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भारत एआई क्रांति के अगले चरण का नेतृत्व करने को तैयार: माइक्रोसॉफ्ट अधिकारी

नयी दिल्ली/ सत्ता संदेश

वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी Microsoft के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारत अपने मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम और विशाल डेवलपर समुदाय के दम पर कृत्रिम मेधा (एआई) के अगले चरण की तैनाती में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता डिजिटल ढांचा, इंटरनेट की व्यापक पहुंच और तकनीकी प्रतिभा का बड़ा आधार इसे वैश्विक एआई विकास के केंद्र के रूप में उभरने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत एआई आधारित नवाचारों और अनुप्रयोगों के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग के नए अवसर बन रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के बढ़ते उपयोग से देश में डिजिटल परिवर्तन को और गति मिलेगी।

माइक्रोसॉफ्ट अधिकारी के अनुसार, भारत न केवल एआई तकनीक का उपयोग करने वाला बड़ा बाजार है, बल्कि यह एक ऐसा देश भी है जहां बड़ी संख्या में डेवलपर्स और इंजीनियर वैश्विक स्तर पर नवाचार में योगदान दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे कि आधार, यूपीआई और अन्य ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म एआई के प्रभावी उपयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इससे न केवल सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी बल्कि पारदर्शिता और पहुंच में भी सुधार होगा।

अधिकारी ने कहा कि एआई के अगले चरण में जिम्मेदार और सुरक्षित तकनीक के विकास पर जोर होगा, और भारत इस दिशा में वैश्विक मानकों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आने वाले समय में एआई नवाचारों का वैश्विक हब बन सकता है, जहां तकनीक और प्रतिभा दोनों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

पतली फिल्मों में नैनो-गोल्ड के समावेश से स्व-संचालित सेंसर और पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक्स का मार्ग प्रशस्त

शोधकर्ताओं की विकसित की गई नई अति पतली लचीली फिल्म तापमान में होने वाले सूक्ष्म उतार-चढ़ाव को कुशलतापूर्वक विद्युत संकेतों में परिवर्तित कर सकती है। यह फिल्म भविष्य के स्मार्ट फोटोडिटेक्टरों, निम्न-श्रेणी के ताप संग्राहकों और स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण निगरानी और ऊर्जा-कुशल उपकरणों से संबंधित उन्नत लचीली इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों का समर्थन कर सकती है।

अगली पीढ़ी के स्मार्ट उपकरणों और स्वायत्त सेंसरों के लिए सूक्ष्म तापीय उतार-चढ़ाव को उपयोगी विद्युत संकेतों में परिवर्तित करने में सक्षम हल्के, लचीले और कम बिजली खपत वाले पदार्थों की भारी मांग है।

इससे पहले प्लास्मोनिक-पायरोइलेक्ट्रिक और पीवीडीएफ मिश्रित प्रणालियों ने तापीय से विद्युत रूपांतरण में वृद्धि दिखाई है, लेकिन ऐसे कई दृष्टिकोण माइक्रोन-मोटी उपकरणों या कम नियंत्रित हाइब्रिड इंटरफेस पर निर्भर करते हैं, जो पतले, पहनने योग्य और कम-ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए उनकी उपयुक्तता को सीमित करता है।

थर्मल और ऑप्टिकल दोनों तरह के उद्दीपनों पर प्रतिक्रिया करने में सक्षम उच्च गति, कम बिजली खपत वाले, स्व-संचालित उपकरण बनाने के लिए प्लास्मोनिक और पायरोइलेक्ट्रिक पॉलिमर के संयोजन में बढ़ती रुचि देखी जा रही है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के मोहाली स्थित स्वायत्त संस्थान नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी संस्थान (आईएनएसटी) के वैज्ञानिकों ने यह प्रदर्शित किया है कि एक सामान्य फेरोइलेक्ट्रिक पॉलीमर में नैनोगोल्ड की एक सूक्ष्म मात्रा को मिलाने से इसकी पायरोइलेक्ट्रिक क्षमता या तापमान में परिवर्तन से बिजली उत्पन्न करने की क्षमता में नाटकीय रूप से वृद्धि होती है।

प्रोफेसर दीपांकर मंडल के नेतृत्व वाली टीम और सुदीप नास्कर सहित उनके सहयोगियों ने पॉलीविनाइलिडीन फ्लोराइड (पीवीडीएफ) से बनी अति पतली फिल्मों का निर्माण किया, जो एक लचीला बहुलक है और इसका व्यापक रूप से इलेक्ट्रॉनिक और संवेदन अनुप्रयोगों में उपयोग किया जाता है।

स्वर्ण पोलरिटोन, पायरोइलेक्ट्रिसिटी को बढ़ाने के लिए पीवीडीएफ के आणविक द्विध्रुवों को नियंत्रित करते हैं, जिससे तीव्र और अधिक कुशल तापीय ऊर्जा संचयन प्रतिक्रिया संभव हो पाती है।

उन्होंने पीवीडीएफ के ज्ञात फेरोइलेक्ट्रिक और फिल्म-निर्माण गुणों पर आधारित एक लो-डोज इन-सीटू नैनोगोल्ड रणनीति तैयार की, ताकि यह समझा जा सके कि नैनोस्केल गोल्ड-पॉलिमर इंटरैक्शन, द्विध्रुव अभिविन्यास और सीमित प्लास्मोनिक उत्तेजनाओं का उपयोग बहुत पतली फिल्मों में पायरोइलेक्ट्रिक प्रदर्शन को अनुकूलित करने के लिए कैसे किया जा सकता है।

100 नैनोमीटर से भी पतली फिल्मों में षट्कोणीय नैनोगोल्ड कणों को शामिल करके, शोधकर्ताओं ने अत्यधिक व्यवस्थित द्विध्रुवों के साथ पीवीडीएफ का लगभग शुद्ध ध्रुवीय चरण प्राप्त किया, जो कुशल पायरोइलेक्ट्रिक व्यवहार के लिए आवश्यक संरचना है।

एडवांस्ड फंक्शनल मटेरियल्स में प्रकाशित शोध से यह स्थापित होता है कि स्वर्ण नैनोकणों के बहुलक-समर्थित मेटास्टेबल हेक्सागोनल क्लोज्ड पैक चरण और पीवीडीएफ मैट्रिक्स के अत्यधिक व्यवस्थित ध्रुवीय चरण को एक मजबूत 2डी हाइब्रिड पतली फिल्म में एकीकृत किया जा सकता है, जहां प्लास्मोन-द्विध्रुव-इलेक्ट्रॉन युग्मन सहयोगात्मक रूप से कार्य करते हुए पायरोइलेक्ट्रिसिटी, द्विध्रुव क्रम और ब्रॉडबैंड ऑप्टिकल अवशोषण को बढ़ाते हैं।

294 से 301 के तापमान में छोटे उतार-चढ़ाव की सीमा में एक अति पतली फिल्म में कुशल पायरोइलेक्ट्रिक ऊर्जा रूपांतरण का प्रदर्शन करके, यह कार्य परिवेश-तापमान थर्मल सेंसिंग और पहनने योग्य ऊर्जा संचयन प्रौद्योगिकियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करता है।

Meta को टक्कर देने आ रहा Nothing का AI स्मार्ट ग्लास; 2027 तक हो सकता है लॉन्च

टेक डेस्क: स्मार्टफोन ब्रांड नथिंग (Nothing) अब वेयरेबल टेक मार्केट में एक बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी 2027 तक अपना पहला एआई (AI) स्मार्ट ग्लास लॉन्च कर सकती है, जो सीधे तौर पर मेटा (Meta) के रे-बैन ग्लास को चुनौती देगा।

एडवांस फीचर्स: नथिंग के इन स्मार्ट ग्लास में कैमरा, माइक्रोफोन और इनबिल्ट स्पीकर जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसके जरिए यूजर्स फोटो खींचने, वीडियो बनाने और ऑडियो का अनुभव सीधे चश्मे से ही ले सकेंगे।

यूनिक डिजाइन: इस डिवाइस में नथिंग का सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट लुक और ग्लिफ लाइट्स (Glyph Lights) वाला डिजाइन देखने को मिल सकता है।

AI का इस्तेमाल: एआई फीचर्स के माध्यम से यूजर्स को पर्सनलाइज्ड अनुभव मिलेगा और कई काम ऑटोमेट हो सकेंगे। हालांकि, इन ग्लास की पूरी सेवाओं का लाभ लेने के लिए इन्हें स्मार्टफोन से कनेक्ट करना जरूरी होगा।

मल्टी-प्रोडक्ट स्ट्रेटजी: कंपनी के सीईओ कार्ल पेई (Carl Pei) एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत कंपनी अब सिर्फ स्मार्टफोन और ऑडियो तक सीमित नहीं रहना चाहती। इससे पहले कंपनी इस साल एआई पावर्ड ईयरबड्स भी लॉन्च कर सकती है।

नथिंग के लिए इस बाजार में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि फिलहाल इस सेगमेंट पर मेटा का कब्जा है, लेकिन अपने यूनिक डिजाइन और फीचर्स के दम पर कंपनी टेक मार्केट में नया ट्रेंड सेट कर सकती है।