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पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अस्पताल से डिस्चार्ज; घुटने की सफल सर्जरी के बाद लौटे घर

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वे पिछले कुछ समय से घुटने के गंभीर दर्द से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनकी दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं।

सफल रहा ऑपरेशन: डॉक्टरों की सलाह के बाद, कैप्टन अमरिंदर सिंह को नी-रिप्लेसमेंट (घुटने बदलने) की सर्जरी के लिए बीते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्जरी से पहले उनके ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन और अन्य जरूरी मेडिकल टेस्ट किए गए, जिनके सामान्य आने के बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उनका ऑपरेशन संपन्न किया।

नेताओं ने जाना हाल-चाल : अस्पताल में उनके प्रवास के दौरान पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा ने उनसे मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होकर जनता की सेवा में लौटने की कामना की। शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी भी साझा की थी।

बीजेपी में ही रहेंगे कैप्टन: कैप्टन की बीमारी के बीच ही पंजाब की राजनीति में उनके दल बदलने की अटकलें भी तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस की ओर से उन्हें वापस आने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उनकी बेटी जय इंदर कौर ने स्पष्ट कर दिया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। इसी दौरान, कैप्टन और उनके बेटे रणइंदर सिंह को ईडी (ED) द्वारा समन जारी किए जाने की खबर भी सामने आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज है।

कांग्रेस का कैप्टन को ‘घर वापसी’ का ऑफर: ईडी नोटिस के बाद गरमाई पंजाब की सियासत; बेटी बोली- ‘भाजपा में ही रहेंगे पिता’

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक पुराने मामले में कैप्टन को समन (Notice) जारी किए जाने के बाद, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस लौटने का न्योता दिया है।

भूपेश बघेल ने दिया ऑफर: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उन्हें ‘घर वापसी’ का ऑफर दिया है। बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन कांग्रेस में लौटने पर विचार करते हैं, तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है, हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। उन्होंने कैप्टन को पंजाब की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा बताया।

बेटी जय इंदर कौर का दो टूक जवाब: कांग्रेस की इस पेशकश पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भाजपा में ही रहेंगे और कहीं नहीं जा रहे हैं। ईडी नोटिस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें नोटिस मिला है, और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सियासी बयानबाजी और आरोप: कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि जैसे ही कैप्टन ने पंजाब के मुद्दों और भाजपा की समझ पर सवाल उठाए, उन्हें ईडी का समन भेज दिया गया। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की रणनीति करार दिया। दूसरी ओर, 84 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के गठबंधन की वकालत कर रहे हैं ताकि 2027 के चुनावों में मजबूती से उतरा जा सके।

कैप्टन का राजनीतिक सफर: कैप्टन अमरिंदर सिंह तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई, जिसका सितंबर 2022 में उन्होंने भाजपा में विलय कर दिया था।