ब्रेकिंग न्यूज़
समराला: कोऑपरेटिव सोसायटियों के नए नियमों के खिलाफ BKU कादियां का विरोध, सरकार से फरमान वापस लेने की मांग

समराला में BKU कादियां ने कोऑपरेटिव सोसायटियों के नियमों में कथित बदलावों का विरोध किया। शेयर मनी, ब्याज दर और जमीन गिरवी रखने की शर्तों पर सवाल उठाते हुए सरकार से नियम वापस लेने की मांग की।

समराला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: मनीष सचदेवा

पंजाब सरकार द्वारा कोऑपरेटिव सोसायटियों के नियमों में किए गए कथित बदलावों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) कादियां ने विरोध जताया है। संगठन के जिला प्रधान हरदीप सिंह ग्यासपुरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नए नियमों पर सवाल उठाए और सरकार से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से छोटे और गरीब किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और सहकारी सोसायटियों के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।

हरदीप सिंह ग्यासपुरा के अनुसार, पहले कोऑपरेटिव सोसायटियों में एक लाख रुपये के कर्ज के पीछे 5 प्रतिशत यानी 5,000 रुपये शेयर मनी जमा करवानी पड़ती थी। अब इसे बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने का दावा किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों को एक लाख रुपये के पीछे 9,000 रुपये शेयर मनी जमा करवानी पड़ सकती है।

किसान नेता ने यह भी कहा कि छोटे किसानों की श्रेणी में शामिल होने के लिए जमीन की सीमा सात एकड़ से घटाकर पांच एकड़ कर दी गई है। उनके मुताबिक, इस बदलाव से कई किसानों की पात्रता और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।

नए नियमों के तहत कर्ज लेने के लिए स्टांप पेपर पर हलफनामा देने और जमीन गिरवी रखने जैसी शर्तों पर भी BKU कादियां ने आपत्ति जताई है। हरदीप सिंह ग्यासपुरा ने आरोप लगाया कि सहकारी सोसायटियों से कर्ज लेने की प्रक्रिया अब व्यावसायिक बैंकों जैसी बनाई जा रही है, जिससे किसानों को अतिरिक्त औपचारिकताओं और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने दावा किया कि कर्ज की ब्याज दर भी 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 11 प्रतिशत कर दी गई है। किसान नेता के मुताबिक, यदि कोई किसान अपनी स्वीकृत कर्ज सीमा से कम राशि लेता है, तो भी उस पर पूरी स्वीकृत सीमा के आधार पर ब्याज लगने की आशंका है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था किसानों के लिए आर्थिक रूप से मुश्किलें बढ़ा सकती है।

ग्यासपुरा ने कहा कि वर्ष 1961 से कोऑपरेटिव सोसायटियां ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को कर्ज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही हैं। उनके अनुसार, इन संस्थाओं का उद्देश्य किसानों को जरूरत के समय आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना है, लेकिन प्रस्तावित बदलावों से इस व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।

किसान नेता ने सोसायटियों के सचिवों पर किसानों की कर्ज सीमा जल्द तैयार करके बैंकों में जमा करवाने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने जिले के DR और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि सचिवों पर डाला जा रहा कथित अनावश्यक दबाव बंद किया जाए।

BKU कादियां ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संबंधित सरकारी कार्यालयों के बाहर धरने और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन ने मांग की कि सरकार नए नियमों की समीक्षा करे और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए विवादित बदलाव वापस ले।

फिलहाल, शेयर मनी, ब्याज दरों और जमीन गिरवी रखने की शर्तों में बताए गए बदलावों को लेकर सरकार या संबंधित सहकारी विभाग का आधिकारिक पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है। इन नियमों की वास्तविक स्थिति और लागू होने की शर्तों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

Samrala : मालवा कॉलेज बोंडली के यूथ फेस्टिवल में पहुंचे परगट सिंह, शिक्षा और राजनीति पर उठाए सवाल

समराला के मालवा कॉलेज बोंडली में यूथ फेस्टिवल 2026 में पहुंचे परगट सिंह ने रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता पर विचार रखे। सांसद डॉ. अमर सिंह भी रहे मौजूद।

समराला / सत्ता संदेश

दिनांक : 9 अक्टूबर 2026

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह मालवा कॉलेज बोंडली में आयोजित यूथ फेस्टिवल 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद डॉ. अमर सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान परगट सिंह ने पंजाब की राजनीति, शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही, केंद्रीय जांच एजेंसियों और मीडिया की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।

परगट सिंह ने कहा कि आज की राजनीति केवल वादों और मुफ्त सुविधाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन और युवाओं की नई सोच के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए।

केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर बात करते हुए परगट सिंह ने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और जांच एजेंसियों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए।

पुलिस और सिविल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उन्होंने संवैधानिक जिम्मेदारी और जवाबदेही को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, प्रशासनिक संस्थाओं का कामकाज पारदर्शी होना चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए परगट सिंह ने कहा कि शिक्षा का बढ़ता व्यावसायीकरण आम परिवारों के लिए चुनौती बन रहा है। उन्होंने सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने और प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मीडिया की स्वतंत्रता को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए और पत्रकारों को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

मालवा कॉलेज बोंडली में आयोजित इस यूथ फेस्टिवल के दौरान परगट सिंह ने युवाओं के भविष्य, शिक्षा की गुणवत्ता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी।

समराला अनाज मंडी में धान खरीद की औपचारिक शुरुआत, पहली बोली ₹2467 प्रति क्विंटल

समराला / सत्ता संदेश

समराला की अनाज मंडी में धान की फसल की खरीद की औपचारिक शुरुआत हलके के विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने की। इस दौरान मंडी में पहुंचने वाले पहले किसान प्रिंस दीप सिंह की धान की फसल की पहली बोली ₹2467 प्रति क्विंटल तय हुई। अच्छा रेट मिलने पर किसान ने खुशी जाहिर की।

धान खरीद की शुरुआत करते हुए विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनाज मंडियों में किसानों को बारदाने, पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

इस मौके पर आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष आलमदीप सिंह ने कहा कि आढ़ती हमेशा किसानों की सेवा के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंडी में फसल की कटाई और नीलामी का काम समय पर पूरा किया जाएगा।

आलमदीप सिंह ने प्रशासन से अपील की कि मंडी में पहुंचने वाली कटी हुई धान की फसल की लिफ्टिंग भी साथ-साथ करवाई जाए, ताकि मंडी में अनाज का ढेर न लगे और किसानों को अपनी फसल उतारने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

धान खरीद की शुरुआत के मौके पर बड़ी संख्या में किसान, आढ़ती और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

समराला में शुरू हुआ आधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर, करण अस्पताल ने माछीवाड़ा रोड पर दी नई सुविधा

करण अस्पताल समराला ने माछीवाड़ा रोड पर आधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू किया। एसडीएम गुरसिमरनजीत कौर ने सेंटर का उद्घाटन किया।

रिपोर्ट: परमिंदर वर्मा

समराला / सत्ता संदेश

समराला के करण अस्पताल समराला की ओर से माछीवाड़ा रोड पर नए फिजियोथेरेपी सेंटर की शुरुआत की गई। सेंटर का उद्घाटन समराला की एसडीएम गुरसिमरनजीत कौर ने किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों, स्टाफ के साथ क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नए फिजियोथेरेपी सेंटर में मरीजों को आधुनिक फिजियोथेरेपी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया है। सेंटर शुरू करने का उद्देश्य मरीजों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें फिजियोथेरेपी के लिए दूर न जाना पड़े।

उद्घाटन के अवसर पर एसडीएम गुरसिमरनजीत कौर ने करण अस्पताल की ओर से शुरू किए गए नए फिजियोथेरेपी सेंटर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सेंटर के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान समराला के पूर्व विधायक जगजीवन सिंह खीरनियां, करण अस्पताल समराला के डायरेक्टर डॉ. गुरमुख सिंह और फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. गुरदित्त सिंह ने भी सेंटर की सुविधाओं और यहां उपलब्ध करवाई जाने वाली सेवाओं से संबंधित जानकारी साझा की।

इस मौके पर अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्टाफ के अलावा क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

समराला बाईपास पर धू-धू कर जली फूड वैन, गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका

समराला बाईपास के हरियो रोड के पास फूड वैन में अचानक आग लग गई। गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, फायर ब्रिगेड ने दूसरे सिलेंडर को सुरक्षित निकालकर बड़ा हादसा टाला।

रिपोर्ट: परमिंदर वर्मा

समराला / सत्ता संदेश

समराला बाईपास पर हरियो रोड के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी एक फूड वैन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी वैन को अपनी चपेट में ले लिया। इसी दौरान वैन में रखा गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

फूड वैन में आग लगने के कारण लुधियाना-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।

फायर ब्रिगेड के ड्राइवर सोहन सिंह और फायरमैन नरेश कुमार ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर टीम मौके पर पहुंच गई थी। उस समय तक वैन में मौजूद एक गैस सिलेंडर फट चुका था और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।

फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के मुताबिक, वैन में एक युवक मौजूद था, जिसे समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, वैन में मौजूद दूसरे गैस सिलेंडर को भी कर्मचारियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे एक बड़े हादसे की आशंका टल गई।

जांच के दौरान सामने आया कि फूड वैन को अंदर से प्लास्टिक, फोम और अन्य ज्वलनशील सामग्री के साथ-साथ तेल आदि से मॉडिफाई किया गया था। ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने बेहद तेजी से पूरी वैन को अपनी चपेट में ले लिया।

हालांकि, फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग पर जल्द काबू पा लिया गया। घटना में किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है।

फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने फूड वैन और रेहड़ी संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का विशेष ध्यान रखें और अपनी वैन में अनिवार्य रूप से फायर एक्सटिंग्विशर रखें। इसके साथ ही प्रशासन से भी अपील की गई कि फूड वैन को हाईवे और मुख्य सड़कों के किनारे खड़ा करने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर लगाने की व्यवस्था की जाए।

समराला : हेडों गांव में दिनदहाड़े चोरी, घर से 25-30 तोले सोना ले उड़े चोर

समराला के हेडों गांव में परिवार के नानकियां जाने के बाद चोरों ने घर के दरवाजे तोड़कर करीब 25 से 30 तोले सोना चोरी कर लिया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

समराला / सत्ता संदेश

समराला के हेडों गांव में दिनदहाड़े चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। परिवार के लोग नानकियां गए हुए थे और पीछे से चोरों ने घर के दरवाजे तोड़कर करीब 25 से 30 तोले सोना चोरी कर लिया। चोरी हुए सोने की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

घर के मालिक तरनजीत सिंह ने बताया कि वह रविवार सुबह करीब 9:30 बजे अपने परिवार के साथ नानकियां गए थे। शाम करीब 4:30 बजे जब वह वापस घर पहुंचे और दरवाजा खोला तो अंदर के दरवाजे टूटे हुए थे और घर का सामान बिखरा पड़ा था।

घर की जांच करने पर उन्हें पता चला कि चोर घर से करीब 25 से 30 तोले सोना चोरी कर ले गए हैं। तरनजीत सिंह के मुताबिक, चोरी हुए सोने की कीमत लाखों रुपये में है।

उन्होंने बताया कि घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। आसपास के घरों और अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरों के आने-जाने और फरार होने से जुड़ा कोई सुराग मिल सके।

घर के मालिक के अनुसार, उनका घर किसी सुनसान स्थान पर नहीं, बल्कि घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है। इसके बावजूद दिनदहाड़े घर को निशाना बनाए जाने से लोगों में चिंता का माहौल है।

समराला में कूड़े के डंप में लगी भीषण आग, जहरीले धुएं से परेशान हुए लोग

समराला: समराला के जुझार सिंह नगर और अंबेडकर कॉलोनी के पास मुख्य गली में स्थित कूड़े के सेकेंडरी डंप में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद पूरे इलाके में जहरीला धुआं फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने खुद बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया।

ट्रांसफार्मर और नंगी तारों के नीचे जलता रहा कूड़ा

इलाका निवासी जसविंदर सिंह और कमल ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर पानी की बाल्टियां डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कूड़े के डंप के ठीक ऊपर बिजली का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है और नंगी बिजली की तारें भी गुजर रही हैं।

लोगों का कहना है कि आग अगर ट्रांसफार्मर या बिजली की तारों तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा डंप के पास ही सिविल अस्पताल भी स्थित है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई।

बाहरी लोगों पर कूड़ा फेंकने के आरोप

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आसपास के अलावा बाहरी लोग भी रेहड़ियों में भरकर कूड़ा यहां फेंक जाते हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में इस्तेमाल की गईं सिरिंज तक खुले में फेंकी जाती हैं, जिससे संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी खतरा बना हुआ है।

डंप के पास प्रशासन की ओर से 5 हजार रुपये जुर्माने का बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं करवाया जा रहा।

पहले भी शिकायतें, नहीं हुआ स्थायी समाधान

इलाका निवासियों का कहना है कि कूड़े के डंप की समस्या को लेकर प्रशासन से पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है और इस मुद्दे को लेकर समाचार भी प्रकाशित हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

घनी आबादी के बीच कूड़ा जमा होने से गंदगी और बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस सेकेंडरी डंप को बंद करने की मांग की है।

नगर कौंसिल अध्यक्ष ने बताया क्या है व्यवस्था

वहीं, नगर कौंसिल अध्यक्ष लाला मंगत राय ने कहा कि शहर की अंदरूनी संकरी गलियों में बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकतीं। ऐसे में सफाई कर्मचारी रेहड़ियों के माध्यम से कूड़ा एकत्र कर कुछ समय के लिए इस सेकेंडरी डंप में रखते हैं। इसके बाद ट्रॉलियों के जरिए कूड़े को मुख्य डंप तक पहुंचाया जाता है।

उन्होंने कहा कि नई कमेटी को कार्यभार संभाले अभी करीब एक महीना ही हुआ है। वह स्वयं सुबह 7 बजे से सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हैं और रोजाना सुबह 11 बजे तक मुख्य डंप को खाली करवाने का प्रयास किया जाता है।

नगर कौंसिल अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सेकेंडरी डंप की समस्या का जल्द समाधान निकाला जाएगा।

समराला में 29 दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, वेतन बढ़ोतरी के बाद शुरू हुआ सफाई अभियान

समराला / सत्ता संदेश

Report : परमिंदर वर्मा, समराला

समराला में 29 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल वेतन बढ़ोतरी के बाद समाप्त हो गई। नगर काउंसिल ने कर्मचारियों का स्वागत किया, शहर में फिर शुरू हुई सफाई।

समराला शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले 29 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी किए जाने के बाद सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और पूरे शहर में दोबारा सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है।

हड़ताल समाप्त होने के बाद नगर काउंसिल समराला के प्रधान लाला मंगत राय ने सफाई कर्मचारियों का मुंह मीठा करवाकर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार करते हुए उनके वेतन में वृद्धि की है। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सामान्य होने लगी है।

सफाई कर्मचारी यूनियन समराला के प्रधान मास्टर सुरिंदर कुमार ने बताया कि कच्चे सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले 29 दिनों से हड़ताल पर थे। इस दौरान शहरवासियों ने उनका पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि सरकार के सकारात्मक फैसले से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है और सभी कर्मचारी इस निर्णय से संतुष्ट हैं।

कर्मचारियों ने भरोसा दिलाया कि वे पहले की तरह पूरी जिम्मेदारी और मेहनत के साथ शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए कार्य करेंगे। इस अवसर पर नगर काउंसिल प्रधान लाला मंगत राय, यूनियन प्रधान मास्टर सुरिंदर कुमार और महिला सफाई कर्मचारी भारती देवी ने भी अपने विचार साझा किए।

शहरवासियों को उम्मीद है कि सफाई व्यवस्था सामान्य होने से पिछले कई दिनों से जमा कचरे का जल्द निपटारा होगा और समराला फिर से स्वच्छ एवं साफ-सुथरा नजर आएगा।

समराला में तीज उत्सव की धूम: हरनाम नगर में गिद्धा, लोकगीत और पंजाबी संस्कृति के रंग बिखरे

समराला / सत्ता संदेश

Report : परमिंदर वर्मा

सावन की फुहारों के बीच समराला का हरनाम नगर रंग-बिरंगे परिधानों, गिद्धे की थाप और पारंपरिक बोलियों से पूरी तरह सराबोर नजर आया। मौका था पंजाब के पारंपरिक तीज पर्व के उत्सव का, जहां महिलाओं ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ अपनी संस्कृति और विरासत का रंग बिखेरा।

तीज समारोह में महिलाओं ने पारंपरिक पंजाबी वेशभूषा पहनकर गिद्धा प्रस्तुत किया, लोक बोलियां गाईं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पंजाब की समृद्ध विरासत को जीवंत किया। पूरे आयोजन के दौरान लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद मैडम काफी ने कहा कि तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है। साथ ही ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने झूले, लोकगीत, गिद्धा और बोलियों के साथ तीज के उत्सव का भरपूर आनंद लिया। सावन के इस पारंपरिक पर्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आधुनिक दौर में भी पंजाब की लोक संस्कृति आज भी पूरी जीवंतता के साथ लोगों के दिलों में बसती है।

Samrala : पंजाब बंद का समराला में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहे बाजार

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर समराला में पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में बाजार बंद रहे और व्यापारियों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

समराला / सत्ता संदेश

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुलाए गए पंजाब बंद का समराला में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश बाजार पूरे दिन बंद रहे और व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

यूनियन नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बरनाला में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक रूप से यह भी मांग की कि आम आदमी पार्टी से चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सफाई कर्मचारी और यूनियन से जुड़े सदस्य आम आदमी पार्टी का विरोध करेंगे।

बंद के दौरान समराला के मुख्य बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।

फिलहाल सरकार की ओर से यूनियन की मांगों और बंद को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।