शिलांग / सत्ता संदेश
केंद्रीय खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने अगले वर्ष आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और मेघालय में 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक हाई-एल्टीट्यूड (ऊंचाई पर स्थित) प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
शिलांग में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में Conrad Sangma, केंद्रीय खेल एवं युवा कार्य राज्य मंत्री Raksha Khadse, P. T. Usha, मेघालय के खेल मंत्री तथा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के खेल विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं, खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के आवास, परिवहन, सुरक्षा और प्रतियोगिता स्थलों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
मांडविया ने कहा कि मेघालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और अन्य खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना क्षेत्र के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने से खिलाड़ियों की सहनशक्ति, फेफड़ों की क्षमता और प्रदर्शन में सुधार होता है। यही कारण है कि दुनिया के कई प्रमुख खेल राष्ट्र अपने एथलीटों को ऐसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। मेघालय में प्रस्तावित केंद्र भारतीय खिलाड़ियों को विदेश जाने के बजाय देश में ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा।
बैठक में राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों में खेल पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि इस आयोजन से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और खेलों के प्रति युवाओं की रुचि और मजबूत होगी।
Indian Olympic Association की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने कहा कि राष्ट्रीय खेल भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। उन्होंने आयोजन की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मेघालय खेल आयोजन की मेजबानी के लिए तेजी से आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है।
केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ और अन्य खेल विकास योजनाओं के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। खेल मंत्रालय का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और आधुनिक अवसंरचना के जरिए भारत वैश्विक खेल प्रतिस्पर्धाओं में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों के साथ-साथ हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर की घोषणा को भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।