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ईरान में मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर, तेहरान ने इजरायल पर दागीं मिसाइलें

इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच ईरान से बड़ी खबर आ रही है। मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया (तीसरा) सुप्रीम लीडर चुना गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब युद्ध की स्थिति और गंभीर हो गई है।

तेहरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागी हैं, जिसके जवाब में अमेरिका और इजरायल की ओर से भी ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मोजतबा खामेनेई के चयन पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वे ईरानी राष्ट्र के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। इस बीच, लेबनान सीमा पर भी संघर्ष तेज है; हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों पर आर्टिलरी और मशीनगन से हमले करने का दावा किया है, जिससे सैनिकों को पीछे हटना पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर ‘फ्रीडम शील्ड’ नामक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसमें करीब 18,000 सैनिक शामिल हो रहे हैं। युद्ध के इन हालातों का असर आर्थिक मोर्चे पर भी दिखा है, जहाँ भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स) ओपनिंग के साथ ही 2000 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया और कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं।

ईरान के अगले सर्वोच्च नेता की चयन प्रक्रिया में अमेरिका को शामिल किया जाना चाहिए : ट्रंप

दुबई, छह मार्च (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अगले सर्वोच्चा नेता के चयन की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले लगातार जारी हैं तथा इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में इजराइल एवं अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं।

ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के स्थान पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के तौर पर चयन ‘‘अस्वीकार्य’’ होगा।

अमेरिकी समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ से बातचीत के दौरान की गई ट्रंप की यह टिप्पणी सवाल खड़ा करती है कि क्या अमेरिका और इजराइल ईरान के इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकना चाहते हैं या केवल उसकी नीतियों में बदलाव चाहते हैं। यह संघर्ष अनिश्चितकाल के लिए लंबा खिंचता नजर आ रहा है।

इस युद्ध का असर पश्चिम एशिया तथा उससे बाहर के 14 देशों पर पड़ा है।

अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमले करने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया।

ईरान ने बृहस्पतिवार सुबह इजराइल और अमेरिका के कई अड्डों पर नये सिरे से हमले किए और धमकी दी कि हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत को टॉरपीडो के हमले से डुबोने के लिए अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा।

ईरान समर्थक हिजबुल्ला लड़ाकों के साथ संघर्ष बढ़ने के बीच इजराइल ने चेतावनी जारी कर बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के लिए बड़े पैमाने पर निकासी का परामर्श जारी किया। संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों ने इजराइली सैनिकों की और टुकड़ियों के सीमा पार जाने के बीच दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई की सूचना दी।

इस बीच, पूरे ईरान में अमेरिका और इजराइल के हमले जारी हैं। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया है।

ईरान ने जवाबी हमले करते हुए अरब में अपने पड़ोसियों को निशाना बनाया है। इन हमलों के कारण तेल आपूर्ति बाधित हो गई है और वैश्विक हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है।

संबंधित देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक लोग और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। हमलों में छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।