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भारत के बढ़ते डेटा सेंटर सेक्‍टर से एक लाख इंजीनियरिंग रोजगारों का सृजन होने की उम्मीद: डॉ. जितेंद्र सिंह


भारत डेटा सेंटर अर्थव्यवस्था में विश्व का नेतृत्व कर सकता है; सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है: डॉ. जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अब विदेशों की सफलता की कहानियों का इंतजार नहीं करता; आज दुनिया अत्याधुनिक तकनीकों में भारत के साथ साझेदारी करना चाहती है

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम और स्वच्छ ऊर्जा भारत की अगली तकनीकी क्रांति को शक्ति प्रदान करेंगे: डॉ. जितेंद्र सिंह

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत निवारण, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि भारत एक निर्णायक दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां डेटा सेंटर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी और अगली पीढ़ी के डिजिटल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर वैश्विक आर्थिक व्यवस्था का भविष्य तय करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब दुनिया प्रौद्योगिकी की साझेदारी के लिए भारत की ओर अधिकाधिक देख रही है, न कि भारत अन्यत्र हुई प्रगति का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि नीतिगत सुधारों, निजी क्षेत्र की भागीदारी, स्वच्छ ऊर्जा एकीकरण और तेजी से विकसित हो रहे नवाचार इकोसिस्‍टम के समर्थन से भारत एक विश्वसनीय वैश्विक डेटा सेंटर हब के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

एएमसीएचएएम इंडिया द्वारा आयोजित वार्षिक नेतृत्व शिखर सम्मेलन में “भारत के डेटा केंद्रों को भविष्य के लिए तैयार करना: सशक्‍त आपूर्ति श्रृंखलाएं और अवसर” विषय पर विशेष सत्र के दौरान मुख्य भाषण देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब डेटा अर्थव्यवस्था को केवल एक तकनीकी परिवर्तन के रूप में नहीं देख सकता है, बल्कि एक रणनीतिक राष्ट्रीय अवसर के रूप में देख सकता है जो आने वाले दशकों में निवेश, रोजगार, ऊर्जा प्रणालियों और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 1.5 गीगावॉट से बढ़कर लगभग 6.5 गीगावॉट होने का अनुमान है और इस निरंतर विस्तार से एआई सिस्टम, कूलिंग टेक्नोलॉजी, स्मार्ट ग्रिड, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण और उन्नत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में लगभग एक लाख इंजीनियरिंग रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एआई, 6जी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से संचालित भारत का तेजी से विकसित हो रहा इकोसिस्टम वैश्विक निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा कर रहा है।

डेटा केंद्रों को “अगली तेल अर्थव्यवस्था” बताते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भविष्य में डेटा नियंत्रण, डिजिटल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और सुरक्षित प्रौद्योगिकी इकोसिस्‍टम पर अधिकाधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बड़े पैमाने पर डेटा केंद्रों और कोलोकेशन बाजारों में उभरते अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के लिए भारत को सरकार, निजी उद्योग, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रदाताओं, दूरसंचार नेटवर्क, नवीकरणीय ऊर्जा हितधारकों और अनुसंधान संस्थानों को शामिल करते हुए एक एकीकृत राष्ट्रीय दृष्टिकोण अपनाना होगा।

तेजी से बदलते वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य का जिक्र करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत आज कई अग्रणी क्षेत्रों में अग्रणी देशों के बराबर तकनीकी प्रगति पर खड़ा है। उन्होंने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने निर्धारित समय के आधे से भी कम समय में अपने आधे से अधिक लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। आठ वर्षों में 2,000 किलोमीटर सुरक्षित क्वांटम संचार इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर स्थापित करने के लक्ष्य के मुकाबले भारत ने मात्र तीन वर्षों में 1,000 किलोमीटर का आंकड़ा पार कर लिया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत को भविष्य की प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक उद्योगों के लिए तैयार करने हेतु कई साहसिक और परिवर्तनकारी निर्णय लिए हैं। उन्होंने विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए दीर्घकालिक कर प्रोत्साहन, राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, सेमीकंडक्टर मिशन और अंतरिक्ष एवं परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए खोलने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इनमें से कई सुधार कुछ वर्ष पूर्व अकल्पनीय माने जाते थे, लेकिन भारत ने भविष्य के आर्थिक विकास और तकनीकी नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार न केवल प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि उद्योग की भागीदारी को गति देने के लिए अनुकूल ढांचा भी तैयार कर रही है। निजी क्षेत्र के नवाचार और गहन तकनीकी अनुसंधान को समर्थन देने वाली हालिया पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक नए युग का साक्षी बन रहा है, जहां सरकार और उद्योग विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में समान भागीदार के रूप में काम कर रहे हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डेटा सेंटर क्षेत्र में भारत की भविष्य की वृद्धि सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं, टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों, उन्नत दूरसंचार कनेक्टिविटी, सब-सी केबल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, स्मार्ट कूलिंग समाधानों और सभी क्षेत्रों में समन्वित नीतिगत समर्थन पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि नीतिगत समर्थन और निजी क्षेत्र की भागीदारी के बीच देश की बढ़ती अनुकूलता ने एक ऐसा वातावरण बनाया है जहां भारत विश्व के सबसे भरोसेमंद डिजिटल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर केंद्रों में से एक के रूप में उभर सकता है।

मजदूरों की जिंदगी में एक नए सवेरे का आगाज़ हो रहा है- शिवराज सिंह चौहान

दिल्ली / सत्ता संदेश


मजदूर, किसान और गांव; तीनों को ताकत देगा नया ग्रामीण रोजगार कानून- शिवराज सिंह चौहान

विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम, VB–G RAM G Act की अधिसूचना जारी- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 1 जुलाई से ग्रामीण भारत में रोजगार का नया युग, अब 100 नहीं 125 दिन की गारंटी- शिवराज सिंह

1.51 लाख करोड़ रु. से बदलेगी गांवों की तस्वीर, रोज़गार से इंफ्रा तक बड़ा अभियान- शिवराज सिंह चौहान

समय पर मज़दूरी, देरी पर मुआवज़ा, काम न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

भारत के ग्रामीण विकास इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए केंद्र सरकार ने आज 11 मई 2026 को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB–G RAM G Act के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कानून ग्रामीण गरीब, श्रमिक परिवारों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और किसानों के जीवन में नई आशा, अधिक आय सुरक्षा और गांवों में बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास कार्यों का मार्ग खोलेगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी गई है और 1 जुलाई से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार चाहने वाले मजदूर भाई-बहनों को अब साल में 100 नहीं, 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीच के समय में मनरेगा के सारे प्रावधान लागू रहेंगे और अधूरे काम 1 जुलाई के पहले तक मनरेगा के अंतर्गत ही पूरे किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्यों से व्यापक स्तर पर सलाह-मशविरा कर नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन सरकार की चिंता यह है कि ट्रांजिशन पीरियड में कोई भी मजदूर भाई-बहन रोजगार से वंचित न हो, और इसकी संपूर्ण व्यवस्था कर दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी-राम जी के अंतर्गत अधिकांश राज्यों को अपेक्षित तैयारी के लिए अधिकतम छह माह का समय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 1 जुलाई तक कोई राज्य अपेक्षित तैयारी नहीं कर पाया, तो 1 जुलाई के बाद कामों का फंडिंग पैटर्न विकसित भारत जी-राम जी योजना के अंतर्गत होगा।

शिवराज सिंह ने कहा कि योजना के तहत रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अपने बजट में 95,000 करोड़ रु. से अधिक की राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्यों ने भी अपने-अपने बजट में इसे लागू करने के लिए प्रावधान किया है और केंद्र व राज्यों की कुल राशि 1,51,000 करोड़ रु. से अधिक होगी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मजदूरों को भुगतान DBT के माध्यम से उनके बैंक या डाकघर के खातों में किया जाएगा। कोशिश होगी कि तीन दिन के अंदर भुगतान हो, लेकिन अधिकतम 15 दिन के भीतर प्रक्रियाएं पूरी कर उनके खाते में पैसा पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि 15 दिन के भीतर पैसा नहीं आने पर मजदूर भाई-बहन विलंबित भुगतान के पात्र होंगे और देरी से भुगतान करने पर अतिरिक्त राशि देनी पड़ेगी।

शिवराज सिंह ने कहा कि मांगने पर यदि रोजगार नहीं मिला, तो बेरोज़गारी भत्ता भी देना पड़ेगा। उन्होंने इसे मजदूरों के हित की व्यापक योजना बताते हुए कहा कि 1,51,000 करोड़ रु. से अधिक की सालाना धनराशि से गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर के काम बड़े पैमाने पर होंगे।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, गांवों में अधोसंरचना, सड़क, पुल, पुलिया, स्कूल, आंगनवाड़ी भवन, खेतों से जुड़े जरूरी काम किए जा सकेंगे। आजीविका मूलक कार्यों के तहत स्वयं सहायता समूहों की दीदियों और एफपीओ के लिए वर्किंग शेड जैसी अधोसंरचनाएं भी बनाई जा सकेंगी। प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए नदी किनारे के गांवों या जलभराव वाले क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल जैसे कार्य भी इस योजना के अंतर्गत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारी साथियों को पर्याप्त और समय पर वेतन का भुगतान हो, इसके लिए प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विश्वास जताया कि मजदूरों की जिंदगी में एक नए सवेरे का आगाज़ हो रहा है और विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाने का संकल्प यह योजना पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

चंडीगढ़ के युवाओं को पीएम इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन करने का आमंत्रण, मिलेगी आर्थिक सहायता

चंडीगढ़ /सत्ता संदेश

प्रतिष्ठित *प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना* के अंतर्गत 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण युवाओं के लिए विभिन्न इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध हैं।

श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, MY Bharat, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि पात्र युवा MY Bharat पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत कर प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना हेतु आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि चंडीगढ़ में वर्तमान में विभिन्न इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध हैं तथा चयनित अभ्यर्थियों को इंटर्नशिप अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹9,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इच्छुक युवा निम्न वेबसाइट पर पंजीकरण एवं आवेदन कर सकते हैं:

http://www.mybharat.gov.in

आवेदन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी हेतु युवा जिला युवा अधिकारी से मोबाइल नंबर *9805832503* पर संपर्क कर सकते हैं अथवा MY Bharat कार्यालय, आरजीएनआईवाईडी भवन, PEC कैंपस, गेट नंबर 1, सेक्टर 12, चंडीगढ़ में संपर्क कर सकते हैं।

लुधियाना स्थित सन फाउंडेशन के बहु कौशल विकास केंद्र को जिला आयुक्त के दौरे के दौरान सराहना मिली

लुधियाना, 15.04.2026: लुधियाना में सन फाउंडेशन की एक पहल, बहु कौशल विकास केंद्र (एमएसडीसी) के आज जिला आयुक्त (डीसी) ने दौरा किया, जो बेहद उत्साहवर्धक और प्रेरणादायक रहा।

दौरे के दौरान, डीसी ने केंद्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की और कौशल विकास पहलों के लिए अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों को सराहा।

डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल, पूर्णतया निःशुल्क कौशल विकास पाठ्यक्रम और 100% रोजगार सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है।

केंद्र विमानन, आतिथ्य एवं पर्यटन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कमिस शेफ, सीएनसी तकनीशियन, सहायक इलेक्ट्रीशियन, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य, सिलाई मशीन ऑपरेटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ग्राफिक डिजाइनिंग आदि सहित भविष्योन्मुखी और उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।

डीसी ने छात्रों से बातचीत की, उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें लगन से अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उनके प्रयासों की सराहना की और प्रेरणादायक विचार साझा करते हुए उन्हें ऐसे बहुमूल्य अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

अपने विचार व्यक्त करते हुए डीसी ने कहा कि लुधियाना में इस तरह का उच्च गुणवत्ता वाला कौशल विकास केंद्र देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई, जो पूरी तरह से निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है। उन्होंने सामाजिक प्रभाव और युवा सशक्तिकरण के प्रति टीम की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।