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सिलीगुड़ी में आयोजित 19वें रोजगार मेले में 82 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र


सिलीगुड़ी / सत्ता संदेश

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया

प्रधानमंत्री के “नागरिक देवो भवः” मंत्र के साथ राष्ट्र सेवा का आह्वान

देशभर के 47 स्थानों पर 51 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार अवसर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले के अंतर्गत सिलीगुड़ी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री कमलेश पासवान ने नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

सिलीगुड़ी में आयोजित इस रोजगार मेले में कुल 82 अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें भारत सरकार के भारतीय रेल, डाक विभाग, रक्षा विभाग, वित्तीय सेवा विभाग तथा भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पद शामिल हैं। देशभर में आयोजित इस रोजगार मेले के माध्यम से 51 हजार से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की सेवाओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर श्री कमलेश पासवान ने कहा कि रोजगार मेला केवल नियुक्ति वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों, प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को पारदर्शी, तेज एवं मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से निरंतर अवसर प्रदान कर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री जी के मंत्र “नागरिक देवो भवः” का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों की सेवा ही सरकार और सरकारी कर्मचारियों का सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करें तथा “राष्ट्र प्रथम” की भावना को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

श्री पासवान ने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे युवा आबादी वाला देश है और यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। केंद्र सरकार कौशल विकास, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, मेक-इन-इंडिया आदि पहलों के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रही है।

कार्यक्रम में डॉ. जयंती रॉय, माननीय सांसद; डॉ. शंकर घोष, माननीय विधायक, सिलीगुड़ी; श्रीमती शिखा चटर्जी, माननीय विधायक, फुलबाड़ी; श्री आनंदमय बर्मन, माननीय विधायक, माटीगाड़ा–नक्सलबाड़ी; श्री सोनम लामा, माननीय विधायक, कालिम्पोंग; श्री दुर्गा मुर्मू, माननीय विधायक, फांसीदेवा; श्री अनंता देव अधिकारी, माननीय विधायक, जलपाईगुड़ी; एवं श्री धीरराम जी, माननीय विधायक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अंत में श्री कमलेश पासवान ने सभी नव-नियुक्त युवाओं एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएँ देते हुए आवाहन किया कि वे ईमानदारी, निष्ठा और सेवा-भावना को अपने कार्य के केंद्र में रखकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत के निर्माण की सबसे बड़ी आधारशिला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को आयोजित ‘रोजगार मेले’ के दौरान देशभर के युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र डिजिटल माध्यम से वितरित किए। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चयनित उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रिया को तेज एवं पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है और नई नियुक्तियां ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करेंगी।

इन नियुक्तियों के तहत चयनित अभ्यर्थियों को रेलवे, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग, वित्तीय सेवाओं समेत कई केंद्रीय विभागों में तैनाती दी जाएगी। सरकार के अनुसार रोजगार मेले का उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पदों को तेजी से भरना और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने नव-नियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि देश सेवा का माध्यम है। उन्होंने युवाओं को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जा रहे रोजगार मेलों को युवाओं के लिए बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जहां हजारों उम्मीदवारों को सीधे नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं।

सीयू पंजाब ने सामुदायिक संवाद कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और नशा-मुक्ति के प्रति किया जागरूक

बठिंडा/सत्ता संदेश

ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुखी शैक्षिक अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब) ने कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष सामुदायिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने कौशल को उन्नत करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में 10 गांवों से लगभग 100 लोगों ने भाग लिया, जिनमें सरपंच, स्थानीय युवा और समुदाय के सदस्य शामिल थे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय द्वारा प्रारंभ किए गए छह नए एनसीवीईटी अनुमोदित कौशल विकास पाठ्यक्रमों के बारे में जागरूकता फैलाना था। इन पाठ्यक्रमों में असिस्टेंट प्लंबर–जनरल; हेल्पर इलेक्ट्रीशियन; फंडामेंटल्स ऑफ कंप्यूटर्स;टैली ऑपरेशन एवं जीएसटी कैलकुलेशन का परिचय; बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट; तथा रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग की मूलभूत जानकारी जैसे कोर्स शामिल हैं। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने बताया कि ये पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन युवाओं के लिए तैयार किए गए हैं जिन्होंने 8वीं, 9वीं, 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण की है तथा जिनके पास संबंधित अनुभव है और जो अपने कौशल एवं रोजगार क्षमता को और बेहतर बनाना चाहते हैं। पात्रता, पाठ्यक्रम और प्रवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस में देखी जा सकती है।

सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा के अंतर्गत प्रारंभ किए गए तथा भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) द्वारा अनुमोदित इन छह रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा देश को आगे बढ़ा सकती है और विश्वविद्यालयों को सिर्फ डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जो युवा आगे की पढ़ाई नहीं कर सके, उनके लिए रोजगार से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना जरूरी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और देश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने युवाओं और समुदाय से कौशल विकास एवं सकारात्मक सहभागिता के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

वहीं, समकुलपति प्रो. किरण हजारिका ने कहा कि ये पाठ्यक्रम युवाओं को बिजली, प्लंबिंग, कंप्यूटर, अकाउंटिंग, स्वास्थ्य सेवा और तकनीकी क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल प्रदान करेंगे, जिससे उन्हें रोजगार, उद्यमिता और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि ये पाठ्यक्रम आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप युवाओं में रोजगार क्षमता, आत्मनिर्भरता और व्यावसायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों को आसान पात्रता, किफायती शुल्क और व्यापक प्रायोगिक प्रशिक्षण के साथ तैयार किया गया है, ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के अधिक से अधिक युवा इसका लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम के अंत में वित्त अधिकारी डॉ. राजकुमार शर्मा ने वंचित समुदायों के अधिकतम युवाओं तक इन परिवर्तनकारी अवसरों की जानकारी पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रो. संजीव ठाकुर, डॉ. संजीव मंडेर एवं विश्वविद्यालय चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकाश प्रकाश ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा प्रतिभागियों को नशा मुक्ति और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने वाली विश्वविद्यालय की व्यापक सामुदायिक पहलों के प्रति जागरूक किया। गांवों के सरपंचों और स्थानीय निवासियों ने ग्रामीण समुदायों में सुलभ करियर उन्मुख अवसरों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा नशा मुक्ति के लिए विश्वविद्यालय की सक्रिय सामुदायिक पहल की सराहना की।

डीबीईई द्वारा 17 अप्रैल को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन
जिला जनसंपर्क कार्यालय, लुधियाना

लुधियाना, 15 अप्रैल (000) - लुधियाना स्थित जिला रोजगार एवं उद्यम ब्यूरो (डीबीईई) की उप निदेशक रूपिंदर कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब सरकार इच्छुक उम्मीदवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके तहत 17 अप्रैल (शुक्रवार) को डीबीईई के स्थानीय कार्यालय, संगीत सिनेमा रोड, प्रताप चौक, लुधियाना में एक प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें कई प्रतिष्ठित कंपनियां भाग ले रही हैं।

रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग, लुधियाना के उप निदेशक ने बताया कि आईटीआई से उत्तीर्ण सभी ट्रेड के छात्र इस प्लेसमेंट शिविर में भाग ले सकते हैं। छात्रों के लिए अपने रिज्यूमे की 2 प्रतियां और शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य है।
उप निदेशक रुपिंदर कौर ने इच्छुक उम्मीदवारों से इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की अपील की। ​​अधिक जानकारी के लिए, आप dbeeludhiana@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।