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मानसा में बिजली कटों के खिलाफ अकाली दल का प्रदर्शन, 24 घंटे निर्बाध सप्लाई की मांग

मानसा में बिजली के अघोषित कटों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल का प्रदर्शन। मानसा, बुधलाड़ा और सरदूलगढ़ में धरने, 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई की मांग।

मानसा / सत्ता संदेश

पंजाब में लगातार सामने आ रही बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को मानसा, बुधलाड़ा और सरदूलगढ़ में अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से अलग-अलग स्थानों पर धरने और प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि पंजाब के लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अकाली नेताओं का कहना है कि मौजूदा बिजली कटों का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। धान की फसल के महत्वपूर्ण दौर में खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मानसा में बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों की नाराजगी पहले भी सामने आ चुकी है। हाल के दिनों में क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण धान की सिंचाई प्रभावित होने की रिपोर्टें सामने आई हैं।

अकाली नेताओं ने दावा किया कि पिछली शिरोमणि अकाली दल सरकार के दौरान पंजाब में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सौर और थर्मल पावर परियोजनाओं पर काम किया गया था। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में इजाफा हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मौजूदा समय में पंजाब के कई हिस्सों में बिजली कटों की समस्या बनी हुई है। इसका असर किसानों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों पर भी पड़ रहा है। राज्य में बिजली संकट को लेकर हाल के दिनों में किसान संगठनों और औद्योगिक क्षेत्र की ओर से भी विरोध प्रदर्शन सामने आए हैं।

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार से मांग की है कि बिजली कटों की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और किसानों, आम लोगों तथा उद्योगों को नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।

यह प्रदर्शन शिरोमणि अकाली दल द्वारा 16 सितंबर को पंजाबभर में बिजली कटों के खिलाफ विधानसभा हलका स्तर पर किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों के आह्वान का हिस्सा है।

पंजाब में बिजली संकट: सरकार ने शेड्यूल्ड कट किए रद्द, बढ़ती मांग और हड़ताल ने बढ़ाई मुसीबत

पंजाब डेस्क : पंजाब में भीषण गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में बार-बार लग रहे अघोषित कटों के कारण हो रही किरकिरी के बाद अब 30 अप्रैल तक सभी शेड्यूल्ड शटडाउन (Scheduled Shutdowns) रद्द कर दिए गए हैं। विभाग ने आदेश जारी किया है कि बिना जोनल ऑफिस की लिखित मंजूरी के 11 kV या उससे ऊपर का कोई भी काम (PTW) नहीं किया जाएगा ताकि सप्लाई बहाल रहे।

जनता का गुस्सा और प्रदर्शन: शुक्रवार रात को पूरे पंजाब में 2 से 4 घंटे के कट लगे, जिससे 40 डिग्री से अधिक तापमान में लोग सो नहीं सके। इसके विरोध में मानसा और बुढलाडा में लोगों ने बिजली दफ्तरों का घेराव किया, वहीं बठिंडा के कोटसमीर और तुंगवाली गांव में ग्रामीणों ने बिजली ग्रिड पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।

मांग और आपूर्ति का गणित: पंजाब में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ते हुए 12,130 मेगावाट तक पहुंच गई है। राज्य में उत्पादन केवल 5,100 मेगावाट है, जिसके चलते पावरकॉम ने सेंट्रल पूल से 7,000 मेगावाट बिजली खरीदी है, फिर भी मांग पूरी नहीं हो पा रही है।

हड़ताल और तकनीकी कारण: संकट के पीछे पावरकॉम के टेक्निकल स्टाफ की हड़ताल एक बड़ी वजह है। कर्मचारी केवल 8 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं और कोई अतिरिक्त काम नहीं कर रहे, जिससे फीडर ट्रिप होने पर उसे ठीक करने में घंटों लग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रीक्वेंसी (50 हर्ट्ज) में जरा भी उतार-चढ़ाव होने पर सिस्टम खुद ही ट्रिप हो जाता है। आज भी लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मोहाली और पटियाला के कई इलाकों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।