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पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी की कमर टूटी, केंद्र सरकार महंगाई रोकने में फेल: कुलवंत सिंह सिद्धू

लुधियाना / सत्ता संदेश

डीजल महंगा होने से धान के सीजन में किसानों पर बढ़ेगा बोझ और घरेलू बजट भी हिला, लोग परेशान: विधायक सिद्धू

केंद्र सरकार तुरंत दखल देकर लोगों को राहत दे: कुलवंत सिंह सिद्धू

तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के खिलाफ हलका आत्म नगर के विधायक सिद्धू ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विधानसभा हलका आत्म नगर से विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने सोमवार को पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की सख्त आलोचना करते हुए कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित किया है और घरेलू बजट को हिलाकर रख दिया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि महंगाई ने जनता की “कमर तोड़” दी है और लोग अपने रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में राहत देने की बजाय केंद्र सरकार ने आम नागरिकों को अकेला छोड़ दिया है। विधायक सिद्धू ने कहा कि आर्थिक तंगी के समय में लोगों के साथ खड़े होना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मोदी की अगुवाई वाली सरकार महंगाई को काबू करने और जनता को राहत देने में पूरी तरह असफल रही है।

विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आने वाले झोने के सीजन पर चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को अब ट्रैक्टरों, ट्यूबवेलों और अन्य कृषि मशीनरी के लिए डीजल पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ढुलाई की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे सब्जियों, फलों, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम और बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग के परिवार और रोजाना दिहाड़ीदार लोग तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे और उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है।

आम जनता पर महंगाई की दोहरी मार: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें अपने शहर के नए रेट

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने आम जनता को पांच दिनों के भीतर महंगाई का दूसरा बड़ा झटका दिया है। मंगलवार, 19 मई 2026 से देश भर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू हो गई हैं। इस बार तेल कंपनियों ने करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जबकि इससे पहले 15 मई को कीमतों में 3 रुपये का बड़ा इजाफा किया गया था।

प्रमुख शहरों में क्या हैं नई कीमतें?

दिल्ली: पेट्रोल 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये और डीजल 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

मुंबई: पेट्रोल की कीमत 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है।

कोलकाता: यहाँ पेट्रोल 109.70 रुपये और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

चेन्नई: पेट्रोल 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान की भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है। यह स्थिति साल 2022 की याद दिला रही है, जब कंपनियों ने ’80 पैसे वाले फॉर्मूले’ के तहत 15 दिनों में 13 बार कीमतें बढ़ाई थीं। आशंका जताई जा रही है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और भी इजाफा हो सकता है।

महंगाई का बड़ा झटका: देश भर में पेट्रोल और डीजल ₹3 प्रति लीटर हुए महंगे

बिजनेस डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है। सरकार ने देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। यह नई दरें शुक्रवार सुबह से लागू हो गई हैं।

प्रमुख शहरों में तेल के नए दाम:-दिल्ली: पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹97.77 और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर हो गया है।

मुंबई: यहाँ पेट्रोल ₹106.68 और डीजल ₹93.14 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

कोलकाता: पेट्रोल के दाम ₹108.74 और डीजल के ₹95.13 प्रति लीटर पहुँच गए हैं।

चेन्नई: यहाँ पेट्रोल ₹103.67 और डीजल ₹95.25 प्रति लीटर मिल रहा है।

क्यों बढ़ी कीमतें? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस हफ्ते की शुरुआत में ही संकेत दिए थे कि वैश्विक अनिश्चितता और तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर बढ़ते ₹2 लाख करोड़ के वित्तीय दबाव के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले आखिरी बार 2022 में कीमतें बढ़ाई गई थीं। पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ अब CNG के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे परिवहन और माल ढुलाई महंगी होने की आशंका है।