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जैसलमेर के रामगढ़ में 20 किलोवाट आकाशवाणी एफएम ट्रांसमीटर का उद्घाटन, सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत होगी रेडियो पहुंच

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामगढ़ में 20 किलोवाट क्षमता वाले आकाशवाणी एफएम ट्रांसमीटर का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम आकाशवाणी जयपुर परिसर से आयोजित किया गया।

नए ट्रांसमीटर के शुरू होने के साथ राजस्थान में एफएम ट्रांसमीटरों की कुल संख्या बढ़कर 39 हो गई है। रामगढ़ स्थित यह ट्रांसमीटर सीमावर्ती क्षेत्र में लगभग 80 किलोमीटर के दायरे में रेडियो कवरेज उपलब्ध कराएगा और जैसलमेर जिले के करीब 20 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा। इससे क्षेत्र के लोगों को सूचनात्मक, शैक्षिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में रेडियो प्रसारण को प्रासंगिक और प्रभावशाली बनाए रखने के लिए “डिजिटल फर्स्ट” और “हाइपर-लोकल” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने प्रसार भारती के अधिकारियों को इस दिशा में एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रसारण सेवाओं में स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति और शिल्पकारों को अधिक स्थान देने पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिल सके और क्षेत्रीय पहचान को मजबूती मिले।

अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में विकसित किए जा रहे आगामी एआई डेटा सेंटर का भी उल्लेख किया और इसे भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि आकाशवाणी और दूरदर्शन जैसे संस्थान आज भी समाज की जड़ों से जुड़े हुए हैं और देश के दूरदराज क्षेत्रों तक सूचना पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये संस्थान जमीनी स्तर की आवाज को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।

नया एफएम ट्रांसमीटर सीमावर्ती क्षेत्रों में आकाशवाणी और दूरदर्शन की पहुंच को मजबूत करेगा। यह पहल “कश्मीर से कच्छ” तक मजबूत प्रसारण अवसंरचना विकसित करने की परिकल्पना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में संचार और सूचना सेवाओं का विस्तार करना है।

कार्यक्रम में राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, जयपुर की सांसद मंजू शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं जैसलमेर के सांसद उमेदराम बेनीवाल वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

गुजरात : केंद्रीय मंत्री ने भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

दिल्ली / सत्ता संदेश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे गुजरात के सीमावर्ती एवं तटीय जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी विषयों पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी सहित राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कच्छ, वाव थराद और पाटन के DM और SP उपस्थित थे।

बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है और राज्य में घुसपैठ तथा बॉर्डर पर तस्करी पूरी तरह बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0 से 15 किलोमीटर क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस अप्रोच रखकर उसे समाप्त किया जाए। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में Radicalization के केंद्रों पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्री अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में जिला मजिस्ट्रेट को जनसांख्यिकी परिवर्तन की सख्त मॉनिटरिंग एवं नियमित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के आने के कारण हो रहा रिवर्स माइग्रेशन स्वागतयोग्य है। श्री शाह ने कहा कि पहले से बसे घुसपैठियों को वापस भेजने के कार्य में पुलिस स्टेशन से लेकर पटवारी तक, सब एकजुट होकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि हर सीमावर्ती जिले की चुनौतियों और जरूरतों के आधार पर स्थानीय प्रशासन SOPs तैयार करे, जिसमें पहले से बसे घुसपैठियों, ड्रोन और नार्को की पहचान करना सुनिश्चित हो।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हर जिले में सुरक्षा समन्वय समूह बनाए जाएं, जिसमें BSF, तटरक्षक बल, आयकर विभाग, ED और लीड बैंक के मैनेजर को शामिल किया जाए। श्री शाह ने कहा कि इनकम टैक्स, मनी लॉन्ड्रिंग और कस्टम कानूनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी DM, SP और IG, बॉर्डर रेंज की होनी चाहिए।

श्री अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों में हवाला ट्रांजैक्शन, लेनदेन, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों, संदिग्ध वाहनों और GST कलेक्शन पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध से निपटने वाली एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों के बारे में कड़ाई से सूचित किया जाए और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, आरबीआई के साथ मिलकर सर्वे की मुहिम चलाए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा से निकटता को ध्यान में रखते हुए तटीय सुरक्षा और भारतीय तटरक्षक बल के साथ प्रभावी समन्वय पर जोर देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज के साथ-साथ भारत सरकार और राज्य सरकार की हर योजना का सीमांत गांवों में 100% सैचुरेशन सुनिश्चित हों।