वीबी-जी राम जी के कार्यान्वयन में सहयोग हेतु 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती की जाएगी
नई दिल्ली / सत्ता संदेश
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन अधिनियम, 2025 के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में ग्रामीण विकास मंत्रालय 1 जुलाई को अधिनियम के लागू होने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता प्रदान करने के लिए देश भर में 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों को तैनात करेगा।
क्षेत्रीय अधिकारी कार्यान्वयन के चरण के दौरान सुविधादाता और संसाधन व्यक्ति के रूप में कार्य करेंगे, कार्यान्वयन में सहयोग, स्थानीय क्षमताओं को मजबूत, परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान और अच्छी प्रथाओं को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों के साथ संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
अधिकारियों को इस भूमिका के लिए प्रशिक्षित करने हेतु ग्रामीण विकास विभाग ने अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं, कार्यान्वयन ढांचे, संस्थागत व्यवस्थाओं, प्रौद्योगिकी-आधारित शासन प्रणालियों और राज्यों एवं जिलों को उपलब्ध सहायता तंत्रों को शामिल करते हुए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
क्षेत्रीय अधिकारी की पहल से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कार्यान्वयन चरण के दौरान समन्वय को सुगम बनाने, कार्यान्वयन के अनुभवों को साझा करने और निरंतर संस्थागत सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आशा है, जिससे वीबी-जी रैम जी में सुचारू और प्रभावी संक्रमण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
इनमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 95,692 करोड़ रुपये के अंतरिम आवंटन की स्वीकृति, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को डीबीटी-स्पर्श प्लेटफॉर्म से जोड़ना, लगभग 93 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी को पूरा करना, देश भर में फेस ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली को लागू करना, समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना और बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण पहल शामिल हैं।

