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यूथ सर्विसेज डिपार्टमेंट ने पंजाब एड्स कंट्रोल सोसाइटी के साथ मिलकर मैराथन का किया आयोजन

लुधियाना / सत्ता संत्ता संदेश

  • एड्स और ड्रग्स के नुकसानदायक असर के बारे में लोगों को जागरूक किया

डायरेक्टर, यूथ सर्विसेज़, पंजाब के गाइडेंस में, पंजाब राज एड्स कंट्रोल सोसाइटी के साथ मिलकर, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के फुटबॉल ग्राउंड में 5 km की मैराथन (रेड रन) कॉम्पिटिशन ऑर्गनाइज़ की गई। इसका मकसद ज़िले में चल रहे रेड रिबन क्लबों में HIV, एड्स और ड्रग्स के नुकसानदायक असर के बारे में जागरूकता पैदा करना था। इस कॉम्पिटिशन का नेतृत्व दविंदर सिंह लोटे, असिस्टेंट डायरेक्टर, यूथ सर्विसेज़, लुधियाना ने किया।

इस मैराथन को पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना के स्टूडेंट वेलफेयर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. कमलजीत सिंह सूरी और असिस्टेंट डायरेक्टर, परमवीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। अलग-अलग कॉलेजों में चल रहे रेड रिबन क्लबों के 120 वॉलंटियर्स ने इस मैराथन में हिस्सा लिया।

दविंदर सिंह लोटे ने बताया कि पहले तीन पोजीशन पर आने वालों को 5-5 लाख रुपये के चेक, सर्टिफिकेट और मेडल दिए गए। स्टूडेंट्स, लड़के और लड़कियों को क्रम से 3000/-, 2000/- और 1000/- दिए गए। पहली पोजीशन आकाश प्रजापति SCD गवर्नमेंट कॉलेज, लुधियाना ने जीती, दूसरी पोजीशन अंकित कुमार सिंह SCD कॉलेज ने जीती और तीसरी पोजीशन सत्यम कुमार विद्यार्थी ने जीती।

रवीना, निशा और कंवलजीत कौर गवर्नमेंट कॉलेज, (गर्ल्स) लुधियाना ने क्रम से पहली, दूसरी और तीसरी पोजीशन हासिल की।

रेड रिबन वॉलंटियर्स को सर्टिफिकेट, मेडल और इनाम देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद स्टूडेंट्स को रिफ्रेशमेंट दी गई।

इवेंट के चीफ गेस्ट, डॉ. कमलजीत सिंह सूरी, डायरेक्टर, स्टूडेंट वेलफेयर डिपार्टमेंट, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने स्टूडेंट्स को एड्रेस करते हुए कहा कि स्टूडेंट्स को अच्छा खाना खाना चाहिए क्योंकि हेल्दी सोच से ही एक अच्छा समाज बन सकता है।

दीपक कुमार लेक्चरर फिजिकल एजुकेशन, S.S.स्कूल, जवाहर नगर और कोच जोगा सिंह, PAU, लुधियाना ने भी इस प्रोग्राम को सफल बनाने में अहम योगदान दिया। आखिर में, दविंदर सिंह लोटे ने सभी मेहमानों, काल्ज़ा के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर और वॉलंटियर्स को धन्यवाद दिया।

VC सतबीर सिंह के कार्यकाल बढ़ाने को लेकर कृषि विद्यार्थियों और डिग्रीधारकों ने पंजाब सरकार से की अपील

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : गुरलीन कौर

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसाल के चार वर्षीय कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और विश्वविद्यालय के हित में निभाई गई भूमिका को देखते हुए कृषि विद्यार्थियों और बेरोजगार कृषि डिग्रीधारक युवाओं ने पंजाब सरकार से उनका कार्यकाल बढ़ाने की जोरदार मांग की है।

विद्यार्थी नेता अंग्रेज मान ने कहा कि वर्ष 2022 में जब पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर का पद लंबे समय तक खाली रहा था, तब विद्यार्थियों ने स्थायी प्रमुख की नियुक्ति को लेकर जमीनी स्तर पर संघर्ष किया था। उनके मुताबिक, डॉ. गोसाल के पद संभालने के बाद विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे, शोध कार्यों और कैंपस के सौंदर्यीकरण को नई दिशा मिली। साथ ही, उन्होंने युवाओं और कृषि डिग्रीधारकों से जुड़े रोजगार के मुद्दों पर भी लगातार पैरवी की।

विद्यार्थियों के अनुसार, डॉ. गोसाल ने स्कूलों में कृषि विषय को अनिवार्य करने, कृषि अध्यापकों, कृषि विकास अधिकारियों (ADO) और कृषि सब-इंस्पेक्टरों के रिक्त पद भरने जैसे मुद्दों को लेकर पंजाब सरकार, संबंधित मंत्रियों और मुख्य सचिव स्तर तक मामला उठाया। इस संबंध में आवश्यक सिफारिशें भी भेजी गईं।

युवा कृषि डिग्रीधारकों का कहना है कि पंजाब के कृषि क्षेत्र से जुड़े संकट, शोध कार्यों की निरंतरता और कृषि शिक्षा प्राप्त युवाओं के रोजगार से संबंधित लंबित मामलों को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन में डॉ. गोसाल का अनुभव महत्वपूर्ण है।

विद्यार्थी नेताओं सुनील कंबोज, अकासदीप, लवप्रीत कंबोज, सौरव, अनुवेस सहित अन्य ने पंजाब सरकार से अपील की कि विद्यार्थियों और कृषि हितों को ध्यान में रखते हुए डॉ. सतबीर सिंह गोसाल को कार्यकाल विस्तार दिया जाए। उनका कहना है कि इससे उनकी अगुवाई में रोजगार और कृषि शिक्षा से जुड़े लंबित मुद्दों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

PAU ने आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों के लिए राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण का किया आयोजन

लुधियाना / सत्ता संदेश

यूआईडीएआई (UIDAI) क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना, पंजाब में आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण का आयोजन किया।

पंजाब भर के विभिन्न विभागों, जिनमें DGGIT पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और डाक विभाग शामिल हैं, से कुल 119 प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस सत्र में आधार के प्रमुख पहलुओं, परिचालन प्रक्रियाओं और यूआईडीएआई द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देशों को शामिल किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आधार ऑपरेटरों के ज्ञान और क्षमताओं को बढ़ाना था ताकि निवासियों को कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

सुमित भटनागर, ट्रेनर, UIDAIऔर अंकुश ठाकुर, सहायक प्रबंधक – पंजाब, UIDAI ने यूनिवर्सल क्लाइंट (UC) को अपनाने और परिचालन त्रुटियों को कम करने के लिए UIDAI के दिशानिर्देशों व मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने निवासियों को अपने आधार दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला, यदि उन्होंने पिछले दस वर्षों में उन्हें अपडेट नहीं किया है। प्रतिभागियों को सॉफ्ट स्किल्स, यूआईडीएआई के विजन और मिशन, और व्यावसायिकता व कार्य नैतिकता के उच्च मानकों को बनाए रखने के महत्व पर भी संवेदनशील बनाया गया।

इंटरैक्टिव सत्र के दौरान, मधुर बंसल, परियोजना प्रबंधक, UIDAI और अंकुश ठाकुर ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया और आधार नामांकन तथा अपडेट पारिस्थितिकी तंत्र पर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान किया। उन्होंने नवीनतम UC मॉड्यूल का प्रदर्शन भी किया और यूनिवर्सल क्लाइंट का लाइव प्रदर्शन किया, जिससे प्रतिभागी कुशल आधार नामांकन और अपडेट संचालन के लिए इसकी विशेषताओं और कार्यात्मकताओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में सक्षम हुए।

UIDAI आधार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, पारिस्थितिकी तंत्र के भागीदारों के कौशल को बढ़ाने और सुरक्षित, कुशल तथा नागरिक-केंद्रित आधार सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से ऐसे क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करता है। प्रशिक्षण का समापन एक इंटरैक्टिव चर्चा और आधार सिद्धांतों, परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं और विकसित होते आधार पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक अवलोकन के साथ हुआ।

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पी.ए.यू. लुधियाना में उत्तरी भारत की पहली केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली का किया उद्घाटन

मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पानी संरक्षण के लिए नई तकनीक अपनाने पर दिया जोर

सिर्फ एक चक्र में 3 एकड़ खेत की होगी सिंचाई, खेती में ए.आई. और नवाचार अपनाने की अपी

पंजाब के मिट्टी एवं जल संरक्षण, खान एवं भू-विज्ञान तथा जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.), लुधियाना में राज्य की पहली केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली का उद्घाटन किया। यह उत्तरी भारत में आधुनिक, स्वचालित सिंचाई तकनीक की पहली स्थापना है।

इस अवसर पर पी.ए.यू. के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल, डी.जी.एम. नाबार्ड अमित गर्ग तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक, फैकल्टी सदस्य तथा मृदा एवं जल संरक्षण, कृषि, बागवानी और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

इस मौके पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) के उभरते युग में नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने और अत्याधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। उन्होंने पंजाब में भूजल की नाजुक स्थिति को उजागर करते हुए जल संरक्षण के लिए आधुनिक सिंचाई तरीकों को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

बरिंदर गोयल ने पंजाब सरकार की भूजल संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कृषि में सतही जल के उपयोग को बढ़ाने के लिए किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पंजाब में उन्नत केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली की शुरुआत के लिए मृदा एवं जल संरक्षण विभाग की प्रशंसा की तथा पी.ए.यू. में इस अग्रणी प्रदर्शन परियोजना को वित्तीय सहायता देने के लिए नाबार्ड का धन्यवाद किया।

तकनीक का वर्णन करते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्रीय धुरी सिंचाई प्रणाली एक बार में पूर्णतः स्वचालित सिंचाई समाधान प्रदान करती है, जो विशेष रूप से श्रमिकों की कमी से जूझ रहे पंजाब के खेतों के लिए लाभदायक है। इस प्रणाली को किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती और 3 एकड़ के खेत के लिए सटीक सिंचाई केवल आवश्यक डेटा दर्ज करके प्राप्त की जा सकती है, जिससे पूरा कार्य एक ही चक्र में पूरा हो जाता है।
उन्होंने पंजाब के कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नाबार्ड द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार की नवाचारी और मार्गदर्शक पहलों के लिए पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया, साथ ही चल रहे और आगामी परियोजनाओं के लिए निरंतर सहयोग का भी भरोसा दिलाया।