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आरसीबी ने रचा इतिहास: गुजरात को हराकर लगातार दूसरी बार बनी आईपीएल चैंपियन

स्पोर्ट्स डेस्क: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटन्स (GT) को 5 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ आरसीबी लगातार दो बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के क्लब में शामिल हो गई है।

मैच में गुजरात की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन ही बना सकी। गुजरात की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने सर्वाधिक 50 रन (नाबाद) बनाए। आरसीबी की ओर से रसिक सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट झटके, जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड को 2-2 विकेट मिले।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी के लिए विराट कोहली जीत के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। उन्होंने मात्र 42 गेंदों पर नाबाद 75 रनों की पारी खेली। इस दौरान कोहली ने महज 25 गेंदों में अपनी सबसे तेज आईपीएल फिफ्टी भी पूरी की। अंत में कोहली ने छक्का जड़कर टीम को 12 गेंद शेष रहते जीत दिला दी।

दोस्ती में दगाबाजी: गाजियाबाद में गोल्ड मेडलिस्ट पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या, साथी खिलाड़ी ने लिया ‘शिकायत’ का बदला

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले 24 वर्षीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस हत्या को किसी और ने नहीं, बल्कि चिराग के ही पुराने दोस्त और साथी पैरा खिलाड़ी यश खटीक ने अंजाम दिया है।

हत्या की वजह: खेल से बाहर होने का बदला पुलिस पूछताछ में आरोपी यश खटीक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। यश ने बताया कि वह और चिराग स्कूल के दिनों से ‘ब्लाइंड कैटेगरी’ में एक साथ प्रैक्टिस करते थे। कुछ समय पहले, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान चिराग ने यश के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके कारण यश का क्वालिफिकेशन रद्द हो गया और वह खेल से बाहर हो गया। इसी बात की रंजिश में यश ने पिस्तौल का इंतजाम किया और मौका पाकर चिराग की हत्या कर दी।

दो दिन पहले ही जीता था गोल्ड मेडल ; चिराग त्यागी की मौत ने खेल जगत को स्तब्ध कर दिया है। महज दो दिन पहले ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीता था। इस जीत के बाद उनका चयन अक्टूबर 2026 में जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए हुआ था। चिराग बुधवार सुबह घर से हॉस्टल जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन दोपहर बाद उनका शव साईं कुंज इलाके में मिला।

पुलिस की कार्रवाई: गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त (DCP) धवल जायसवाल के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर आरोपी यश खटीक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल बरामद करने के लिए छापेमारी कर रही है और यह भी जांच रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी शामिल था।

सिंगापुर ओपन में भारतीय जोड़ी का धमाका, सात्विक-चिराग ने दुनिया की नंबर-1 जोड़ी को हराकर फाइनल में बनाई जगह

सिंगापुर / सत्ता संदेश

भारतीय बैडमिंटन के स्टार युगल खिलाड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Singapore Open सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में विश्व नंबर एक और शीर्ष वरीयता प्राप्त दक्षिण कोरियाई जोड़ी Kim Won-ho और Seo Seung-jae को सीधे गेम में हराकर बड़ा उलटफेर किया।

52 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में भारत की चौथी वरीय जोड़ी ने मौजूदा विश्व चैंपियन को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ सात्विक और चिराग ने न केवल फाइनल का टिकट हासिल किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वे दुनिया की किसी भी शीर्ष जोड़ी को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।

पहले गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। स्कोर लगातार बराबरी पर चलता रहा, लेकिन महत्वपूर्ण क्षणों में भारतीय जोड़ी ने संयम बनाए रखा और 21-19 से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी कोरियाई खिलाड़ी वापसी की कोशिश करते रहे, लेकिन सात्विक और चिराग ने आक्रामक खेल तथा बेहतरीन समन्वय के दम पर बढ़त बनाए रखी और 21-18 से मुकाबला जीत लिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय जोड़ी की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका शानदार तालमेल, तेज रिफ्लेक्स और दबाव की स्थिति में शांत रहना है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों खिलाड़ियों ने विश्व बैडमिंटन में भारत की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि सामने विश्व नंबर एक और मौजूदा विश्व चैंपियन जोड़ी थी। ऐसे प्रतिद्वंद्वी को सीधे गेम में हराना किसी भी जोड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए यह प्रदर्शन उत्साहजनक है, खासकर ऐसे समय में जब देश के खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं। सात्विक और चिराग पहले भी कई बड़े खिताब जीत चुके हैं और अब उनके पास सिंगापुर ओपन का प्रतिष्ठित खिताब जीतने का अवसर है।

खेल विश्लेषकों का कहना है कि यदि भारतीय जोड़ी फाइनल में भी इसी लय और आत्मविश्वास के साथ खेलती है, तो उसके पास ट्रॉफी जीतने की मजबूत संभावना होगी। उनकी मौजूदा फॉर्म उन्हें विश्व बैडमिंटन की सबसे खतरनाक पुरुष युगल जोड़ियों में शामिल करती है।

अब सभी की नजर फाइनल मुकाबले पर टिकी है, जहां सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भारत को एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगे।

एशियाई खेल ट्रायल्स में हार के बाद भावुक हुईं विनेश फोगाट, बोलीं- ‘मैं फेल नहीं हुई हूं’

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Vinesh Phogat ने एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल्स से बाहर होने के बाद भी हार नहीं मानी है। महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में हारने के बाद उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह असफल नहीं हुई हैं और पहले से अधिक मजबूती के साथ वापसी करेंगी।

ट्रायल्स के दौरान विनेश का मुकाबला युवा पहलवान Meenakshi Goyat से हुआ, जिसमें उन्हें 4-6 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी रहा और अंत तक परिणाम को लेकर रोमांच बना रहा। हार के बाद जब विनेश से उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो उनके पहले शब्द थे, “मैं फेल नहीं हुई हूं।”

यह बयान न केवल उनकी मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है बल्कि उन चुनौतियों की भी झलक देता है जिनका सामना उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में किया है। भारतीय कुश्ती जगत की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल विनेश फोगाट ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हर बार वापसी कर अपनी क्षमता साबित की है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति मिलने के बाद विनेश की वापसी पर पूरे देश की नजर थी। ट्रायल्स में उनका प्रदर्शन संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन सेमीफाइनल में मिली हार के कारण उनका एशियाई खेलों के लिए चयन का सपना फिलहाल अधूरा रह गया।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शीर्ष खिलाड़ी के लिए हार करियर का अंत नहीं होती, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर होती है। विनेश का बयान इसी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने संकेत दिया कि वह भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी जारी रखेंगी और अपने खेल को और बेहतर बनाने पर ध्यान देंगी।

विनेश फोगाट भारतीय महिला कुश्ती की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक रही हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई पदक जीते हैं। उनकी उपलब्धियों ने देश में महिला कुश्ती को नई पहचान दिलाई है।

कुश्ती प्रेमियों और खेल विश्लेषकों का मानना है कि अनुभव, तकनीकी कौशल और संघर्षशीलता के कारण विनेश अभी भी भारतीय कुश्ती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनकी हार के बावजूद उनके प्रति प्रशंसकों का समर्थन कायम है।

सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने वाली मीनाक्षी गोयत के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। युवा पहलवान ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए अनुभवी प्रतिद्वंद्वी को हराया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

हालांकि ट्रायल्स का यह अध्याय विनेश के लिए निराशाजनक रहा, लेकिन उनके शब्द—“मैं फेल नहीं हुई हूं”—यह संकेत देते हैं कि वह इस हार को अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के रूप में देख रही हैं। खेल जगत में ऐसे ही जज्बे को एक सच्चे चैंपियन की पहचान माना जाता है।

राष्ट्रीय खेल 2027 की तैयारियों की समीक्षा, मेघालय में बनेगा 150 करोड़ रुपये का हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर

शिलांग / सत्ता संदेश

केंद्रीय खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने अगले वर्ष आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और मेघालय में 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक हाई-एल्टीट्यूड (ऊंचाई पर स्थित) प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।

शिलांग में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में Conrad Sangma, केंद्रीय खेल एवं युवा कार्य राज्य मंत्री Raksha Khadse, P. T. Usha, मेघालय के खेल मंत्री तथा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के खेल विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं, खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के आवास, परिवहन, सुरक्षा और प्रतियोगिता स्थलों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

मांडविया ने कहा कि मेघालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और अन्य खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना क्षेत्र के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने से खिलाड़ियों की सहनशक्ति, फेफड़ों की क्षमता और प्रदर्शन में सुधार होता है। यही कारण है कि दुनिया के कई प्रमुख खेल राष्ट्र अपने एथलीटों को ऐसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। मेघालय में प्रस्तावित केंद्र भारतीय खिलाड़ियों को विदेश जाने के बजाय देश में ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा।

बैठक में राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों में खेल पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि इस आयोजन से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और खेलों के प्रति युवाओं की रुचि और मजबूत होगी।

Indian Olympic Association की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने कहा कि राष्ट्रीय खेल भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। उन्होंने आयोजन की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मेघालय खेल आयोजन की मेजबानी के लिए तेजी से आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है।

केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ और अन्य खेल विकास योजनाओं के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। खेल मंत्रालय का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और आधुनिक अवसंरचना के जरिए भारत वैश्विक खेल प्रतिस्पर्धाओं में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों के साथ-साथ हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर की घोषणा को भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

आईपीएल 2026: वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी के बावजूद राजस्थान रॉयल्स बाहर, हार के बाद मैदान पर रो पड़े युवा स्टार

स्पोर्टस डेस्क : आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालिफायर में राजस्थान रॉयल्स का सफर बेहद भावुक मोड़ पर खत्म हुआ। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली 7 विकेट की हार ने न केवल राजस्थान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, बल्कि उनके स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को भी पूरी तरह तोड़ दिया।

मैच का हाल और वैभव का प्रदर्शन : वैभव सूर्यवंशी ने इस अहम मैच में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का जलवा दिखाते हुए 96 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसकी मदद से राजस्थान रॉयल्स ने 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि, गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को 8 गेंद शेष रहते ही महज 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। राहुल तेवतिया के विनिंग चौके के साथ ही राजस्थान का फाइनल में पहुँचने का सपना टूट गया।

मैदान पर छलके आंसू: मैच हारने के बाद वैभव सूर्यवंशी काफी भावुक नजर आए। शुरुआत में वह थोड़े गुस्से में दिखे, जहाँ सीनियर खिलाड़ी रवींद्र जडेजा उन्हें शांत कराते और समझाते हुए देखे गए। इसके बाद वैभव डगआउट में चले गए और अपनी टोपी से मुंह छिपाकर रोने लगे, हालांकि उनकी नम आंखें कैमरे में कैद हो गईं। दुख इतना गहरा था कि उन्होंने गुजरात के खिलाड़ियों से हाथ तक नहीं मिलाया।

रिकॉर्ड्स से भरा रहा सीजन : भले ही वैभव की टीम बाहर हो गई हो, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उन्होंने इस सीजन कई कीर्तिमान स्थापित किए: उन्होंने आईपीएल 2026 में 776 रन बनाए और 72 छक्कों के साथ सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने।

वह आईपीएल इतिहास में सबसे कम (440) गेंदों में 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 का रहा, जो 700+ रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे अधिक है। पिछले चार मैचों में वैभव तीन बार शतक बनाने से चूके—लखनऊ के खिलाफ 93, हैदराबाद के खिलाफ 97 और अब गुजरात के खिलाफ 96 रन।

पारंपरिक स्विंग से आधुनिक विविधताओं तक, भुवनेश्वर कुमार की कला फिर बल्लेबाजों पर भारी

अहमदाबाद / सत्ता संदेश

Bhuvneshwar Kumar ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुभव, नियंत्रण और गेंदबाजी की समझ आज भी टी20 क्रिकेट में उतनी ही प्रभावी है जितनी पहले हुआ करती थी। Shubman Gill का विकेट इसका ताजा उदाहरण बना, जब भारतीय तेज गेंदबाज ने अपनी पारंपरिक स्विंग कला और आधुनिक विविधताओं के बेहतरीन मिश्रण से बल्लेबाज को पूरी तरह छका दिया।

मुकाबले के दौरान शुभमन गिल आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भुवनेश्वर कुमार की अच्छी लेंथ पर पड़ी और हल्की अंदर आती गेंद ने उनका संतुलन बिगाड़ दिया। गेंद सीधे स्टंप्स से जा टकराई और गुजरात टाइटंस के कप्तान का विकेट बिखर गया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि तेज गेंदबाजी की सूक्ष्म कला का शानदार प्रदर्शन माना गया।

भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। हालांकि टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ा है, वहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी में विविधताएं जोड़कर खुद को प्रासंगिक बनाए रखा है। धीमी गेंद, कटर, लेंथ में बदलाव और सटीक लाइन-लेंथ ने उन्हें अभी भी सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल रखा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत उनकी नियंत्रण क्षमता और बल्लेबाज की मानसिकता को पढ़ने की कला है। वे केवल गति पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि परिस्थितियों और बल्लेबाज की चाल के अनुसार अपनी रणनीति बदलते हैं।

आईपीएल जैसे तेज और आक्रामक प्रारूप में जहां बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं, वहां भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव से अंतर पैदा करते हैं। शुभमन गिल जैसे तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज का विकेट इस बात का प्रमाण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में केवल तेज गति ही सफलता की गारंटी नहीं है। सही समय पर सही गेंद डालना, बल्लेबाज को जाल में फंसाना और दबाव बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भुवनेश्वर कुमार इसी कला के माहिर माने जाते हैं।

भारतीय क्रिकेट में भुवनेश्वर कुमार को लंबे समय से नई गेंद के सबसे कुशल स्विंग गेंदबाजों में गिना जाता रहा है। चोटों और उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपने अनुभव और तकनीकी कौशल के दम पर वापसी की है।

अब आईपीएल 2026 के आगे के मुकाबलों में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां अनुभव और रणनीतिक गेंदबाजी मैच का रुख बदल सकती है।

मोरक्को राइजिंग स्टार्स गोल्फ टूर्नामेंट में चमके भारतीय खिलाड़ी, त्रिशूल चिनप्पा समेत चार खिलाड़ी शीर्ष-10 में

अल जदीदा / सत्ता संदेश

Trishul Chinnappa ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Morocco Rising Stars 2026 के पहले दौर के बाद शीर्ष-10 में जगह बना ली है। भारतीय गोल्फर ने आखिरी छह होल में पांच बर्डी लगाकर दमदार वापसी की और प्रतियोगिता में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

1.60 लाख डॉलर इनामी राशि वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में चिनप्पा संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर हैं। उनके साथ भारत के तीन अन्य खिलाड़ी Sudhir Sharma, Raghav Chugh और Syed Saqib Ahmed भी संयुक्त रूप से इसी स्थान पर मौजूद हैं।

त्रिशूल चिनप्पा का प्रदर्शन विशेष रूप से चर्चा में रहा, क्योंकि उन्होंने अंतिम चरण में लगातार शानदार शॉट खेलकर स्कोर में तेजी से सुधार किया। आखिरी छह होल में पांच बर्डी लगाना किसी भी गोल्फर के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है और इससे उनकी मानसिक मजबूती तथा खेल पर नियंत्रण का अंदाजा लगाया जा सकता है।

भारतीय खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन ने भी गोल्फ जगत का ध्यान आकर्षित किया है। चार भारतीय खिलाड़ियों का एक साथ शीर्ष-10 में होना देश में गोल्फ के बढ़ते स्तर और युवा खिलाड़ियों की उभरती प्रतिभा को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन भारतीय गोल्फरों के आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों ने वैश्विक प्रतियोगिताओं में अपनी उपस्थिति मजबूत की है और अब वे बड़े मंचों पर अधिक प्रतिस्पर्धी नजर आ रहे हैं।

मोरक्को राइजिंग स्टार्स प्रतियोगिता को युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय सर्किट में पहचान बनाने का अवसर मिलता है।

अब टूर्नामेंट के अगले दौरों में भारतीय खिलाड़ियों पर सभी की नजर रहेगी। यदि वे इसी लय को बरकरार रखते हैं तो खिताब की दौड़ में भी मजबूत चुनौती पेश कर सकते हैं।

सिंगापुर ओपन: पीवी सिंधू क्वार्टर फाइनल में बाहर, सात्विक-चिराग की जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंची

सिंगापुर / सत्ता संदेश

P. V. Sindhu का अभियान Singapore Open सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया। भारतीय स्टार खिलाड़ी को विश्व नंबर एक An Se-young के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। वहीं पुरुष युगल में भारत की स्टार जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty ने शानदार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।

कोरिया की एन से यंग ने सिंधू को 21-17, 21-14 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। मुकाबले में सिंधू ने कई मौकों पर अच्छी वापसी की कोशिश की, लेकिन वह पूरे मैच में निरंतर दबाव बनाए रखने में सफल नहीं रहीं।

पहले गेम में सिंधू ने आक्रामक शुरुआत की और कुछ समय तक मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में एन से यंग ने अपनी तेज गति और सटीक शॉट्स के दम पर बढ़त बना ली। दूसरे गेम में भी कोरियाई खिलाड़ी ने नियंत्रण बनाए रखा और सिंधू को वापसी का मौका नहीं दिया।

बैडमिंटन विशेषज्ञों का कहना है कि एन से यंग के खिलाफ सिंधू का रिकॉर्ड लगातार चुनौतीपूर्ण रहा है। विश्व नंबर एक खिलाड़ी की फिटनेस, गति और रक्षात्मक खेल ने उन्हें महिला बैडमिंटन में बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी बना दिया है।

हालांकि भारतीय प्रशंसकों के लिए राहत की खबर पुरुष युगल से आई, जहां सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने कड़े मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों खिलाड़ियों ने दबाव की स्थिति में संयम बनाए रखा और निर्णायक अंक हासिल किए।

भारतीय बैडमिंटन में सात्विक-चिराग की जोड़ी को दुनिया की सबसे मजबूत युगल जोड़ियों में गिना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को सफलता दिलाई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीफाइनल में पहुंचने से इस जोड़ी का आत्मविश्वास और मजबूत होगा, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का स्तर लगातार कठिन होता जा रहा है।

अब भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजर सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी है, जहां सात्विक और चिराग खिताब की दौड़ में अपनी चुनौती मजबूत करने उतरेंगे।

सुप्रीम कोर्ट से राहत, एशियाई खेल 2026 चयन ट्रायल्स में उतरेंगी विनेश फोगाट

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Vinesh Phogat को बड़ी राहत देते हुए Supreme Court of India ने शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। इसके बाद अब विनेश 30 और 31 मई को आयोजित होने वाले ट्रायल्स में भाग ले सकेंगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति P. S. Narasimha और न्यायमूर्ति Alok Aradhe की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। मामला Wrestling Federation of India (डब्ल्यूएफआई) की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले विनेश फोगाट को चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ डब्ल्यूएफआई उच्चतम न्यायालय पहुंचा था। हालांकि शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए विनेश को ट्रायल्स में भाग लेने की मंजूरी दे दी।

इस फैसले के बाद भारतीय कुश्ती जगत में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि विनेश फोगाट देश की सबसे चर्चित और अनुभवी महिला पहलवानों में गिनी जाती हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पदक जीते हैं और महिला कुश्ती को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

पिछले कुछ समय से भारतीय कुश्ती प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच विवाद लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में विनेश फोगाट का चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेना खेल जगत और प्रशंसकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि चयन ट्रायल्स में अनुभवी और शीर्ष खिलाड़ियों की मौजूदगी से प्रतिस्पर्धा का स्तर मजबूत होगा और भारतीय टीम को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनने में मदद मिलेगी।

एशियाई खेल 2026 को ध्यान में रखते हुए भारतीय पहलवान अभी से तैयारी में जुटे हुए हैं। चयन ट्रायल्स को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि विनेश फोगाट ट्रायल्स में कैसा प्रदर्शन करती हैं और क्या वह एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने में सफल हो पाती हैं।