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IND vs SA: सुपर-8 में थमा टीम इंडिया की जीत का सिलसिला, साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से दी करारी शिकस्त

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम को पहली हार का सामना करना पड़ा है। रविवार को खेले गए रोमांचक मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। इस हार के साथ ही टीम इंडिया का पिछले 14 मैचों से चला आ रहा जीत का सिलसिला भी थम गया है।

साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन: टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम ने 7 विकेट खोकर 187 रन बनाए। हालांकि शुरुआत में उनके तीन विकेट जल्दी गिर गए थे, लेकिन डेविड मिलर (63 रन) और डेवाल्ड ब्रेविस (45 रन) ने चौथे विकेट के लिए 97 रनों की तूफानी साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह को 2 विकेट मिले।

बल्लेबाजी में फ्लॉप रही टीम इंडिया: 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा। ईशान किशन शून्य पर पवेलियन लौट गए, जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव केवल 18 रन ही बना सके। टीम इंडिया की ओर से शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण पूरी टीम 18.5 ओवर में महज 111 रन पर सिमट गई। साउथ अफ्रीका की ओर से मार्को जेनसेन ने 4 और केशव महाराज ने 3 विकेट झटककर भारत की कमर तोड़ दी।

गुरदासपुर में 2 पुलिसकर्मियों मौत, आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने ली हत्या की जिम्मेदारी

पंजाब डेस्क : पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ रविवार (22 फरवरी 2026) को ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान (TTP) ने सोशल मीडिया के जरिए ली है।

घटना का विवरण: यह हमला गुरदासपुर जिले के अडियां में स्थित एक सीमा चौकी पर हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग दो किलोमीटर दूर है। ड्यूटी पर तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) गुरनाम सिंह और होम गार्ड कर्मी अशोक कुमार के शव एक कमरे के अंदर मिले, जो पुलिस चौकी के रूप में इस्तेमाल होता था। पुलिस के मुताबिक, दोनों शहीदों के शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं।

आतंकी संगठन की धमकी: तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के ‘अल-बुर्क ब्रिगेड’ ने इस हमले का दावा करते हुए इसे ‘ग़ज़वा-ए-हिंद’ में एक सफलता बताया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों पर हमले और तेज किए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने सुरक्षा बलों (सेना, पुलिस और BSF) से इस्तीफा देने की धमकी देते हुए कहा है कि ऐसा न करने पर उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा।

पुलिस की कार्रवाई: गुरदासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आदित्य ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और फॉरेंसिक एवं तकनीकी टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं। हालांकि, पंजाब पुलिस ने आतंकी संगठन द्वारा साझा की गई सोशल मीडिया पोस्ट पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। यह चौकियां सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ समन्वय में रक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में कार्य करती हैं।

पंजाब: ‘मेरा पति’ और ‘मेरा घरवाला’ की जंग; एक शख्स के लिए बीच सड़क भिड़ीं दो महिलाएं, बुलानी पड़ी पुलिस

पंजाब डेस्क: पंजाब के जलालाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को अपना पति बताने के दावे को लेकर दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच जमकर हाथापाई (ढिसूम-ढिसूम) हुई, जिसके बाद मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी।

क्या है पूरा विवाद? यह घटना जलालाबाद के गांव ढाणी प्रेम सिंह की है। लुधियाना से आई रीना रानी नाम की एक महिला ने गांव के हरमेश सिंह को अपना पति बताते हुए उसके घर के बाहर डेरा डाल दिया। रीना का दावा है कि हरमेश पिछले कुछ महीनों से उसके साथ लुधियाना में रह रहा था।

रीना के अनुसार, वह तलाकशुदा है और अपने बच्चों को छोड़कर हरमेश के साथ रह रही थी। उसने आरोप लगाया कि हरमेश उसे अस्पताल में बीमार हालत में छोड़कर गांव भाग आया और उसका फोन उठाना बंद कर दिया। जब वह उसके घर पहुंची, तो वहां मौजूद हरमेश की पत्नी तोशा रानी के साथ उसका विवाद शुरू हो गया।

परिजनों और पुलिस का पक्ष:

तोशा रानी (पत्नी): हरमेश की गांव में रहने वाली पत्नी तोशा रानी ने बताया कि उसका पति लुधियाना में फैक्ट्री में काम करने गया था और उसे दूसरी शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

हरमेश का भाई: हरमेश के फौजी भाई ने स्पष्ट किया कि परिवार ने हरमेश को 2021 में ही घर से बेदखल कर दिया था और उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है।

पुलिस कार्रवाई: गांव में तनावपूर्ण स्थिति और हंगामा देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद ही अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नालंदा में टला बड़ा हादसा: धू-धू कर जली 50 बच्चों से भरी बस, ड्राइवर की सूझबूझ से बची सबकी जान

नेशनल डेस्क : बिहार के नालंदा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां शनिवार को राजगीर-गिरियक मार्ग पर करीब 50 स्कूली बच्चों और शिक्षकों से भरी एक टूरिस्ट बस में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि बस चालक की तत्परता और स्थानीय लोगों के साहस की वजह से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ी अनहोनी टल गई।

क्या है पूरा मामला? लखीसराय के गरुआ-पुरसंडा मध्य विद्यालय के छात्र शैक्षणिक भ्रमण के लिए राजगीर आ रहे थे. जैसे ही उनकी बस राजगीर थाना क्षेत्र के आयुध कारखाना (Ordnance Factory) गेट संख्या दो के पास पहुंची, इंजन से धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं। राहगीरों के शोर मचाने पर बस चालक हीरालाल ने तुरंत खतरे को भांप लिया और गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दिया।

ड्राइवर और स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस: खतरे को देखते हुए ड्राइवर हीरालाल ने आनन-फानन में सभी 50 छात्र-छात्राओं को बस से नीचे उतारा. इसी दौरान पास की एक सर्फ फैक्ट्री के संचालक राहुल कुमार अपने कर्मचारियों के साथ ‘फायर एक्सटिंग्विशर’ और ‘डोलोमाइट पाउडर’ लेकर मदद के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों और फैक्ट्री कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, हालांकि तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।

शॉर्ट सर्किट हो सकती है वजह: पुलिस और अग्निशमन विभाग के अनुसार, प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। इस घटना से मासूम बच्चे काफी दहशत में आ गए थे, जिन्हें बाद में दूसरी बस का इंतजाम कर वापस लखीसराय सुरक्षित भेज दिया गया।

iPhone 17 Pro Max की कीमत में भारी गिरावट, अब ₹1.37 लाख से भी कम में खरीदने का मौका

टेक डेस्क : एपल फैंस के लिए एक बेहतरीन खबर है क्योंकि पहली बार iPhone 17 Pro Max की कीमत में बड़ी कटौती देखी जा रही है. विजय सेल्स (Vijay Sales) पर चल रहे खास ऑफर के तहत, इस प्रीमियम स्मार्टफोन की प्रभावी कीमत अब 1.37 लाख रुपये से भी नीचे पहुंच गई है।

कीमत और ऑफर्स का गणित:विजय सेल्स पर इस फोन की लिस्टेड कीमत 1,47,900 रुपये है, जो इसके लॉन्च प्राइस (1,49,900 रुपये) से कम है। प्लेटफॉर्म पर चुनिंदा बैंक ऑफर्स के जरिए 11,000 रुपये तक की अतिरिक्त छूट दी जा रही है।

इन सभी ऑफर्स को मिलाकर फोन की प्रभावी कीमत 1,37,000 रुपये से कम हो जाती है। इसके अलावा, ग्राहक अपने पुराने फोन को एक्सचेंज करके और भी अधिक बचत कर सकते हैं, हालांकि यह डिवाइस की कंडीशन पर निर्भर करेगा।

iPhone 17 Pro Max के दमदार फीचर्स:

परफॉर्मेंस: इसमें एप्पल का लेटेस्ट A19 Pro चिपसेट दिया गया है, जो हैवी गेमिंग जैसे ‘गेमशिन इम्पैक्ट’ के लिए बेहतरीन है।

डिस्प्ले: फोन में 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है।

कैमरा: इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है, जिसमें तीनों सेंसर 48MP (मेन, अल्ट्रावाइड और 4x टेलीफोटो) के हैं।

बैटरी: यह डिवाइस लंबी बैटरी लाइफ, USB-C चार्जिंग और MagSafe सपोर्ट के साथ आता है।

एयरस्ट्राइक का जरूर लेंगे बदला’, 19 मौतों से बौखलाए अफगानिस्तान की पाकिस्तान को चेतावनी

इंटरनेशनल डेस्क : अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी दी है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर अफगान संप्रभुता के उल्लंघन और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।पाकिस्तानी वायुसेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के पक्तिका, नांगरहार और खोस्त प्रांतों में एयरस्ट्राइक की. इन हमलों में पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा, पाकिस्तान ने एफ-16 और जेएफ-17 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर एक मदरसे पर भी मिसाइलें दागीं।

हालात की गंभीरता को देखते हुए तालिबान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए काबुल और कंधार में आपात बैठकें बुलाई हैं. तालिबान सूत्रों का कहना है कि वे इन हमलों से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं और जवाबी कार्रवाई का विकल्प खुला रखा है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने दावा किया है कि ये सटीक हमले ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) और ‘इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत’ (ISKP) जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए किए गए थे. पाकिस्तान के अनुसार, उसके पास ठोस सबूत हैं कि हाल के आत्मघाती हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी अफगान क्षेत्र में सक्रिय हैं।

सोमवार को शेयर बाजार में आ सकता है भारी उछाल! ट्रंप के टैरिफ रद्द होने से निवेशकों की चांदी, गिफ्ट निफ्टी 400 अंक चढ़ा

बिजनेस डेस्क : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी आयात शुल्क (टैरिफ) को खारिज करने के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार बढ़त की उम्मीद जताई जा रही है,। इस बड़े फैसले का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है, जिससे निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

गिफ्ट निफ्टी में तूफानी तेजी: शुक्रवार को अमेरिकी कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद गिफ्ट निफ्टी में करीब 400 अंकों की तूफानी तेजी दर्ज की गई। यह इंडेक्स 320 अंक यानी 1.25 प्रतिशत चढ़कर 25,886 के स्तर पर बंद हुआ। गौरतलब है कि गिफ्ट निफ्टी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड करता है और भारतीय बाजार खुलने से पहले दलाल स्ट्रीट के माहौल का संकेत देता है।

इन सेक्टरों को होगा बड़ा फायदा: टैरिफ रद्द होने से भारत से अमेरिका को निर्यात करने वाली कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर विशेष रूप से इन सेक्टरों पर रहेगी:

-फार्मा (दवाएं),

-रत्न और आभूषण,

-कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल),

-स्मार्टफोन और समुद्री उत्पाद-

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात को सीधा फायदा पहुंचेगा।

शुक्रवार की मजबूती ने बनाया आधार : बीते शुक्रवार को भी भारतीय बाजार हरे निशान में बंद हुए थे। सेंसेक्स 316.57 अंक की बढ़त के साथ 82,814.71 पर और निफ्टी 116.90 अंक उछलकर 25,571.25 के स्तर पर बंद हुआ था। जानकारों का मानना है कि शुक्रवार की इस रिकवरी और अमेरिकी कोर्ट के फैसले से सोमवार को बाजार में ‘पैसों की बारिश’ हो सकती है,।(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के लिए है। निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।)

देश को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम: दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु और बंगाल से 8 संदिग्ध आतंकियों को दबोचा, ISI से जुड़े हैं तार

नेशनल डेस्क : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए देश के खिलाफ रची जा रही एक भीषण आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर कुल 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 6 को तमिलनाडु और 2 को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया है।

सीमा पार और ISI से कनेक्शन : शुरुआती जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इन संदिग्धों के तार सीमा पार से जुड़े हुए हैं। ये सभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेश के आतंकी संगठनों के इशारे पर भारत में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं।

पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का सहारा : तमिलनाडु के तिरुप्पुर में गारमेंट यूनिट्स (कपड़ा फैक्ट्रियों) में काम करने की आड़ में ये संदिग्ध अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे थे। जांच में पाया गया कि इन्होंने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे थे। पुलिस ने इनके पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनके डेटा से विदेशी हैंडलर्स और फंडिंग के सुराग मिले हैं।

युवाओं को बरगलाने और रैकी करने का आरोप: ये आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के समर्थन में कंटेंट पोस्ट कर भारतीय युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। इतना ही नहीं, इन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण शहरों की रैकी (निगरानी) भी की थी और दिल्ली में ‘फ्री कश्मीर’ के पोस्टर लगाने जैसी संदिग्ध गतिविधियों में भी संलिप्त थे।

गिरफ्तार संदिग्धों के नाम (तमिलनाडु से):

-मिजानुर रहमान

-मोहम्मद शबत

-उमर-मोहम्मद लितान

-मोहम्मद शाहिद

-मोहम्मद उज्जल