ब्रेकिंग न्यूज़
इबोला प्रभावित देशों के यात्रियों की निगरानी के लिए एयर सुविधा 2.0 पोर्टल लॉन्च

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने गुरुवार को एयर सुविधा 2.0 का शुभारंभ किया, जो एक संपर्क रहित यात्री स्वास्थ्य स्व-घोषणा पोर्टल है, जिसका उद्देश्य चल रहे इबोला रोग के प्रकोप के जवाब में प्रवेश बिंदुओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करना है।

यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 17 मई को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम 2005 के तहत कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस रोग के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने के बाद की गई है। वर्तमान प्रकोप की पुष्टि बुंडीबुग्यो वायरस रोग के रूप में की गई है, और डीआरसी और युगांडा की सीमा से लगे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है।

यह पोर्टल हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारी, आव्रजन ब्यूरो, आईडीएसपी और राज्य निगरानी अधिकारियों के साथ वास्तविक समय में डेटा साझा करने में सक्षम बनाता है, जिससे जोखिम वाले यात्रियों की त्वरित पहचान और रेफरल संभव हो पाता है, साथ ही आगमन प्रक्रिया को सहज और संपर्क रहित बनाए रखता है, और लैंडिंग पर कोई भौतिक फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती है।

एयरसुविधा स्व-घोषणा पत्र भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले भरा जा सकता है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे उड़ान में चढ़ने से पहले या वेब चेक-इन के दौरान फॉर्म भरें ताकि आगमन पर शीघ्र निकासी हो सके। अंतर्राष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य डेस्क या आव्रजन काउंटर पर केवल डाउनलोड किया गया एसडीएफ दिखाना आवश्यक है।

कांगो में इबोला का कहर: 80 लोगों की मौत, स्वास्थ्य एजेंसियां हाई अलर्ट पर

इंटरनेशनल डेस्क : दुनिया भर में जहाँ हंता वायरस (Hantavirus) को लेकर चर्चाएं तेज हैं, वहीं अफ्रीकी देश कांगो में इबोला वायरस ने भारी तबाही मचाई है,। पूर्वी कांगो के इतुरी प्रांत में इस घातक संक्रमण से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों अन्य संदिग्ध मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

दुर्लभ वैरिएंट और प्रशासन की कार्रवाई: कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लैब जांच में इबोला के एक दुर्लभ वैरिएंट ‘बुन्डिबुग्यो’ (Bundibugyo) की पहचान हुई है,। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मी बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का अभियान चला रहे हैं ताकि इसे फैलने से रोका जा सके। गौरतलब है कि कांगो में साल 1976 के बाद से इबोला का यह 17वां बड़ा प्रकोप है।

बुनिया में बिगड़ते हालात: इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वहां डर का माहौल है और रोजाना कई लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर काम्बा के मुताबिक, इस प्रकोप का पहला संदिग्ध मामला एक नर्स से जुड़ा था, जिसकी मौत अप्रैल के अंत में एक अस्पताल में हुई थी।

लक्षण और बचाव के उपाय: इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी या अन्य शारीरिक द्रव्यों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

-तेज बुखार और मांसपेशियों में दर्द।-सिरदर्द और शारीरिक कमजोरी।

-उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में शरीर के अंदर या बाहर रक्तस्राव (bleeding) होना।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने और अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।