दिल्ली सरकार ने लॉन्च किया लक्ष्मी योजना पोर्टल, 500 महिलाओं ने भरा फॉर्म
दिल्ली / सत्ता संदेश
दिल्ली की भाजपा सरकार ने अपना एक और चुनावी वादा पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज शनिवार को दिल्ली लक्ष्मी योजना का पोर्टल लॉन्च किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। लॉन्च कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चार महिलाओं को उनके आवेदन के बाद प्रमाणपत्र भी सौंपे।
महिलाएं कर सकेंगे दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना डेढ़ साल के संकल्प के बाद शुरू की गई है। उन्होंने इस पहल पर खुशी व्यक्त की। दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत लक्ष्मी नगर और गीता कॉलोनी से हुई है। पोर्टल आज से ही आम जनता के लिए उपलब्ध हो गया है।
500 महिलाओं ने भरा फॉर्म
अब तक करीब 500 महिलाओं ने सफलतापूर्वक अपने फॉर्म भर दिए हैं। यह योजना महिलाओं के स्वावलंबन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए 5100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। अब तक दिल्ली लक्ष्मी योजना में कुल 10830 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

योजना में दो विकल्प
योजना के तहत महिलाओं को दो विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प में 1500 रुपये आरडी या एफडी में जमा होंगे और 1000 रुपये सीबीडीसी (डिजिटल वॉलेट) में दिए जाएंगे, जिनका उपयोग सरकार द्वारा निर्धारित आवश्यक मदों पर किया जा सकेगा। दूसरे विकल्प में पूरी 2500 रुपये की राशि आरडी या एफडी में जमा कराई जा सकेगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देना भी है।
योजना के लिए पात्रता
योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष की उन महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक है। फिलहाल योजना की अवधि तीन वर्ष तय की गई है। हालांकि आयकरदाता, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाली महिलाएं, सरकारी कर्मचारी, तीन से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाएं, 2400 यूनिट से अधिक वार्षिक बिजली खपत वाले परिवार, सरकारी नौकरी वाले सदस्य या चारपहिया वाहन रखने वाले परिवार तथा आपराधिक रिकॉर्ड वाली महिलाएं योजना के दायरे से बाहर रहेंगी।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से भी जोड़ेगी योजना
सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होगी। लाभार्थियों को बच्चों के स्कूल नामांकन, अपार और आभा आईडी, टीकाकरण, पोषण ट्रैकर, स्वयं सहायता समूह, कौशल प्रशिक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण अभियानों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण सुनिश्चित हो सके।




