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शेयर बाजार में तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 479 अंक टूटा, निफ्टी भी गिरा

मुंबई / सत्ता संदेश

लगातार दो सत्रों से जारी तेजी के बाद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये में कमजोरी के कारण निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा, जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 479 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक Nifty 50 भी 118 अंक टूटकर नीचे आ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा, जहां ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी हमले की रिपोर्टों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। इससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी और भारतीय शेयर बाजार पर भी दबाव पड़ा।

इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में कमजोरी आने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी। विशेष रूप से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है।

दिनभर के कारोबार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, जहां शुरुआत में बाजार स्थिर दिखाई दिया, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक नीचे आ गए। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और तेल कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमला: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, शेयर बाजार में गिरावट के आसार

बिजनेस डेस्क : खाड़ी देशों में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि जास्क द्वीप के करीब एक अमेरिकी युद्धपोत पर दो मिसाइलें दागी गई हैं। बताया जा रहा है कि ईरानी चेतावनियों को नजरअंदाज करने के कारण हुए इस हमले के बाद अमेरिकी जहाज को अपनी सुरक्षा के लिए वापस लौटना पड़ा।

कच्चे तेल में लगी आग: इस हमले की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 5% की भारी तेजी के साथ 113.35 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं,। जानकारों का मानना है कि यदि कीमतें इसी स्तर पर रहीं, तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का भारी दबाव बनेगा, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।

शेयर बाजार पर संकट के बादल: वैश्विक बाजारों में इस तनाव का असर साफ़ दिख रहा है। अमेरिकी बाजार (नैस्डैक, डाउ जोंस) और यूरोपीय सूचकांक लाल निशान में आ गए हैं। भारतीय निवेशकों के लिए भी मंगलवार की सुबह चिंताजनक हो सकती है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) में गिरावट को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मंगलवार (5 मई) को सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत ‘गैप-डाउन’ (बड़ी गिरावट) के साथ हो सकती है।

ट्रंप का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम‘: यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नामक नौसैनिक मिशन की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है।