IMPCC की बैठक में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और विभागीय समन्वय पर जोर
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
चंडीगढ़ स्थित CSIR–इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (CSIR-IMTECH) में सोमवार को इंटर मीडिया पब्लिसिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी (IMPCC) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन पत्र सूचना कार्यालय (PIB), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के समन्वय से किया गया। इसमें केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा डिजिटल एवं सोशल मीडिया माध्यमों के रणनीतिक इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक की शुरुआत में CSIR–IMTECH की निदेशक अलका राव ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों और माइक्रोबियल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधान की जानकारी दी। उन्होंने माइक्रोब्स डिपॉजिटरी, बायोइकोनॉमी, बायोसेफ्टी और माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि CSIR–IMTECH राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ा रहा है। इस दौरान NASA सहित विभिन्न संस्थानों के साथ वैज्ञानिक सहयोग और माइक्रोबियल रिसर्च से जुड़े प्रयासों की भी जानकारी साझा की गई।
श्रीमती अलका राव ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी उपलब्धियों को समाज से जोड़ना बेहद जरूरी है। आम लोगों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में हो रही प्रगति की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराने से इसका व्यापक सामाजिक लाभ सुनिश्चित किया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं के प्रचार में समन्वय पर जोर
PIB, क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि IMPCC विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अलग-अलग विभाग अपने स्तर पर कई जनहितकारी योजनाएं और कार्यक्रम चला रहे हैं, लेकिन बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय के जरिए इनकी पहुंच को और व्यापक बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विभागों को अपने कार्यक्रमों और अभियानों को व्यापक जनहित के नजरिए से एक-दूसरे के साथ जोड़ना चाहिए। उपलब्ध संसाधनों और संचार माध्यमों का सामूहिक रूप से प्रभावी इस्तेमाल करने से सरकारी योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जा सकती है।
सोशल मीडिया के रणनीतिक इस्तेमाल पर जोर
केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC), चंडीगढ़ की उप निदेशक सपना ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने IMPCC के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी संचार को प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच नियमित संवाद और समन्वय जरूरी है।
उन्होंने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी तक सरकारी पहलों की जानकारी पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों का रणनीतिक उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों से जोड़ने की भी व्यापक संभावनाएं हैं।
कई केंद्रीय विभागों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
बैठक में सीमा सुरक्षा बल (BSF), आकाशवाणी (AIR), दूरसंचार विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, दूरदर्शन, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), इंडियन ऑयल, पेट्रोलियम क्षेत्र, MY Bharat, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), PRO Defence, जनगणना विभाग, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), IISER, SLBC, आयकर विभाग और PEC सहित विभिन्न केंद्रीय विभागों एवं संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभागों की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और जनहितकारी पहलों की जानकारी साझा की। साथ ही सरकारी संचार, प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी दिए गए।
बैठक के अंत में विभिन्न विभागों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने और सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी को सरल, प्रभावी और व्यापक तरीके से आम जनता तक पहुंचाने पर सहमति बनी।

