ब्रेकिंग न्यूज़
बजट 2026: मिडिल क्लास को झटका, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं और इन्वेस्टमेंट पर कोई राहत नहीं

नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी, 2026 को देश का आम बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने आम आदमी, किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस करने का दावा किया है, लेकिन मिडिल क्लास की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

टैक्स सिस्टम में कोई बदलाव नहीं: मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में छूट मिलने की थी। पिछले सालों के अंदाजों के उलट, सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा, नए टैक्स सिस्टम में PPF, NPS और ELSS जैसी स्कीम पर कोई एक्स्ट्रा टैक्स छूट नहीं दी गई है।

शेयर बाजार में हंगामा: बजट की घोषणाओं से निराश शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स करीब 2300 पॉइंट और निफ्टी 495 पॉइंट गिर गया। इस गिरावट की मुख्य वजह F&O ट्रेडिंग पर ट्रांज़ैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी और टैक्स रेट में कमी न होना माना जा रहा है।

CNG यूज़र्स को राहत और लग्ज़री कारें सस्ती होंगी: बजट में CNG यूज़र्स के लिए अच्छी खबर है क्योंकि बायोगैस पर टैक्स ज़ीरो कर दिया गया है, जिससे गाड़ी चलाना सस्ता हो सकता है। दूसरी ओर, इंडिया-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की वजह से यूरोप से आने वाली महंगी लग्ज़री कारों (जैसे मर्सिडीज़, पोर्शे, बेंटले) पर कस्टम ड्यूटी कम हो जाएगी, जिससे ये कारें सस्ती हो जाएंगी।

दूसरे तबकों की निराशा

#किसान: PM किसान सम्मान निधि की रकम 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ।

#सीनियर सिटिज़न्स: सीनियर सिटिज़न्स को रेलवे किराए या हेल्थ इंश्योरेंस में कोई खास राहत नहीं मिली।

नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला है, जिससे टैक्सपेयर्स को आसानी होने का दावा किया जा रहा है।

अमरीका द्वारा वर्ष 2025 में प्रवासियों को हथकडिय़ां/बेडिय़ां डालकर डिपोर्ट करने का सिलसिला वर्ष 2026 में भी जारी

* अमरीका से 30 जनवरी को फिर 149 भारतीयों को हथकडिय़ां/बेडिय़ां लगाकर भेजा वापस
*  स्वयं लौटने वाले गैर-कानूनी प्रवासियों को 2 लाख रुपये बोनस व अन्य सुविधाएं देने का फैसला
खन्ना (सत्ता संदेश)-अमरीका में डोनाल्ड ट्रम्प का दूसरा कार्यकाल शुरू होते ही प्रवासियों के प्रति अपनाई सख्त नीति लगातार जारी है। वर्ष 2025 में गैर-कानूनी प्रवासियों को हथकडिय़ां और बेडिय़ां डालकर डिपोर्ट करने का सिलसिला वर्ष 2026 में भी जारी है। 30 जनवरी को एक बार 149 भारतीय नागरिकों को अमरीका से बेडिय़ों व हथकडिय़ों में जकड़कर वापस भेजा गया है। यह फ्लाइट दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी तथा इसमें बहुत से लोग पंजाब, हरियाणा और गुजरात के बताये गये हैं। अमरीका में पकड़े गए प्रवासियों को यातनाएं देनी भी शुरू कर दी हैं। अमरीका में से बड़ी संख्या का यह देश निकाला (मास डिर्पोटेशन) भारतीयों विशेषकर पंजाबियों, हरियाणवियों और गुजरातियों के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि डंकी रूट और गैर-कानूनी ढंग से अमरीका जाने वाले नौजवानों में बड़ी संख्या इन प्रांतों के निवासियों की ही है। इस बार चिंता वाली एक नई बात भी सामने आई है कि पकड़े गए गैर-कानूनी प्रवासियों को अमरीका में अमानवीय यातनाएं देनी भी शुरू कर दी हैं। हरियानाा के डिपोर्ट हुए एक नौजवान विशाल राणा उर्फ बादल ने आरोप लगाया है कि  उसको और अन्यों को माइनस डिग्री मौसम में भी रात को कमरों में ए.सी. चलाकर न सहने योग्य ठंड में रहने के लिए मजबूर किया जाता था। भारतीय भेजे वापस भारत सरकार के विदेश मंत्रालयं अनुसार वर्ष 2025 में अमरीका से 3,806 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था, जोकि पिछले 5 वर्षों में सबसे बड़ा आंकड़ा है। वर्ष 2009 से अब तक अमरीका से कुल 18,822 भारतीय वापस भेजे जा चुके हैं। गौरतलब है कि धक्के के साथ देश निकाले में हथकडिय़ां/बेडिय़ां लगाना आम हो गया है। यह आमतौर पर भारत, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, हांडूरस, वैनेजुएला व चीन जैसे देशों के नागरिकों के साथ किया जा रहा है। कई देशों ने अमरीका द्वारा अपने नागरिकों को हथकडिय़ां लगाकर भेजने पर कडी आपत्ति भी जताई है, जिस कारण यह कई देशों के नागरिकों के साथ अब नहीं किया जाता, परन्तु इस तरह लगता है कि भारत सरकार ने इसको कानूनी प्रक्रिया समझ कर बर्दाश्त कर लिया है। इस दौरान अमरीका के डिपार्टमैंट ऑफ होम सिक्योरिटी (डी.एच.एस.) ने 21 जनवरी, 2026 को एक नया कार्यक्रम घोषित किया है, जिसमें अमरीका में गैर कानूनी रूप में रहने वाले विदेशियों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, को सैल्फ डिपोर्टेशन भाव अपने आप वापस जाने के लिए 2,600 यू.एस. डालर का बोनस दिया जाना शुरू किया गया है। पहले यह बोनस 1000 डालर था। लगभग सवा 2 लाख रुपये के इस बोनस के साथ-साथ देश छोडऩे वाले गैर कानूनी प्रवासी को एक ओर का हवाई किराया भी मुफ्त दिया जाता है और गैर कानूनी रहने के कारण लगने वाले सभी जुर्माने भी माफ कर दिये जाते हैं। इसका यह भी फायदा है कि यह सैल्फ डिपोर्टेशन (अपने आप वापस जाने वाले व्यक्तियों को दोबारा अमरीका आने का मौका मिल सकता है, जबकि धक्के से भेजे व्यक्ति फिर कानूनी तौर पर अमरीका का वीज़ा नहीं ले सकते। डी.एच.एस. के सचिव करिसटी नोइम ने कहा कि है कि यह अमरीका के टैक्स-दाताओं के लिए एक इनाम है, क्योंकि एक व्यक्ति को धक्के से देशों से बाहर डिपोर्ट करने का खर्च 18,245 अमरीकी डालर है, जबकि सैल्फ-डिपोर्टेशन पर 2600 डालर के बोनस सहित सिर्फ 5,100 अमरीकी डालर का खर्च ही होता है। गौरतलब है कि अमरीका में धक्के से हथकडिय़ां व बेडिय़ां लगाकर भेजे जाने, जुर्माने भरने से बचने और दोबारा अमरीका का वीजा लेने के समर्थ रहने के लिए जनवरी, 2025 से अब तक लगभग 22 लाख गैर कानूनी प्रवासियों ने अपने आप अमरीका से वापस लौटने का रास्ता अपनाया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रधानमंत्री को हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय संपर्क में और विस्तार करने की अपील की

भगवंत मान सरकार गुरुओं और शहीदों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध

पंजाब के हवाई अड्डों का नाम गुरुओं और शहीदों के नाम पर रखना उनकी विरासत के प्रति गहन सम्मान का प्रतीक है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जल्द ही, पंजाब के चारों हवाई अड्डे हमारे गुरुओं और शहीदों के नामों से जाने जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब सरकार राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन समारोह में की शिरक्त

लुधियाना, 1 फरवरी 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर भारत सरकार से हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के नायकों में से एक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में वृद्धि करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब लगातार उस मोड़ की ओर बढ़ रहा है जहाँ इसके चारों हवाई अड्डों के नाम राज्य के महान गुरुओं और शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे को राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत से जोड़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हवाई अड्डे के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू की उपस्थिति में यह मुद्दा उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में मातृभूमि के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उनके महान बलिदान ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी उन्हें अपना रोल मॉडल मानते थे।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना इस महान शहीद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी जो इस क्षेत्र से जुड़े थे और एविएशन में करियर बनाने के लिए बर्कले यूनिवर्सिटी गए थे, लेकिन वापस आने के बजाय उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, ‘पंजाब महान गुरुओं, पैगंबरों, संतों, पीरों और शहीदों की धरती है। इस पवित्र मिट्टी के कण-कण से उनकी कुर्बानियों की महक आती है।’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाता है तो पंजाब के चार हवाई अड्डों में से दो का नाम सम्माननीय गुरुओं के नाम पर और दो का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर और श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा, आदमपुर का नाम गुरुओं के नाम पर रखा गया है, जबकि शहीद भगत सिंह हवाई अड्डा, मोहाली और शहीद करतार सिंह सराभा हवाई अड्डा, हलवारा हमारे शहीदों की याद को समर्पित होगा।’

गुरु रविदास के प्रकाश पर्व पर लोगों को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भक्ति आंदोलन के महान समर्थक के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी द्वारा समानतावादी समाज की रचना के लिए दिखाया गया मार्ग हमारी सरकार की जनता की सेवा करने की प्रतिबद्धता का मुख्य आधार है।’ उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस शुभ अवसर पर दो हवाई अड्डों को जनता को समर्पित किया।

हलवारा हवाई अड्डे की रणनीतिक महत्ता को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई अड्डे ने वर्षों दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और महत्वपूर्ण अभियानों के दौरान सशस्त्र सेनाओं द्वारा इसका उपयोग किया जाता रहा है। उन्होंने हलवारा में टर्मिनल, जिसे अब जनता को समर्पित कर दिया गया है, विकसित करने में योगदान के लिए भारतीय सशस्त्र सेनाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार आने वाले दिनों में इस हवाई अड्डे से संपर्क बढ़ाने के लिए भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श करेगी।’

पहले किए गए प्रयासों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 22 मार्च, 2023 को पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन, हलवारा, लुधियाना में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा, ‘गदर पार्टी के एक सक्रिय नेता के रूप में, शहीद करतार सिंह सराभा ने पहले विदेशों में और फिर देश के अंदर भारत की आजादी के लिए अथक मेहनत की। हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उनके बेमिसाल योगदान को एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी।’

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम पहले ही शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जा चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘हमारे महान शहीदों के नाम पर हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों का नामकरण हमारी सरकार के महान शहीदों की विरासत को संरक्षित करने और युवाओं को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित करने के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है।’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रधानमंत्री को हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपील

लुधियाना, 1 फरवरी 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर भारत सरकार से हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के नायकों में से एक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

MLA सिद्धू के जन्मदिन पर मेले जैसा माहौल

मेरा दिल समाज का कर्जदार है – MLA कुलवंत सिंह सिद्धू

मैं आखिरी सांस तक इलाके के लोगों की सेवा करूंगा – सिद्धू

लुधियाना, 01 फरवरी ()
आजकल के समय में अपना जन्मदिन या कोई भी खुशी का पल अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ शेयर करना आम बात है, लेकिन जब किसी इंसान के जन्मदिन पर लोग केक लेकर उसकी खुशी में शामिल होने आगे आते हैं, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि समाज में ऐसे इंसान की क्या पर्सनैलिटी होगी। आत्म नगर इलाके के MLA कुलवंत सिंह सिद्धू की पर्सनैलिटी ऐसी ही शानदार है। दरवेश पॉलिटिशियन MLA कुलवंत सिंह सिद्धू जब मिलते हैं तो बहुत अच्छे और अच्छे नेचर के होते हैं, यही वजह है कि इलाके के लोग MLA सिद्धू को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। आज MLA सिद्धू के जन्मदिन पर हर साल की तरह भारी भीड़ उमड़ी, जिस तरह इलाके के लोग MLA सिद्धू को केक और फूलों के गुलदस्ते लेकर उनके जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे, ऐसा लगा जैसे किसी मेले में भारी भीड़ जमा हो गई हो। MLA सिद्धू के जन्मदिन पर आए लोगों का प्यार देखकर ऐसा लगा जैसे लोगों ने MLA सिद्धू को 2027 में फिर से MLA बनाने का मन बना लिया हो। कार्यक्रम में आए लोगों, पदाधिकारियों और वॉलंटियर्स की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए MLA सिद्धू ने कहा कि वे हलके के लोगों के इस प्यार के लिए हमेशा संगत के कर्जदार रहेंगे और बाबा दीप सिंह जी की कृपा से वे आखिरी सांस तक हलके के लोगों की सेवा करते रहेंगे। इस समय उन्हें बधाई देने आए लोगों में सभी विंग के जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, वार्ड अध्यक्ष, महिला विंग, यूथ विंग, AC विंग, BC विंग, हलका कोऑर्डिनेटर, सभी पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुख, पत्रकार समुदाय और MLA सिद्धू के ऑफिस के सभी पदाधिकारी शामिल थे।

PM मोदी का जालंधर दौरा: आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट’ कर दिया गया

पंजाब डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 फरवरी 2026 को गुरु रविदास जयंती के मौके पर जालंधर के डेरा सचखंड बल्लान में मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने संत निरंजन दास जी से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। संगत को संबोधित करते हुए PM मोदी ने पंजाब की धरती को नमन किया और कहा कि गुरु रविदास जी की जन्मभूमि काशी से उनका गहरा नाता है।

एयरपोर्ट के नाम और उद्घाटन: प्रधानमंत्री ने इस मौके पर एक बड़ा ऐलान करते हुए आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने हलवारा एयरपोर्ट के टर्मिनल का भी वर्चुअली उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले अयोध्या एयरपोर्ट का नाम भी संत के सम्मान में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया था।

बजट 2026 और पंजाब के लिए फायदे: अपने भाषण में PM मोदी ने यूनियन बजट 2026 का ज़िक्र किया और कहा कि इससे पंजाब को स्पोर्ट्स के क्षेत्र में, खासकर ‘खेलो इंडिया’ कैंपेन के तहत फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि इस बजट से जालंधर की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा और यूरोपियन यूनियन के साथ डील होने से यहां के बिजनेसमैन 27 देशों में अपना सामान बेच पाएंगे, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का ज़िक्र करते हुए “सब एक ही मिट्टी के बर्तन” का मैसेज शेयर किया और कहा कि गुरु जी ने हमेशा समाज को जोड़ने और बराबरी की बात की है।

भारत U-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा, पाकिस्तान का सपना टूटा

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय टीम ने ICC U19 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इसके साथ ही इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान का सफर खत्म हो गया है। सुपर सिक्स स्टेज के आखिरी और निर्णायक मैच में भारतीय टीम 252 रन पर ऑल आउट हो गई।

पाकिस्तान को सिर्फ 33.3 ओवर में 253 रन बनाकर सेमीफाइनल में पहुंचना था ताकि वह भारत से बेहतर नेट रन रेट हासिल कर सके, लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज दबाव में ऐसा करने में नाकाम रहे।सेमीफाइनल की चार टीमें तय हो गई हैं इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। अब सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चारों टीमें तय हो गई हैं:

#ग्रुप-1: ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान।

#ग्रुप-2: इंग्लैंड और भारत

सेमीफ़ाइनल शेड्यूल

पहला सेमीफ़ाइनल (3 फरवरी 2026): ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड/भारत (बुलावायो)।

दूसरा सेमीफ़ाइनल (4 फरवरी 2026): अफ़गानिस्तान बनाम इंग्लैंड/भारत (हरारे)।

अगर भारतीय टीम पाकिस्तान को हराने में कामयाब हो जाती है, तो उसका सामना अफ़गानिस्तान से होगा। दूसरी ओर, खेल जगत के अलावा भारत में बजट 2026 की घोषणाएं भी चर्चा में हैं, जिसमें कैंसर समेत 7 गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती करने और CNG इस्तेमाल करने वालों को टैक्स में राहत देने जैसे बड़े ऐलान किए गए हैं।

यूनियन बजट 2026-27: ‘राहत कम और रोडमैप ज़्यादा’; जानें आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा और क्या होगा सस्ता

नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यूनियन बजट 2026-27 तुरंत मिलने वाले फायदों के बजाय देश के भविष्य की तस्वीर साफ करने वाला ‘रोडमैप’ लगता है। सरकार ने इस बजट में पॉपुलर फैसलों के बजाय लंबे समय की ग्रोथ और स्ट्रक्चरल मजबूती को प्राथमिकता दी है।

आर्थिक स्थिति और फिस्कल डिसिप्लिन: सरकार का दावा है कि उसकी पॉलिसी की वजह से भारत ने 7% से ज़्यादा की इकोनॉमिक ग्रोथ रेट हासिल की है। बजट में फिस्कल डेफिसिट को कंट्रोल में रखने का टारगेट रखा गया है, जिसके मुताबिक FY26 में इसके 4.4% और FY27 में 4.3% रहने का अनुमान है। 16वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों से राज्यों को करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर:

बजट का सबसे मजबूत पिलर: इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्रोथ का इंजन माना गया है। सरकार ने FY27 के लिए करीब 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपिटल खर्च का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अगले पांच सालों में 20 नए वॉटरवे, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नए फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्लान है।

क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?

सस्ता: 17 कैंसर की दवाएं, कुछ मेडिकल डिवाइस, न्यूक्लियर और ग्रीन एनर्जी से जुड़े सामान सस्ते हो सकते हैं क्योंकि इन पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है या कम कर दी गई है।

महंगा: फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग महंगी होगी क्योंकि इस पर STT बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, शेयर बायबैक पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा।

आम आदमी और टैक्सपेयर्स के लिए इसमें क्या है? बजट में इनकम टैक्स नियमों को आसान बनाने और छोटे टैक्सपेयर्स को कुछ राहत देने की कोशिश की गई है। खास तौर पर, विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) कम किया गया है, जिससे विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले स्टूडेंट्स को फायदा होगा।

खेती और रोज़गार: किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बेस्ड सॉल्यूशन लाए गए हैं और नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों पर खास ध्यान दिया गया है। रोज़गार बढ़ाने के लिए MSME और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए खास फंड की घोषणा की गई है।

एप्सटीन फाइल’ के मामले पर स्पष्टीकरण दें प्रधानमंत्री: कांग्रेस
   नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने अमेरिका में जारी “एप्सटीन फाइल” में हुए “खुलासों” के बाद रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
 कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पोस्ट किया, “एप्सटीन फाइल के नए बैच की रिपोर्ट इस बात की बड़ी चेतावनी हैं कि किस तरह के लोगों की प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंच है और वह विदेशी दबाव/हेरफेर के प्रति कितने संवेदनशील हैं।”
  उन्होंने कहा, “कांग्रेस मांग करती है कि प्रधानमंत्री स्वयं इन खुलासों पर सामने आकर सच बताएं, जो गंभीर सवाल खड़े करते हैं।”
   कांग्रेस नेता ने सवाल किया, “क्या उन्होंने जेफ्री एप्सटीन से मुलाकात की? या उन्होंने किसी को उससे मिलने भेजा? एप्सटीन के साथ उनकी बातचीत में क्या-क्या शामिल था?”
  वेणुगोपाल ने दावा किया कि उतनी ही चिंताजनक एक रिपोर्ट यह भी है कि जब भारत की विदेश नीति में बड़ा बदलाव हो रहा था, तब प्रधानमंत्री मोदी एप्सटीन जैसे “दागी” लोगों की धुन पर “नाच-गा रहे” थे।
 उनका कहना है, “भारत के लोगों को जवाब चाहिए।”
 कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री को स्वयं स्पष्टीकरण देना चाहिए।”
  कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सवाल किया कि क्या 2019 के लोकसभा चुनाव के आसपास प्रधानमंत्री मोदी एप्सटीन संपर्क में थे।
 भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप लगाया था और कहा था कि कांग्रेस ने जेफ्री एप्सटीन से जुड़ी जांच फाइलों के एक सामान्य ईमेल अंश को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की है।
 विदेश मंत्रालय ने जेफरी एपस्टीन से संबंधित जांच फाइलों में प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भ को शनिवार को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘‘एक दोषी अपराधी के तुच्छ चिंतन से अधिक कुछ नहीं’’ करार दिया।   
खबर पंजाब मोदी हवाई अड्डा

पंजाब: प्रधानमंत्री मोदी ने आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा किया, हलवारा हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।