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बजट 2026 के बाद सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट: चांदी 16,000 रुपये और सोना 4,000 रुपये सस्ता

बिजनेस डेस्क: देश में आम बजट पेश होने के बाद कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट का दौर जारी है। सोमवार, 2 फरवरी, 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 4,000 रुपये (3%) गिरकर 1,38,256 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इसी तरह, चांदी की कीमत में 16,000 रुपये (6%) की गिरावट आई है, जिससे यह 2,49,713 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है।

गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में चांदी 1.34 लाख रुपये और सोना 45,000 रुपये सस्ता हो चुका है।

इंटरनेशनल मार्केट और मार्जिन का असर: सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतों में 4.20 परसेंट की गिरावट देखी गई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, CME (शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज) द्वारा सोने और चांदी के फ्यूचर्स के लिए मार्जिन की ज़रूरतें बढ़ाने की वजह से इन्वेस्टर्स बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे लिक्विडिटी कम हो रही है और कीमतें नीचे आ रही हैं।

सेंसेक्स, निफ्टी में शुरुआती कारोबार में तेजी
 मुंबई, दो फरवरी (भाषा) सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई।
 बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 302 अंक चढ़कर 81,024.94 अंक पर और एनएसई निफ्टी 59.25 अंक की बढ़त के साथ 24,884.70 अंक पर पहुंच गया।
 सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड और एचडीएफसी बैंक के शेयर में तेजी रही। वहीं ट्रेंट, टाइटन, आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर नुकसान में रहे।
 केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद रविवार को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स रविवार को 1,546.84 अंक और निफ्टी 495.20 अंक टूटा था।
 एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी चार प्रतिशत से अधिक टूटा। जापान का निक्की 225 सूचकांक, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी गिरावट में रहे।
 अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
 अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.45 डॉलर प्रति बैरल रहा।
 शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लंबे समय बाद रविवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 588.34 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
बजट 2026: मिडिल क्लास को झटका, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं और इन्वेस्टमेंट पर कोई राहत नहीं

नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी, 2026 को देश का आम बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने आम आदमी, किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस करने का दावा किया है, लेकिन मिडिल क्लास की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

टैक्स सिस्टम में कोई बदलाव नहीं: मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में छूट मिलने की थी। पिछले सालों के अंदाजों के उलट, सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा, नए टैक्स सिस्टम में PPF, NPS और ELSS जैसी स्कीम पर कोई एक्स्ट्रा टैक्स छूट नहीं दी गई है।

शेयर बाजार में हंगामा: बजट की घोषणाओं से निराश शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स करीब 2300 पॉइंट और निफ्टी 495 पॉइंट गिर गया। इस गिरावट की मुख्य वजह F&O ट्रेडिंग पर ट्रांज़ैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी और टैक्स रेट में कमी न होना माना जा रहा है।

CNG यूज़र्स को राहत और लग्ज़री कारें सस्ती होंगी: बजट में CNG यूज़र्स के लिए अच्छी खबर है क्योंकि बायोगैस पर टैक्स ज़ीरो कर दिया गया है, जिससे गाड़ी चलाना सस्ता हो सकता है। दूसरी ओर, इंडिया-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की वजह से यूरोप से आने वाली महंगी लग्ज़री कारों (जैसे मर्सिडीज़, पोर्शे, बेंटले) पर कस्टम ड्यूटी कम हो जाएगी, जिससे ये कारें सस्ती हो जाएंगी।

दूसरे तबकों की निराशा

#किसान: PM किसान सम्मान निधि की रकम 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ।

#सीनियर सिटिज़न्स: सीनियर सिटिज़न्स को रेलवे किराए या हेल्थ इंश्योरेंस में कोई खास राहत नहीं मिली।

नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला है, जिससे टैक्सपेयर्स को आसानी होने का दावा किया जा रहा है।