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विपक्ष ने ‘एलपीजी संकट’ को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) विपक्षी दलों के सांसदों ने देश में एलपीजी के “संकट” को लेकर बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेन्द्र यादव और कई अन्य दलों के सांसद इसमें शामिल हुए।

सांसदों ने एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर ‘‘एम्पिटी सिलेंडर, एम्पिटी प्रॉमिसेस” (खाली सिलेंडर, खोखले वादे) लिखा हुआ था।

विपक्षी दलों ने “मोदी जी, एलपीजी” के नारे भी लगाए।

विपक्षी दल पश्चिम एशिया संकट और देश में ईंधन की कथित किल्लत को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं।

सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर आज शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

रास : तृणमूल ने बंगाल में अधिकारियों को हटाने के निर्वाचन आयोग के फैसले के विरोध में बहिर्गमन किया

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों को पद से हटाए जाने का विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

उच्च सदन में शून्यकाल शुरू होने पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि निर्वाचन आयोग ने देर रात पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और गृह सचिव को पद से हटा दिया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आयेाग के इस कदम का विरोध करती है और दिन भर के लिए सदन से बहिर्गमन कर रही है।

इस पर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है और उसके फैसले से सरकार का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान में निर्वाचन आयोग को अधिकार दिया गया है और उसके फैसले को सदन में उठाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दे उठाना सदन के समय का दुरूपयोग है।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए लेकिन तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी संवैधानिक निकायों पर हमला करती रहती है।