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लुधियाना में दिनदहाड़े फायरिंग: दोस्त से मिलने जा रहे प्रिंटिंग कारोबारी को मारी गोली; इलाके में फैली दहशत

पंजाब डेस्क: लुधियाना महानगर के टीबा रोड स्थित गोपाल नगर इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब अज्ञात हमलावरों ने एक प्रिंटिंग कारोबारी पर गोली चला दी। घायल कारोबारी की पहचान दिनेश कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पीड़ित दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि वह अपने घर से पास ही रहने वाले एक दोस्त से मिलने के लिए निकले थे।

रास्ते में अचानक उन्हें अपनी बाईं (Left) बाजू में तेज जलन और कुछ गर्म लगने का एहसास हुआ और देखने पर पता चला कि वहां से खून बह रहा है और उन्हें गोली लगी है। इस अचानक हुई फायरिंग से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।अस्पताल में उपचाराधीन दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी किसी के साथ कोई पुरानी दुश्मनी या रंजिश नहीं है और वह एक साधारण कामकाजी व्यक्ति हैं। इस अचानक हुए हमले से वह और उनका परिवार गहरे सदमे में है। वारदात के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला और पुलिस को मामले की सूचना दी।

चश्मा खरीदने रुके शख्स की चमकी किस्मत: अचानक खरीदी टिकट से निकले 3 करोड़; मोगा का महेंद्र सिंह बना करोड़पति

पंजाब डेस्क: पंजाब के मोगा जिले के निहाल सिंह वाला के रहने वाले महेंद्र सिंह की किस्मत रातों-रात बदल गई है.ल। महेंद्र सिंह ने 3 करोड़ रुपये का लॉटरी इनाम जीता है. हैरानी की बात यह है कि उनका लॉटरी टिकट खरीदने का कोई पूर्व इरादा नहीं था और यह सब महज एक इत्तेफाक था।

चश्मा खरीदने के लिए रुके और बदल गई तकदीर: महेंद्र सिंह गुरुग्राम के एक मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे। रास्ते में पातड़ां के बाजार में उन्होंने चश्मा खरीदने के लिए रुकने का फैसला किया. वहीं चश्मे की दुकान के पास एक लॉटरी स्टाल पर उनकी नजर पड़ी और उन्होंने टिकट नंबर- 736121 खरीद लिया। यह ‘नागालैंड स्टेट लॉटरी’ का महा शिवरात्रि बंपर 2026 था, जिसमें उनका पहला इनाम निकला है।

समाज सेवा में खर्च करेंगे इनामी राशि : अपनी एक छोटी सी वर्कशॉप चलाकर रोजी-रोटी कमाने वाले महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने टिकट खरीदते समय सपने में भी नहीं सोचा था कि वह विजेता बनेंगे। उन्होंने इस इनामी राशि को समाज सेवा और अच्छे कामों में लगाने का संकल्प लिया है. इस उपलब्धि पर लुधियाना के मुख्य लॉटरी वितरक द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया।

यौन शोषण मामले में अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक

प्रयागराज/वाराणसी (उप्र), 27 फरवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बटुकों के कथित यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर शुक्रवार को रोक लगा दी और कहा कि निर्णय आने तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

इस बीच, उच्‍च न्‍यायालय का यह फैसला आने के बाद वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ में स्‍वामी के शिष्य और भक्तों ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर न्यायलय के इस फैसले पर अपनी ख़ुशी जताई।

न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की और से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने राज्य सरकार एवं मुकदमा के वादी आशुतोष पांडेय को इस मामले में अपने जवाब दाखिल करने को कहा।

अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया जिसके मार्च के तीसरे सप्ताह में सुनाए जाने की संभावना है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले की जांच में पुलिस का सहयोग करेंगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अधिवक्ता दिलीप गुप्ता ने कहा कि शिकायतकर्ता आशुतोष पांडेय कई आपराधिक मामलों में लिप्त रहे हैं और याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के इशारे पर इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित बटुक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में कभी नहीं रहे।

वहीं, दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत की याचिका की पोषणीयता पर यह कहते हुए सवाल किया गया कि अग्रिम जमानत याचिका सत्र अदालत में दायर करने के बजाय सीधे उच्च न्यायालय में दायर की गई है।

उल्लेखनीय है कि प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत के निर्देश पर झूंसी पुलिस थाना में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई जिसमें उन पर बटुकों के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया गया है।

इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के फैसले के बाद वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ में स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के शिष्य और भक्तों ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर न्यायलय के इस फैसले पर अपनी ख़ुशी जताई।

वाराणसी में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि न्यायलय में हमारे अधिवक्ताओं ने कहा कि ये बच्चे हमारे यहां रहे ही नहीं। बच्चे भी क़ह रहे कि वे हमारे यहां नहीं बल्कि जोशी मठ में रहे हैं।

शंकराचार्य ने कहा, ”यह मुकदमा झूठा बनाया गया है। मुझे न्याय की उम्मीद हमेशा से रही है। हमारे वकीलों ने उच्च न्यायालय में अपनी बात रखी। बटुक कभी आश्रम में रहे ही नहीं हैं। इस घटना से पूरा हिन्दू समुदाय आहत था। न्यायालय के फैसले का हम स्वागत करते हैं।”

वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ में उच्‍च न्‍यायालय के इस फैसले के बाद मिठाई बांटी गयी।

तिरुवनंतपुरम: लॉटरी विवाद को लेकर पिता की हत्या करने वाले व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा

तिरुवनंतपुरम, 27 फरवरी (भाषा) केरल की एक अदालत ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को जुलाई 2022 में अपने पिता की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश केपी अनिलकुमार ने आरोपी विनोद को लॉटरी टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद अपने पिता एंटनी की हत्या का दोषी पाया और उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

न्यायाधीश ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को मृतक की पत्नी की स्थिति की जांच करने और आवश्यक हो तो उसे आवश्यक सहायता प्रदान करने का भी निर्देश दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुरस्कार वाले लॉटरी टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद विनोद ने जुलाई 2022 में नेदुमंगड में अपने पिता पर हमला किया था। एंटनी की अस्पताल में मौत हो गई थी।

युवा कांग्रेस ने अजमेर में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के खिलाफ पोस्टर लगाए

जयपुर, 27 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रस्तावित रैली से एक दिन पहले शुक्रवार को अजमेर में उनके दौरे के खिलाफ बैनर और होर्डिंग लगाए।

अजमेर शहर के अलग-अलग हिस्सों में “मोदी वापस जाओ”, “एप्स्टीन फाइल्स पर जवाब दो” और युवाओं के लिए रोजगार की मांग जैसे नारे लिखे पोस्टर लगाए गए।

युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने कहा कि इस सांकेतिक विरोध का मकसद युवाओं को रोजगार देने में केंद्र सरकार की नाकामी को सामने लाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर नाकाम रही है। हमने इस चिंता को उठाने के लिए अपना विरोध दर्ज कराया है।”

इस बीच, प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पुलिस ने एहतियात के तौर पर मोहित मल्होत्रा और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं और पूरे शहर में अतिरिक्त बल तैनात करके निगरानी बढ़ा दी गई है।

प्रधानमंत्री शनिवार को अजमेर के बाहरी इलाके कायड़ में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे और जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

भीलवाड़ा में युवक ने नाबालिग बेटे की हत्या कर जहर खाया: पुलिस

जयपुर, 27 फरवरी (भाषा) भीलवाड़ा जिले में शुक्रवार को एक व्यक्ति ने अपने 13 साल के बेटे का गला कथित तौर पर ‘दरांती’ से काट दिया और बाद में खुद भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

मांडलगढ़ के वृत्ताधिकारी बाबूलाल बिश्नोई ने बताया कि बड़ला गांव के रहने वाले राधेश्याम ने कथित तौर पर अपने बेटे वंश पर धारदार दरांती से वार किया और फिर सल्फास की गोलियां खा लीं।

गांव वाले उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बिश्नोई ने बताया कि पुलिस को ग्रामीणों से सूचना मिली कि राधेश्याम ने अपने 13 साल के बेटे वंश का गला काटकर मार डाला है।

बड़लियास थाने की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लड़का अपने पिता के साथ रहता था और कक्षा आठ में पढ़ता था। राधेश्याम की पत्नी घरेलू झगड़े के बाद अपने मायके में रह रही थी।

फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कहा कि दोनों शवों का मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया और शव परिवार को सौंप दिए गए, लेकिन मामले की जांच जारी है।

चंडीगढ़ के स्कूलों और पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी; पुलिस अलर्ट, बच्चों की छुट्टी की गई

पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ में एक बार फिर बम की धमकी भरे ईमेल से हड़कंप मच गया है। शुक्रवार (27 फरवरी 2026) को पंजाब सचिवालय और शहर के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के तुरंत बाद चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और तलाशी अभियान: सूचना मिलते ही संबंधित स्कूलों और पंजाब सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मौके पर पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वायड और फायर ब्रिगेड की टीमें पहुँच गई हैं और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। एहतियात के तौर पर स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

बार-बार मिल रही हैं धमकियाँ: यह पहली बार नहीं है जब चंडीगढ़ में इस तरह की ईमेल आई है। इससे पहले भी कई बार स्कूलों और पंजाब सचिवालय को इसी तरह की धमकियाँ मिल चुकी हैं। हाल ही में मोहाली के फोर्टिस अस्पताल को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, खास बात यह है कि उस समय पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान उसी अस्पताल में दाखिल थे।

पुलिस का मानना है कि शरारती तत्व बार-बार एक ही पैटर्न (ईमेल के जरिए) अपनाकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियाँ ईमेल भेजने वाले का पता लगाने में जुटी हैं।

शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी; कोर्ट के फैसले के बाद छलके आंसू, सिसोदिया को लगाया गले

नेशनल डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए आज बड़ी कानूनी जीत का दिन रहा। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित दिल्ली आबकारी नीति (शराब नीति) घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है।

कोर्ट का फैसला और भावुक क्षण: स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने आबकारी नीति मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी नंबर 18, अरविंद केजरीवाल को दोषमुक्त (बरी) करार दिया। जैसे ही कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, अरविंद केजरीवाल अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए और काफी भावुक हो गए। उन्होंने तुरंत मनीष सिसोदिया को गले लगा लिया और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इसके बाद दोनों नेताओं ने अपने वकील हरिहरन को भी गले लगाया।

लंबे समय से चल रही थी कानूनी लड़ाई : दिल्ली की शराब नीति में कथित घोटाले को लेकर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया लंबे समय से कानूनी जांच का सामना कर रहे थे। आज के इस फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर है, क्योंकि कोर्ट ने दोनों शीर्ष नेताओं को इस मामले के आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है।

गौडियम आईवीएफ एंड वीमेन हेल्थ का शेयर पांच प्रतिशत की बढ़त के साथ सूचीबद्ध

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) प्रजनन सेवाएं देने वाली गौडियम आईवीएफ एंड वीमेन हेल्थ लिमिटेड का शेयर अपने निर्गम मूल्य 79 रुपये के मुकाबले पांच प्रतिशत की बढ़त के साथ शुक्रवार को बाजार में सूचीबद्ध हुआ।

बीएसई और एनएसई दोनों पर शेयर 83 पर सूचीबद्ध हुआ जो निर्गम मूल्य से पांच प्रतिशत अधिक है। इसमें 10.31 प्रतिशत की और तेजी आई और यह 87.15 रुपये पर पहुंच गया।

कंपनी का बाजार मूल्य 585.93 करोड़ रुपये रहा।

गौडियम आईवीएफ एंड वीमेन हेल्थ लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम(आईपीओ) को शेयर बिक्री के अंतिम दिन मंगलवार को 7.27 गुना अधिक अभिदान मिला था।

कंपनी ने अपने 165 करोड़ के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए मूल्य दायरा 75-79 रुपये प्रति शेयर तय किया था। आईपीओ में 1.14 करोड़ नए शेयर और करीब 95 लाख शेयर की बिक्री पेशकश शामिल थी।

इसके साथ ही, यह प्रजनन देखभाल क्षेत्र में सार्वजनिक बाजारों में प्रवेश करने वाली पहली कंपनी बन जाएगी।

मणिका खन्ना द्वारा स्थापित गौडियम आईवीएफ ने भारत में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। कंपनी किफायती आईवीएफ सेवाएं उपलब्ध कराकर विस्तार की योजना बना रही है।

एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक मामले में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की एक पाठ्यपुस्तक से जुड़े विवाद के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ‘‘स्वयं पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है।’’

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि पाठ्यपुस्तकों को फिर से कैसे लिखा गया है और ‘‘वे कैसे ध्रुवीकरण और राजनीतिक हिसाब-किताब करने का साधन बन गई हैं।’’

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘इजराइल में वास्तविक नैतिक कायरता का प्रदर्शन करने के बाद, प्रधानमंत्री एनसीईआरटी पुस्तकों के मुद्दे पर नकली आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। स्पष्ट रूप से नुकसान की भरपाई की कवायद के तहत वह बता रहे हैं कि वह एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में न्यायपालिका के महत्वपूर्ण संदर्भों से बेहद नाखुश हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के ऐसे ‘‘झोलाछाप लोगों के एक नेटवर्क की अगुवाई की है, जिन्होंने पाठ्यपुस्तकों को अपने वैचारिक वायरस से संक्रमित करके गंभीर क्षति पहुंचाई है।’’

उनका कहना है कि यह अचानक नहीं हुआ है, बल्कि एक व्यवस्थित अभियान का हिस्सा हैं।

रमेश ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है। यह उनका खुद को उन पाठ्यपुस्तकों से दूर करने का सरासर पाखंड है, जिसने उच्चतम न्यायालय को चिंतित किया है।’’

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अध्याय होने को लेकर बुधवार को कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद एनसीईआरटी ने विवादित पाठ्यपुस्तक को अपनी वेबसाइट से हटा दिया।

न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एनसीईआरटी की इन किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और किताबों की सभी प्रतियों को जब्त करने के साथ-साथ इसके डिजिटल संस्करणों को भी हटाने का आदेश दिया।