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गुजरात: ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, 631 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी में 13 गिरफ्तार

गुजरात / सत्ता संदेश


गुजरात पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत 631 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित रूप से देशभर में फैले बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा थे।

यह कार्रवाई Gujarat Police द्वारा राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी अकाउंट्स और डिजिटल पेमेंट धोखाधड़ी में शामिल नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ (Operation Mule Hunt) के तहत जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर “म्यूल अकाउंट्स” का इस्तेमाल कर अवैध लेन-देन को अंजाम देते थे। ये खाते आम नागरिकों के नाम पर खोले जाते थे और इनका उपयोग ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और देश के विभिन्न हिस्सों में साइबर ठगी की कई घटनाओं से जुड़ा हुआ पाया गया है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और आम लोगों को भी बैंकिंग जानकारी साझा करने में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

दूरसंचार विभाग, हरियाणा एलएसए ने फतेहाबाद, हरियाणा में साइबर धोखाधड़ी और साइबर अपराध को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया

फतेहाबाद, 16 अप्रैल 2026: दूरसंचार विभाग (डीओटी), हरियाणा एलएसए ने फतेहाबाद पुलिस के साथ समन्वय से पुलिस लाइंस, फतेहाबाद में एक उच्च प्रभाव वाले संवाद-सह-जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। हरियाणा एलएसए के अपर महानिदेशक दूरसंचार श्री राधाचरण शाक्य और फतेहाबाद की पुलिस अधीक्षक सुश्री निकिता खट्टर ने संयुक्त रूप से बैठक की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में जिले भर के पुलिस अधिकारियों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) सहित लगभग 100 लोगों ने भाग लिया।

फतेहाबाद के पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दूरसंचार विभाग की पहल की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान डिजिटल युग में धोखेबाजों द्वारा उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए साइबर अपराध को प्रभावी ढंग से रोकने और उस पर अंकुश लगाने के लिए सभी हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता है।

हरियाणा एलएसए के अपर महानिदेशक ने राष्ट्र निर्माण और माननीय प्रधानमंत्री के डिजिटल भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में सुरक्षित संचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी और दूरसंचार सेवाओं के बढ़ते दुस्र्पयोग के खतरे को रेखांकित किया, सभी हितधारकों द्वारा सतर्कता और सक्रिय उपायों की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके अलावा, दूरसंचार विभाग की विभिन्न नई पहलों पर प्रकाश डाला और दूरसंचार विभाग की प्रक्रियाओं के पालन पर जोर दिया, जिनका उल्लेख नीचे किया गया है:
• साइबर धोखाधड़ी से निपटने के उपाय:
o चोरी/दुरुपयोग किए गए उपकरणों का पता लगाने के लिए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) का उपयोग
o नागरिक केंद्रित दूरसंचार सुरक्षा सेवाओं के लिए संचार साथी पोर्टल
o साइबर अपराध पैटर्न की पहचान करने के लिए आई4सी और एनसीआरबी के साथ सहयोग
o संदिग्ध लेन-देन को चिह्नित करने के लिए बैंकों के साथ वित्तीय जोखिम संकेतक (एफआरआई) का विकास
• नागरिक जागरूकता और रिपोर्टिंग तंत्र:
o साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए 1930 हेल्पलाइन
o शिकायत दर्ज करने के लिए www.cybercrime.gov.in
o सुरक्षित बैंकिंग संचार के लिए 1600 श्रृंखला नंबरों पर जागरूकता
• संचार साथी पहल का प्रदर्शन किया गया:
o चक्षु – संदिग्ध कॉल/संदेशों की रिपोर्ट करना
o खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करें
o किसी के नाम पर जारी किए गए मोबाइल कनेक्शनों को जानें
o अपने मोबाइल हैंडसेट को जानें (KYM)
o रिकविन – अंतर्राष्ट्रीय कॉल पर नज़र रखना
• सिम जारी करने के दिशानिर्देश: कार्यक्रम में सिम अधिग्रहण प्रक्रिया को भी शामिल किया गया, जिसमें दुरुपयोग को रोकने के लिए PoS ऑपरेटरों और TSP के लिए आवश्यक सावधानियों पर जोर दिया गया।

दूरसंचार विभाग ने जागरूकता पहल, निवारक उपायों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं के साथ मजबूत समन्वय के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिससे एक सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार दूरसंचार इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।