगी बिजली की तारें भी गुजर रही हैं।

लोगों का कहना है कि आग अगर ट्रांसफार्मर या बिजली की तारों तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा डंप के पास ही सिविल अस्पताल भी स्थित है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई।

बाहरी लोगों पर कूड़ा फेंकने के आरोप

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आसपास के अलावा बाहरी लोग भी रेहड़ियों में भरकर कूड़ा यहां फेंक जाते हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में इस्तेमाल की गईं सिरिंज तक खुले में फेंकी जाती हैं, जिससे संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी खतरा बना हुआ है।

डंप के पास प्रशासन की ओर से 5 हजार रुपये जुर्माने का बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं करवाया जा रहा।

पहले भी शिकायतें, नहीं हुआ स्थायी समाधान

इलाका निवासियों का कहना है कि कूड़े के डंप की समस्या को लेकर प्रशासन से पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है और इस मुद्दे को लेकर समाचार भी प्रकाशित हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

घनी आबादी के बीच कूड़ा जमा होने से गंदगी और बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस सेकेंडरी डंप को बंद करने की मांग की है।

नगर कौंसिल अध्यक्ष ने बताया क्या है व्यवस्था

वहीं, नगर कौंसिल अध्यक्ष लाला मंगत राय ने कहा कि शहर की अंदरूनी संकरी गलियों में बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकतीं। ऐसे में सफाई कर्मचारी रेहड़ियों के माध्यम से कूड़ा एकत्र कर कुछ समय के लिए इस सेकेंडरी डंप में रखते हैं। इसके बाद ट्रॉलियों के जरिए कूड़े को मुख्य डंप तक पहुंचाया जाता है।

उन्होंने कहा कि नई कमेटी को कार्यभार संभाले अभी करीब एक महीना ही हुआ है। वह स्वयं सुबह 7 बजे से सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हैं और रोजाना सुबह 11 बजे तक मुख्य डंप को खाली करवाने का प्रयास किया जाता है।

नगर कौंसिल अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सेकेंडरी डंप की समस्या का जल्द समाधान निकाला जाएगा।

समराला में 29 दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, वेतन बढ़ोतरी के बाद शुरू हुआ सफाई अभियान

समराला / सत्ता संदेश

Report : परमिंदर वर्मा, समराला

समराला में 29 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल वेतन बढ़ोतरी के बाद समाप्त हो गई। नगर काउंसिल ने कर्मचारियों का स्वागत किया, शहर में फिर शुरू हुई सफाई।

समराला शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले 29 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी किए जाने के बाद सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और पूरे शहर में दोबारा सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है।

हड़ताल समाप्त होने के बाद नगर काउंसिल समराला के प्रधान लाला मंगत राय ने सफाई कर्मचारियों का मुंह मीठा करवाकर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार करते हुए उनके वेतन में वृद्धि की है। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सामान्य होने लगी है।

सफाई कर्मचारी यूनियन समराला के प्रधान मास्टर सुरिंदर कुमार ने बताया कि कच्चे सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले 29 दिनों से हड़ताल पर थे। इस दौरान शहरवासियों ने उनका पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि सरकार के सकारात्मक फैसले से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है और सभी कर्मचारी इस निर्णय से संतुष्ट हैं।

कर्मचारियों ने भरोसा दिलाया कि वे पहले की तरह पूरी जिम्मेदारी और मेहनत के साथ शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए कार्य करेंगे। इस अवसर पर नगर काउंसिल प्रधान लाला मंगत राय, यूनियन प्रधान मास्टर सुरिंदर कुमार और महिला सफाई कर्मचारी भारती देवी ने भी अपने विचार साझा किए।

शहरवासियों को उम्मीद है कि सफाई व्यवस्था सामान्य होने से पिछले कई दिनों से जमा कचरे का जल्द निपटारा होगा और समराला फिर से स्वच्छ एवं साफ-सुथरा नजर आएगा।

समराला में तीज उत्सव की धूम: हरनाम नगर में गिद्धा, लोकगीत और पंजाबी संस्कृति के रंग बिखरे

समराला / सत्ता संदेश

Report : परमिंदर वर्मा

सावन की फुहारों के बीच समराला का हरनाम नगर रंग-बिरंगे परिधानों, गिद्धे की थाप और पारंपरिक बोलियों से पूरी तरह सराबोर नजर आया। मौका था पंजाब के पारंपरिक तीज पर्व के उत्सव का, जहां महिलाओं ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ अपनी संस्कृति और विरासत का रंग बिखेरा।

तीज समारोह में महिलाओं ने पारंपरिक पंजाबी वेशभूषा पहनकर गिद्धा प्रस्तुत किया, लोक बोलियां गाईं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पंजाब की समृद्ध विरासत को जीवंत किया। पूरे आयोजन के दौरान लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद मैडम काफी ने कहा कि तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है। साथ ही ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने झूले, लोकगीत, गिद्धा और बोलियों के साथ तीज के उत्सव का भरपूर आनंद लिया। सावन के इस पारंपरिक पर्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आधुनिक दौर में भी पंजाब की लोक संस्कृति आज भी पूरी जीवंतता के साथ लोगों के दिलों में बसती है।

Samrala : पंजाब बंद का समराला में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहे बाजार

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर समराला में पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में बाजार बंद रहे और व्यापारियों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

समराला / सत्ता संदेश

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुलाए गए पंजाब बंद का समराला में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश बाजार पूरे दिन बंद रहे और व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

यूनियन नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बरनाला में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक रूप से यह भी मांग की कि आम आदमी पार्टी से चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सफाई कर्मचारी और यूनियन से जुड़े सदस्य आम आदमी पार्टी का विरोध करेंगे।

बंद के दौरान समराला के मुख्य बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।

फिलहाल सरकार की ओर से यूनियन की मांगों और बंद को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

समराला में सीवरेज प्रोजेक्ट बना मुसीबत, 2 महीने से काम बंद, दुकानदारों का 75% कारोबार प्रभावित

समराला / सत्ता संदेश

समराला शहर के मुख्य चंडीगढ़ रोड पर लोगों की सुविधा के लिए शुरू किया गया सीवरेज लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट अब स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पिछले करीब दो महीनों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे सड़क किनारे स्थित दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सीवरेज लाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन ठेकेदार को भुगतान नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया। सड़क पर खुदाई होने और निर्माण सामग्री बिखरी रहने से ग्राहक दुकानों तक पहुंचने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा है और पिछले दो महीनों में उनकी बिक्री में करीब 75 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है। कई दुकानदारों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च और कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया है।

दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि अधूरी पड़ी सीवरेज लाइन में बारिश के दौरान मिट्टी और मलबा भर गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पाइप लाइन की सफाई नहीं करवाई गई और निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ तो सीवरेज सिस्टम शुरू होने से पहले ही जाम होने की आशंका है, जिससे भविष्य में लोगों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और सड़क को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय तक अधूरा पड़ा यह प्रोजेक्ट न केवल व्यापार बल्कि आसपास के लोगों की दैनिक आवाजाही को भी प्रभावित कर रहा है।

इस संबंध में नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) अमनदीप सिंह ने बताया कि ठेकेदार को भुगतान लंबित होने के कारण काम रुका हुआ था। अब संबंधित ठेकेदार के खाते में भुगतान जारी कर दिया गया है और अगले एक से दो दिनों के भीतर सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराकर लोगों और व्यापारियों को जल्द राहत दिलाई जाएगी।

समराला में आवारा कुत्तों का कहर, 5 साल के मा:सूम पर बेरहमी से हमलाप्राइवेट पार्ट पर आईं गंभीर चोट, इलाके के लोगों में दहशत का माहौल

लुधियान / सत्ता संदेश

समराला के बौंदल रोड इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। देर रात एक दर्दनाक घटना में पांच साल के मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, यह बच्चा अपने परिवार के साथ खेतों के पास रह रहा था और पीने का पानी भरने के लिए बाहर गया हुआ था। उसी दौरान वहां घूम रहे कुछ आवारा कुत्तों ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। हमले में बच्चे को शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं, वहीं कुत्तों ने उसके प्राइवेट पार्ट को भी बुरी तरह से काट लिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत समराला के सिविल अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे का प्राथमिक उपचार किया और बताया कि बच्चा अब खतरे से बाहर है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की उम्र करीब पांच साल है और वह बौंदल रोड का रहने वाला है। निजी अंग पर लगी चोटों का भी सफलतापूर्वक इलाज कर दिया गया है और अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में डर और गुस्सा दोनों देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। समराला से परमिंदर वर्मा की रिपोर्ट