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प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर दुःख व्यक्त किया है

उत्तराखंड /सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया।


प्रधानमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल खण्डूड़ी ने सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत तक विभिन्न क्षेत्रों में अमूल्य योगदान दिया है जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। श्री मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान उत्तराखंड के विकास के प्रति उनके दृढ़ समर्पण का उल्लेख किया और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को सच्चे अर्थों में प्रेरणादायक बताया। उन्होंने देशभर में संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार लाने के लिए उनके अथक प्रयासों की भी सराहना की।


प्रधानमंत्री ने दुःख की इस घड़ी में दिवंगत नेता के परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।


प्रधानमंत्री ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा है:


“उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति!”

महिला विधायक के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर आईयूएमएल नेता निलंबित

अलप्पुझा (केरल), 26 मार्च (भाषा) अलप्पुझा जिले के कायमकुलम में चुनाव प्रचार के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मौजूदा विधायक यू प्रतिभा के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता ए इरशाद को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। आईयूएमएल के नेताओं ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

आईयूएमएल के स्थानीय नेता और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की कायमकुलम इकाई के संयोजक इरशाद ने एक चुनावी कार्यक्रम में प्रतिभा के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि प्रतिभा तीसरी बार इस सीट से जीत हासिल करने के लिए अपनी वाकपटुता और सुंदरता का ‘इस्तेमाल’ कर रही हैं।

उन्होंने प्रतिभा पर जनता के लिए कोई काम न करने का आरोप भी लगाया।

जिले के मुस्लिम लीग नेताओं ने कहा कि इरशाद की पार्टी सदस्यता निलंबित कर दी गई है और उन्हें आईयूएमएल के कायमकुलम निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि आईयूएमएल जिला सचिव एच बशीर को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए इन्हें “महिला विरोधी और अपमानजनक” बताया।

विजयन ने कहा कि किसी महिला पर सिर्फ इसलिए “अपमानजनक” शब्दों से हमला करना क्योंकि वह एक लोक सेवक है यह “राजनीतिक संस्कृति का पतन” दर्शाता है।

कायमकुलम से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता एम लिजू ने इन टिप्पणियों पर खेद जताया था और मौजूदा विधायक से माफी मांगी थी।

प्रतिभा और माकपा ने कहा है कि जल्द ही निर्वाचन आयोग और पुलिस में इरशाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच ओडिशा कांग्रेस ने आठ विधायकों को कर्नाटक भेजा

भुवनेश्वर, 13 मार्च (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दल कांग्रेस ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के मद्देनजर अपने आठ विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है। पार्टी नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

दूसरी ओर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने एक बयान में कहा है कि पार्टी ने अपने सभी विधायकों से शुक्रवार से रविवार तक हर शाम पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के आवास पर होने वाली आवश्यक बैठकों में भाग लेने को कहा है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी ने बृहस्पतिवार रात को अपने सभी 14 विधायकों को राज्य की राजधानी भुवनेश्वर बुलाया था और फिर मुख्य सचेतक सीएस राजेन एक्का समेत आठ को बेंगलुरु भेज दिया।

कांग्रेस विधायक दल के नेता रामा चंद्र कदम ने कहा, ‘‘जी हां, हमारे आठ विधायक बेंगलुरु गए हैं ताकि भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयासों से उन्हें बचाया जा सके। हमारे विधायक एकजुट रहेंगे।’’

पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि विधायक बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे सोमवार को भुवनेश्वर लौटेंगे और सीधे विधानसभा जाकर दत्तेश्वर होता के पक्ष में अपना वोट डालेंगे।’’

उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासित कर्नाटक में भेजे गए विधायकों में प्रफुल्ल प्रधान, मंगू खिला, अशोक दास, पवित्रा सौंता, राजन एक्का और कद्रका अप्पाला स्वामी शामिल हैं।

पार्टी के छह विधायक विधानसभा में जारी बजट सत्र में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर में हैं।

कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा, ‘‘मुझे पार्टी के विधायकों के बेंगलुरु जाने के बारे में जानकारी नहीं है। मुझे कहीं जाने की जरूरत नहीं है।’’

राज्य से राज्यसभा की कुल चार सीट पर चुनाव हो रहे हैं और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।

राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में संख्याबल के अनुसार, बीजद की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है जबकि सत्तारूढ़ भाजपा को दो सीट पर जीतने की उम्मीद है। चौथी सीट के लिए किसी भी पार्टी को आवश्यक 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं मिले हैं।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ उन्हें कुल 82 विधायकों का समर्थन मिल रहा है जो तीन सांसदों के चुनाव के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम है।

पिछले महीने दो विधायकों के निलंबन के बाद विपक्षी पार्टी बीजद के खेमे में 48 विधायक हैं। एक सांसद के चुनाव के बाद उसके पास 18 प्रथम वरीयता वोट होंगे लेकिन दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोट की आवश्यकता होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पास एक विधायक है।

बीजद ने संतृप्त मिश्रा और होता को उम्मीदवार बनाया है। होता को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।

भाजपा ने अपनी ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और निवर्तमान सांसद सुजीत कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है तथा उसने निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का समर्थन किया है।

इस चुनाव में मुकाबला राय और होता के बीच है।

ख़ामेनेई की हत्या पर प्रधानमंत्री मौन, अमेरिकी-इजराइली ‘दोस्तो’ को नाराज नहीं करना चाहते:कांग्रेस

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातचीत के एक दिन बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर अब तक मौन हैं क्योंकि वह अपने अमेरिकी एवं इजराइली “दोस्तों” को नाराज नहीं करना चाहते।

प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात की थी और युद्ध रुकने के लिए बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था तथा नागरिकों के मारे जाने पर चिंता जताई थी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ईरान के संवैधानिक प्रमुख अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा हत्या कर दी गई। प्रधानमंत्री मौन हैं। विदेश मंत्री मौन हैं। संसद में अब तक शोक प्रस्ताव तक नहीं रखा गया है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की सही तरह से निंदा की है लेकिन ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल के हमले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

कांग्रेस ने कहा कि यह भी याद रखा जाना चाहिए कि ईरान ‘ब्रिक्स+’ मंच का हिस्सा है, जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत के पास है।

रमेश ने कहा, “मई 2024 में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक रहस्यमय हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। तब मोदी सरकार ने 21 मई 2024 को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और संसद में एक जुलाई 2024 को, जब सत्र शुरू हुआ, शोक प्रस्ताव भी रखा गया था। अब यह हिचकिचाहट क्यों?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कोई संदेह नहीं कि एक ‘‘कम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’’ अपने अमेरिकी और इजराइली ‘दोस्तों’ को नाराज़ करने से बचना चाहते हैं।